aaj Shaam yun hi Tanha Baith kar Tere Baare mein Socha to hai bheegti barishon ko aanshu-wo se bheega-kar un bheege paloon ko pukara to hai Bahti hawaon, Sagar ki Lahron pe Tere […]
aaj Shaam yun hi Tanha Baith kar Tere Baare mein Socha to hai bheegti barishon ko aanshu-wo se bheega-kar un bheege paloon ko pukara to hai Bahti hawaon, Sagar ki Lahron pe Tere […]
!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!! Ik dastoor tha zindagi hum nibhate chale gaye jo paraye thay unko bhi apna banate chale gaye bari shiddat ke saath nibhaya hummne har rishte ko phir na jaane […]
थोड़े हम अमीर थे एक दिल के थोड़े हम गरीब थे एक दिल के थोड़ा मुस्कुराते थे टुकड़ों में थोड़ा गुनगुना लेते थे मुखड़ों में कभी सौदागर थे हंसी के कभी रो लेते थे पीछे मुड़ के कुछ बदनाम हैं दर्द […]
!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!! jalte hue diye ko dekh kar socha ki isse tau sab ne dekha jalte hue ! aur main bina kisi ke ahsaas kiye khaak aur raakh hota chala gaya […]
न चिराग नजर आता है, ना आफ़ताब नजर आता है भीड है चारों तरफ़ मगर, ना कोई इंसान नजर आता है रंगो की ख्वाहिश थी इस दिल को दुनिया मे बिखेरने क़ि क्या करे रंगीन […]
!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!! zindagi ke har mor par khayal rakhna har waqt apno par nazar rakhna kis mor par koi chor jaaye saath tumhara bas apno main paraayo ki pehchan rakhna @@ […]
कुछ कमाल की बात है उनकी आवाज में कभी कोयल सी मधुर लगती है कभी बिजली की कडक सी कर्कश तो कभी बूंद बनकर बरसती है मेरे सूखे पडे ह्रदय में कभी बहा कर ले जाती […]
लड़कपन की बात ही कुछ और थी, तब तो मेरी भी आँखों में सपने सुहाने थे ! हाथों में हाथ डाल कर, सीखेगी दुनिया हमसे प्यार करना, कुछ ऐसे वादे हमारे थे! चलता तो रहा […]
!!!!! SAGAR KE DIL SE !!!!! Jab itne kareeb ho koi tau ahsaas kyoun ho door hone ka aur jab door ho jaaye koi tau ahsaas kyoun karna kareen ka jo apna hai wo door […]
!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!!! hum tau udaasiyon main bhi jala dete hai khushion ke chiraage na jaane kyoun logo ko muskurane ki wajah nahi milti @@ SAGAR @@ 31/8/15 :: 2:36 PM… (591) […]
here is some para frm my long work describing the truth “death”.. hope u all ll like .. वेदो की वाणी भूल गयी ,ममता माया सब छूट गयी .. तैयार लगा होने अब तो प्रियतम […]
!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!! Apne har gunaahgaar ko maaf kiye jaa raha hun khudh ko khudh se hi aazaad kiye jaa raha hun @@ SAGAR @@ 27/9/15 :: 8:48 PM … (604) …. […]
!!!!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!!!!! teri mohabbat be-parwaah hi sahi par humne tau parwah kar kar ke apni ummar guzzar di tere hussn ki duniya kaayal hi sahi par humne tau teri saadgi dekh […]
कभी गौर से देखना खुद को आईने में, खुद ही खुद में ना खो जाओ तो कहना,, कभी पासजाकर देखना गुलाब के, खुशबुसे खुद ही ना बिखर जाए तो कहना,, बहुत नाज़ कर रही हैं […]
सिमट गया जो चंद अल्फ़ाजों में, उस अफ़साने की बात करते हो खुद को हमारी जिंदगी बनाकर, छोड जाने की बात करते हो | नहीं है कोई अंजाम इस अफ़साने का, मालूम था हमें […]
expecting ur reviews and kind attention with ur graceful words .. जब धरा उठ कर बने आकाश तो अच्छा लगे , जब मही की तृप्ति को बादल करे बरसात तो अच्छा लगे. है अँधेरा, धुंध […]
चुप रहता हूँ आजकल , कम बोलने लगा . देख लिया दुनिया को मैंने , जान लिया सच्चाई को . अब दिल बरबस रो पड़ता है, इस झूठी तन्हाई पर . इस ख़ामोशी को तुम […]
थोडा सा शरमाकर, हल्के से मुस्कुराकर झुकी जो नजरनज़रे-नूर-ओ-रोशनी में मेरी रंगे-रूह हल्के से घुलती गयी
!!! SAGAR KI KALAM SE !!!! Ishq hua jab humme unse tau umre-e-ishq na thi hussn aaya jab chehre par unke tau umre-e-hussn na thi kahin tau tha hamare ishq ka asar jo ban kar […]
क़भी जब गिर के सम्भ्लोंगे तो मेरी याद आएगी , कभी जब फिर से बहकोगे तो मेरी याद आएगी। वो गलियां , वो बगीचे ,वो शहर ,वो घर , कभी गुजरोगे जब उनसे तो मेरी […]
!!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!!! ik khayaal hai jo zehan se jaata nahi dil aaj bhi tumko kisi aur ka manta nahi waqt ki be-mani thi ya waqt ki thi maar verna aaj mere […]
!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!! Choti choti baat par bhi bahana dundhte rehte hai ye aanssoo har watq beh jaane ke talash main rehte hai @@ SAGAR @@
इतना आसान हूँ मैं कि हर किसी को समझ में आ जाता हूँ,, शायद तुमने ही मुझे पन्ने छोड़-छोड़ कर पढ़ा था!! इसलिए हक हैं तुझे,, तू भी तो मुझसे दूर सकता हैं,, मेरा भी […]
आती नहीं है नींद क्यों रातों में आजकल। तस्वीर बन रही है एक आँखों में आजकल। फूलों से दोस्तीदोस्ती है या उल्फत का असर है। शोखी घुली है उसकी बातों में आजकल। कुछ दिल से हो रही है क्यों महकी हुई फ़िज़ा। मेहंदी रचा रही है वो हाथो पे आजकल। #कुलदीप अनजाना
हवाओं की नज़र से देखता हूँ मीर मैं तुझको , कि छूकर पास से निकलूं और तुझको खबर न हो . ये दिल पत्तों सा हिलता है तेरी यादों के आने से,, कभी तो झूम […]
कभी लगता था कि मेरे अहसास सिर्फ़ मेरे है अब शायद वो भी पराये हो गये
वक़्त बदलेगा किसी वक़्त पर सोचा इस कदर से नहीं, पिलाकर नजरो से हाला, फिर बोला कम जहर से नहीं,, इज्जत बहुत हैं तेरी दिल में, तुझसा दोस्त ना पाऊँगी, मैं प्यार तुझी से करती […]
हम अपना हाल -ए- दिल आपसे कहते रहेकभी बच्चा तो कभी मासूम आप हमें कहते रहे आज तक कोई सबक पढा न जिंदगी में हमनेताउम्र हम आपकी आखों जाने क्या पढते रहे इक अरसा बीत […]
दिल के आइने में मीर तेरा अक्श देखूंगा , कभी सोचा नहीं था तुमपे इतना प्यार आएगा . …atr
तेरे जाने से सब ये सोचते है मैं अकेला हूँ , उन्हें शायद खबर न हो कि तेरी याद बाक़ी है . मैं तनहा कैसे समझूँ मीर इन ख़ाली मकानों को , तेरे और मेरे […]
कुछ कहने की कोशिश में है अहसास मिरे उमडने को आतुर है ज़ज्बात मिरे वो तो अल्फ़ाज़ हैं कि कहीं खोये हुए है नहीं तो इक नज़्म लिख देते अश्क मिरे
बहुत सो लिए हम,, अब हमारे जागने की बारी हैं!!! बहुत लूटा परिंदों ने, अब तड़पने की उनकी बारी हैं!!! मन हमारे अकेले थे, सो वार कर गये वो हम पर,, अब एकजुट होकर कुछ […]
सिमट रहा हूं धीरे धीरे इन सर्द रातों में छिपा रहा हूं खुद को खुद में इस बेनूर अंधेरे में कभी कोई चीख सुनाई देती है खामोश सी, कभी सर्द हवाओं को चीरती पत्तों की […]
बगरस निगाहें तेरी , आँखों की सुराही तेरी, करती हैं क्या बातें,साहेबान , मन की दुया इन मेरी, रूबरू न आएं तेरी, करती हैं क्या बातें, साहेबान, जुस्तजाजु मेरी वह ही हैं , […]
मन में जो इतने ख्वाब बने, वो आखिर किसे समझाते हो, लिखते इतना अच्छा हो पर जताकर किसको पास बुलाते हो,, तुम्हारे मन में भी फिर-फिर कर यह सवाल आता होगा,, बहुत हरे-भरे रहते हो, […]
नैनो के सूखे मेघो से मैं आज अगर बरसात करूँ ,हल करुँ ज़मीन ए दिल में मैं नीर कहाँ से मगर भरूँ?है सूख चुका अब नेत्र कूप न मन का उहापोह बचा ,न मेघ रहा […]
जवां दिल था , जवां धड़कन , जवां सांसे , जवां मन था , मगर बस मीर इतना था, जहाँ वो थी वहां मन था .. …atr
कहीं आसूं की बारिश थी ,कहीं यादों का झोंका था, जिसे देखा था बस्ती में वही दिन रात रोता था . नगर था प्यार का , उजड़ा था गुलशन , शाम ख़ाली थी, रहूँ कैसे […]
मन हमारे आजकल अपनेपन की परिभाषाये बदल रहे हैं,, सारे प्यारे दोस्त हमारे,, अब भीड़ सामान ही लग रहे हैं,, पराई नगरी में भी अकसर लोगों में घुल जाया करता था,, अब खुद की बस्ती […]
ये जहाँ तो सबका हैं,, जिसे हम सबने मिलकर संवारा हैं,, बस किसी गर्दिश की बंदिश में फंसा मेरा सितारा हैं,, कहती,, मंजूर नहीं उसको सामने खुदा के भी हाथ फैलाना,, अतः मेरे हाथ वाले […]
मेरी मोहब्त को सलाम कर तू मेरी मोहब्त को सलाम कर तू ओ बेवफ़ा तूने ज़हर देकर बेवफ़ाई निभाई और हमने जान देकर आशिक़ी तू चाहती थी छोड़कर जाना तू चाहती थी छोड़कर जाना और […]
सबका जन्मदिन आता हैं, आज तेरा भी हैं, इसमें खास कौन सी बात हैं जो हाथ जोड़े, गिड़गिड़ाये, उसकी ही सुनते हो तुम,, ये कौन सी बात हैं,, कितनी भी परिक्षाये ले लो तुम इस […]
चली आतीं है अक्सर यादें तुम्हारी मगर तुम नहीं आते की कोशिश कई दफ़ा भूल जाने की तुम्हे मगर भूल नहीं पाते आयीं राते पूनम की कई बार मगर न हुआ चांद का दीदार […]
ख्वाबो में भी अकेले होने पर जब बस शब्दों का सहारा होता हैं,, खुद की आधी-अधूरी सुनने पर भी जब मन छठपटा रहा होता हैं,, हालातों से बाहर आते ही जब ख्यालात नजर आ जाते […]
किसी की साँसों में जो घुल कर बोले,, उसका नाम कविता हैं,, आत्मा को जो परमात्मा से मिलाये,, उसका नाम कविता हैं,, नवयुवती श्रृंगार हैं करती,, ना जाने किन किन बहानो पर यहाँ,, वृधा को […]
एक अरसे से उनसे नजर नहीं मिली जमाना गुजर गया किसी को देखे हुए
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