वो माटी के लाल हमारे, जिनके फौलादी सीने थे, अडिग इरादो ने जिनके, आजादी के सपने बूने थे, हाहाकार करती मानवता, जूल्मो-सितम से आतंकित थी जनता, भारत माता की परतंत्रता ने उनको झकझोरा था, हँसते-हँसते […]
वो माटी के लाल हमारे, जिनके फौलादी सीने थे, अडिग इरादो ने जिनके, आजादी के सपने बूने थे, हाहाकार करती मानवता, जूल्मो-सितम से आतंकित थी जनता, भारत माता की परतंत्रता ने उनको झकझोरा था, हँसते-हँसते […]
हृदय–पटल पर नृत्यमय नुपुर झनक से झंकृत हूँ विस्मित मैं मधु-स्वर से विह्वल अभिराम को आह्लादित तिमिर अंतस को कर धवल— कनक–खनक करके उज्जवल सारंग–सा हो भाव प्रज्जवलित सोम–सुधा सा रुप लक्षित दृग–कामना भी छलक […]
है ज़िन्दगी कहीं हर्ष,कहीं संघर्ष कभी दुःखों की अवनति,कभी खुशियों का उत्कर्ष ऐश्वर्य है ज़िन्दगी,कहीं है ज़िन्दगी परिश्रम ज़िन्दगी का अर्थ लगाना ही–है मन का भ्रम कहीं ज़िन्दगी बन जाती प्यार,कहीं नफ़रत मानवता का पर्याय […]
उस हसीं के चेहरे पर बस हंसी देखने की ख्वाहिश थी , तो उसे हंसाने में कोई कसर हमने भी ना छोड़ी हंसाते हंसाते खुद हंसी बन गया मैं , की मेरे दिल की बात भी […]
हुए बहुत लोग शहीद मेरे देश को बचाने को, पर उन “शहीदों” की “शहीदी” आज खुद शहीद सी लगती है। देश में हो रहे हंगामो में खुद कही गुम सी लगती हैं। जिस दिन औरत-आदमी […]
अंग्रेज रूपी कंश हेतु वह तो कृष्ण कलेवर था , करतूश को भोजन माना फंशी को जेवर था , वतन के लिये डर न पाया जेल की काली रातो से, उसका वर्णन करू मैं कैसे […]
use pyar karna nahi ata or mujhe pyar ke siva kuch nahi ata, duniya me jeene ke do hi tarike hai , ek use nahi ata , ek mujhe nahi ata….
किस्मत हमारी लटक रही है जैसे पाव में पायल , भारत माँ विलख रही है जैसे दीन-दुखी घायल , जिस आँचल में पले- बढे उसमे बम- गोले फुट रहे है , एक सिरे से खुद […]
mai sab kuch hu tera lekin, mai tera kuch nahi lagta bahut kuch pa liya hai phir bhee khali khali sa lagta tujhe pane ki koshish kar raha barso se hoo lekin tu mujhko kho […]
एक ही झटके में सबकुछ समझ जाओ तुम मेरा जीवन ऐसी कोई खुली किताब नहीं राह हासिल करने को गंदी नाली को स्वीकारले ऐसा ये कोई बेवकूफ आब नहीं। -कुमार बन्टी
आँखों से निकले आंसू , तो दुनिया ने कायर कह डाला , जब बह निकले ये लबों के रस्ते, दुनिया ने शायर कह डाला ।।
तेरा दूर-दूर का रहना ले जाये मोर चैना तेरी रहा तकै है अंखिया ताने देती घर गालिया तेरी राह तकै हुए बरसो अब छोड़ भी कल परसो तेरी सोच मे बीती रैना मोर लोटा अब […]
क्यूं बह रहे अश्रु चक्षु से , तान भृकुटि जन जन की फैला भ्रष्ट मेघों का साया , नहीं आवश्यकता व्यर्थ रुदन की सियासी भेड़िये बने नरभक्षी , जब लाज गिरा दी सिंघासन की हो […]
क्यूं बह रहे अश्रु चक्षु से , तान भृकुटि जन जन की फैला भ्रष्ट मेघों का साया , नहीं आवश्यकता व्यर्थ रुदन की सियासी भेड़िये बने नरभक्षी , जब लाज गिरा दी सिंघासन की हो […]
जब जब भारत के इतिहास के पन्ने पलटे जायेंगे, भगत सिंह,सुखदेव,राजगुरु के नाम भी लिए जायेंगे ! ये वो हैं जिन्होंने अंग्रेजों की ईंट से ईंट बजा दी थी, भारत माँ के लिये अपने प्राणों […]
जब जब भारत के इतिहास के पन्ने पलटे जायेंगे, भगत सिंह,सुखदेव,राजगुरु के नाम भी लिए जायेंगे ! ये वो हैं जिन्होंने अंग्रेजों की ईंट से ईंट बजा दी थी, भारत माँ के लिये अपने प्राणों […]
चल प्यार ना कर , एक बहाना ही बना ले , टूटा जहाँ से दिल तेरा , उस जख्म की दवा बना ले , कहते है दोस्ती दुनिया में सबसे बढ़कर है , उस रिश्ते […]
दिल का मंदिर वीरान है , तेरी तस्वीर लगा लूँ , बैठा रहूँ बस सजदे में , तुझे वो देवता बनल लूँ , परवाह नहीं मुझे जग की फिर , गर तेरे दिल में जगह […]
कई बार वक्त का मैं निशान देखता हूँ! कई बार मंजिलों का श्मशान देखता हूँ! दर्द की दहलीज पर बिखरा हूँ बार-बार, कई बार सब्र का इम्तिहान देखता हूँ! मुक्तककार- #महादेव’
E Hasina kya gajab dha diya tune, is sidhe sadhe insna ko asiq bana diys tune… ankhno m ek khwab sa jaga diya tune, is sidhe sadhe insna ko asiq bana diys tune… na tha […]
भगत सिंह, शिव राज गुरु, सुखदेव सभी बलिदान हुए, इस धरती माँ की खातिर कितने ही अमर नाम हुए, ब्रिटिश राज की साख मिटाने को एक जुट मिटटी के लाल हुए, कभी सीने पर गोली […]
“एक ये भी होली है एक वो भी होली थी जो शहीदों ने खेली थी, देश को आज़ाद कराने की ख़ातिर…मेरी कविता 23 मार्च पर शहीद दिवस के उपलक्ष्य में शहीदों को नमन करती है…..” […]
वज़न उठता नहीं तुमसे दो मण भी कहां गई शक्ति तुम्हारे यौवन की और कहां है अभिव्यक्ति तुम्हारे मन की। चलो ये वज़न तो तुम भारी कह सकते हो इससे इंकार भी कर दो […]
कविता—क्या बताता तब आधी रात होने की कगार पर खड़ी थी लेकिन वो थी कि अपने सवाल पर अडी थी पूंछती थी कितनी मोहब्बत मुझसे करते हो सब झूठा खेल है या सच में मुझपर […]
ye sanskaro ka bhi kya khob najara hai humare maa baap ne hume paida kiya or ek din hume hi unki chita ko jalana hai ye sankaro ka bhi kya khub najara hai ye 5 […]
तेरी देहलीज टपने खातिर काफी दिनों से कुछ किया ही नहीं। ऐसा लगा मानो जिंदा रहके भी इस दौरान मैं जिया ही नहीं।
मेरी उदासी भी मेरे लिए बन गई खूबसूरत ये किसीका कोई असर ही है खूबसूरत। लेकर बैठा रहता मैं जब अपनी रोनी सूरत उस वक़्त भी गढ़ी जा रही होती मेरे भीतर उसकी कोई […]
तुम बार बार नजरों में आया न करो! तुम बार बार मुझको तड़पाया न करो! जिन्दा है अभी जख्म गमें-बेरुखी का, तुम बार बार दर्द को बुलाया न करो! मुक्तककार- #महादेव'(22)
जाने क्यों नदिया सागर से मिल जाती है , मिलो का रास्ता तय कर सागर को मंजिल क्यों बनाती है ! पवित्र है, पावन है, निर्मल जल की धारा है, खारे पानी मे मिलना जाने […]
एक सुबह दे दे ऐसी , जो मेरा इंसाफ क़र दे! एक शाम बीता दे ऐसी , जो मेरे गुनाह माफ़ कर दे ! तमाशा बहुत हो गया बनने और बिगड़ने का, अब तो कोई […]
कुछ न कुछ दिल में चलता रहता है। इक ख़्वाब अनदेखा पलता रहता है।। , क़िस्मत कहें की मुक़द्दर कहें उसको। जो नाम सुबह शाम खलता रहता है।। , वक़्त गुजरा है कुछ इस तरह […]
देखो तो मजमा आजकल उनका इधर लगता है मतलब की है यारी, सर-बसर लगता है कहते थे कभी मुल्क की आवाम के हैं सेवक देखो तो आज बनारस ही उनका घर लगता है कब्रिस्तान और […]
उसके इंतजार में मेरी पूरी जिंदगी गुज़र गई। मोहब्बत की ये कीमत भी मुझे कम लगी।
तुझसे मिलने का मुझे कोई आसार भी नहीं दिखता। लेकिन इंतज़ार तेरा करते–करते मैं फिर भी नहीं थकता।
जब इरादों की तन्हा रात होती है! तेरी यादों से मुलाकात होती है! खोज लेती है नज़र हसरतें तेरी, दिल में मुरादों की सौगात होती है! मुक्तककार- #महादेव’
उसके जैसी कोई लडकी नहीं मिली कभी आजतक। लेकिन वो भी तो मुझे नहीं मिली कभी आजतक।। उससे मिलके अनजाने में ही सँवरे थे हम लेकिन, बिगडने की कोई वजह भी न मिली कभी आज़तक।
अकेले होने का मतलब हर बार बस उदास होना ही नहीं होता हो सकता था मैं भी बरबाद पास अगर मैं खुद के न होता। किसीकी कोई चोट ऐसी भी होती है जिसका एक […]
दफ़न भी हुआ तो ज़िन्दा रहूँगा। कोई तो होगा जो पढेगा हमको।। @@@@RK@@@@
जो भी तुम कहते हो वही होगा। ऐसा सोचते हो तो नही होगा।। , हमसें क्यूँ पूँछते हो पते ठिकाने। मैं आसमाँ नहीं पता ज़मी होगा।। , किसकी राहों में अब पलकें बिछाएं। हम समंदर […]
लफ्ज़ो के साथ ज़बरदस्ती नहीं करते। शायर कभी आबादी में बस्ती नहीं करते।।
Hazaron logon ke beech rehti hu meinPar apna mera koi saath hai nahiHasti toh rehti hu mein hamesha yunhiPar khushiyan meri kahi kho so hai gayiAansu ponchne wale log hai aaspaasMera dard bantnewala koi hai […]
कुछ पल बन जाते हैं सब कुछ। कुछ पल कह देते हैं खुद ही कुछ। कुछ पल छोड़ते नहीं संग में कुछ। कुछ पल जिनका मिलता नहीं किसीकी को भी कोई भी […]
Ye holi mai kaise mnau apne desh ki garibo ko dekh ker mai dhashta hi jau ye holi mai kaise mnau apne girbo bhai bhen ko chodh kar kaise mai holi mai rang udhau mai […]
बेकरारी दिल की तेरे नाम से मिलती है! रोशनी चाहत की तेरे नाम से जलती है! तेरी याद भी आती है तूफानों की तरह, साँस जिन्द़गी की तेरे नाम से चलती है! मुक्तककार- #महादेव'(26)
Tere aankhon me maine pyaar dekha hai Mere liye jaag utha aitbaar dekha hai Kabhi gussa, kabhi pareshaani dekhi hai Kabhi sharaarat kabhi nadaani dekhi ha Haar ke aansu, jeet ki khushi dekha hai Kabhi […]
Aasu zaroor hai mere aankhon mePar yeh khushi ke hai ,gham ke na samjhoRuk zaroor gayi hu meinPar mein dar gayi, yeh bilkul na sochoDarti nahi mein zindagi seSirf use samajhne ki deri haiHaara nahi […]
करते है शायरी तो जिन्दा है हम। वरना तो गुज़रे इक अरसा हो जाता।।
आज भी तेरे हैं तलबगार हम! हुस्न की बाँहों में गिरफ्तार हम! खौफ नहीं है हमको अंजाम का, हर जख्म़ के लिए हैं तैयार हम! मुक्तककार- #महादेव’
क्या बतायें क्या हो गया है हमें तुम ही बताओ कि क्या बतायें हम
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