दिल क्या कहता है इस दिल की बात सुनू दिल तो पागल है फिर भी इसके साथ चलू वे मक्शद आवारा पीछे भागा करता है मैं समझ नहीं पाता पागल ये प्यार किसी से करता […]
दिल क्या कहता है इस दिल की बात सुनू दिल तो पागल है फिर भी इसके साथ चलू वे मक्शद आवारा पीछे भागा करता है मैं समझ नहीं पाता पागल ये प्यार किसी से करता […]
Aansuoon Ka Samunder, Gam-e-Judaai Ka Sama Bhi Khoob Fasal-e-Ishq Ka Natija Hai Ye, Har Raat Kati Tanha Tanha……..!!!!
Raat Ki Tanhaai Main Hamne Ek Paigaam Likha Tha Har Kitaab per Uska Naam Sar-e-Aam Likha Tha Roshni Jab Hui To Dekha Hamne Gaur se Panne ko Har Jagah Bas Uska Hi Naam Likha Tha […]
माँ तू कुदरत का करिश्मा है या तेरा करिश्मा है इन्सान कोई भी हो तेरी चाहत तो सबको होती है या इ
हमारे घर से ऑफिस (Office) का रास्ता कुछ 35 मिनट का है 3 सिगनल (Signal) और 64 km का यह रास्ता वही है जो GPS से सीखा है कोई नया मोड़ लेने की ना कभी […]
कहानी जो रक्त न दे सको, तो यह जवानी दे दो… और वह भी तुमको प्यारी हो, तो ज़ुबान ही दे दो… दलदल मैं फसा यह देश, है सहारे की ज़रुरत, ज़रा हाथ लगा कर नवयुग को, प्रेरित करती कहानी दे दो…। – पीयूष निर्वाण
Mukkadar ki har baazi ko humne himmat se maat di hai, Naa haarne ki aisi kasam khayi hai ki khuda ne bhi daad di hai.
मिला कहाँ वह सुख जिसका मैं स्वप्न देखकर जाग गया आलिंगन में आते – आते मुसक्या कर जो भाग गया
Hamari Shakshiyat Ka Takaza Kuch Es Tarah Se Karte Wo Tanhaai-e-Seher ka Wo Banda-e-Gamkhaar Hai Maara Hua Hai Meri Mohobbat Ka Wo Kasam Ishq Ki Wo Mere Husun Ka Talabgaar Hai……….!!!!
Zindagi To Jee Hamne Magar, Ek Ruthee Hue Pal Ki Tarah Jaise Na Koi Apna Ho, Na Koi Paraya Ho……………..!!
Zikar jab hua unki Mohobbat ka Ishq Ke Kai Unkahe Taraane Chid Gaye Kuch Khaamosh Reh Kar Sunte Rahe Kuch Ke Bolne Ke Bahane Chidh Gaye……….!!!! Akas-e-Mehboob Nazar ke Saamne Chaane Laga Rangeen Hua Sara […]
नारों में गाते रहने से कोई राष्ट्रवादी नहीं बन सकता। आजादी आजादी चिल्लाने से कोई गांधी नहीं बन सकता। भगत सिंह बनना है तो तुमको फांसी पर चढ़ना होगा। देश के लिए कुछ करना है […]
अरमानों के पंख लगा मैं, नभ- तल में जो विचर रही, क्या तुम उसका प्रतिफल हो, प्रेम पाश में बाँध रहे क्या, प्रणय का मूक आमंत्रण हो, तुम आकुल मन की व्यथा को, लयबद्ध कर […]
।। बंजारा – गीत ।। : अनुपम त्रिपाठी कोई ख्वाब नहीं, जो ढल जाऊॅं । मौसम की तरह से बदल जाऊॅं ॥ तबियत से हूँ ; मैं ! इक बंज़ारा । कल जाने कहां को […]
Na Kar Dua Durusti Ki, Na Vehem-e-Dil Ki Saugaat Rakh Main Chal Pada Hu Kaarwa-e-Gam Lekar, Lautna Mujhe Pasand Nahi……..!!!!
Jis Ghar Main Maa Ki Ezzat Nahi Hoti Us Ghar Main Kabhi Barkat Nahi Hoti Na Karo Kabhi Apne Maa Ka Apmaan Maa Koi Dikhawe Ki Sohrat Nahi Hoti Jo Karte Hai Apne Maa ki […]
खाकी – खद्दर पहने हुये , इंसान बिकने लगे कोडियों में यहाँ लोगो के,ईमान बिकने लगे ।। कही मुर्दे तो,कही आज शमशान बिकने लगे, चदरों पे खुदा,पत्थरो में भगवान बिकने लगे ।। सब की सब […]
ज़िंदगी मुझसे मैं ज़िन्दगी से ऊब गया रख के जहन में तुझे , मैं तुझे भूल गया !! वो शहर वो गली वो रास्ते सब वही पे है लेकिन छोड़ में मुझे तनहा वो दूर […]
ज़िन्दगी में तजुर्बों की इक किताब रख चेहरे देख परख और उनका हिसाब रख !! मुझे बे-घर कर दिया नींद के फरिश्तों ने सूनी आँखों पे पहले तू कोई ख्वाब रख !! खुद ही खुद […]
आँखों में दर्द की मौजे अब मचलने लगी साँसे ही मेरी अब साँसों को चुभने लगी जब से रुत-ए-बाहर तेरी यादों की आई है जर्द आँसू टूट के आँखें अब उजड़ने लगी न जाने कौन […]
पानी आँखों में ठहरा दिखाई देता है सीने में ज़ख्म गहरा दिखाई देता है अजीब दर्द लिए फिर रहा हूँ सीने में पुराना है मगर हरा दिखाई देता है घर की हर बात सुर्ख़ियों में […]
गुल है बाग़ मे मगर खुशबू नही है जां है बदन मे मगर रूह नही है तेरा होना भी इक हादसा है ग़ज़ब का कि रग रग मे है तू मगर रूबरू नही है।
क्यों रूठे हो तुम हमसे… ? ना तुम याद आते हो ना तुम्हारी याद आती है जिक्र जो करूँ तुम्हारा तो ये बैरन हवा दिल के पन्ने पलट कर चली जाती है छाया तेरी जुल्फों […]
बदलती हुई दुनिया का आइना हूं मैं बदलते है चेहरे तो बदल जाता हूं मै
सुनकर क्या तुम भला करोगे मेरी भोली आत्म कथा ? अभी समय भी नहीं , थकी सोई है मेरी मौन व्यथा
छोटे से जीवन की कैसे बड़ी कथाएँ आज कहूँ ? क्या यह सही नहीं की औरों की सुनता मैं मौन रहूँ ?
वो प्यार कर रही थी अपने लबों से मेरे होंठों पर इजहार कर रही थी मुझसे कभी रुखसत न होना ऐसे वादे हजार कर रही थी …………………….. अनूप हसनपुरी
तू कोरा पन्ना है मैं तेरी लिखावट बन जाऊँगा तू मेरी कलम के शब्द बन जाना मैं तेरे शब्दों की किताब बन जाऊँगा तू गुलाब के फूल बन जाना मैं तेरे घर की सजावट बन […]
Note: एक छोटी सी कविता यह दर्शाते हुए की किस तरह एक भीड़ दंगो का रूप ले लेती है और कौन उसे इतना भड़काता है बर्बरता वोह बोले हमसे वार करो, न चुप बैठो प्रहार करो, जो औरत, बूड़े, बच्चे आये, टूकड़े तुम हज़ार करो । आतंकी रथ सवार करो, और मृत्यु का प्रचार करो, यमलोक भी थर-थर कांप उठे, ऐसा भीषण नरसंहार करो । असुरो को त्यार करो, और मानवता की हार करो, धरती का धड़ चीर-फाड़ के, नर्क का तुम आविष्कार करो । विवेक का भहिष्कार करो बर्बरता का विस्तार करो सत्ता पर हम जड़े जमा लें, सपना तुम साकार करो । -पियूष निर्वाण
आज वक़्त है कि हम ज़मी पर है गिरे! वरना हम भी कभी आसमानो में थे उड़े!!
बारिश की हर वो बूँद तेरे चेहरे पर,सृंगार करेगा क्या सोना तुझे देख उस दिन मैने जाना,क्या खूब है बारिश का होना
Na khushiyon ki bahaar, Na ghamon ka dariyaa hai… Zindagi aur kuch nahi, bas apna apna nazariyaa hai…
Raah Chalte Hue Bas Main Ye Sochta Hu Meri Kishti-e-Mohobbat Ko Koi Kinaara Milega Doob Jaaunga Main es Gam Ke Saagar Main Ya Mujhe Khusiyoon Ka Koi Haseen Sahara Milega……!!!!
Tujh Se Bichad Kar Ab Main Sochta Kya Hun Bas Etna Ke Main Tera Ab Lagta Kya Hun Sochte Hai Zamane Wale Mujhko Bura Aadmi Na Jane Main Sabse Aisa Bolta Kya Hun Tujh Se […]
हसरतें हैं, चाहते हैं और हैं ख्वाहिशें, ज़िन्दगी के रंग बिरंगे बुलबुले खुशनुमा है,खुशफहम है,फिर भी है गर्दिशें, दोस्ती है, है मुहब्बत, साथ फिर भी रंजिशें, खौफ है,और मौत है और हैं यूरिशें, फिर भी […]
चंचल , अल्हड़ , बेपरवाह , बेफिक्र , यह इश्क़ है। प्रीतम क़े जाने पर जो प्रेयसी को कर दे बाबरा , यह इश्क़ है। जिसके दम पर मीरा जहर का प्याला बेहिचक पी गई […]
Uski Berukhi Ka Asar Hamare Dil Per Bas Etna Hua Hai Logo…..!! Pehle Talab Thi Talash-e-Sanam Ki Ab Maut-e-Aarzoo Hai Dil Main…..!!!!
Sochta Hu Ab Badal Du Main Faislaa-e-Dil Apna…..!!!! Ke Na Ab Dil Ki Wo Hakikat Hai Na Ab Ishq Ka Wo Fasana Hai…..!!!!
Saamne Se Nazrain Churaa Kar Chale Jana Aur Saath Main Chaahat-e-Dil Ka Dikhawa Bhi Khoob Hoti Hai Ye Bewafai-e-Ishq Kasam Se Aur Saath Main DIl-e-Apnapan Ka Dikhawa Bhi Khoob……!!!!
खुश नहीं मैं यूँ जलकर दोस्तों, मैं भी एक बूँद जल को तरसता हूँ !! रात की खामोशियों में रखता धीरज हूँ, मैं ही तो वो जलता सूरज हूँ !!
मुझको अब ये भी खबर नहीं सहर कब शब में ढलती है, वो इन्तेज़ार के हाथों सौंपकर मेरे दिन के चारों पहर गए |
ज़िंदगी ज़िन्दा है मुझमें मौत ले गई बस वो चोला सांस वही, थी जो उसमें थम के फिर अब चलने दो
Na Ahsaas-e-Dard Dil Main Na Apnepan Ka Koi Ahsaas…..!!!! Log Laat Marte Chalte Hai Raaste Ka Ek Patthar Hu Main…..!!!!
एक टीस सी है उठती, जिगर में सुलगती, न बुझती, न जलती, जैसे कोई चिंगारी, तिनके की आस में, हो हवा की तलाश में । एक धुन्ध सी है, जो छँटती नहीं, जैसे हो अनसुलझी […]
देश बना बाज़ार अब, चारो ओर दुकान राशन है मँहगा यहाँ, सस्ता है ईमान राजा- रानी तो गए, गया न उनका मंत्र मतपेटी तक ही सदा, रहा प्रजा का तंत्र सर्वाहारी क्यों इसे, बना दिया […]
डूब वहाँ, मोती जहाँ, कंकड़ मत तू छान सुख-माणिक का सिंधु बस, राम नाम ही जान “मैं”, “मेरा” ही जगत में, सब कष्टों का मूल “तू”, “तेरा” वह मंत्र जो, काटे कष्ट समूल माया वह अंधी गली, […]
तुम नहीं हो पास तो कुछ भी नहीं है! मैं हूँ कहीं मेरी #जिन्दगी कहीं है! खोजता हूँ अपने वजूद को मगऱ, तुम हो जहाँ मेरी मंजिल़ वहीं है! Composed By #महादेव
तन कुँआ मन गागरी, चंचल डोलत जाय ! खाली का खाली रहे, परम नीर नहिं पाय !! मोती तेरा नूर मैं, देखूं चारों ओर ! धरती नभ चारों दिशा, तू ही तू ही सब […]
तन कुँआ मन गागरी, चंचल डोलत जाय ! खाली का खाली रहे, परम नीर नहिं पाय !! मोती तेरा नूर मैं, देखूं चारों ओर ! धरती नभ चारों दिशा, तू ही तू ही सब […]
ह्रदय में ताला कहाँ लटकता ,मन में केवल भ्रम पलता है | आश्वासन में दुनिया चलती ,आमंत्रण मरण मात्र बेचैनी | नजरें मंजिल पर टिकी हुई ,संवाद हकीकत हो जाता है | स्याही सूख गई […]
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