जिनके नाम से दुश्मन थर थर कांपा करते है बलिदान हुए वीर जवानो को हम सब नमन करते है ये सच्चे देश भक्त है ऐसे नहीं जायेंगे दुश्मनो को अपनी रूह से भी हराएंगे देश […]
जिनके नाम से दुश्मन थर थर कांपा करते है बलिदान हुए वीर जवानो को हम सब नमन करते है ये सच्चे देश भक्त है ऐसे नहीं जायेंगे दुश्मनो को अपनी रूह से भी हराएंगे देश […]
गिले आज भी बहुत हैं तुमसे बस कुछ इम्तिहानों से निपट लूँ । तब तक तुम ढूंढ लो बहाने और मैं शिकायतें लिख लूँ ।
इक शराब ने ही तो सम्भाल रखा है मुझे…. वर्ना तेरी आँखों ने तो कब का मार डाला था….
ये भाग- दौड़ के किस्से अजीब होते हैं, सबके अपने उद्देश्य और औचित्य होते हैं। कभी शिक्षा कभी जीवन की नव आशा में, सिर्फ बेटियाँ ही नहीं, बेटे भी घर छोड़ते हैं। जीवन में सबके […]
ना जाने कब नींद से जागी आँखें? रात भर रोकर सूजी हैं कितनी आँखें। बिता तो लेंगे हम ज़िन्दगी तेरे बगैर भी पर तुझे देखकर ज़िंदा हैं ये मेरी आँखें।
चंद सिक्के क्या खत्म हुये रुखसत हो गये जो मेरे करीब थे तनहाई है जो साथ रहती है अब बस खामोशी है जो अजीज है
सीमा पर कितने धूर्त और मक्कार हैं अपनी सेना का मनोबल ना गिरने पाए इस बात का भारतीय रखते खूब ख्याल हैं।
ढूंढती रह गई बस तुझे हर दर पर तू मिला नहीं तो देख मैं चांद में खो गई तुझे ढूंढने की चाहत में मैं खुद सितारा हो गई।
तेरे बिन जिंदगी कैसे बताऊंगी तू तो दूर चला गया पर मैं दूर कैसे जाऊंगी। मेरी हर सांस की अमानत हो तुम समझ नहीं आता तुझ बिन कैसे जी पाऊंगी।
किसी की कद्र करनी है तो जीते जी कीजिए जाने के बाद तो हर कोई दुःख जता देता है. जब इंसान जीवित रहता है और किसी दूसरे से कोई उम्मीद करता है तो उसे कोई […]
धरती से उठ कर हमीद हो गया। माँ तेरा लाल आज शहीद हो गया।।
चुप हो जा मेरी माता बीच तिरंगे तेरा लाल सो रहा। भारत माँ का रक्षक थककर चैन की नींद सो रहा।। सपने में भारत माँ संग खुशियों की खेती है बो रहा।
जंगबाजों से पूछ कितना मजा हैं देश के कुर्बानी में। हम मर कर भी अमर है हिन्दुस्तान के इतिहास में।।
ए माँ देख आज हम भी, अपने वतन पे शहीद हो गए। इतिहास के पन्ने पे फिर, एक सिपाही के नाम जुड़ गए।।
कलम की लड़ाई आज हम भी करेंगे। जनताओं में चेतना सैनिकों में साहस देश भक्ति का भाव आज सबमें भरेंगे। कलम की लड़ाई आज हम भी करेंगे।। कलम की आंसू आज शोला बनेंगे। दुश्मनों के […]
कब कोई सिपाही ज़ंग चाहता है। वो भी परिवार का संग चाहता है। पर बात हो वतन के हिफाजत की, न्यौछावर, अंग-प्रत्यंग चाहता है। पहल हमने कभी की नहीं लेकिन, समझाना, उन्हीं के ढंग चाहता […]
ए रवि, शरहद पे शहीद होने वाले । थे वे सभी , वतन के रखवाले।। हिन्दुस्तान , क्यों न नाज़ करे। जब सपूत ही निकले, वतन के मतवाले।। दिल्लगी करना, हमने सिखा ही कहाँ । […]
सैनिक के शव से बोली उसकी पत्नी:- माँग सूनी रह गई क्यूँ तूने छुड़ा लिया दामन? अभी-अभी तो रूह जुड़ी थी। क्यूँ तूने छुड़ा लिया दामन? अभी-अभी तो साथ चले थे। क्यूँ तूने छुड़ा लिया […]
भारत माँ की खातिर कितनी माताओं की कोख उजड़ी। भारत माँ विपदा में पड़ी। हर गली में पसरा सन्नाटा हर चौखट सूनी पड़ी। भारत माँ विपदा में पड़ी। किस किस को खोकर रोये धरती यही […]
एक सैनिक ऐसा भी होगा! जिसनें प्रेम किया होगा अपने प्रेम का इजहार किया होगा! जब आया होगा छुट्टी पर तो यह वादा किया होगा। अगली बार जब आऊँगा तुझको ही प्रिया बनाऊँगा । इस […]
कितना कष्ट होता है जब एक सैनिक शहीद होता है । पूरा देश रोता है । हर गली रुदन करती है । एक अशांत-सी पीड़ा मन में घर करती है । रोती है धरती जब […]
हाय कितनों ने जान गँवाई! उस चीन ने जमीन के टुकड़े की खातिर कर दी नीच-सी हरकत । खुद मरा और मेरे प्यारे देशभक्त सैनिकों ने भी वीरगति पाई । हाय कितनों ने जान गँवाई!
क्यूँ नहीं देती है सरकार सैनिकों को दुश्मन को सीधे गोली मारने की आजादी? वो बस राह देखते हैं आदेश की और खाते रहते हैं सीने पर गोली। उनकी शहादत पर हम कब तक बहायें […]
यह कैसे अच्छे दिन आए हैं? एक तरफ कोरोना मानव को निगलने पर तैयार खड़ा है। दूसरी ओर सीमा पार दुश्मन खड़ा है। इस महामारी को देखकर भी, चीन का पेट नहीं भरा है। इसीलिए […]
विनयचंद यूँ रो रो कर कितने को श्रद्धांजलि दोगे। आँसू कम पड़ जाऐंगे तेरे आखिर कितना रोओगे।। सभी शहीदों के खातिर अब अपना शीश झुकाता हूँ। एक जन्म क्या हर जन्मों में आभार तेरा फरमाता […]
बीस वीरों की टोली में ये सात रत्न बिहारी हैं। शहादत के सात फूल पे ‘विनयचंद ‘बलिहारी है।।
क्या लिखूं जो अब तक लिखा नहीं कहने को बाकी अब कुछ रहा नहीं जिंदगी पानी सी थी, बह चुकी है अब तो बस खालीपन है, जो खला नहीं
शहीद चंदनकुमार भोजपुर वाले तुम्हें झुककर सलाम हम करते हैं। फूल कहाँ अपनी अंजली में निज अश्कों का दान हम करते हैं।। 🌹 ॐशांतिॐ 🌹
सिंहभूमि के सिंह थे तुम गणेश हंसदा भैया। तेरी शहादत अमर रहेगी सदा सर्वदा भैया।। सम्मान सहित ये ‘विनयचंद ‘ प्रणाम करेगा सदा सदा। साहित्य कलम से करता हूँ बिहार केसरी तुम्हें अदा। 🌹
कर रहा नमस्कार तुम्हें बारम्बार आज सारा बिहार। तेरे बलिदान को देश के गुमान को भैया सुनील कुमार। ‘विनयचंद ‘का प्रणाम अश्रु बूंद का इनाम तुझ पर सब न्योछार। 🌹
हम भी बेसुध से तेरे बेवफाई से जीना छोड़ दिये थे बताना भूल नहीं की कोई साथ नहीं थे तब सिर्फ गिने चुने छोड़ तुम जानते तोह क्या बोलते सिर्फ इतनी सी बात पे तुमने […]
कविता- जितना जरूरी है | हो रहा युद्ध कोरोना से हमारा जितना जरुरी है | इंसानियत के दुश्मन वाइरस का मिटना जरूरी है | सबका साथ सबका विश्वास अब जिताएगा हमे | नियम लॉक डाउन […]
है कोई दरवाजा जो अभी तक बंद है मेरे दिल को अभी तुमने देखा ही कहां है
कलाकार सुशांत बालीवुड का गलीयारा बिखरा चरों तरफ सन्नाटा पसरा रो रो कर फैन्स का हाल हुआ एक कलाकार का शोषण हुआ क्या वजह था तुम हार गये सुशांत सिंह क्यो तुम चले गये लड़ते […]
ओस की बूंद चाटकर, हवा वंसती को खाकर। हरियाली का दामन पकड़, खुशी का प्यारे इजहार कर।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी
वीरों की शक्ति अजर अमर रहें, थाती देश का सुसज्जित रहें। नयन की भाषा पढ़ना सिखों, अचल संपत्ति का हिसाब रहें।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी
ओस की नयना शोभे तन पर, हवा वंसती मोहे मुझको । हरियाली तेरे बदन की सजनी, खुशियों की आभा बनकर बुलाये मुझको।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी
हवा का झोंका प्यार का एहसास कराता, ओंस की बूंद तन मन में आग लगाता। हरियाली खेतों की तराशे तुझे सनम, बसंती झोंका खुशीयों का गीत सुनाता।। महेश गुप्ता जौनपुरी
जरूर वहाँ कोई खड़ा है, रात के अंधेरे में। लगता है डर घेर लो, अपने बांहो के घेरों में।।
जब राहत के दवा लाया राहत इन्दौरी से । तब उतरने लगा इश्क़ ए बुखार मेरे सिर से।।
# शहीदों को शत-शत नमन कोई शहादत ज़ाया नहीं जाएगा। दुश्मन कदम पीछे जरूर हटाएगा। ये आज का सुदृढ़ भारत है, तू फिर से मुँह की खाएगा। आँखें पूरी खोल कर देख, सामने खड़ा शेर […]
बहुत याद आते हैं, वो गुजरे हुए पल। वो तुम्हारे खत का इंतजार। हर पल मिलने को बेकरार। गलियों में घुमना बनकर आवारा, पाने को एक झलक का दीदार। बहुत याद आते हैं। तुम्हारे मिलने […]
खाया नमक देश का तो थोड़ा नमकहलाल बनो। बेशक बिपक्ष बन बैठे हो पर भारत माँ का लाल बनो।। समर मरन और शत्रु दलन का सबूत मांगना क्या समीचीन है ? प्रमाण चाहिए खोतों को […]
ए सनम स्याही नहीं है तो क्या हुआ । तेरी नैनो के स्याही से काम चला लुंगा।।
मैं वादा नहीं करता, पर मिलेंगे फिर जरूर। किसी न किसी मोड़ पर, किसी न किसी राहे-आम पर। किसी न किसी मंजिल पर, किसी न किसी मुकाम पर। मैं वादा नहीं करता, पर मिलेंगे फिर […]
आंखों से आंखें जब मिल जाती, प्यार का बिगुल दिल में बज जाती। इशारों की बातें जब जेहन में उतरती, आंखें गड़ाएं नजरें शनम को ढुढ़ती।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी
पंच परमेश्वर का राय सदैव लेकर, करते रहना सत्य का अभिषेख। झूठे मक्कार को बेनकाब करके, लिखते रहना तुम सच्चाई पर लेख।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी
आंख में मिचोली बहुत हुआ, थाम लो अब मेरा तुम हाथ। प्रेम डगर बहुत कठिन है सनम, हाथों में हाथ लेकर चूम लो माथ।। ✍ महेश गुप्ता जौनपुरी
धोखा चाल को करो बेनकाब, पंच परमेश्वर से लगाओ गुहार। सत्य की राह पर चलकर प्यारे, उलझकर में पड़कर ना मानो हार।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी
प्रेम डगर आसान नहीं है प्यारे, बरसों लग जाते हैं इसे परखने में। हौसले के दम पर जो लड़ते हैं, प्यार में वही जीत सफल होते कहने में।। ✍महेश गुप्ता जौनपुरी
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