दिल-ए-ज़िगर ……              मेरी गुस्ताखिॅया अंदाज़–ए–इश्क थी मेरी मेरी शोखियाँ दीदारे–ए–खुदा थी तेरी मेरी वही दिल-ए-ज़िगर की शोखी पे क्यों आज बिखर गये सब जज़्बात   कहीं ऐसा तो नहीं, तू आज इंतज़ार में था […]

जाती हुई ठण्ड, पछिया हवा के थपेड़े, किसी रूठी हुई प्रेमिका की तरह का दिन, दोपहर जैसे खामोश और चिरचिरा, न कुछ बोलता न कुछ सुनना ही चाहता ! वो दूर खेतों में मक्के मटरगस्ती […]

इसे बेनाम ही रहने दो, कोई नाम न दो वर्ना बेवजह दिल में कई सवाल उठेंगें उन सवालों का जबाव हमारे पास नहीं सिर्फ़ अहसास है हमारे पास, जो लफ़्जों में ढलते ही नहीं लफ्जों […]

मन बहलाने को कोई निशानी भेज दो नींद नहीं आती कोई कहानी भेज दो ….. संजीदा रहूँ हमेशा तेरी यादों में  मेहरबान बन कोई मेहरबानी भेज दो…. भा गया कुछ यूँ दिल को तेरा अपनापन […]

तेरी बँदगी ने ज़िन्दगी का फलसफा रोशन कर , जीने का रास्ता आसान कर दिया हर शय में दिखा ख़ुद को , यूई का ख़ुद से खुदाई का सफर , इक पल में तमाम कर […]

जो आज है वो कल न होगा! गमों का पल हरपल न होगा! मिलेगी रोशनी कदमों को, दर्द का कोई सकल न होगा!     तुम्हारे लब पर नाम मेरा जब आएगा! गुजरा हुआ मंजर […]

ღღ_हर लम्हा, हर लफ्ज़, बस एक ही आरजू; अरे, दुनिया में बस वही, एक इंसान थोड़े है! . याद करते रहते हो, रात-रात भर उसको; अरे, सुबह को उसके बारे में, इम्तिहान थोड़े है! . […]

      ए मालिक क्यों ना कुछ कमाल हो जाए ,       ऐसा अपनी दुनिया में ध्माल हो जाए ,       हर शैतान इंसानीयत का कायल हो जाए        द्वैत की उलझन सलट, सब […]

तेरी यादों के कागज को ,   छुपा रखा है ,   अपनी पलकों से थोड़ा पीछे ,   कहीँ सालों से बह्ते आँसू ,   इनको गीला कर ,   धुँधला ना कर दे […]

गम–ए–इशक में डूब कोई        मरीज–ए–मोहब्बत ना बच पाया रफ्ता रफ्ता सरकती मौत देखी        यूई ना मर पाया ना जी पाया                                                                                …… यूई

मुझे चाहतों का मिल गया ईनाम है! डरा-डरा सा हर ख्वाब का पैगाम है! अरमान कुचल रहे हैं दर्द के कदम से, किसी की याद में मयकशी हर शाँम है!     तेरी चाहत का […]

माँ–बाप की लाडो   ज्यौं जोगि छोड़े दुनिया को त्यों अपनी दुनिया छोड़ आई हूँ मैं तेरी जोगन हो आई हूँ अपना व्याह रचा आई हूँ   बाबुल का आँगन सूना कर तेरा स्वारन चल […]

      नींद की चाहत तो नही होती ,       बस इक आस सी रहती है ,       कम्बख्‍त आ जाए तो शायद ,       ख्वाब में ही मुलाकात हो जाए                                               […]

गर जमाने ने किया होता ,              कसम ख़ुदा की, सब कर गुजरते हम I अफसोस यह खंजर उन हाथों ने मारा              जिनको ता–उमर दुआओं में चूमते रहे हम I          […]

इस बार बादलो को खोजा हैं  पहले खुद छा जाते थे  इस बार  शब्दों को ढूंढा है  पहले खुद आ जाते थे  बेतुके से लगने लगे  अपने ही शब्द  ये देख कर में रह  गया […]

यह ज़िंदगी दी है तुझे, कुछ कर आने के लिए मेरी इस दुनीया को, कुछ और सजाने के लिए यह ज़िंदगी दी है तुझे, जीने के लिए मेरी बनायी हर शय से,  प्यार निभाने के […]

जब लबों से दिल की बात नहीं होती! धड़कनों की कोई रात नहीं होती! कदम फिर रूकते नहीं ख्यालों के, जब किसी से मुलाकात नहीं होती!     क्या होता है जब तुम पास नहीं […]

पछताओगे तुम, रुसवाईयां करोगे गर छोड दिया हमने तेरी गलियों मे आना कभी   तुझसे मुश्ते-मोहब्बत मांगी थी, कोई कोहिनूर नहीं बस तेरे दीदार की दरकार थी चश्मेतर को कभी   भर गये पांव आबलो […]

होते ही शाँम मैं किधर जाता हूँ? जुदा ख्यालों से मैं बिखर जाता हूँ! होता है खौफ यादों का इसकदर, जाँम की महफिल में नजर आता हूँ!   यूँ न मुस्कराओ तुम नजरें बदलकर! नीयत […]

तेरी  तस्वीर  के  आगे  सर  झुका  नही  सकती  बोझिल  पलकेँ  मै  उठा  नही सकती…!!! मज़बूरी  का  आलम  ये  कि  इस  बुझती  शम्मा  को  फ़िर  से  मै  जला  नही  सकती…!!! रश्मिजैनRJ®

गणतंत्र है हम देश सबका। आते इसमें हम सारे हर जाती हर तबका।।   सोई हुई ये देशभक्ति सिर्फ दो ही दिन क्यूँ होती खड़ी। एक है पंद्रह अगस्त और दूसरा छब्बीस जनवरी।।   देश […]

मत पूछो हालत मेरे हालात की! सहर कब होगी मेरे गम-ए-रात़ की? ना-काफी है गुफ्तगूं अब नजरों से, तड़प जागी है फिर से मुलाकात की! Written By #महादेव