तेरी सदा का है सदयों से इन्तेजार मुझे तेरे लहू के समंदर जरा पुकार मुझे मैं अपने घर को बुलंदी पे चढ के क्या देखूं उरूजे फन! मेरी देहलीज पर उतार मुझे उबलते देखी है […]
तेरी सदा का है सदयों से इन्तेजार मुझे तेरे लहू के समंदर जरा पुकार मुझे मैं अपने घर को बुलंदी पे चढ के क्या देखूं उरूजे फन! मेरी देहलीज पर उतार मुझे उबलते देखी है […]
पुरानी जिंदगी कभी कभी जाग उठती है यादें आ जाती है याद बेवजह खारी लकीरें छोडकर रुखसारों पर न जाने कहां खो जाते है जज्बात मेरे लफ़्ज जो कभी जुबां पर आ ना पाये जो […]
KOI LOUTA DE MERE VO DIN JAB ME HANSTI THI POORE MAN SE KHELTI THI, LADTI – JAGADTI THI KABHI KABHI NARAZ HO JAATI THI KHUD SE HI BANATI THI HAR ROJ NAYE DOST […]
वो जो मुह फेर कर गुजर जाए हश्र का भी नशा उतर जाए अब तो ले ले जिन्दगी यारब क्यों ये तोहमत भी अपने सर जाए आज उठी इस तरह निगाहें करम जैसे शबनम से […]
!!!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!!!! Chehre ko nakaab main chupaaye baithe ho khudh ko khudh se hi chipaaye baithe ho kab tak bachaate rahoge sachhai se khud ko ki apne dil main hummi ko […]
!!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!!!! aaj bhi raaton ko karahne ki aawaz sunaai dete hai iss dil se jo barso pahle tora diya tha tumne aaj bhi jinda rakhe hue hun iss dil ko […]
एक और इंतजार सर्दियों के दिन कितने मासूम से दिखते हैं छोटे बच्चे की तरह ऊनी कपडे में लिपटे हुए तुम्हारे आने के दिन थे वो मैं देर तक पटरियों पर बैठे इंतज़ार सेंका करती […]
दुश्मनों की दोस्ती है अब अहले वतन के साथ है अब खिजाँ चमन मे नये पैराहन के साथ सर पर हवाए जुल्म चले सौ जतन के साथ अपनी कुलाह कज है उसी बांकपन के साथ […]
गाये जा गीत मिलन के तू अपनी लगन के सजन घर जाना हैं काहे छलके नैनों की गगरी, काहे बरसे जल तुझ बिन सूनी साजन की नगरी, परदेसिया घर चल प्यासे हैं दीप गगन के […]
उठाये जा उन के सितम और जिये जा युंही मुस्कुराये जा, आँसू पिये जा यही है मुहब्बत का दस्तूर, ऐ दिल वो ग़म दें तुझे, तू दुआएं दिये जा कभी वो नज़र जो समायी थी […]
!!!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!!! Ek baar kya aajmaya apno ko ki sabse door hota chala gaya Bahut be-wafai ki tune mujse e zindagi ki mai maut ke kareeb hota chala gaya @@ SAGAR […]
!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!! Likhi thi usne mere hi zakhm-o-dard par kittaaab apni idhar mera dard aur barta gaya udhar uss ki shohrat bharti gayi @@ SAGAR @@ 29/10/15 :: 2:00 PM … […]
यूं तेरी रह गुज़र से दीवाना-वार गुजरे कांधे पे अपने रख के अपना मज़ार गुजरे बैठे रहे रस्ते में , दिल का खंडहर सजा कर शायद इसी तरफ से एक दिन बहार गुजरे बहती हुई […]
हमने जफ़ा न सीखी उनको वफ़ा न आई पत्थर से दिल लगाया और दिल पे है चोट खाई अपने ही दिल के हाथों बरबाद हो गए हम किसके करें शिकायत अब किसकी दें दुहाई दुनिया […]
!!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!!! tang ho gayi galiya tere shehar ki tang ho gaye sab raaste tere dil ke kaise reh paaunga main ab yahan mujhe tau aadat hai khuli fizzaaon main saans […]
चाँद के शौक मे तुम छत पे चले मत जाना शहर में ईद की तारीख बदल जाएगी
“क्या मैं तुम्हें चूम लूँ?” डल झील. पूरे चाँद की रात. उसने डरते हुए पूछा। “हश्श्, नाव डूब जाएगी”, वो बोली “तो क्या करें?” वो मुस्कुराई और बोली “डूब जाने दो” और वो सहम गया
!!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!! har rang main uska rang nazar aata hai wo na ho tau har rang be-rang nazar aata hai humne tau keh diya chand se bhi ki mera mahboob […]
!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!!! kuch iss tarah khaffaa hue wo humse ki hum duniya se khaffa ho gaye jab wohi na ho sake hamare tau hum zindagi se hi juddaa ho gaye […]
साथी न कोई मंजिल दीया है न कोई महफ़िल चला मुझे ले के, ऐ दिल, अकेला कहाँ? … हरदम मिले कोई, ऐसे नसीब नहीं बेदर्द है जमीं, दू-ऊ-ऊ-र आस्माँ चला मुझे ले के, ऐ दिल, […]
!!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!!! Dil par haath rakhta hun tau tumhari dharkan sunae deti hai aankho par haath rakhta hun tau tumhari surat dekhae deti hai Kaano par haath rakhta hun tau tumhari […]
!!!!! SAGAR KI KALAM SE !!!!! Jab koi dard utthe dil main tau yaad kar lena jab koi aah nikle mann se tau yaad kar lena mehfil main tau sab honge tumhare paas apne jab […]
गमछे रखकर के अपने कन्धों पर…. गमछे रखकर के अपने कन्धों पर बच्चे निकले हैं अपने धन्धों पर। हर जगह पैसे की खातिर है गिरें क्या तरस खाएं ऐसे अन्धों पर। सारा दिन नेतागिरी खूब […]
कुछ लफ़्ज़ ठहरा रखे हैं कागज पर क्या पता कभी कोई कविता बन जायें कुछ दिनों को भी जोड रखा है शायद कहीं ये भी कभी जिंदगी बन जायें
मेरी लाडली री बनी है तारों की तू रानी नील गगन पर बादल डोले, डोले हर इक तारा चांद के अंदर बढ़िया डोले ठुमक-ठुमक दर-द्वारा कमला गाए बिमला गाए, गाए कुनबा सारा घूँघट काढ़ के […]
इक नज्म है जिंदगीजिसकी इबारतें हम लिखते हैगाते है, गुनगुनाते हैकई दफ़ा भूल भी जाते हैयाद करने, भूलने मेंलिखने औ मिटाने मेंये कारवां ए जिंदगी चले
बहुत दिन हो गए उसके ख्यालो की आंधी में बसे हुए,, चलो आज उसकी एक तस्वीर बनाते हैं,, उसकी अल-कायदा सी आँखे हैं,, जो बस मार ही डालती हैं,, उसकी बुलडोज़र सी बाते हैं,, […]
Saavan ये कारवां चले तो, हम भी चलेंये शम्मा जले तो, हम भी जलेंखाक करके हर पुरानी ख्वाहिश कोइक नया कदम, हम भी चलें…… कभी ठहरी सी लगती है,कभी बहती चली जाती हैजिंदगी है […]
तुम अपने हाथों क़ी मेहंदी मेंमेरा नाम लिखती थी औरमैं अपनी नज्मों में तुम्हे पुकारता था लेकिन मोहब्बत की बातें अक्सर किताबी होती हैंजिनके अक्षरवक़्त की आग में जल जाते हैंकिस्मत के दरिया में […]
हाथ से मेरे कुछ लकीरें फिसल गई, पलक झपकी ना थी कि… पानी की कुछ बुँदे निकल गई, एक झपकी मे ही सबकुछ बदल गया, लाश तो एक गिरी थी … पर इंसान हर एक बदल गया, कुछ पलों मे ख्वाबो को छोड़ दिल जम गया, मन मे है बस एक ही सवाल – “क्यों वो शख्स बिछड़ गया “? क्यों वो शख्स बिछड़ गया “? -सचिन चौधरी (सनसनवाल)
मैं क्यों सोचु वो मेरे बारे में क्या सोचेगी, मुझे अच्छा लगता हैं उसे रोज सुबह सुबह गुड मोर्निंग विश करना,, जानता हूँ कोई रिप्लाई नहीं आएगा फिर भी उसके मैसेज का इन्तजार करना ,,, […]
तुम्हारे अक्स से दुनिया है रोशन , सुना है चाँद की तू चांदनी है . सलीका प्रेम में अब क्या करेगा , नज़र को अब के माफ़ी मिल चुकी है . ज़रा अब दर्द से […]
October 17: Anti Poverty Day सर्दी में नंगे पांव कूड़ा बटोरते बच्चे ठिठुरता बचपन उनका सिकुडी हुई नन्ही काया टाट के थैले की तरह उनके रूदन का क्या जिक्र करू मैं लफ़्जों के कुछ […]
सिमट गया चंद लफ़्जों में आजढल गये अहसास कुछ अश्कों मे आजकहने को तमाम जिंदगी का तजूर्बा है मेरे पाससुनने वाला कोई भी नही है आज |
तुम्हारी चाह ही मंज़िल हमारी ए मेरे साकी,ज़रा अब तो पिला दे न , तमन्ना अब भी है बाक़ी.मेरे साकी तेरे आँखों की मदिरा क्या बताऊँ मैं,फ़क़त आँखों से चढ़ती है ,मगर दिल तक उतरती […]
पलकों पर आंसू रहते हैदिल में जज्बात रहते हैकलम है जो कुछ कुछ लिख देती हैवरना होठ तो हमेशा खामोश रहते है आंखो मे आसमां रहते हैपांव बादलों पर रहते हैलेकिन चंद लम्हों के लिये […]
Kabhi kuch kahna chaahte the Kabhi rona bhi chaahte the Alfaazo ki koi naav milti hi nahi Jazbaato ke samandar me bahe jaate he
आज गलियां कुछ सूनी सी है , पथिक कम जाते हैं. गलियों के नुक्कड़ पर बैठा मैं कुछ सोचता हूँ . पर क्या क्या जीवन भी पथिक है , कभी रुकता कभी चलता है लेकिन […]
!!!! SAGAR KE DIL SE !!!!! ~~~~~~ INSTANT ~~~~~~~ kar liya didaar jab tumhari aankhon main maine apne ishq ka tau phir izzhaar-e-mohbbat ki jaroorat kya @@ SAGAR @@ 9/10/15 :: 10:50 pm … (611) […]
आज की शाम शमा से बाते कर लूंउससे चेहरे को अपनी आखों में भर लूं फासले है क्यों उसके मेरे दरम्याचलकर कुछ कदम कम ये फासले कर लूं प्यार करना उनसे मेरी भूल थी अगरतो […]
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