Category: शेर-ओ-शायरी

  • प्यार तुम भी लुटा देना

    न फंसना जाल में उनके
    गिराना चाहते हैं जो
    प्यार तुम भी लुटा देना,
    बढ़ाना चाहते हैं जो।

  • अमावस का चांद

    सोचती हूं कि किसी दिन ऐसा चमत्कार होता
    रात अमावस कि होती ,मेरा चांद मेरे साथ होता।
    पल्लवी जोशी

  • हम और वो

    उन्हें हम नहीं और
    हमें वो नहीं भाते हैं
    तब भी हम उनकी
    और वो हमारी
    यादों में आते हैं।

  • रिश्ते

    रिश्ता होने से रिश्ते नहीं बना करते
    निभाने से बनते हैं
    जो रिश्ते बनते हैं दिमाग से
    वह केवल बाजार तक चलते हैं
    जो निभाए जाते हैं दिल से
    वो आखरी सांस तक चलते हैं

  • चाहत..

    चाहतें तो बहुत हैं,
    इस दिल की मगर
    क्या करें हमें,
    जताना नहीं आता..

    *****✍️गीता

  • दुल्हन

    वो शरमा गए,
    एक दुल्हन की तरह
    जिक्र जिस पल भी हुआ,
    उनकी अंजुमन में मेरा ..

  • मुहोब्बत

    मुहोब्बत चीज क्या है
    यह न पूछो, क्या बताएं हम,
    समझ खुद भी न पाए
    हाँ, मुहोब्बत कर चुके हैं हम।

  • “उम्र और जिंदगी”

    उम्र और जिंदगी में फर्क:-
    ——————————
    उम्र वो है दोस्तों जो बीते अपनों के बिना,
    *******************************
    जिंदगी वो है जो अपनों के साये में गुजरती है|

  • हम मुस्कुरा के चल दिए…

    उन्हें हमारी मौजूदगी से
    परहेज होने लगा
    हमें यह जैसे ही समझ आया
    हम मुस्कुरा के चल दिए….

  • कैसे हमदर्द हो…!

    जाहिर ना होने देंगे हम अपने दर्द को,
    तुम समझ ना सको तो कैसे हमदर्द हो !

  • मुसीबत आई

    जब मुसीबत आई तो मैंने ये नहीं सोंचा
    कि ‘अब कौन काम आएगा’
    बल्कि यह सोंचा कि देखती हूँ
    अब कौन साथ छोंड़ जाएगा..

  • जानती हँ

    मैं लड़ना जानती हूँ
    मगर चुप रहती हूँ !
    **************
    क्योंकि अगर मैं जीत गई
    तो जानती हूँ
    सब कुछ हार जाऊंगी

  • जलता धागा

    जब जलता जाए धागा,
    इक रौशनी के वास्ते
    ये देख कर..
    मोम ने भी ली नसीहत,
    और पिंघलना सीख गया ..

    *****✍️गीता

  • ओस की चंद बूंदे

    ओस की चंद बूंदे,
    इधर भी दे-दे, ए खुदा
    वीरान मेरे दिल की,
    ज़मीन पड़ी है ।।

    *****✍️गीता

  • राहें

    राहों में भटक गए गर,
    मंज़िल नहीं भूलेंगे
    शौक को कब से फ़िक हुई ,
    पावों के छालों की..

    *****✍️गीता

  • नक्शे कदम पर चलना।

    कुछ लोगों का दूसरों के,
    नक्शे कदम पर चलना।
    यह साफ-साफ ज़ाहिर करता है…
    उनका कोई वजूद है ही नहीं..
    यह तो हर दूसरा,
    तो कोई गैर कहता है…..

  • लब पर तेरा नाम….

    लब पर तेरा नाम यूं बार-बार आता है,
    जैसे कोई परिंदा अपना आशियाना बनाता है…..

  • महफ़िल में

    महफ़िल में आइए ,
    ज़रा दुपट्टा ओढ़ कर
    हर शख़्स की नज़र,
    आप पर ही है ..

    *****✍️गीता

  • बादल घनघोर

    कुछ देर की गर्मी थी,
    फ़िर बादल घनघोर आ गया
    तब तुम्हारा वक्त था ,
    अब हमारा दौर आ गया ।।

  • अँखियों में समन्दर

    दिल दरिया है तेरा
    तो मेरा भी कोई सरोवर नहीं।
    झाँक के देखो तो
    इन अँखियों में समन्दर मिलेगा।।

  • दीवानगी का आलम

    दीवानगी का आलम कुछ यूं है
    जिधर भी देखती हूँ मैं
    लगता है बस तू है
    कितनी भी कोशिश कर लूं
    मैं तुझे भूल जाने की
    पर मेरी तो हर साँस में
    मौजूद तू है…

  • दरख्तों से गिरते पत्ते

    दरख्तों से गिरते पत्ते
    उठा करके रोये
    जब भी खुल गई आँखें
    फिर हम ना सोये
    जब भी आई मेरे सामने
    तुम्हारी सहेली
    लिपट करके उससे तेरी
    यादों में रोये…

  • जनाजा़

    शिद्दत से उठाओ तुम मेरा जनाजा

    हम ना कहेंगे किसी से कि जिन्दा
    अभी हैं हम…

  • तेरा गुरूर

    इरादे हम जो कर लें गर
    फलक से तोड़ लें
    तारे!
    तो तेरा गुरूर फिर बोल
    कब तलक यूं
    ठहरेगा…

  • आरजू

    आरजू बस तुम्हारी की मगर
    अफसोस इतना है
    सब कुछ हुआ हासिल
    एक तुझे छोंड़कर..

  • सारा आलम भीगा-भीगा है

    सारा आलम भीगा-भीगा है
    तेरा आंचल क्यों फीका-फीका है
    लगा ले मेरे प्यार का काजल
    जो तेरी नजरों से भी तीखा-तीखा है…

  • रंगीन है तिरंगा

    रंगीन है तिरंगा मेरे महबूब की तरह
    बेरंग है ये दुनिया मेरे रकीब की तरह..

  • जख्म बाबस्ता है

    जख्म बाबस्ता है तुम्ही से
    और तू ही है इस दिल का मरहम
    बस तुझे ही मागे ये दिल
    तू ही है बस मेरा हमदम

  • हमदर्द बनाया हमने..

    तुमको हमदर्द बनाया हमने
    कुछ इस तरह दिल को दर्द बनाया हमने
    सालों रहे तेरी मोहब्बत में बिगड़े
    संभल गये जब धोखा खाया हमने…

  • मुहोब्बत

    मुहोब्बत में इतने अश्किया न बनिये,
    मुहोब्बत है कोमल, संभल कर ही चलिये।
    मुहोब्बत हो दोनों तरफ तब नफा है,
    नहीं तो मुहोब्बत सजा ही सजा है।

  • खुले आसमान तले

    खुले आसमान तले सुकून मिलता है
    बंद कमरे में घुटन होती है
    जब नींद के आगोश में
    होता है जहान
    प्रज्ञा किसी की यादों में
    बहुत रोती है…

  • रातें सजाकर देख लो

    हँसते-हँसते चले जाएगे
    जहान से हम
    बस एक बार तुम मुस्कुरा
    के मुझे देख लो
    आ ही जाओगे मेरी बातों में
    अपनी रातें सजाकर देख लो….

  • रातें सजाकर देख लो

    हँसते-हँसते चले जाएगे
    जहान से हम
    बस एक बार तुम मुस्कुरा
    के मुझे देख लो
    आ ही जाओगे मेरी बातों में
    अपनी रातें सजाकर देख लो….

  • इबादत

    मिन्नतें खूब कर लेंगे
    इबादत खूब कर लेंगे
    तू एक बार तो सही
    तुझे बाँहों में भर लेंगे…

  • अहसास

    जो सुख-दुख में साथ देते हैं,
    रिश्ते बस, वे ही नहीं होते,
    रिश्ते तो वे भी हैं,
    जो अपने पन का अहसास देते है ..

  • आसमान अधूरा है

    आसमान अधूरा है सितारों के बिना
    ये दिल अधूरा है तेरी दोस्ती के बिना

  • रात-दिन

    उसे रूठने में एक पल भी नहीं लगा
    मनाने में उसे कुर्बान
    रात-दिन कर दिये हमने..

  • वो मोती

    छलक कर आँख से आँसू
    पन्नों पर बिखर गया
    हर तरफ ढूंढता है दिल
    वो मोती किधर गया….

  • वो मोती

    अचरज भरा आकाश है
    कहीं धूप है कहीं छांव है
    आसमान की चादर में
    सितारों के बूटे हैं
    बादलों के घोड़े हैं
    जो दौड़ते हैं इधर-उधर
    जुगनू भी अपनी प्रेयसी को
    ढूंढते हैं रात भर
    चाँदनी है छितरी हुई
    सबकी छतों पर इस तरह
    रजत पिघलाकर किसी ने
    फैला दिया हो जैसे हर जगह…

  • सिलसिला

    बातों का सिलसिला कुछ यूं ख़त्म हो गया,
    कि कायनात से दूरियां, मांगी होंगी उसने ।।

  • निष्प्राण

    तीर, तलवार और तंज की धार से,
    जब निष्प्राण हुआ शरीर
    अनुप्रास ही दिखे कवि को,
    यहां घायल पड़ा शरीर ।।

    *****✍️गीता*****

  • पैनी निगाहों में

    ओस की बूंद अब तुम भी
    न दो यूँ ठेस पांवों में
    अभी तो चुभ रहे हैं हम
    कई पैनी निगाहों में।

  • बेरुखी

    बेरुखी से बड़ी सजा ही नहीं ,
    खता क्या थी, पता ही नहीं
    वो इस कदर दूर हो गए ,
    कभी पास भी थे क्या,
    अब तो ऐसा लगता ही नहीं ।।

  • तेरी अंजुमन

    चले जाएंगे तेरी अंजुमन से हम,
    सुना है किसी के जाने से सूना नहीं होता ।।

    *****✍️गीता*****

  • कुछ टूट सा गया है

    ना मुस्कुराएंगे कभी वैसे,
    मुस्कुराते थे कभी जैसे
    कुछ टूट सा गया है अंदर ,
    दिखाई देगा नहीं बाहर से ।।

  • तुमने क्या समझ लिया

    क्या ग़लत है क्या सही,
    बात बस इतनी सी है
    तुमने वो समझ लिया,
    जो हमने कहा ही नहीं ।।

  • नज्म कोई मुहब्बत की

    न कह मुझसे सुनाने को
    नज्म कोई मुहब्बत की
    सयाना हो रहा हूँ अब
    ज़रा सा शर्म करता हूँ।

  • अधूरे अरमानों की झांकी

    अधूरे अरमानों की झांकी आज गुजरी मेरे दरम्यां से
    इक जिंदगी जो जी नहीं, वो देखी आज मैनें

  • कदम

    डगमगा जाते हैं कदम आजकल
    एक जरा से झोंके से मगर,
    एक वक्त था जब हमारे इरादे
    बुलंद हुआ करते थे..

  • पारखी नजर

    हुनर सब में है बस तराशने की जरूरत है
    हीरा बन सकता है हर पत्थर बस
    पारखी नजर की जरूरत है…

New Report

Close