तुम जब भी कोई मुस्कराती आँखे देखोगे — उनमें मेरा ही साया नज़र आएगा तुम्हारे सामने जब भी कोई आँचल लहराएगा –तुम्हें उसमें मेरा ही दामन नज़र आएगा। गुजरोगे जब भी मेरे शहर की गलियों […]

खयाल-ए-दिल, सभी जज़्बात फ़िर से आम कर रहा हूं, मैं इक ताज़ा गज़ल फ़िर से तुम्हारे नाम कर रहा हूं l     तुम्हारे ही तसोव्वुर में गुज़रता है मेरा हर दिन, तुम्हारे ही तसोव्वुर […]

मेरी आंखों से रिस-रिस कर कोई तूफ़ान कहता है, सताओ यूं ना तुम मुझको ऐ मेरी जान कहता है l     तुम्हें मैं याद करने की तलब में इस कदर खोया, कि अक्सर अब […]

पांव भर चुके हैं छालों से, है दिल जख्मी पड़ा मलालों से l     भरी आंखों में बक़रारी है, जेहन बेचैन है सवालों से l     दिल में अफसुर्दगी का आलम है, अश्क […]

कहो तो दिल की कलम से तुम्हारी तस्वीर बना दूँ,  कहो तो  मोहब्बत के हसीन रंगों से उसे सजा दूँ, और भी कुछ हसरतें बाकी हैं इस शीशा ऐ दिल में,  कहो तो इस तस्वीर […]

बारहा अब ये हक़ीक़त कौन जाने, आँख भी करती बग़ावत कौन जाने। मैं फ़िदा होता रुख़सार पे बस, इश्क़ है या है इबादत कौन जाने। जान देना था लुटा आये सनम पर, इसके भी होते […]

कुछ खो के लि खा… कुछ पा के लि खा हमने इस कलम को… अक्सर आँसुओं में डुबो के लि खा कभी मि ली नसीहत… कभी वाह-वाही मि ली हमने अपने ग़मों को… अक्सर शब्दों […]

अदाओं से उसकी पिघलने लगा हूँ, खुदी की गिरह से निकलने लगा हूँ। बना मैं दिवाना मुहब्बत में उसकी, मुहब्बत में उसकी बदलने लगा हूँ। किसे फ़िक्र है अब कहे क्या जमाना, उसे देखकर अब […]

आँखों में अब आंसू छिपाना कितना मुश्किल है जो रडकते है उनको बहाना कितना मुश्किल है !! साँसों पे लिख लिया तुझको मैंने आयत की तरह तक़दीर का ये लिखा मिटाना कितना मुश्किल है !! […]

याद के दरमियाँ हम मिलेंगे कभी, फूल गुलशन में भी तो खिलेंगे कभी। शक़ मेरे इश्क़ पे मत करो साथियाँ, खत तुम्हें खून से हम लिखेंगे कभी। आज तो दौर है मुफ़लिसी का मग़र, चाँद […]

वक़्त के साँचे में ढलना सीख लो गुफ्तगू का शीरीं लहजा सीख लो छोड़ कर तुम आहनी अपनी रविश मोम की सूरत पिघलना सीख लो कायदा पढ़ना नहीं काफी मियां कायदे से बात करना सीख लो शोख लहरों सा मचलना छोड़ कर शांत सागर सा ठहरना सीख लो दोस्तों से प्यार तो करते सभी दुश्मनों से प्यार करना सीख लो            

ना चाहते हुए भी फ़िर से हिमाक़त हो गई, कल फ़िर उसे देखा,फ़िर से मुहब्बत हो गई l     वही वो झील सी आंखें,वही बादल से वो गेसू, बलखाती कमर उसकी फ़िर से क़यामत […]

**रहने दे::गज़ल**   यही चाहत का है दस्तूर तो दस्तूर रहने दे, मुझे बेबस ही रहने दे मुझे मजबूर रहने दे l     तुझे जब याद करता हूं तो दुनिया भूल जाता हूं, तेरी […]

वही तल्खियत लहज़े में, वही कशिश अदाओं में, आज फ़िर यही लगा कि बदला नहीं है वो l     उसको भी मयस्सर हैं मेरे हिज़्र के खसारे, मेरे उन्स से भी अबतक निकला नहीं […]

सज़ा सी बन गई है अब जहाँ में प्यार की ख़ाहिश, समझ आती नहीं मुझको कभी संसार की ख़ाहिश। न जाने याद कैसी है हमेशा ही रुलाती है, छुपा कर हाथ से चहरा सनम इक़रार […]

सच बोलकर जहाँ में गुनहगार हो गया, लोगों से दूर आज मैं लाचार हो गया। जो चापलूस थे सिपेसालार बन गए, मोहताज़ इक अनाज़ से ख़ुद्दार हो गया। इब्ने अदम ने लाख किए कोशिशें मगर, […]

खत्म हुई है कहानी आज बरबाद हुई जवानी आज। दुल्हन बनके चली गई है मेरे  दिल की रानी आज। नजरें झुका के रहती थी, तेरी हूँ हरदम कहती थी। गोद में सिर मैं रखता था, […]

होठों को होठों से यूँ तुम दबाते क्यूँ हो बेचैनियां मेरी रोज यूँ तुम बढ़ाते क्यूँ हो ।। तेरे ये होंठ जानते है , मेरी सब हसरतें अगर बेखबर हो ,तो तुम शर्माते क्यूँ हो […]

बच्चों के स्कूल जाते ही सूना घर ,घर को खाता है ख़ुशी से मुफलिसी का बेटा कहाँ कारखाने जाता है !! भूख तोड़ देती है इक-इक ख्वाईशों के सब खिलौने, कोई पत्थर तोड़ता है,कोई अखबार […]

जिंम्मेदारियों का बोझ मैं उठा’के रखता हूँ मेले में बेटे को काँधे पे बिठा’के रखता हूँ ।। आसमां ये मुझे कभी खरीद नहीं सकता मैं पाँव हमेशा जमीं पे टी’काके रखता हूँ ।। रखते होंगे […]

ज़िन्दगी खफा है अब मनाऊँ किस तरह दिल पे चोट है अब मुस्कुराऊँ किस तरह चोट कोई अंदर है जिससे टिस उठती है चिर से दिल दर्द अब दिखाऊँ किस तरह आँखों के तलवों निचे,काई […]

जिंदगी की होड़ में कहीं, गुम गया इंसान, कभी जमीं को खोदता, तो पाताल की सोचता, फिर आसमाँ को रौंदता, चाँद-तारे  नक्षत्रों में खुद को ढूँढता थक हार गया इंसान, जिंदगी की होड़ में कहीं, […]

वतन परश्ती के लिये कोई हिन्दू कोई मुसलमाँ नहीं होता , जिधर  भी  देखो  हर  वक्त  मौजूद  भगवान  नहीं होता, ज़रा नफरत की आग तो बुझाओ हर तरफ तुम्हें यही पैगाम दिखेगा, जिस  जिस  के […]

कुछ अनकहे अलफ़ाज़ , कुछ बुदबुदाते से अहसास, तेज़ होती साँसे, मनचली सी ख्वाहिशें और धडकनों का साज़ , जो देती हर पल आवाज़, यूँ दिल ने कहा , तू कहीं है यहीं , यहीं […]

ख्वाहिशो की लहरें मन के सागर मे पलती है..!                                                        सूरज की किरणें सुबह और शाम अपने रंग बदलती है..!!                                                      जब उम्मीदों के मोती आँखो की गहराईयों मे छुपे होते है..!!!                                                 तब जिंदगी नजरिया बदलकर बदले […]

धर्म  बेच देते हैं, इमान बेच देते हैं,   वतन की इज्जत, और सामान बेच देते हैं, चंद वोटों की खातिर, सत्ता  के  दलाल, हिंदू और मुसलमान बेच देते हैं, बड़े  बेगैरत  होते हैं, ये […]