💞Women’s Day Special poetry💞 ************************************ महिलाओं की बात निराली, माँ, भगिनी हो या घरवाली …. इनसे ही संसार बसा है दिल में प्रेम अपार छुपा है…. सुंदर सबका रूप सजीला परिधान है इनका रंग-रंगीला…. ये […]

❤ गुलदावरी के पुष्प ❤ ++++++++++++++++++++ गुलदावरी के पुष्प खिलने लगे हैं हम तुमसे ख्वाबों में मिलने लगे हैं। तपती हुई धूप में बनकर ठंड का मौसम देह की मिट्टी पर ओस की बूंदों-से कुछ […]

अलबेली यह रात नवेली कुछ हमसे कहने आई है, मीठे-मीठे प्यारे-प्यारे संग में सपने लेकर आई है। मैं मूंदूँ और खोलूँ पलकें, नींद नहीं आती फिर भी जाने क्या खोया है मैंने ! और जाने […]

घर आया है रात का पंछी करने लाख सवाल होठों पर अनुपम हिंदी हाथों में है गुलाल। रंग डालेगा शायद मुझको मनसा उसकी लगती है गीली-गीली उसकी आंखें थोड़ा मुझको लगती है। बैठ गया है […]

मेरी नन्ही सी गुड़िया खिलौनों से खेलते खेलते न जाने कब बड़ी हो गई! आज जब देखी उसकी हाथों में चूड़ियां सिर पर लाल चुनर तो समझ में आया। जो आंगन में फुदकती रहती थी, […]

जाने क्यों कुछ अल्फाज सिसकते रहते हैं हम तुम्हारी यादों में महकते रहते हैं यूं तो हमारी मोहब्बत की पूजा करता है जमाना पर जब भी हम एक होना चाहते हैं तो लोग बेबुनियाद इल्जामों […]

❤ गुलदावरी के पुष्प ❤ ++++++++++++++++++++ गुलदावरी के पुष्प खिलने लगे हैं हम तुमसे ख्वाबों में मिलने लगे हैं। तपती हुई धूप में बनकर ठंड का मौसम देह की मिट्टी पर ओस की बूंदों-से कुछ […]

अलबेली यह रात नवेली कुछ हमसे कहने आई है, मीठे-मीठे प्यारे-प्यारे संग में सपने लेकर आई है। मैं मूंदूँ और खोलूँ पलकें, नींद नहीं आती फिर भी जाने क्या खोया है मैंने ! और जाने […]

यूं मोहब्बत की नुमाइश की नहीं जाती दिल की ख्वाहिश सरेआम की नहीं जाती. ********************************** समझता है बेशर्म ये सारा जमाना, इसी वाइस दिल की बातें बेपर्दा की नहीं जाती.

जो बादल सदैव ही निर्मल वर्षा करते थे निज तपकर अग्नि में तुमको ठण्डक देते थे वह आज गरजकर तुम्हें जगाने आये हैं ओ राजनीति के काले चेहरों ! ध्यान धरो, हम ‘हल की ताकत’ […]

💜Valentine special💜 कुछ गुलाबों के पंख बिखरा के गये थे यहाँ, लौटकर आए तो उन्हें सिमटा हुआ पाए… दे रही हैं गवाही खामोंशियां ये रातों की, ओढ़ के वो इश्क की थी चादर यहाँ आए….!!

लेख:- ‘ब्राण्डेड बुखार’ आजकल हर व्यक्ति अपने निजी काम को बहुत ही अच्छे ढंग से करने मे विश्वास रखता है। सबसे ज्यादा ध्यान तो इस बात पर रहता है कि हम अच्छा खाये,पिये और पहने। […]

हे नव वर्ष ! तुम्हारा स्वागत ना कर पाई मैं ! तुम्हारे आगमन के उपलक्ष्य में हजारों तैयारियां करना चाहती थी पर कर ना सकी ! तुम्हें समेटना चाहती थी प्रेम से, दुलार देना चाहती […]

कालचक्र ने लिखा था एक रोज़ रेत पर उंगलियों के पोरों से, वह हस्तलेख मिट गया सागर की लहरों के थपेड़ों से… स्वागत है कर जोड़कर २०२१, खूँटी पर अब टाँग दी वैमनस्यता भरी कमीज… […]

नववर्ष हो इतना सबल ना पीर चारों ओर हो, जिधर भी उठे नजर सर्वत्र पुष्प ही पुष्प हो.. यह लेखनी अविराम हो, हर पंक्ति में ऐसे भाव हों… जाग जाए यह जमीं और आसमां झुक […]

बेशक मनाओ त्योहार तुम दिल खोलकर करो नववर्ष का स्वागत पर शराब, बकरी, मुर्गों आदि जीवों के जीवन का अन्त करके किस प्रकार मना सकते हो तुम आन्नद !! कल तुम तो देखोगे अपने जीवन […]

नववर्ष की पूर्व संध्या ******************* नववर्ष की पूर्व संध्या पर मैं अर्पण करती हूँ अश्रु के बीज बोती हूँ लम्बी मुस्कानें चुनती हूँ मैं सफल नव जीवन पर ले जाने वाली राह अब नहीं करूंगी […]

जाने क्यूं खुशियां मना रहे हैं लोग !!! मेरी जिंदगी का एक और साल कम पड़ गया एक और साल जुड़ गया जीवन के अध्याय में, इस खुदगर्ज दुनिया ने इस वर्ष में अपने-अपने रंग […]

कूड़ाघर: रसोईंघर ******************* मैं अक्सर सोंचा करती थी आजकल कोई गरीब नहीं… सब अपने आप में सक्षम हैं इस दुनिया में अब कोई असहाय नहीं… परंतु एक दृष्य देखकर भर आईं मेरी आँखें मुझको विश्वास […]

गरीब की पुकार’ सुन लो, लाख दुआएं मिलेगी किसी मजबूर को सहारा दो तुम्हारी शक्ति और बढ़ेगी… घटेगा नहीं धन बल्कि और भी बढ़ेगा किसी गरीब की झोली में जो तुम्हारी एक चवन्नी भी गिरेगी… […]

बेटी और पिता सैर पर जा रहे थे मधुर संगीत था कोई गीत गा रहे थे.. होंठों पर दोनों के तसल्ली भरी मुस्कान थी, बेटी अपने पापा की जान थी.. सैर करते समय एक रास्ते […]

एक अंधी लड़की देख के मन में वेदना का ज्वालामुखी फूटा सोई थी चिर निद्रा में करुणा से अवधान टूटा… मन में आया मेर जो वह सबको आज बताती हूँ मेरे नेत्र हैं कितने सुंदर […]

रक्तदान है महादान यह ‘प्रज्ञा शुक्ला’ कहती है, रक्ताल्पता को अक्सर जीवन में अपने सहती है… रक्तदान करने से कोई कमजोरी नहीं आती है, इतनी दुआएं मिलती हैं कि झोली भर जाती है… किसी की […]

“रिश्तों में वफादारी और विश्वास” ************************************ गमों की बरसात होती रही अश्क रुखसार पर लुढ़कते रहे, हमने सोंचा ये फिक्र है तुम्हारी यही सोंचकर हम हर सितम सहते रहे…. एक सिसकती हुई रात ने समझा […]

खामोंश रहना जज्बात बयां करने से अच्छा है दिल की बातें दिल में छुपाना अच्छा है काश ! ये पहले ही समझ जाते हम, चलो वक्त ने समझा दिया ये भी अच्छा है….

छ: महीने बीत गये अब तक कुछ ना पता चला सुशांत सिंह राजपूत ने आत्महत्या की या उन्हें मार डाला गया.. कैसा शासन है ? और कैसे यहाँ के लोग हैं मंगल ग्रह पर तो […]

निडर होकर निकले हर लड़की काश ! ऐसा भी दिन आए, बेटों से डर ना लगे हर बेटा पूजा जाए… कर्म हों सबके अच्छे संस्कार हों भरे, शुद्ध हो आचरण बेटों का ऐसा पाठ पढ़ाया […]

“बलात्कार है अक्षम्य अपराध” ++++++++++++++++++++ चीख-चीखकर पुकारा उसने, पर कोई सुनने ना आया… तोड़ती रही वह दम अपना, पर कोई लाज बचाने ना आया… वैशी-दरिंदे झपट पड़े, उनको जरा भी तरस ना आया… क्या औरत […]

❤माँ और पत्नी❤ ******************* माँ से जब मांगी एक रोटी, माँ के चेहरे पर मुस्कान खिली… पत्नी से मांगी जब रोटी तो मन ही मन नाराज हुई…. माँ कहती ओ बेटा ! तू कितना ज्यादा […]

जा रहा है २०२० कुछ खट्टी-मीठी यादें छोंड़कर, आ रहा है २०२१ कोरे कागज के पंख ओढ़कर…. उम्मीद है यह सवेरा सबके जीवन में आएगा, उम्मीद की रौशनी ले हर मन में उत्साह जगाएगा..

जाने क्यूं तुमसे प्यार-सा हुआ जाने अनजाने इकरार-सा हुआ, तुम लाख बुरे सही पर अपने से हो लाख दूरियां हैं फिर भी पास रहते हो.. ये क्या है ! क्यूं है ! नहीं जानती हूँ […]

यह नववर्ष इतिहास बन जाए भारत की सब गाथा गाएं बूढ़ों में फिर आए जवानी लोरी गायें दादी-नानी भाई-बहन सब खुशी मनाए हर घर में खुशहाली आए कोरोना से जो क्षति हुई उसकी अब भरपाई […]

ओ विरह की वेदना ! मुझको पकड़ा दो कलम साथ में दे दो मुझे रात की तन्हाइयां और दो मुझको तुम रंग-बिरंगी स्याहियां अधखुली-सी इक कली रात यों कहने लगी “कलम और स्याही” ना हो […]

जाने कितने अल्फाज ठिठुर गये जो लिखे थे मन के कागज पर मैंने सिकुड़ गये कुछ ठण्ड की कटीली रातों में तो कुछ जम गये बर्फ के गोलों में सुबह धूप निकलेगी तो पिघलेंगे यही […]

पिता है जीवन का आधार पिता से है यह जीवन संसार पिता है मेरे मन का कोना पिता प्रेम ना मुझको खोना पिता मुझको खूब पढ़ाया बेटो से ज्यादा सम्मान दिलाया मेरी आँख में जब […]

बीता गया २०२० आया है सजकर २०२१ मिट्टी डालो बीती बातों पर मुस्कान रखो बस अधरों पर कोशिश करो जीवन में इतनी कोई बात ना करो जो हो दिल दुःखनी दोस्तों से हँसकर गले मिलो […]

बेटी होना एक अभिषाप ! मानता है यह आज भी समाज बेटी तो कुल की लक्ष्मी है पूजी जाती हर घर में है बेटी से घर में हो उजियारा किलकारी से खिलता आंगन सारा बेटी […]

सोंधी-सोंधी गाँव की यादें चौपाटी पर परधानी की बातें पके-पके से स्वर्णिम धान गाँव के बूढ़े, बाल, किसान सब आते हैं मुझको याद गोरी के गोरे-गोरे गाल जिन पर हँसकर झूले लट ना भूला मैं […]

बस जुमला है !! ++++++++++++++++ अब तो है लंगड़ाया शासन पहले होता था देशों का अब है हृदयों का विभाजन मजदूरों की रोटी रूठी खबरें चलती झूठी-मूठी हलधर बैठा धरने पर गरीब की फटती जाए […]

कैसा जीवन हाय ! तुम्हारा ना चूड़ी ना गजरा डाला पैरों की पायल भी रूठी घुंघरू टूटा, चूड़ी टूटी जो देखे वो कहे अभागन जब चले गये हैं साजन ! तुझ पर कितने अत्याचार हुए […]

ये लम्बी दूरियों का फासला तय कर पाना मुश्किल है थोड़ा तुम चलो थोड़ा हम चलें फिर मंजिल पाना कहाँ नामुमकिन है प्यार ही तो है मंजिल हमारी तुम्हारे सजदे में ये मेरा दिल है […]

अटल बिहारी वाजपेयी जी की जयंती पर विशेष प्रस्तुति:- ********************************************* हे अटल ! अटल रहो यूँ ही हृदय में बसे रहो दिव्य ज्योति बनकर सदा साहित्य में जले रहो प्रकाश दो सूर्य को तुम मेरा […]