आज सोंचती हूँ क्या लिखूं दर्द लिखूं या मोहब्बत का उन्माद लिखूं चैन लिखूं या बेचैनी लिखूं तेरे इश्क में फना होने का अफसाना लिखूं गजल लिखूं या कि तुझ पर गाना लिखूं लिखूं अपने […]

पुरुष नारी से हर एक क्षेत्र में पीछे है देने में भी और लेने में भी| कैसे?? ————————————— नारी ममता, प्रेम और त्याग देती है अपने रिश्तों को बनाए रखने के लिए…. पर वही नारी […]

खूबसूरती चकाचौंध में नहीं मन में होती है इसीलिए कभी कोई चीज बहुत खूबसूरत लगती है तो कभी वही चीज बुरी भी लगती है… —————————————- आपने देखा होगा जब भूख ना लगी हो तो छप्पन […]

कितना लिखती हो वो ये कहते रहते हैं सावन पर क्यों रहती हो बस यही बोला करते हैं इतनी कविताएं तुम्हारे मन में कहाँ से आती हैं जब बैठती हो तन्हा तो कविताएं कैसे बन […]

जरूरी नहीं हम अपने गमों की नुमाइश करें जो दिल में है वो जग जाहिर करें जिसे समझना है मेरी तकलीफों को वो यूँ ही समझ सकता है मापने के लिए मेरा दर्द मेरी कविताएं […]

आज लॉकडाउन खत्म हुए तमाम दिन हुए और आज मैं इतने महीनों बाद बाजार गई कुछ कपड़े खरीदने बाजार पहले की तरह ही सजा था लग ही नहीं रहा था कि कोरोना भी चला रहा […]

मन खिन्न है मेरा तेरी बेवफाई से रो रहा है अम्बर भी धरती की जुदाई से बेबस हैं पत्ते सूखकर मिल गये धरती में टूटकर ग्लानि में मर रहा है विरह का दुःख तो वृक्ष […]

आँखों में जब उमड़ है उठता बीता हुआ अतीत फिजाओं में तब गूंज हैं उठते भूले-बिसरे गीत एक-एक कर स्मृति में वो पल घुमड़-घुमड़ आ आते हैं ना जाने अब कहाँ खो गये वो पल […]

दिल में हैं मेघ उमड़ते जब-जब तेरी यादों के बरस पड़ें तब-तब पानी ओ साजन ! मेरी आँखों से रिमझिम-रिमझिम रुनझुन-रुनझुन झननन- झननन-झनन-झनन! अब तो मोरे साजन आजा कब से रस्ता देख रही तेरी तस्वीरों […]

कभी झाँककर देखो मेरे दिल की गहराई तुम भी रो पड़ोगे देख ! मेरे यार की रुसवाई पीर मेरी मोहब्बत की बस जानता है वो ! जिसने उम्र भर मोहब्बत में फकत दिल पे चोट […]

करें कितनी भी कोशिश तेरे दिल में समाने की, सोंचना ही गलत है जगह तेरे दिल में बनाने की| मार खाओगे मुझसे बात ये सोंची जो तुमने, मुझकों छोड़कर किसी और की बाहों में जाने […]

दीदार बिन यार के महफिल अधूरी है हर किसी की प्यार बिन जिन्दगी अधूरी है मिल जाए चाहे मुझको जन्नत की हुकूमत भी ! मेरे यार के बिन प्यार के ये प्रज्ञा* अधूरी है||

मेरी सोंच में आत्मविश्वास की महक है इरादों में हौसलों की चहक है और नीयत में है सच्चाई की मिठास इसीलिए मेरी जिन्दगी है एक महकता गुलाब..

हम फिसले थे इस उम्मीद से कि वो हमें उठा लेंगे.. हम डूबे थे दरिया में इसलिए कि वो हमें बचा लेंगे.. नहीं पता था कि वो तमाशबीन निकलेंगे हमें मुसीबत में देखकर बस मजा […]

आजकल जिन्दगी देती कहाँ है फुर्सत बस जिम्मेदारियों के बोझ तले दबी रहती हूँ मिलता कहाँ है वक्त खुद के लिए बस कभी कभार खुद को निहार लेती हूँ जब याद आती है तेरी तो […]

हम बेकार ही तुम्हें अपना समझा करते थे यादों में तेरी अक्सर तड़पा करते थे तुम तो हो दूजे की बाहों का हार प्रिये! हम तुमको अपना दिलबर समझा करते थे बुनते थे तुझको पाने […]

बहुत सोंचने समझने के बाद मैं इस नतीजे पर पहुँची कि तू मेरा नहीं हो सकता और चाहे जिसका हो जाए मैं तेरे सिवा किसी और की नहीं हो सकती चाहे दुनिया इधर की उधर […]

तुम्हारे नाम से दिल में एक हलचल-सी मचती है तुम होते हो जब पास शराऱत हो ही जाती है लगा ले लाख कोई अपने दिल पर पहरे हो जब महबूब इतना खूबसूरत तो मोहब्बत हो […]

नहीं सोंचा था हमनें इतना बैर मानते हो तुम हम छिड़कते हैं जान तुम पर और मुझे गैर मानते हो तुम दूरियों से प्यार बढ़ता है ये जमाने को कहते सुना करते थे अब आया […]

वो कॉलेज वाला लड़का परीक्षा में मेरे पीछे बैठा करता था बोलता कुछ भी नहीं था पर छुप-छुप के देखा करता था सारी परीक्षाओं में मेरी कॉपी से लिखता रहता था पढ़ता कुछ भी नहीं […]

रह जाते हैं ख्वाब अधूरे झूठे-मूठे वादों से जब से तूने ये दिल तोड़ दिया डर लगता है सबकी बातों से चाँद ताक कर कटती हैं जब से मेरी रातें *राम कसम’* तबसे मुझको डर […]

बहुत दिनों बाद देखा आज मैंने चाँद मुस्कुरा रहा था, लग रहा था खुश था ! आँखों में थी उसकी बदमाशियाँ होंठों पर सजी थी खामोशियाँ एक अर्से बाद उसका दीदार हुआ मुझे यूँ लगा […]

छोटी-सी है पर बड़ी शैतान है उसी में बसती हर पल मेरी जान है नादानियों पर उसकी बड़ा प्यार आता है मुझको मैं ही नहीं पूरा परिवार प्यार करता है उसको ना जाने कहाँ की […]

फूल से कोमल होते हैं रिश्ते हरी डाल की तरह लचीले होते हैं रिश्ते बहुत सम्भाल कर रखना पड़ता है इन्हें वर्ना शीशे की तरह टूट जाते हैं रिश्ते..

कितना बोलता है दिल पर तुम नहीं सुनते मेरी धड़कनों की सदा क्यों नहीं सुनते खामोंश हैं लब मेरे कुछ मजबूरियां हैं इसलिए वरना ऐसा नहीं है कि तुमसे प्यार हम नहीं करते…

तुम्हारा खत ********************* तुम्हारा खत पढ़ ही रही थी कि भाभी आ गईं खत तो छुपा लिया पर खत में रखे तुम्हारे दिए गुलाब गिर पड़े पलंग पर इससे पहले भाभी देखें उन्हें बातों में […]

खत्म हुई अाज जिन्दगी की एक और परीक्षा फिर जीत गई मैं हमेशा की तरह अब परिणाम की प्रतीक्षा भी नहीं क्योंकि स्वयं की मेहनत पर अटूट विश्वास है परीक्षा का अनुभव कैसा भी रहा […]

सीता सम हो स्वयंवर हर नारी को मिले अपना वर चुनने का अधिकार तभी तो बनेगी राम-सीता की जोड़ी.. परिवार ढूंढ लाते हैं रावण-सा दामाद और भेज देते हैं संग में अपनी दुलारी कैसे रहेगी […]

अनगिनत सपनें लेकर बैठी थी डोली में कैसे होंगे ससुराल वाले यह प्रश्न उठा करता था मन में विदा होकर परिजनों से पिया संग चल दी मेरे अरमानों की डोली भी मेरे साथ चल दी […]

है सपना कुछ कर जाने का दुनिया में छा जाने का बेमोल जिन्दगी को अनमोल बना दिखलाने का हैं मुट्ठी भर अरमान मेरे जग में छा जाने का कौशल है यदि ठान लिया कुछ करना […]

उसकी आवाज सुनकर आँख खुल जाती हैं उनींदी आँखों में ही उठ पड़ती हूँ बिस्तर से धड़कनें तेज और तेज हो जाती हैं रात होती है ब्रह्म मुहूर्त में मेरी उठने में दोपहर हो जाती […]

जब कविता लिखने का कोई मूड नहीं बन पाता है मार सुड़ुप्पा चाय का प्यारे ! ये दिल आशु कवि बन जाता है दो-तीन कपों में मैं तो पूरी कविता लिख लेती हूँ पाँच कपों […]

मेरे सुंदर चेहरे और मीठी आवाज पर टिका थे वो रिश्ते जब आवाज घरघराने लगी चेहरे पर झुर्रियां पड़ गईं ढल गई जवानी शाम-सी जब दर्पण भी नजर चुराने लगा तब टूट गये सारे रिश्ते […]

तेरी तस्वीर को व्हाट्सएप पर देखा आज मैंने कई सालों बाद वो दौर याद आ गया जब हम रात-रात भर बातें किया करते थे उन होंठों से काफी पुराना रिश्ता रहा है मेरा जो तस्वीर […]

जिन्हें हम प्यार करते हैं नहीं इजहार करते हैं देखते हैं उन्हें छुपकर पर सामने जाने से डरते हैं एक दिन पूँछ बैठे हम किसी से प्यार है तुमको वो बोले हाँ हम किसी से […]

मर के भी ना खत्म हो वो जुनून है इश्क जी कर जो अधूरी रह जाए वो कहानी है इश्क तेरे-मेरे दर्मियां जो रिश्ता है उसका नामोनिशान है इश्क बीच की खिड़की खोलकर जो बातें […]

अरमां हमारे कम नहीं इरादों में भी दम कम नहीं रोज सोंचते हैं आज तो कर देंगे उनसे प्यार का इजहार पर उनके सामने जाने की हिम्मत नहीं खिड़की से देखकर खिड़की बंद कर लेती […]

छोंड़कर शिकायत बस शुक्रिया अदा करती हूँ जितना है पास बस उसी का मजा लेती हूँ जिधर से भी निकलती हूँ मीठी मुस्कुराहट बिखेरती हूँ जिन्दगी के हर दौर का मजा लेती हूँ अश्क देख […]