कागज पे हालाते-दिल लिखते हुये इक दिन मौत आ जानी है मुझे मरते , तड़पते , बिलखते हुये इक दिन मौत आ जानी है !! लापता है कई रास्ते मुझ में ,कल रात घर खोने […]

**ज़िन्दगी ठहरी रही और उम्र आगे चल पड़ी::गज़ल** (मध्यम बहर पर) उस ख्वाब की ताबीर जब शम्म-ए-फुगन में जल पड़ी, तब ज़िन्दगी ठहरी रही और उम्र आगे चल पड़ी l फ़िर कैफियत का ज़िक्र भी […]

होते ही शाम मेरी तबीयत मचल जाती है! तेरी शमा चाहत की ख्याल में जल जाती है! मेरे लफ्ज़ कांपते हैं तेरा नाम लेकर, तेरी आरजू हर सकून को निगल जाती है! Composed By #महादेव

ख़ुदकुशी करने के मैं रोज बहाने ढूँढने लगा हूँ जी में रड़क रही है साँसे जैसे मैं मरने लगा हूँ सीने के जख्मों पे लौट कर कोई बहार आई है सूना-सूना था भीतर से मैं […]

थी मेरी ये ज़िम्मेदारी घर मे कोई मायूस न हो, मैँ सारी तकलीफेँ झेलूँ और तुम सब महफूज़ रहो, सारी खुशियाँ तुम्हेँ दे सकूँ, इस कोशिश मे लगा रहा, मेरे बचपन मेँ थी जो कमियाँ, […]

विधा : तांटक छंद यह परियों की एक कहानी,परिस्तान से मैं लाया । देख रहा था यह सब छुपकर,तभी अचानक वो आया ।। चन्द्र वदन कंचन सी काया, सब कुछ परियों सा पाया । ऐसा वैसा […]

तबियत कुछ नासाज़ है, दिल ज़रा उदास है, तेरे ना होने से इधर, मैं हूँ बेसुध सी,बेखबर। माथे की बिंदी ना दमके, चमचम चमचम क्यों ना चमके! क्यों फीकी सी पङी है इस कदर, सूर्ख़,फिर […]

हिफाजत कर ले मेरी आजकल कहने लगा है, ना जाने क्यूं मेरा दिल खौफ़ में रहने लगा है l     उम्र भर ख्वाब चुन-चुन कर जिसे तैयार किया था मैने, मेरे ख्वाबों का वो […]

ღღ__ठहरा हुआ हूँ कब से, मैं तेरे इन्तज़ार में; आख़िर सफ़र की मेरे, कोई इब्तिदा तो हो! . मंजिल पे मेरी नज़र है, अरसे से टिकी हुई; पहुँचूं मैं कैसे उस तक, कोई रास्ता तो […]

देखो धरा की आहें , मेघ बन नभ पर छायी है, कब पीर नीर बन बरस जाए, घनघोर घटा छायी है, रिमझिम करती बरखा रानी, धरा के हृदय में समायी है, विस्मित हो गयी आहें, […]

मेरी जिन्दगी में कभी ऐसा भी मुकाम हो! मेरा नाम तेरे लब पर सुबह और शाम हो! रोशनी करीब रहे बस तेरे दीदार की, सामने मेरी नजर के ऐसा इंतजाम हो! Composed By #महादेव

सुना है बिन कहे दिल की बात समझ लेते थे. गले लगते ही दोस्त हालात समझ लेते थे तब ना फेसबुक ना स्मार्ट मोबाइल था ना फेसबुक ना ट्विटर अकाउंट था एक चिठ्ठी से ही […]

Kavi “MaN” खामोश जुबां की बेताबी सुनो कभी तुम ज़रा सी बाहर सिर्फ़ जूठी हंसी है अंदर भरी है उदासी दिल की दस्तक तो तुम सुनो आँखों की नमी जरुरी देखा है कभी तुमने चाँद […]

ज्वलंत “कैराना” मुद्दे पर मेरी चंद पंक्तियां-     कहीं से आ बसी हैं दहशतें, ये घर मेरे ख्वाबों का वीराना ना हो जाये, खुदाया इल्तज़ा है तू हिफाज़त कर मेरे दिल की, कहीं बाखौफ़ […]

जीवन धारा यूँ डूब जाता मन, क्षितिज के उस पार, ज्यूँ होता विवश दिनकर, डूबने को बार-बार, ज्यूँ पखारती चाँदनी, तम के घनघोर केश, ऐसे ही भेद जाती, स्मृतियाँ हृदय पटल, पर रश्मि कण बिखेर, […]

Note : इक प्रेमिका इश्क़ मैं धोका खाये जज़्बातों को व्यक्त करती हुई । बदरंगा इश्क़ रंगना था तेरे रंग में, बदरंगा करके छोड़ गए, सदियो के उस वादे को, पल भर में खट्ट से तोड़ गए , जब आये थे अपना बनाने, तब लफ़्ज़ों का पिटारा रहा, उन चिकनी-चुपड़ी बातों ने, मुझको अपना सितारा कहा , वोह डेढ़ चाल शतरंज की थी, इतना तोह मैंने समझ लिया, पर न जाने कब इस रानी को, इक प्यादे ने यूं झपट लिया , वो कहती मेरी सखी-सहेली, न पड फुसलाती चालों में, वो तन्हाई को गोद चलेगा, नोंच के तेरे गालों पे, बेपरवाही ज़ेहन में भर के, सलाहों से मुख मोड़ लिया, रंगना था तेरे रंग में, बदरंगा करके छोड़ दिया , वो रात फ़ोन पे बतलाना, वो बाल मेरे यूं सहलाना, वो नमी भरी इन आँखों को, […]

न जाने वो कौन थे , मोहबत का तवजु दे गए मुझे , न जाने वो हमदर्द कौन थे, लिखी न कभी दास्ताँ दिल की , दिल जला वो दे गए , जाने वो खुदगर्ज़ कौन थे, […]

दिल से दिल की बातें  वक़्त निकालने के लिए कभी साथ ज़रूरी लगता था , आज अकेले यादों के सहारे भी जी लेता  है , अब न तुम याद आते हो ,न तुम्हारी याद आती है, ये बहती […]

मेरी ताक़त है मेरा समर्पण असीम अनंत ताक़त पावन प्रणय की तुम्हारे प्रति मेरी अभिव्यक्ति है मेरा समर्पण राधा और श्याम की तरह अहिल्या के राम की तरह मेरा विश्वास है मीरा का श्वास है […]

खुली हुई हथेलियाँ,मानो, किस्मत की पहेलियाँ l लकीरों का ताना बाना, ना जाना, ना पहचाना, जुडी हुई, ना जाने क्यूँ ! कैसे मेरे नसीब से यूँ , मकड़जाल सी ये रेखाएं , ऊपर-नीचे, दाएँ-बाएँ, मानों […]

चलते-चलते हम साथ हो लिए, तुम मिले एक साँस हो लिए, ज़ज्बातों को पी लिए और, रस्मो को साथ ले लिए,तुम मिले, शर्म औ हया के दायरे में बँध, हम पग-पग, साथ हो लिए, साँसो […]

चलते-चलते हम साथ हो लिए, तुम मिले एक साँस हो लिए, ज़ज्बातों को पी लिए और, रस्मो को साथ ले लिए,तुम मिले, शर्म औ हया के दायरे में बँध, हम पग-पग, साथ हो लिए, साँसो […]

**** तुम्हारे बिन****   कोई धड़कन ना कोई सांस तक पाऊं तुम्हारे बिन, तुम्ही कह दो कि आखिर अब कहां जाऊं तुम्हारे बिन l   खुदा से आज सजदे में यही फ़रियाद करता हूं, तुम्हारा […]

चलते-चलते हम साथ हो लिए, तुम मिले एक साँस हो लिए, ज़ज्बातों को पी लिए और, रस्मो को साथ ले लिए,तुम मिले, शर्म औ हया के दायरे में बँध, हम पग-पग, साथ हो लिए, साँसो […]

आज फिर एक साथी मुझे छोड़कर चला गया आँखों को रुलाकर चला गया और होंठों को हँसा कर चला गया पूछ बैठा कि नाराज तो नहीं हो जाहिर भी कैसे करता दोस्त था अपना जाते […]