वादा न सही मगर, एक इंसा को बचाने के लिए आ के एक बार मिल कर मुझ से, फिर बिछड़ जाने के लिए आ मुमकिन है अब ये होश भी साथ ने दे मेरा मुझ […]
वादा न सही मगर, एक इंसा को बचाने के लिए आ के एक बार मिल कर मुझ से, फिर बिछड़ जाने के लिए आ मुमकिन है अब ये होश भी साथ ने दे मेरा मुझ […]
हो गयी रुकसत घटा बरसने के बाद खिला मौसम नया बरसने के बाद मेरे गमो से रूबरू हो कर ये हवा भी जोर से बहने लगी बरसने के बाद होता आमना-सामना कुछ पल के लिए […]
अपनी सूरत को ज़रा सा इधर कर दे मेरे हर दिल-ऐ-गम को बेअसर कर दे………..!! D K
तुमको मैं जबसे खुदा मान बैठा हूँ! जिन्द़गी को गुमशुदा मान बैठा हूँ! खोजती हैं महफिलें जमाने की मगर, खुद को मैं सबसे जुदा मान बैठा हूँ! #महादेव_की_कविताऐं'(22)
मैं वो नहीं जो पास रहकर तुझे हँसाउगा मैं तो वो हूँ जो रहू या ना रहू लैकिन तेरी मुस्कुराहट की वजह कहलाऊँगा ! मैं वो नहीं जो उजालो मैं तेरा साया कहलाऊंगा मैं तो […]
विक्स के इन्हेलर से ली हुई एक लंबी श्वास, ज्यों श्वासनली के बंध दरवाजे खोल देती है! तुम्हारे पुराने कपड़ो में से आती महक, दिल के उन बंध कमरो के ताले तोड़ कर, तुम्हारी यादो […]
जब तू साथ होती है सब अच्छा ही लगता है , तेरा गुस्सा यूँ हो जाना मुझे अच्छा ही लगता है ! तेरी आँखों की गहराई में डूबां हूँ मगर फिर भी , तेरा बाबू […]
मेरे हसने और रोने मे तेरी याद आती है , मेरे जगने और सोने मे तेरी याद आती है ! तेरी अमृत भरी आँसूं को क्या मालूम मेरी जां, सम्न्दर पार विराने मे तेरी याद […]
ढूंढते क्या हो हमें अब, इन वीरान कूचों मे मिलने की खुवाईश हो, तो हमारे कब्र पर चले आना…………!! D K
आँखों से आंसू गिर पड़े आज, इस यकीन लव्ज़ को सुन कर के कभी हमने कहा था उस से मोहोब्बत यकीन का दूसरा नाम है………….!! D K
इस चाँद की शख्शियत भी कुछ काम नहीं तुझ से ज़ालिम जब भी मन करता है देखने को, कम्बख्क्त ये नज़र नहीं आता……………!! D K
मुझे भी शौख हुआ था इस मोहोब्बत का साहिब जब गए इसको खरीदने, तो पूरी ज़िन्दगी ही बैचनी पड़ी……………!! D K
न जाने कैसे और कब इस घर की तस्वीर बदल गई के कभी मरीज़-ऐ-मोहोब्बतो का यहाँ जमघट लगा करता था………….!! D K
कुछ ज़ख़्म हमको ताउम्र याद रह जाते है साहिब के वक़्त भी हार जाता है, उन जख्मो के आगे…………..!! D K
न मोहोब्बत, न साथी और न कोई घर अपना शर्म आती है हमें खुद को, एक इंसान कहते हुए……………!! D K
तन्हाई खुद-बा-खुद बन गयी हमारी ज़िन्दगी का एक हिस्सा चलो कोई ये तो नहीं कहेगा अब, ये तन्हा है दुनिया में………………..!! D K
इस खेल मे हारे तो इतना रोना आया है तुमको सोचो मोहोब्बत की बाज़ी हारते, तो क्या होता……………..!! D K
बहुत ही अजीब थी हमारी बंदिशे-ऐ-मोहोब्बत साहिब न वो हमको कैद कर सके, और न हम कही फरार हो सके…………!! D K
बड़ी ही ज़िल्लत-ऐ-ज़िन्दगी मिलती है इस इश्क़ मे साहिब हो अगर शौख-ऐ-चाहत दिल में, तो कर के देख लेना………………!! D K
हमारी आँखों को वो कभी गौर से देखता देखता साहिब तो वो भी रूबरू, रोने के सबब और जागने की खुमारी से होता……….!! D K
वो कहने लगे रुख से पर्दा हम हटा नहीं सकते हम ने कहा तुम्हारे हुस्न को देखे बिना हम जा नहीं सकते वो कहने लगे इस से हमारी रुसवाई होगी हमने कहा होने दो गर […]
मेरे दर्द का आलम गुजर गया है! तेरी बेरुखी का जख्म भर गया है! कोई नहीं है मंजिल न राह कोई, चाहतों का हर मंजर बिखर गया है! #महादेव_की_कविताऐं'(21)
मैं अकेला ही चलूँगा । शीश पर तलवार मेरे, पाँव में अंगार मेरे, या काटूँ या फिर जलूँगा । मैं अकेला ही चलूँगा ।। तुम न मेरा साथ देना, हाथ में मत हाथ देना, अब […]
जिंदगी भी मीठी सुपारी के दाने-सी हो गई है | कुछ देर तक भरपूर मिठाश देती है | लेकिन हलक से उतरते ही गला दुखा देती है | 😛 😀 [It’s humorous. Don’t try to […]
जिंदगी की सुंदर प्लास्टिक, कचरें में बदल जाती है अगर यूज न हो ढंग से, ऐसे ही जल जाती है कभी कभी जिंदगी से बढी मौत हो जाती है जिंदगी कभी कभी पानी में भी […]
जब सुनाई नहीं देती यहाँ किसी को चीख भी किसी की, तो कौन सुनकर आऐगा आगे यहाँ अब खामोशी की आवाज तेरी, जिस तरह मुश्किल है बहती हवा को छू पाना, उसी तरह मुम्किन नहीं […]
Tu kaun hain, Meri padchai kya, Tujhe apna kahun, Ya phir padaya… Tu kaun Hain, tera ghar hain kaha, Dur bahut dur jana ab yahan, Teri adat thi kabhi Abhi bhi hain, Yaden teri mere […]
सिर्फ देख लूँ एक बार उसे करीब से, फिर इन हाथों में मैंने कोई जाम नहीं लेना है॥ छलक जाए गर मेरी आँखों से अश्क तो समझ लेना, उसी ने कहा था के मेरा […]
हमारी खामोशियों का प्यार एक हिस्सा है, जो कभी खत्म न हो वो तेरा मेरा किस्सा है! तेरे जज्बातों ने ही मुझको कायर बना डाला, तुझे पाने की जिद ने मुझे शायर बना डाला !!
मैंने सूरज को आज फिर से चढ़ते देखा है, आसमान से परिंदों को उतरते देखा है ! जो कल तक ईमानदारी की बात करते थे, उन्हें चन्द सिक्कों के लिए लड़ते देखा है !!
………………….…Few lines on life …………………..…… Kabhi gam to kabhi khushiyon ki saugat hai zindagi. Kabhi dhoop to kabhi chhaon mein tahalatee ek aash hai zindagi . . ….. Kudrat ka diya ek anmol sa uphaar […]
इक कचरेवाली रोज दोपहर.. कचरे के ढेर पे आती है.. तहें टटोलती है उसकी.. जैसे गोताखोर कोई.. सागर की कोख टटोलता है.. उलटती है..पलटती है.. टूटे प्लास्टिक के टुकड़े को.. और रख लेती है थैली […]
जिसे कहते हो तुम कूड़े का ढेर; वह कोई कूड़ा नहीं! वह है तुम्हारी, अपनी चीजो का ‘आज’ | जिसे खरीदकर कल तुमने बसाया था घर में; उन्ही चीजो का है यह ‘आज’ | जिस […]
जो बेबसी देख रहे हैं हम आज उनके चेहरो में , वो ढूंढेंगे दो वक्त की रोटी कूड़े पड़े जो शहरों में ! जात,पात,दुनियादारी उन्हें इन सबसे मतलब क्या, पेट की आग बुझाने को वो […]
जो बेबसी देख रहे हैं हम आज उनके चेहरो में , वो ढूंढेंगे दो वक्त की रोटी कूड़े पड़े जो शहरों में ! जात,पात,दुनियादारी उन्हें इन सबसे मतलब क्या, पेट की आग बुझाने को […]
इस नफरत भरी सियासत में, कुछ बिक गये,कुछ डर गये ! पर फक्र करतें हैं आज उनपर, जो फिर जमीर के साथ घर गये!!
Kahte hai ummid pe kaayam hai.. Bas yahi soch ke tera hath thama hai.. Shayad Teri lakiro se Mil k kuch ummide fir muskura uthe
सत्य! यों देखो तो सत्य यहाँ कुछ भी नहीं; सब छलावा है, मिथ्या है | जिस साये को मान साथी हम चलते है यहाँ, साथ छोड़ देता है वह साया भी निशा के तम में […]
मुझको तेरी याद कहाँ फिर से ले आई है? हरतरफ ख्यालों में फैली हुई तन्हाई है! भटके हुए हैं लम्हें गम के अफसानों में, साँसों में चुभती हुई तेरी बेवफाई है! #महादेव_की_कविताऐं’
जिंदगी कुछ रूकी रुकी सी है सांसे कुछ थमी थमी सी है मायूस है मोहब्बत मेरी पुराने सायों से डरी हुई सी है
ताजुब नहीं मुझे तेरे बदल जाने से ओ बेवफा के कुछ लोग बदल नहीं सकते फितरत-ऐ-दिल अपना………….!! D K
अपनी मोहोब्बत का हमने तमाशा भी खूब किया एक बेवफा ने हमको इश्क़ मे बेहताशा भी खूब किया सोचा था मर कर अब हम किधर जाएंगे, मगर उस बेवफा ने काम-ऐ-दिलासा भी खूब किया……………….!! D […]
इंसा, इंसा को क्या देता है जख्म और सिर्फ दगा देता है पिला कर घूँट धोके का सबको ये बड़े आराम से सबको सुला देता है करता है विश्वास घात चंद रुपयों के खातिर दिल […]
झाँक रहा था मैं एक रोज ईश्वर की खिड़की के भीतर, किन्तु दंग रह गया निज प्रतिबिम्ब देख उस खिड़की में! अनायास ही कोई अनहद नाद उठा मस्तिष्क में: ‘देख ले दर्पण यह, देख ले […]
जरा याद करो उस बलिया को जो बीर पुरूष की धरती है जीवन का हो उदय यहां रोशन कुर्बानी करती है मंगल पांडे चितू पांडे चन्द्रशेखर जैसे बीर जहाँ शहीद हुये इस भारत […]
माँ ही एक ऐसा बैंक है यारों, जो हर दुःख सुख के भाव सहेजे, कभी भी देदे नोट पुराने रक्खे जो पल्लू में लपेटे, पापा मानो क्रेडिट कार्ड कभी न करते जो इनकार, खुद वो […]
हाथों से बनाया जिनको मैंने आज वही मुझको बनाने लगे, बनाकर मूरत मेरी दुकानों में मुझको वो सजाने लगे, कितनी बदल गई उस इंसा की नियत जो मोल लगाकर मेरा खुद को अमीर बनाने लगे, […]
बन्द कर अपने जज़्बातों के सभी दरवाजों को, लगाये लब्जों पर हम खांमोशी के बड़े तालों को। देखो किस तरह ढूंढने में लगे हैं हम कचरे में छिपी अपनी जिंदगी की चाबियों को॥ यूँ तो […]
बन्द कर अपने जज़्बातों के सभी दरवाजों को, लगाये लब्जों पर हम खांमोशी के बड़े तालों को। देखो किस तरह ढूंढने में लगे हैं हम कचरे में छिपी अपनी जिंदगी की चाबियों को॥ […]
चलो चलकर फिर उसी जगह, नये रिश्तों की शुरुआत करें ! दो आँखें तेरी दो मेरी हों , आओ मिलके आँखे चार करें!!
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