कोई वजूद नहीं था तुम्हारा मेरे बिना.. यूंँ ही गुमसुम बैठे रहते थे.. मैंने ही आकर तुम्हारी जिंदगी में रंग भरे होठों को मुस्कुराना सिखाया, हँसना सिखाया, रोना सिखाया। मेरी ही मोहब्बत ने तुम्हें इंसान […]

स्वतंत्रता दिवस काव्य पाठ प्रतियोगिता:- कल ही लिपटे थे दामन से क्यूँ आज तिरंगा ओढ़ चले? दो कदम चले थे साथ अभी क्यों आज मुझे तुम छोड़ चले? अब प्रेम गगरिया को अपनी मैं आँखों […]

आजकल बड़े पैतरे आजमाने लगे हो तुम! मुझसे दूर जाने के… इतनी समझ आई कहाँ से तुम में? पहले तो तुम बहुत नादान हुआ करते थे… अच्छा तो अब ये भी मेरी संगत का असर […]

आज बहुत दिनों बाद आई हूँ तुम्हारे दिल की गलियों में.. सफर करने को जरा संभाल कर रखना अपनी धड़कनों को मुझे देखकर कहीं मचल ना पड़ें… यूं नजरों से देखने की कोशिश ना करो […]

ओ मैया! मोरी पीर बड़ी दुखदायी सब कहें मोहे नटवर-नागर माखनचोर कन्हाई। तेरो लाला बरबस नटखट कब लघि बात छपाई। ओ मैया! तेरो कान्हा माखन बिखराई। सो खावत सो माखन-मिसरी ग्वालन खूब खिलायी। फोड़ दई […]

कवियों की नगरी में भी दिल दुखाने लगें हैं लोग ना चाहते हुए भी पास आने लगे हैं लोग। आम जिंदगी से परेशान होकर जी लेते हैं हम कल्पना में, वहाँ भी हलचल मचाने लगे […]

लोगों की नज़रों का क्या कहना झटपट रंग जमाते हैं झूँठे-मूँठे रिश्ते खूब बनाते हैं। माँ को कुछ समझते ही नहीं हर गलियारों में शोर मचाते हैं। बहन को माँ कहने लगे हैं लोग लोगों […]

आज तुम्हारी फोटो देखी जब मैनें स्टेटस पे। मेरे चेहरे पर ग्लो आया जैसे आता है फोकस से। मुझसे राखी बंधवाने की खातिर लेकिन जब तुम मेरे घर आये। पैरों तले जमीन गई आँखों में […]

आज अचानक माँ मुस्काई फोन उठाने के बाद बोलीं आकर खुशखबरी है बैठी मेरे पास सबने पूँछा क्या खुशखबरी ये तो हमें बताओ उत्सुकता में दिल धड़क रहा है और ना अब तड़पाओ उसकी शादी […]

सिर्फ धागों की नहीं है अहमियत यहाँ रिश्तो में प्यार की मिठास भी घुलती रहनी चाहिए। सिर्फ तू प्यार जताए तो कैसे चलेगा अक्सर नोक-झोंक भी होनी चाहिए। रेशम के धागे तेरी कलाई सजाते हैं […]

मेरा मित्र, सखा तो मैं ही स्वयं हूँ, मैं हूँ सुदामा तो मैं ही कृष्ण हूँ। मैं ही सुख- दुख का संयोग हूँ, मैं हूँ मिलन तो मैं ही वियोग हूँ। मैं माँ की ममता- […]

🌹🌹 Friendship Day special🌹🌹 गजल:- याराना प्रेम से भी बड़ा बन्धन, सुकून आये दोस्ती में। कभी कृष्णा कभी अर्जुन याद आये दोस्ती में। अपनी जिंदगी से हार थक करके हर इन्सान, सभी परेशानियां और गम […]

🌹🌹 Friendship Day special🌹🌹 गजल:- 🌹🌹याराना🌹🌹 प्रेम से भी बड़ा बन्धन, सुकून आये दोस्ती में। कभी कृष्णा कभी अर्जुन याद आये दोस्ती में। अपनी जिंदगी से हार थक करके हर इन्सान, सभी परेशानियां और गम […]

गज़ल:- ❤❤ “मेरे दीवाने कहाँ गए” ❤❤ ————————— मेरे ख्वाब सजाने वाले कहाँ गए? मुझे जान-जान कहके बुलाने वाले कहाँ गए? —‐———————————- जो कहते थे तुझ बिन जी ना पाऊंगा एक पल मुझ पर मर […]

तुम्हारी राह देखकर ही तो मैं टूट गई हर रिश्ते से ऊपर था तू तेरे इश्क में मैं मगरूर हुई तेरे इश्क का चंदन घिसकर अंग प्रफुल्लित हुए सदा तेरी रजधूल ओ प्रियतम! मेरे मेरी […]

जिंदगी में मुकाम और भी हैं मंज़िल एक है पर रास्ते और भी हैं। कितनी छोटी है जीवन की चादर पैर पसारने के आसमान और भी हैं। यूंँ नहीं बढ़ते हैं यहाँ फासले दुश्मनी के […]

❤❤ मेरा रक्षाबंधन ❤❤ ——————- दो भाईयों के बीच का झगड़ा जब तक ना सुलझाती बहन बोलो आता कैसे चैन? ———————– सावन है मनभावन है अम्बर से बरसे नैन बोलो आता कैसे चैन? -‐——————– एक […]

कहते हैं नारी पानी-सी होती है जिस रिश्ते में बंधती है उसी की हो जाती है। पर प्रज्ञा की यही वेदना है क्या नारी का कोई अस्तित्व नहीं? वह पानी-सी है। उसका कोई स्वरूप नहीं? […]

सीतापुरिया अवधी रचना = “हमरी तऊ पुलिस दरोगा भऊजी” अउरेन की भऊजी जेलि करउती, हमरी तऊ पुलिस, दरोगा भऊजी। दिनु भरि स्वावईं अईसी-वईसी, पहरा राति लगावई भऊजी। भईया बाहेर तानाशाह बनति हँई, उँगरिन नाचु नचावई […]

जब तुम यूँ समर्पण भाव से मुझे देखते हो.. अनगिनत आकांक्षाएं उमड़ उठती हैं ह्रदय में… मेरी थर्राई देह तप्त लौह -सी दहक उठती है जब तेरी सांसों का घूंट पीती हूं मैं… जाग उठते […]

“आजादी के मतवाले हँसकर फंदे पर झूल गये, बोलो उन वीर सपूतो को हम सब कैसे भूल गये। मंगल पांडेय ने देखो आजादी का बिगुल बजाया था, टोली संग अपनी अंग्रेजो को खूब मजा चखाया […]

“लज्जा नही आती जब देश के खिलाफ़ बोलते हो, जिस थाली में खाते हो उसी में छेद करते हो। इसी देश मे जन्मे यही पले और बड़े हुये, बोले दुश्मन के जैसे क्यों शब्द तुम्हारे […]

आप लिखते खूब हो पर कभी गाते नही हो, मंच पर समर्पण भाव मे नजर आते नही हो। आपकी रचनाओं मे जीवन की सारी सच्चाई दिखती है, हर पाठक को उसमे अपनी ही परछायी दिखती […]

‘एक सवाल’:- अजीब विडंबना है देश की एक ही समय पर एक ही बात के लिए स्त्री पुरुष के लिए अलग-अलग नियम क्यों? यह बात मेरी समझ से परे है। और आए दिन यह सवाल […]

बदन पर लिपट कर उस घड़ी तिरंगा भी रोया होगा जब उसने अपने हिन्दुस्तानी फौजी को खोया होगा। माँ की छाती में भी दूध उतर आया होगा जब उसने अपने शहीद बेटे को गोद में […]

चीन होइ या पाकिस्तान होइ इनके तीर(पास) खाली दहशतगर्दइ हँइ कोई अउर कामु तऊ आवति नाइ खाली दिमाग शैतान केर घर होति हई। तबहें तऊ चारिउ ओर खाली आतंकवाद फैलावति हँइ

जंग का ऐलान हम नहीं करते, पर जंग छिड़ जाने पर पीछे नहीं हटते। यही तो है हम हिन्दुस्तानियों का हुनर, सिर कटा सकते हैं पर झुका नहीं सकते। आखरी साँस तक लड़ते हैं हम […]

हम बसाएंगे अपना घरौंदा कहीं… हम परिंदे हैं एक जगह रुकते नहीं… जहाँ मिलती हैं खुशियाँ जाते हैं वहाँ हम गमों में घरौंदा बनाते नहीं… चुनते हैं तिनके घोसले के लिए.. जिंदगी भर कहीं हम […]

इंतजार किया जी भर कर उनसे मिलने की कोशिश भी की, कहाँ रह गये वो जिन्होने हर वादा निभाने की कसम भी ली। आसान भी तो नही है सूर्य की किरणों की तरह बिखर जाना, […]

ये उम्र, ये मजबूरियाँ और रोटी के तमाशे, फिर लेकर निकला हूँ पानी के बताशे। बाज़ार के एक कोने मे दुकान सजा ली, बिकेंगे खूब बताशे ये मैने आस लगा ली। सबको अच्छे लगते है […]

अब कहां हमसे दीवाने रह गये प्रेम की परिभाषा और मायने बदल गये,  तब न होती थी एक- दूजे से मुलाकाते,  सिर्फ इशारों मे होती थी दिल की बातें,  बड़े सलीके से भेजते थे संदेश […]