Mere naseeb me baqi zara gumaan bhi nahin. Agar zameen nahi to mera aasmaan bhi nahin.
Mere naseeb me baqi zara gumaan bhi nahin. Agar zameen nahi to mera aasmaan bhi nahin.
मलय पवन बन, आ जाओ मन उपवन में, सजल नयन है,झील कमल है, लोक-परलोक का कौतूहल, है निज चितवन में । प्रखर सूर्य बन , आ जाओ मन दर्पण में, धूमिल छवि है, स्तब्ध पड़ी […]
अब घर कि हर एक चीज बदल दी मैने .. सिक्कों को भी नोटों से बदल बैठा हूं.. पर उस फूल का क्या जो किसी ईक धूल पड़ी.. मैने किताब में बरसों से दबा रक्खा […]
किताबे तो बड़ी होती गयी सारी वज़न बढ़ता गया उनका मेरा बस्ता पुराना हो रहा था , फट रहा था ना जाने कहा गिर पड़ा टुकड़ा वो मेरा आसमां का ..
Uljhi baaton ke suljh jane main; Kuch kar guzar jane main ek lamhe ka yaad ban jane main Zindagi ka asli maza hai mehaz ek “rehsaya” ban jane main !
यादों की गलियाँ सजी हैं, कुछ झालरें,पुराने दिनों की लगीं हैं, कुछ रंगी से दिन हैं बिछे, कुछ रेशमी रातों के पीछे। मेरी खिङकी के नीचे तेरा खङे रहना , चुपके से आकर,मेरी आँखें,अपनी हथेली […]
बुरा क्या था अगर इस दर्द के मै साथ में दिलबर… तुम्हारी याद भी चलकर मिटा लेता अगर थोड़ी… दवाखाने में क्यूँ छोड़ा जरा चलते तो मैखाने… दवा के साथ में दारू चडा लेता बशर […]
प्रेम पीपासा तृ्प्ती की आस, भटक रहा जीव अनायास, प्रेम व्याप्त है अपने अन्दर, ढूँढ रहा घट-घट के अन्दर, प्रेम ऐसा अनमोल खज़ाना, देने से हीं मिल पाता, माँग रहे सब प्रेम यहाँ देने को […]
खामोश हूँ मगर हर बात समझ लेता हूँ! तेरी नजरों की जज्बात समझ लेता हूँ! हरवक्त देख लेता हूँ ख्यालों में तुमको, तेरी साँसों की मुलाकात समझ लेता हूँ! Composed By #महादेव
ღღ__तेरे लब पे सिवा मेरे, कोई नाम आये तो बुरा लगता है; इक वही मौसम, जब हर शाम, आये तो बुरा लगता है! . जागते रहने की तो हमको, आदत हो गयी मोहब्बत में; नींद […]
नींद भी आती नहीं.. रात भी जाती नही.. कोशिशें इन करवटों की.. रंग कुछ लाती नहीं.. चादरों की सिलवटों सी हो गई है जिंदगी.. लोग आते.. लोग जाते.. सिलवटें जाती नहीं.. जुगनुओं के […]
मेरे पापा (हर पिता को समर्पित) आज फिर ऊँगली पकड़ मुझे एक राह चलना सीखा दो पापा , कुछ यादें फिर साथ अपने रहे, कुछ बातें ऐसी बना दो पापा , देख युही आँखो में मेरे ,पकड़ मुझे हस् […]
ज़िंदगी में खुशियाँ मिली तो गम भी मिला मिली चोटें अक़्सर फिर मरहम भी मिला इसका अफ़शोस नहीं ‘मन’रोया हर राह पर अफ़शोस के जो चाहा हमेशा कम मिला
बहुत अमीर है जिन्दगी, लफ़्जो को सलीके से, बिठाने में वक्त बिताया करती, गर्मी में सर्दी, सर्दी में गर्मी, यूँ विपरीत परिस्थतियों को, मात देते हुए खेल आगे बढ़ाया करती, बहुत अमीर है जिन्दगी, न […]
Talaash-e-Yaar Khatam Hui, Bas Yaar-e-Ishq Hame Thora Aam Mila……!! Mohobbat Kar Li Hamne Maykhaan se, Har Jagah Hamko Yaar-e-Jaam Mila……!!
Kabar Main Ham Kya Gaye, Unki To Shakshiyat Hi Badal Gai……!! Pura Din Guzaar Diya Unhone, Jo Kehte The Kabhi Hamko Furshat Nahi……!! D K
Kaise Rehta Hoga Wo, Kya Haadsa Eske Saath Hua Hoga……!! Log Bas Yahi Sochte Hai, Aksar Mujhe Dekhne Ke Baad……!!
ღღ__कुछ एक बे-रंग क़तरों में, बह गया ज़िन्दगी का हर एक रंग; . सबक क्या-क्या नहीं सीखे, “अक्स” हमने आंसुओं की जानिब से!!…#अक्स .
कागज पे हालाते-दिल लिखते हुये इक दिन मौत आ जानी है मुझे मरते , तड़पते , बिलखते हुये इक दिन मौत आ जानी है !! लापता है कई रास्ते मुझ में ,कल रात घर खोने […]
**ज़िन्दगी ठहरी रही और उम्र आगे चल पड़ी::गज़ल** (मध्यम बहर पर) उस ख्वाब की ताबीर जब शम्म-ए-फुगन में जल पड़ी, तब ज़िन्दगी ठहरी रही और उम्र आगे चल पड़ी l फ़िर कैफियत का ज़िक्र भी […]
Socho us baago ki haalat Viraani mei tarrapte hue Khilti kaliyo ko tarse– Hariyali ko tarrapte hue Nigaahein bhi tann jati ambar pr Ekk ummid liye– Dekha tha khwab kabhi– Saawan ko baraste hue—- Armaan […]
Kaun jaantaa hai…..!!! Ki,shaant saagar kabhi-kabhi Ek tufaan lataa hai Phir,kya hotaa hai—-?? Akalpniy lamhe………….. Soch se pare pal Jeevan mei bhi kabhi-kabhi Aate hain aise hi tufaan Vivek se pare ho jaate lamhe Gir […]
Aei Mann mere………….! Mtt ho niraash…… Jalaay rakh chiraag, Antah:mnn ki– Banaay rakh aas……. Yun patjharr ki baichaini Mtt samajh ise, Niyati ka paash…. Torkarr saare bandhan, Chhayenge bahaare Aayega basant tere paas…… Jo gharri […]
Bada Udaas Rehta Hai Wo, Uske Dil Main Bhi Koi Gam Palta Hoga……..!! Tadapta Hoga Raaton Ko Ye Bhi, Meri Tarah Hi Yaad Main Jalta Hoga………..!! D K
Khusiyoon Ki Jagah Gam, Aankhain Pehle Se Jyada Nam, Raatain Kuch Jyada Lambi, Tanhaaiyoon Ka Basera, Hoonthoon Per Faryaad, Aankhon Main Intzaar, Dharkan-e-Dil Ki Pukaar, Zehen Main Teri Yaad, Jyada Kuch Nahi Badla, Tere Chale […]
Bada Udaas Rehta Hai Wo, Uske Dil Main Bhi Koi Gam Palta Hoga……..!! Tadapta Hoga Raaton Ko Ye Bhi, Meri Tarah Hi Yaad Main Jalta Hoga………..!! D K
Wajood Kuch Nahi Hamara, Siwaa Ek Patthar Ke……………..!! Ek Jagah Se Dusri Jagah, Ek Paun Se Dusre Paun…………!! D K
होते ही शाम मेरी तबीयत मचल जाती है! तेरी शमा चाहत की ख्याल में जल जाती है! मेरे लफ्ज़ कांपते हैं तेरा नाम लेकर, तेरी आरजू हर सकून को निगल जाती है! Composed By #महादेव
ख़ुदकुशी करने के मैं रोज बहाने ढूँढने लगा हूँ जी में रड़क रही है साँसे जैसे मैं मरने लगा हूँ सीने के जख्मों पे लौट कर कोई बहार आई है सूना-सूना था भीतर से मैं […]
थी मेरी ये ज़िम्मेदारी घर मे कोई मायूस न हो, मैँ सारी तकलीफेँ झेलूँ और तुम सब महफूज़ रहो, सारी खुशियाँ तुम्हेँ दे सकूँ, इस कोशिश मे लगा रहा, मेरे बचपन मेँ थी जो कमियाँ, […]
ღღ__ना जाने आज इतना, क्यूँ याद आ रहे हो “साहब”; . तुझे भूलने की कोशिश, तो हमने की ही नहीं कभी!!….#अक्स .
ऑंखें तेरी खुलीं हैं पड़ तू जाग कर जगा नहीं अपनी सुबह में भांपना मेरा हमसफ़र अब है कहाँ तू पीछे रह गया कहाँ
विधा : तांटक छंद यह परियों की एक कहानी,परिस्तान से मैं लाया । देख रहा था यह सब छुपकर,तभी अचानक वो आया ।। चन्द्र वदन कंचन सी काया, सब कुछ परियों सा पाया । ऐसा वैसा […]
तबियत कुछ नासाज़ है, दिल ज़रा उदास है, तेरे ना होने से इधर, मैं हूँ बेसुध सी,बेखबर। माथे की बिंदी ना दमके, चमचम चमचम क्यों ना चमके! क्यों फीकी सी पङी है इस कदर, सूर्ख़,फिर […]
हिफाजत कर ले मेरी आजकल कहने लगा है, ना जाने क्यूं मेरा दिल खौफ़ में रहने लगा है l उम्र भर ख्वाब चुन-चुन कर जिसे तैयार किया था मैने, मेरे ख्वाबों का वो […]
ღღ__ठहरा हुआ हूँ कब से, मैं तेरे इन्तज़ार में; आख़िर सफ़र की मेरे, कोई इब्तिदा तो हो! . मंजिल पे मेरी नज़र है, अरसे से टिकी हुई; पहुँचूं मैं कैसे उस तक, कोई रास्ता तो […]
देखो धरा की आहें , मेघ बन नभ पर छायी है, कब पीर नीर बन बरस जाए, घनघोर घटा छायी है, रिमझिम करती बरखा रानी, धरा के हृदय में समायी है, विस्मित हो गयी आहें, […]
मेरी जिन्दगी में कभी ऐसा भी मुकाम हो! मेरा नाम तेरे लब पर सुबह और शाम हो! रोशनी करीब रहे बस तेरे दीदार की, सामने मेरी नजर के ऐसा इंतजाम हो! Composed By #महादेव
मैं अपने साथ तेरी बात ले आया हूँ! जिन्द़गी भर की मुलाकात ले आया हूँ! मुझे अब खबर नहीं है शाम और सहर की, दिल में हर दर्द़ की सौगात ले आया हूँ! Composed By […]
सुना है बिन कहे दिल की बात समझ लेते थे. गले लगते ही दोस्त हालात समझ लेते थे तब ना फेसबुक ना स्मार्ट मोबाइल था ना फेसबुक ना ट्विटर अकाउंट था एक चिठ्ठी से ही […]
है देखा जीवन को रोते हुए बिन छत भूखे सोते हुए था चुना किसी को जिम्मे पर वो निकल गया सब लेते हुए
Kavi “MaN” खामोश जुबां की बेताबी सुनो कभी तुम ज़रा सी बाहर सिर्फ़ जूठी हंसी है अंदर भरी है उदासी दिल की दस्तक तो तुम सुनो आँखों की नमी जरुरी देखा है कभी तुमने चाँद […]
ज्वलंत “कैराना” मुद्दे पर मेरी चंद पंक्तियां- कहीं से आ बसी हैं दहशतें, ये घर मेरे ख्वाबों का वीराना ना हो जाये, खुदाया इल्तज़ा है तू हिफाज़त कर मेरे दिल की, कहीं बाखौफ़ […]
जीवन धारा यूँ डूब जाता मन, क्षितिज के उस पार, ज्यूँ होता विवश दिनकर, डूबने को बार-बार, ज्यूँ पखारती चाँदनी, तम के घनघोर केश, ऐसे ही भेद जाती, स्मृतियाँ हृदय पटल, पर रश्मि कण बिखेर, […]
Kisi Lamhe ki ehmiyat tab tak nahi hoti, Jab Tag wo Yaad na ban jaye Man main dorhai hui bar-bar wo baat na ban jaye!
Note : इक प्रेमिका इश्क़ मैं धोका खाये जज़्बातों को व्यक्त करती हुई । बदरंगा इश्क़ रंगना था तेरे रंग में, बदरंगा करके छोड़ गए, सदियो के उस वादे को, पल भर में खट्ट से तोड़ गए , जब आये थे अपना बनाने, तब लफ़्ज़ों का पिटारा रहा, उन चिकनी-चुपड़ी बातों ने, मुझको अपना सितारा कहा , वोह डेढ़ चाल शतरंज की थी, इतना तोह मैंने समझ लिया, पर न जाने कब इस रानी को, इक प्यादे ने यूं झपट लिया , वो कहती मेरी सखी-सहेली, न पड फुसलाती चालों में, वो तन्हाई को गोद चलेगा, नोंच के तेरे गालों पे, बेपरवाही ज़ेहन में भर के, सलाहों से मुख मोड़ लिया, रंगना था तेरे रंग में, बदरंगा करके छोड़ दिया , वो रात फ़ोन पे बतलाना, वो बाल मेरे यूं सहलाना, वो नमी भरी इन आँखों को, […]
न जाने वो कौन थे , मोहबत का तवजु दे गए मुझे , न जाने वो हमदर्द कौन थे, लिखी न कभी दास्ताँ दिल की , दिल जला वो दे गए , जाने वो खुदगर्ज़ कौन थे, […]
दिल से दिल की बातें वक़्त निकालने के लिए कभी साथ ज़रूरी लगता था , आज अकेले यादों के सहारे भी जी लेता है , अब न तुम याद आते हो ,न तुम्हारी याद आती है, ये बहती […]
इधर उधर कई मंज़िल हैं चल सको तो चलो बने बनाये हैं साँचे जो ढल सको तो चलो
मेरी ताक़त है मेरा समर्पण असीम अनंत ताक़त पावन प्रणय की तुम्हारे प्रति मेरी अभिव्यक्ति है मेरा समर्पण राधा और श्याम की तरह अहिल्या के राम की तरह मेरा विश्वास है मीरा का श्वास है […]
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