दिल टूट जाने के बाद भी
प्यार है तुमसे
ऐसा क्यों है नहीं जानती हूँ मैं
बस इतना ही मालूम है मुझे
कि आज भी बेपनाह तुझे चाहती हूँ मैं…
Category: शेर-ओ-शायरी
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बेपनाह
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सुरक्षा कवच
रावण जलाया तो क्या जलाया,
दिल के रावण जलाओ तो जाने ।
तुम्हारी ढकोसला षडयंत्र को हम,
अपनी सुरक्षा कवच क्यों माने।। -
नीली गहराई
चलो इश्क़ की दरिया में कूद कर देखते है।
सुनता हूँ नीली गहराई का कोई अंत नहीं है।। -
दो रास्ते
एक रास्ता मय़खाने की ओर
दूसरा रास्ता शबाब की ओर।
उतावला दिल किधर जाए
इधर जाए या उधर जाए।। -
थोड़ी देर
ना जाने आप में ऐसा क्या है
जो सबका मन हर लेते हो…थोड़ी देर बैठो जिसके करीब
उसके दिल में घर कर लेते हो.. -
खामोशियां
खामोशियों की भी,
होती है एक ज़ुबान
कह जाती हैं बहुत कुछ..
बस, सुनने वाला चाहिए…*****✍️गीता
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शायरी (गढवाली हास्य)
हमें तो गंज्यालों से कूटा गया
सुल्याठों में कहां दम था।।मेरा खुट्टा तो रड़ा वहाॅ
जहाॅ कच्यार कम था।।
😃😃😃😃😃😃😃😃 -
बदला..
हम बदला नहीं लेते
किसी से,
बस, निकाल कर के
इस दिल से,
उसे भूल जाते हैं..*****✍️गीता
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तमाचा
एक तमाचा सा खाया,
ऐ ज़िन्दगी आज
कोई बात नहीं,
ज़िन्दगी कुछ सिखा ही गई…*****✍️गीता
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ज़िन्दगी अधूरी…
सुनते हैं, किसी के जाने से,
ज़िन्दगी अधूरी नहीं होती
मगर ये भी सच है कि,
उसकी कमी पूरी नहीं होती..*****✍️गीता
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कतल
कतल कर दो मेरा तुम,
ज़रा सी फुरसत निकाल के
यूं इंतजार में तुम्हारे,
हमसे तड़फा नहीं जाता…*****✍️गीता
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फुरसत
फुरसत से करेंगे हम,
कभी बातें मोहब्बत की
लम्हे भी चुराए बहुत,
ज़िन्दगी में फुरसत ही ना मिली*****✍️गीता
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१
लोग कहने है मुहब्बत किसी १ से होता है।
क्या इस युग में भी किसी १ से ही होता है।। -
……. क्या तुमने कभी
कौन कहता है कागज के फूलो से ,
कभी खुशबू आ नहीं सकती है।
मैं कहता हूँ – क्या तुमने कभी,
कागज के फूलो पे सच्चे मन से-
महबूबा के नाम लिख कर देखा है।। -
बरसात
जब हुई आँखों से, अश्कों की बरसात।
तब याद है मुझे,थी वो बरसात की रात।। -
मुस्कान देंगे
सोते समय तुम हमें याद करना
दवा नींद की बन सुकूँ-चैन देंगे।
अगर स्वप्न में दिख गए आपको हम,
आवाज देना, मुस्कान देंगे। -
जीेने के बहाने
अगर तुम होते तो और उम्मीद होती जीने की
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बहाने चार होते दुनिया से दिल लगाने के| -
मेरा जिक्र
जो मेरा जिक्र किया करता था
वो ही मेरी फिक्र किया करता था
हम उसकी कद्र किया करते थे
वो मेरी कद्र किया करता था -
धीरे-धीरे…
तुम नहीं हो तो कुछ भी
अच्छा नहीं लगता
तन्हाई से निकलने का
रस्ता नहीं मिलता
गुजरा जाता है यूं तो
दिन धीरे-धीरे
पर जिन्दगी तुझ बिन बिताना
अच्छा नहीं लगता… -
धीरे-धीरे…
तुम नहीं हो तो कुछ भी
अच्छा नहीं लगता
तन्हाई से निकलने का
रस्ता नहीं मिलता
गुजरा जाता है यूं तो
दिन धीरे-धीरे
पर जिन्दगी तुझ बिन बिताना
अच्छा नहीं लगता… -
हम तुम्हें भूल गये!
हम तुम्हें भूल गये!
यह गलतफहमी पालकर बैठे थे
एक दिन आ गये तुम
अचानक सामने
तब से दिल हार कर बैठे हैं.. -
सरोवर
दिखे शांत सरोवर का उर,
भीतर हो रही हलचल
रह-रह कर उठती हैं लहरें,
बता रही व्याकुलता प्रतिपल..*****✍️गीता
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सड़कछाप आशिक़
दिल फेंक आशिक़, सड़क पे अक्सर मिल ही जाते है।
गर बोलो दो मीठी बातें तो, जल्द ही मजनू बन जाते है।। -
अंधेरा
चारों तरफ अंधेरा छाया है
मेरे पीछे ये किसका साया है
डर लगता है मुझको ले लो अपनी बाँहों में
कई सालों बाद ऐसा मौका आया है -
क्या से क्या हो गया
चारो दिशाओं में आज मतलबी इंसान बसते है।
तभी तो आज हमारे मन में नफरत ही पलते है।। -
अर्शे बाद…
मैं दोस्तों के अंजुमन में, अर्शे बाद आया हूँ।
खुद को थाम लीजिए मैं फिर वही दिल लाया हूँ।। -
मीठी बातें
हम उऩ पलों को याद करते हैं
खाली-खाली जब अपने दिल को
पाते हैं..
बरस पड़ता है आँखों से पानी
जब तुम्हारी मीठी बातों को
याद करते हैं.. -
नाकामयाबी
तुम हरकतों से कहाँ बाज आओगे
जब जी चाहेंगा
मुझको सताओगे..
सारी मजबूरियां समझते हो मेरी
फिर भी मेरी नाकामयाबी का
फायदा उठाओगे.. -
वक्त
वक्त ने फंसा दिया है,
कभी रुला, कभी हंसा दिया है
उनसे कहो, परेशान नहीं हैं हम
वक्त की ही बात है, नहीं है कोई गम -
राज मत पूछो
राज मत पूछो
उन्हें क्यों चाहता है दिल
गर बता देंगे हकीकत
आप भी जाओगे हिल।
इसलिए होंठो को हमने
अब दिया है सिल,
ताकि भरते घाव कोई
फिर न पाये छिल।
डॉ0 सतीश पाण्डेय -
गमों की नुमाइश
जरूरी नहीं हम अपने
गमों की नुमाइश करें
जो दिल में है
वो जग जाहिर करें
जिसे समझना है मेरी तकलीफों को
वो यूँ ही समझ सकता है
मापने के लिए मेरा दर्द
मेरी कविताएं पढ़ सकता है| -
‘सजदा’
सजदा करते हैं हम इश्क का
इबादत यार की अपने
खुदा मान कर किया करते हैं
वो तो नसीब में नहीं अपने
उसकी यादों में जिया करते हैं -
Ek-tarfa Mohabbat
Ek-tarfa mohabbat ka rukh kuch Iss kadar hua ki,
Wo humein paakr aabaad ho gaye…
Aur hum unhe paakr barbaad ho gaye… #Sheetal -
साँझ है सखी
रात और दिन का मिलन साँझ है सखी,
कब मिलोगे टकटकी में आंख है सखी।
आ रही है रात दूर जा रहा दिन
खोल कर कपाट दिल के झाँक ले सखी। -
गलत बात है..
करें कितनी भी कोशिश
तेरे दिल में समाने की,सोंचना ही गलत है
जगह तेरे दिल में बनाने की|मार खाओगे मुझसे
बात ये सोंची जो तुमने,मुझकों छोड़कर किसी और
की बाहों में जाने की | -
‘जन्नत की हुकूमत’
दीदार बिन यार के महफिल अधूरी है
हर किसी की प्यार बिन जिन्दगी अधूरी है
मिल जाए चाहे मुझको जन्नत की
हुकूमत भी !मेरे यार के बिन प्यार के ये प्रज्ञा* अधूरी है||
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**आत्मविश्वास की महक**
मेरी सोंच में आत्मविश्वास की महक है
इरादों में हौसलों की चहक है
और नीयत में है सच्चाई की मिठास
इसीलिए मेरी जिन्दगी है एक महकता गुलाब.. -
तमाशबीन
हम फिसले थे इस उम्मीद से
कि वो हमें उठा लेंगे..हम डूबे थे दरिया में इसलिए
कि वो हमें बचा लेंगे..नहीं पता था कि वो
तमाशबीन निकलेंगेहमें मुसीबत में देखकर
बस मजा लेंगे.. -
दिल की बस्ती
शिकवा करते-करते हम
तुझको हार बैठे हैं
पहले दिल हार बैठे थे
अब जान हार बैठे हैं
तुम्हारी बेवफाई से
हम अपनी बस्ती उजाड़ बैठे हैं -
कामयाबी का जुनून
कामयाबी का जुनून है मुझे
फिर मुश्किलों की मजाल है
जो मुझे रोंक पाएं
मंजिल तक पहुँचने से… -
टूट जाते हैं रिश्ते
फूल से कोमल होते हैं रिश्ते
हरी डाल की तरह लचीले
होते हैं रिश्ते
बहुत सम्भाल कर रखना
पड़ता है इन्हें
वर्ना शीशे की तरह टूट
जाते हैं रिश्ते.. -
सुबह और सांझ
कुछ शर्ते लाती है,
ज़िन्दगी की हर सुबह
और कुछ तजुर्बे देकर,
सांझ चली जाती है..*****✍️गीता
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पत्थर न मारिये
शांत बह रही सरिता में
पत्थर न मारिये,
कर सको तो आप भी
स्नान कीजिये,
अन्यथा किनारे की
शीतल पवन का आनन्द लीजिए। -
न जा सकोगे
न जा सकोगे
गली से
चुरा नजर हमसे,
गली दबा देंगे,
अगर यूँ जाओगे।
नजरअंदाज कर
हमारी चौखट को,
दो कदम भी
बढ़ा न पाओगे। -
हमारे दिल में रहते हैं
इरादे नेक रखते हैं
सभी को प्रेम करते हैं
वही दिल को दुःखाते हैं
जो हमारे दिल में रहते हैं -
कौन कहता है…!!
कौन कहता है कि दूरियाँ सिर्फ मीटरों में मापी जाती हैं
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कभी-कभी तो खुद से मिलने में भी एक उम्र बीत जाती है… -
शब्द और सोंच
शब्द और सोंच दोंनो ने बढ़ा दिये फासले
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क्योंकि कभी हम समझ नहीं पाए और
कभी समझा ही नहीं पाए… -
तराना गुनगुनाती है
दिल का भवन तो आपका
बेहद सजीला है,
फटे से पांव रखने में
मुझे लज्जा सी आती है।
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आप हो सामने तो
मुस्कुराहट छुप सी जाती है
मगर भीतर ही भीतर से
तराना गुनगुनाती है। -
जा तू
मुमकिन नहीं तुझे भूलना
तुझे भूलने में शायद एक उम्र लग जाए
जा तू खुश रह मुझे भूल के,तुझे मेरी भी उमर लग जाए। -
सांवली रंग वाली
क्यों हुस्न पर मरते हो साहब
दिल की दरिया मे भी तो उतर कर देखो!!
हम सांवली रंग वालों में भी बड़ी शिरत होती है
कभी सूरत से परे होकर तो देखो!!💃