ढूंढने से ही मिलता है, पर रस्ता ज़रूर होता है; जो महँगा होता है कभी, वो सस्ता ज़रूर होता है!!…..#अक्स
ढूंढने से ही मिलता है, पर रस्ता ज़रूर होता है; जो महँगा होता है कभी, वो सस्ता ज़रूर होता है!!…..#अक्स
मेरी नजर में आप जो आए हुए हैं! ख्वाब़ फिर से आरजू सजाए हुए हैं! नहीं है कोई जाँम न मयकशी’ मेरी, मस्तियों से आज हम डगमगाए हुए हैं! Written By #महादेव
मैं कभी-कभी निकलता हूँ जमाने में! शाँम-ए-गुफ्तगूं होती है मयखाने में! #पैमाने थक जाते हैं सब्र से मेरे, वक्त तो लगता है ख्वाब को जलाने में! Written By #महादेव
दिल-ए-ज़िगर …… मेरी गुस्ताखिॅया अंदाज़–ए–इश्क थी मेरी मेरी शोखियाँ दीदारे–ए–खुदा थी तेरी मेरी वही दिल-ए-ज़िगर की शोखी पे क्यों आज बिखर गये सब जज़्बात कहीं ऐसा तो नहीं, तू आज इंतज़ार में था […]
ღღ__ख्वाहिश है इश्क की, और वो भी सुकून के साथ; . तुम भी ना साहब, कभी-2 अच्छा मजाक करते हो !!……#अक्स .
वो जो हमसे नाराज बैठे है नजरों को हमसे हरबार फ़ैर लेते है लौट आती है सदाएं हमारी हर दफ़ा क्यों जानकर हमारी जान लेते है
Entry for “Poetry on Picture Contest” ღღ_हर लम्हा, हर लफ्ज़, बस एक ही आरजू; अरे, दुनिया में बस वही, एक इंसान थोड़े है! . याद करते रहते हो, रात-रात भर उसको; अरे, सुबह को उसके […]
जाती हुई ठण्ड, पछिया हवा के थपेड़े, किसी रूठी हुई प्रेमिका की तरह का दिन, दोपहर जैसे खामोश और चिरचिरा, न कुछ बोलता न कुछ सुनना ही चाहता ! वो दूर खेतों में मक्के मटरगस्ती […]
इसे बेनाम ही रहने दो, कोई नाम न दो वर्ना बेवजह दिल में कई सवाल उठेंगें उन सवालों का जबाव हमारे पास नहीं सिर्फ़ अहसास है हमारे पास, जो लफ़्जों में ढलते ही नहीं लफ्जों […]
मन बहलाने को कोई निशानी भेज दो नींद नहीं आती कोई कहानी भेज दो ….. संजीदा रहूँ हमेशा तेरी यादों में मेहरबान बन कोई मेहरबानी भेज दो…. भा गया कुछ यूँ दिल को तेरा अपनापन […]
तेरी बँदगी ने ज़िन्दगी का फलसफा रोशन कर , जीने का रास्ता आसान कर दिया हर शय में दिखा ख़ुद को , यूई का ख़ुद से खुदाई का सफर , इक पल में तमाम कर […]
ღღ__दिल तो करता है कभी-2, तेरी यादों को ज़हर दे दूँ साहब; . फिर सोंचता हूँ, भला ये भी, कोई उम्र है ख़ुदकुशी करने की!!….#अक्स . .
जो आज है वो कल न होगा! गमों का पल हरपल न होगा! मिलेगी रोशनी कदमों को, दर्द का कोई सकल न होगा! तुम्हारे लब पर नाम मेरा जब आएगा! गुजरा हुआ मंजर […]
ღღ_हर लम्हा, हर लफ्ज़, बस एक ही आरजू; अरे, दुनिया में बस वही, एक इंसान थोड़े है! . याद करते रहते हो, रात-रात भर उसको; अरे, सुबह को उसके बारे में, इम्तिहान थोड़े है! . […]
इस वीराने में अचानक बहार कहां से आ गयी गौर से देखा तो ये महज़ इज़हार ए तसव्वुर था
ए मालिक क्यों ना कुछ कमाल हो जाए , ऐसा अपनी दुनिया में ध्माल हो जाए , हर शैतान इंसानीयत का कायल हो जाए द्वैत की उलझन सलट, सब […]
सोच कर यह , ख़ता दर ख़ता किए जा रहे हम , प्यार में तो वोह मिलने से गए , सजा देने ही शायद आ जाएँ लौट कर […]
तेरी यादों के कागज को , छुपा रखा है , अपनी पलकों से थोड़ा पीछे , कहीँ सालों से बह्ते आँसू , इनको गीला कर , धुँधला ना कर दे […]
गम–ए–इशक में डूब कोई मरीज–ए–मोहब्बत ना बच पाया रफ्ता रफ्ता सरकती मौत देखी यूई ना मर पाया ना जी पाया …… यूई
मेरा हमसफर जबसे दूर हो गया है! ख्वाब हसरतों का मजबूर हो गया है! घेरती हैं मुझको #तन्हाईयाँ मेरी, आईना उम्मीद का चूर हो गया है! Written By #महादेव
जब भी तेरी यादें पलक खोलती हैं! कश्तियाँ ख्वाब की साँसों में डोलती हैं! लफ्ज़ तोड़ देते हैं खामोशी अपनी, #मंजिलें भी तेरा ही नाम बोलती हैं!
मुझे चाहतों का मिल गया ईनाम है! डरा-डरा सा हर ख्वाब का पैगाम है! अरमान कुचल रहे हैं दर्द के कदम से, किसी की याद में मयकशी हर शाँम है! तेरी चाहत का […]
ღღ__अक्सर खुद ही खुद से बाज़ियॉं, खेलता रहा साहब; . डर तो अब लगता है, जब खुद को हार बैठा हूँ !!…..#अक्स .
है हर तरफ़ शोर तबाही का गुमराह है रूह, दबी हुई सी कहीं डूब गया है सूरज उम्मीद का लफ़्ज ढूढ रहे है बसेरा तबाही में कहीं
ღღ__कशिश आज भी वही है, और शिद्दत भी वही है “साहब”; . महज़ ख्वहिशों का तेरी, “अक्स” बदला हुआ सा लगता है!!……#अक्स .
माँ–बाप की लाडो ज्यौं जोगि छोड़े दुनिया को त्यों अपनी दुनिया छोड़ आई हूँ मैं तेरी जोगन हो आई हूँ अपना व्याह रचा आई हूँ बाबुल का आँगन सूना कर तेरा स्वारन चल […]
नींद की चाहत तो नही होती , बस इक आस सी रहती है , कम्बख्त आ जाए तो शायद , ख्वाब में ही मुलाकात हो जाए […]
गर जमाने ने किया होता , कसम ख़ुदा की, सब कर गुजरते हम I अफसोस यह खंजर उन हाथों ने मारा जिनको ता–उमर दुआओं में चूमते रहे हम I […]
बवंडर तन्हाई और दर्द के भी ना गिरा सके एक अश्क जिनमें बरसों बाद तेरी एक आवाज़ ने क्यों छलका दिए पैमाने उनमें […]
ღღ__आज भी तुमको, झूठ बोलना नहीं आता “साहब”; . कि ठीक होने में, और कहने में बहुत फर्क होता है!!……#अक्स .
इस बार बादलो को खोजा हैं पहले खुद छा जाते थे इस बार शब्दों को ढूंढा है पहले खुद आ जाते थे बेतुके से लगने लगे अपने ही शब्द ये देख कर में रह गया […]
शरारतें की है बहुत जिंदगी में हमने अब जिंदगी है जो शरारत करती है
कोई अपना बनाना चाहता है! मुझे दिल से लगाना चाहता !! जीस्त को देके गहरा प्यार यारो! मुद्दतो फिर भुलाना चाहता है!!
अब मेरी दुआओं का असर, जम गया है I अब मेरे लिए, वक्त थम गया है I अब तुमसे मिलने का, कोई तय वक्त नहीँ I तेरी बन्दगी करने का, कोई तय सलीका नहीँ I […]
यह ज़िंदगी दी है तुझे, कुछ कर आने के लिए मेरी इस दुनीया को, कुछ और सजाने के लिए यह ज़िंदगी दी है तुझे, जीने के लिए मेरी बनायी हर शय से, प्यार निभाने के […]
ღღ__सज़ा में एक ही लफ्ज़ है, तेरे हर इक गुनाह का मेरे पास; . कि तुम इतने मासूम हो साहब, जाओ “माफ” किया तुम्हें!!……#अक्स . .
जब लबों से दिल की बात नहीं होती! धड़कनों की कोई रात नहीं होती! कदम फिर रूकते नहीं ख्यालों के, जब किसी से मुलाकात नहीं होती! क्या होता है जब तुम पास नहीं […]
Jaane kyu———–?? logg yahaa pe hote betab,saath paane ko ye zindagi to hai kewal aane–jaane ko sunaa hai Maine buzurgo se padhaa hai Maine grantho mei aana–jaana akelaa hotaa hai phir,kis baat ka mela hotaa […]
पछताओगे तुम, रुसवाईयां करोगे गर छोड दिया हमने तेरी गलियों मे आना कभी तुझसे मुश्ते-मोहब्बत मांगी थी, कोई कोहिनूर नहीं बस तेरे दीदार की दरकार थी चश्मेतर को कभी भर गये पांव आबलो […]
!!!!! SAGAR KE DIL SE !!!!! kehne ko sab saath hai par nazar koi aata nahi aisa payar nibhaya apno ne ki dard ab dil se jaata nahi paas hi hote hai agar sab tau […]
होते ही शाँम मैं किधर जाता हूँ? जुदा ख्यालों से मैं बिखर जाता हूँ! होता है खौफ यादों का इसकदर, जाँम की महफिल में नजर आता हूँ! यूँ न मुस्कराओ तुम नजरें बदलकर! नीयत […]
ღღ__मेरे होंठों पे आज भी, कायम है तेरी खुशबू; . इनपे भला शराब का, अब असर कहाँ होगा !!…….#अक्स .
!!!! SAGAR KE DI SE !!!! Kisi ko chorne aaya tha Aaj shamsaan main Dil main khayaal aaya Ki khud ko yahi chor jaaun Phir se khayal aaya Apne sukh ke liye kaise apno ko […]
अब कलम उठायी है तो कुछ लिख देते है वर्ना जिंदगी किसी कहानी से कम नहीं
तेरी तस्वीर के आगे सर झुका नही सकती बोझिल पलकेँ मै उठा नही सकती…!!! मज़बूरी का आलम ये कि इस बुझती शम्मा को फ़िर से मै जला नही सकती…!!! रश्मिजैनRJ®
गणतंत्र है हम देश सबका। आते इसमें हम सारे हर जाती हर तबका।। सोई हुई ये देशभक्ति सिर्फ दो ही दिन क्यूँ होती खड़ी। एक है पंद्रह अगस्त और दूसरा छब्बीस जनवरी।। देश […]
मत पूछो हालत मेरे हालात की! सहर कब होगी मेरे गम-ए-रात़ की? ना-काफी है गुफ्तगूं अब नजरों से, तड़प जागी है फिर से मुलाकात की! Written By #महादेव
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