ღღ__कब तलक भटकोगे आखिर, महज़ सुकून की तलाश में; . ये वो शै है “साहब”, जो शायद तेरे नसीब में ही नहीं !!……#अक्स .
ღღ__कब तलक भटकोगे आखिर, महज़ सुकून की तलाश में; . ये वो शै है “साहब”, जो शायद तेरे नसीब में ही नहीं !!……#अक्स .
रख दो तुम मेरे लिए दुनिया भर के सोने-चांदी , पर मैं ना छोड़ू अपने सईयां की डोर। प्रेम के मंदिर में यह पुजारन उनकी पूजा है कर रही , प्रेम के मनके चुन चुन […]
ღღ__आरजू मौत की नहीं लेकिन, अब जी के भी क्या करना है; . ज़िन्दगी जी भर के यूँ जी है, कि अब ‘जी’ भर गया शायद!!…..#अक्स . .
हादसे इसकदर कुछ हो गये हैं! गम-ए-हालात से हम खो गये हैं! हसरतें बिखरी हैं रेत की तरह, ख्वाब भी पत्थर से कुछ हो गये हैं!]
साँसों की आरजू मचलने दो! रोशनी चाहतों की जलने दो! नज़र में आयी है याद तेरी, सरहदें ख्वाबों की पिघलने दो! हादसे इसकदर कुछ हो गये हैं! गम-ए-हालात में हम खो गये हैं! […]
शाम अब ऐसी लगती है जैसे बीते दिन का पुराना अखबार रखा हो ना कोई नयी खबर है… ना कहने को कोई किस्सा… ना धूप सुनहरी लगती है.. ना रात स्याह… सब कुछ फीका सा […]
जब भी मैं तुझसे कहीं पर मिलता हूँ, सोचता हूँ कि कम से कम आज तो, तेरे आँचल में सर रख कर तुझको निहारता हूँ, इसी तमन्ना में अक्सर मेरा तुझको यूँ ही देखना, मेरे […]
ღღ__मौत को भी आखिर, गुमराह कब तलक करते; . ज़िन्दगी छोड़ दी हमने, हर लम्हा तुम्हारा करके !!…….#अक्स
आकाश से आती हैं जेसे ठंडी ठंडी ओस की बुंदे। नन्हे नन्हे बच्चे आते हैं आँखे मूंदे।। इन बूंदों को सँभालने वाली वो कोमल से पत्तियां। बन जाती है नजाने क्यों जीवन की आपत्तियां।। गोद […]
बारिश के मौसम मे अकसर अदरक वाली चाय की खातिर…. हल्की सी एक “walk” लेकर… “कॉलेज” की “कैंटीन” तक हो आते थे दोनो… चाय क्या थी एक बहाना था तुम्हे जी भर के देख लेने […]
तुम आहिस्ता से पर्दे खोल देना सुबह खिड़की के…. मैं बन के धूप चौखट से तुम्हारी छन के आऊँगा… जब पंछी चहचायेंगे तुम्हारे घर के आँगन मे… जरा तुम गौर से सुनना मेरी आवाज मिलेगी… […]
हमारे जीवन की कविता कहानी सी हो गयी है चली जा रही है, बिना किसी लय के, बिना किसी तुक के
सूना था वक़्त रुकता नहीं, बहता है, बदलता है, बस राह अपनी; जाने कब खो गए वो दिन प्यारे जाने कब छूट गए वो लोग सारे, बच गई तो बस कुछ एहसास न्यारी, रूठ गई […]
दीदार-ए-नजर जो हो गयी है! आज कयामत़ सी हो गयी है! हसीन लम्हों में उलझा हूँ मैं, जिन्दगी ख्वाबों में खो गयी है! जी रहा हूँ मैं तेरी यादों को लेकर! दर्द़ बन गया हूँ […]
बूँद बारिश की यादें ले आयी है! चाहतों की फरियादें ले आयी है! करवटें फिर ले रही है रात मेरी, दिल में तेरी #इरादें ले आयी है! Written By #महादेव
तुम्हारे लब पर नाम मेरा जब आएगा! गुजरा हुआ मंजर तुमको नज़र आएगा! #बिखरे हुए अफसाने घेरेंगे इसतरह, दर्द का समन्दर पलकों में उतर आएगा! Written By #महादेव
ख्वाबों के दरमियाँ सवाल आ गये हैं! नाकामियों के फिर ख्याल आ गये हैं! उठ रहीं हैं लहरें इसकदर यादों की, दर्द बनकर सूरत-ए-मलाल आ गये हैं!
मन तुम्हारा गीत सा , पावन सुरीला ! तन मधुर मकरंद से, आवेष्टित ! भाव का भ्रम जाल है, चारो तरफ! कामनाओं से भरी, मनुहार हो तुम! स्वप्न का संसार हो तुम !! आर्य हरीश […]
Arz hai …… Aapas mei hi sbb footne lage hain Ekk- doosare ko lootne lage hain.. Auro se abb drr kahaa lgtaa hai–?? Apne hi apno prr bhaukkne lage hain. Lajaane lagi hai lajja bhi.. […]
ღღ__ज़िन्दगी भी कुछ ऐसे ख्याल में गुजरी; जैसे शब्-ए-फुरकत किसी मलाल में गुजरी !! . जिसमें इश्क़, हो जाता है बे-वजह; वो उम्र तो बस, अभी हाल में गुजरी !! . क्यूँकर हसीन सपने, देख […]
इक नज़्म है जिसे हरपल गुनगुनाता हूँ कोरे कागज पै स्याही सा बिखर जाता हूँ हर्फ़ हालातों में ढलकत कुछ कह देते है कोई सुनता है तो मैं संवर जाता हूँ कोई साखी है तेरे […]
आँखे तुझ पर थम गई जब तुझको बहते देखा। सोच तुझमे रम गई जब तुझको सेहते देखा ।। अपनी कलकल लहरों से तूने प्रकृति को संवरा है। सबको शरण में लेती माँ तू तेरा ह्रदय […]
हो गये थे हैरान नैरंगे-नज़र देखकर मिल जाता सुकुन ग़र जो इनसे पी लेते कभी
दिल की दीवारों पे क्या लिखा है तुझे क्या पता इन पर सर टकरा कर, ना जाने कितने खाक हो गये
सब हर्फ़ों का खेल है इस खलक में कुछ जख़्म देते है, कुछ मरहम लगा देते है
सॉझ को आखिर सुख का सवेरा कब तक लिक्खूं ! उजियारे को घोर अंधेरा कब तक लिक्खूं !! चारो तरफ है घोर निराशा फिर भी आशा लिख देता हूं ! सारे सुखों पे दुःख का […]
ღღ___हाँ ये सच है की हम जागेंगे, उम्र-भर तन्हा तेरे बगैर; . मगर नींद तुझको भी नहीं आएगी, किसी और की बाँहों में!!…..#अक्स .
ये माना कि ; मैं तेरा ख्बाब नहीं हूँ । मगर फिर भी ; इतना ख़राब नहीं हूँ ।। नशे–सा मैं; चढ़ता–उतरता नहीं । सुराही सब्र की हूँ ; शराब नहीं हूँ ।। मुझे पता […]
फिर वही अफ़रा– तफ़री; उच्च—स्तरीय मीटिंग । गूंगे–बहरे–लाचारों की; देश के साथ : चीटिंग ।। फिर कोरी धमकी की भाषा; रोज़ नया खु….. ला…..सा। फिर से मुर्दा चेहरे चमके; देते खूब दि….ला…..सा।। फिर बूढों के […]
!!!! SAGAR KE DIL SE !!!! Mazzar thi wo ik aashik ki Shayad issi liye wahan jaa kar Mujhe bahut skoon milta hai @@ SAGAR @@
!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!! kaise kahun tere iss dard ka koi illaaz nahi kaise kahun teri mohabbat ka mere paas jawab nahi par phir bhi chor dun tujje marne ke liye isske liye […]
!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!! Kabhi ishq tha humme bhi Mohabbat se Ab taras aata hai humme Uss ishq pe @@ SAGAR @@
ღღ___अब ये कैसे कह दूँ “साहब”, कि खुशनसीब नहीं हूँ मैं; . आखिर एक अरसे से उसको अपना, नसीब कहता रहा हूँ मैं !!…. #अक्स
Hey Bhaarat bhoomi— kyu sooni– sooni aaj teri pehchaan hai fiki fiki si shaan hai pehle tu gulaam thi— aaj ho rahi neelaam hai- kataare lambi ho rahi hai sattaa ke deewano ki– bhesh majnoo […]
चार दीवारे और इक छत, इत्ता सा था घर मेरा भूखी जमीन आज उसे भी निगल गयी
Par hum to jiyenge… Tum kitni bhi dastaan likho, par hum to jiyenge. Tum lakh koshishe karo, par hum to jiyenge, Tum hazaaron bandishe lagao, par hum to jiyenge, Tum humein bediyaan pehnao, par hum […]
ღღ___कोई ताबीज़ आता हो, तो पहना दो मुझको “साहब”; . तुम्हारे इश्क़ का जूनून, अब सर से उतर रहा है !!…….#अक्स .
रुकते नहीं वो काफिले कितने चले कितने रुके ये न हम से पूछिए चल पड़े जो बाँह थामें रुकते नहीं वो काफिले | अक्षरों को जोड़ने में हिस्सा हमारा भी रहा इस अधूरी पटकथा में […]
जब तक रहेगा हिंदू मुसलमान जहॉ में ! रोयेगा फूट फूट के इंसान जहॉ में!! आओ गिरा दें मजहबी दीवार जहॉ से ! हो जाय ज़रा सत्य का सम्मान जहॉ में !!
दिन आ रहे मधुमास के शीत है भयभीत खुशनुमा वातावरण ले रहा अँगड़ाइयाँ तोड़ हिम के आवरण कह गई कोकिला कान में कुहास के दिन आ रहे मधुमास के | गुनगुनी सी धूप होगी मधुभरी […]
कभी वो कुछ कहते है, कभी हम कुछ कहते है हमारे रिश्ते चंद लफ़्जों में अक्सर महफ़ूज रहते है
ღღ___मैं हँस रहा था जिस लम्हे में, बस अभी-2 तो गुज़रा है; . और लोगों से सुना है, गुज़रा हुआ वापस नहीं आता !!……#अक्स . .
hum pagal hi to the janaab, jo unhe apna samjhne ki bhool kar gaye….. wo humhein begaana keh kr chale gaye huzoor, anchaha dard diya humein, magar ye kya! hum to use bhi khushi khushi […]
कितनी बातें अनकही रह जाती है कितने लम्हे बिना जीए ही बीत जाते है सोचते सोचते दिन महीने साल धीरे धीरे सब गुजर जाते है
ღღ__तुमने रोका है इनको “साहब”, या हम भूलने लगे हैं अब; . कि अब ख्याल भी तेरे, हमसे मिलने नहीं आते !!………#अक्स
कुछ लोग कह रहे हैं ज़माना बदल गया ! नज़रें बदल गई हैं निशाना बदल गया !! मुद्दत की अपनी लाश है पहचानिए ज़रा ! केवल कफ़न नया है पुराना बदल गया !! आर्य हरीश […]
वर्ष कलैंडर शाल हैं बदले ! किंतु न अपने हाल हैं बदले !! नये साल का शोर करो मत ! पेड़ों ने बस छाल हैं बदले !! थोड़ा चतुर हुई क्या मछली ! मछुवारों ने […]
Shahaadatt ki Lekhni se ——— likhi gyi Aazadi ki daastaan Yaad rahega un veer sapooto ka balidaan katra– katra khoon se seenchee mitti Hindustan ki badhte gye aage hrrdm— parwaah kiye binaa Jaan ki zarrra– […]
ღღ___कुछ इस तरह से आकर, गम लिपट रहे हैं मुझसे; . कि जैसे हर एक दरिया, समन्दर से जाके मिलता है!!……#अक्स
!!!! SAGAR KE DIL SE !!!! EK dil hi tau tha Jisse samaj na paaya koi Ek ehsaas hi tau tha Jisse mahsoos na kar paaya koi Ek insaan hi tau tha Jisse apnaa na […]
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