ये  अजूबा  किसने  कर दिया फक्त एक मुट्ठी मैं सारा हिन्द इकट्ठा कर दिया तीन ही रंगों मैं सारा हिन्द बया कर दिया केसरी है वीरो के , बलिदानो का प्रतीक जिन्होंने  स्वय को समर्पित […]

काश सपना मेरा ये हकीकत हो जाए, मैं बाहर और तू यूँही अंदर हो जाए, रख कर बर्तन में तुमने मुझे बहुत सताया है, अब तुमको भी सताने की कुछ खुरापात हो जाए, खेले हो […]

किसी के जुल्फ का उठता हुआ बादल बुलाता है, अब तुम्हारी याद में खोकर कोई पागल बुलाता है ! चले आये हो जब से छोड़कर तन्हा किसी को तुम, अब उसके आँख का निकलता काजल […]

बन्द मुट्ठी में कई राज़ दबाये बैठा हूँ, अनगिनत शहीदों के कई नाम छुपाये बैठा हूँ, मेरी खातिर होती रही हैं कितनी ही कुर्बानी, मैं बेज़ुबान सही पर हर जवान की पहचान सजाये बैठा हूँ, […]

जिसकी आँख की सर्दी मुझे माकूल करती है उसीकी आँख की नर्मी मुझे मकबूल करती है पता है उसको कि ये मुमकिन नही लेकिन न जाने क्यो मुझ से वो अभी तक प्यार करती है

कोई काली कमा के रईस हो जाता है कोई सबकुछ लुटा के रईस हो जाता है दुनिया का दस्तूर निराला है यहां तो दिल का लुटेरा भी रईस हो जाता है|

रात जाती है फिर से क्यों रात आ जाती है? धीरे—धीरे दर्द की बारात आ जाती है! भूला हुआ सा रहता हूँ चाहतों को लेकिन, करवटों में यादों की हर बात आ जाती है! #महादेव_की_कविताऐं'(26)

मैं हक़ीक़त में आजादी का एहसास करने ही लगा था के बस। फिर से मुझे ज़ंजीरों में जकड़ा जाने लगा।। आ ही गया था के वो लम्हा ए इमकान (सम्भावना) खुशनसीब, के बस यह एक […]

कुछ ना होने का भी कुछ तो मतलब होगा यूँ ही तो नहीं कुछ ना हुआ होगा वो मतलब खोज लीजिए कुछ ना होना कुछ होने मै बदल जाएगा जिंदगी का ढंग आपके ढंग मे […]

जय हिन्द का नारा फिर बुलंद करो टूटे आत्मसम्मान को फिर एक-सार करो चित की चेतना को फिर चिंतित करो आँखों के पानी को फिर लहु मै परिवर्तित करो अधरों की चुप्पी को फिर बाधित […]

गुलामी का अर्थ तो तब समझ आया, जब नौकरी की कुछ दिन एक प्राइवेट कंपनी में | कहते है उसे ‘नौकरी’ क्यों, यह तो जानता था | किन्तु वह अस्तित्व में है ‘चाकरी’, यह तो […]

रंग हैं विभिन्न देखो फिर भी एक नाम है, एक ही है माटी अपनी एक ही तो शान है, बीच में चक्र जो वो जीत का अभिमान है, मुठ्ठी में है बन्द जो तिरंगा अपनी […]

कट जाते है दिन पैसो की झनकार सुनने के लिए | किन्तु रात आते-आते शुष्क पड़ जाता है वह जीवनरस; जिसे पीने के लिए मथते रहते है जीवनसमुद्र | -Bhargav Patel (अनवरत)

तू जला कर मुझे धुंए के छल्ले बना कर खुश है, तो मैं भी खुश हूँ हर रोज तुझे झुलसता देख कर, तू सुलगाकर मुझे दे रहा है हर लम्हा हवा, तो मैं भी निगल […]

सुकून हम अपने दिल का अब कहू चुके है हम खुद को गम-ऐ-सागर में डुबो चुके है क्यों मजबूर करते हो हमें, ये खत दिखा कर हम पहले से ही उदास है, बहुत रो चुके […]

शुक्र है मोहोब्बत का कोई मज़हब नहीं होता वर्ना ये भी अमीरी और गरीबी का ख्याल करती मिल जाती हर शक्श-ऐ-आमिर को और हम जैसो को ये बेहाल करती……………………………!! D K

हमको तन्हाई में बुला-बुला कर रोये अपने आंसुओं को छुपा-छुपा कर रोये जब देखी उस ने हमारी सिद्क़-ऐ-दिल लोगो अपने ही आँचल में, वो मुँह छुपा-छुपा कर रोये…………….!! D K

हमारी इस बात से भी लोग हमसे खफा रहते है के हम सब से क्यों रफा-दफा रहते है के रंग-ऐ-बईमानी जब सब पर चढ़ी है इस दुनिया में तो क्यों हम हरदम सफा-सफा रहते है…………………………..!! […]

रंग नहीं महज़ ये तीनो हमारे हिंदुस्तान की शान है झंडा है ये हमारे देश का तिरंगा इसका नाम है सर से भी ऊँचा रखेंगे हम इसको जब तक जिस्म में जान है हर पल […]

राजा-शासन गया दूर कही, गणतंत्र का यह देश है | चलता यहाँ सामंतवाद नहीं, प्रजातंत्र का यह देश है | दिया गया है प्रारब्ध देश का, प्रजा के कर में; किन्तु है राजनीति चल रही […]

उषा की रश्मि जब घोलती है चाय में चुस्ती, शुरू करते है दिन हम अपना | लेकिन शाम आते-आते आन पड़ती है फिर एक चाय की जरुरत; घोली हो जिसमे संध्या ने कोई अलौकिकता हमारे […]

मुठ्ठी में तकदीर है मेरी, मेरे वतन की कर ले कोई कितनी भी कोशिश मिटा नहीं सकता| क्या करेगा वो इन्सान आखिर जो देश का राष्टगान भी गा नहीं सक्ता||

जन्म लेकर साथ तुम मेरे पली थी भेदभावों के समन्दर में वहीं थीं में पला नाजों से लेकिन तुम नहीं कौन कहता पीर मन की अनकहीं पूज्या कहकर लड़कियों की कैसी साधना बहन तुम मुझे […]

अजीब है दुनिया अजीब बाजार है दुनिया जिंदगी का लिबास पहने मुर्दा है दुनिया ये रूह बेचकर रिवाज ख़रीदा करती है मन के अहसास जलाकर पथर पूजा करती है जात को अपनी पहचान बता , […]

  तेरा — मेरा इश्क पुराना लगता है । दुश्मन हमको फिर भी जमाना लगता है ॥ गुलशन – गुलशन खुशबू तेरी साँसों की । मौसम भी तेरा ही दीवाना लगता है ॥ पर्वत – […]

कइस अकेला है वह, मुझे जाने दो जो किया है वादा, मुझे निभाने दो वो समां भी कितना रंगीन होगा जब मिल बैठेंगे दीवाने दो चलेंगी रात भर इस दिल की बातें और भरेंगे मय […]

हमारे साथ कदम से कदम मिला चल सको तो चलो के इस इश्क़ में कुछ देर ठहर सको तो चलो बहुत ही हौसला चाहिए, इस दिल की निगेबानी करने को अगर तुम इसकी पहरेदारी कर […]

किसी को भूल जाने मे वक़्त तो लगता है के आँखों के आंसू मिटाने में वक़्त तो लगता है जब बैठे हो चाहत-ऐ-किस्ती मे, तो सब्र करो इसको साहिल तक पहुचाने में वक़्त तो लगता […]

शब्दों में नहीं तो खामोशी ही सही, किसी ज़ुबां में तो तू निकल कर सामने आ, कब तलक छुपता रहेगा तू राज़ अब दिल में, खुल कर अब किसी सच सा तू निकल कर सामने […]

देख रहा हूँ रात में जगमगाती लाइट्स इन अंजान रास्तो पर, ज्यों जीवन धबकता है शहरो के दिल में। एक तसल्ली रहती है मन में कि हम जिन्दा है। लेकिन चलती कार के साथ वो […]

सबके ज़हन में आने की ये तरकीब निकाली हमने, के खुद ही के लापता होने की खबर फैला डाली हमने, बिक गया जब हर ज़रा ज़मी पर कुछ खाली न बचा, छोड़ कर ज़मी चाँद […]