अत्याचार खत्म करने का एक ही है उपाय घर-घर में शिक्षा का करें प्रचार-प्रसार। शिक्षा ही वह दीपक है जो हर घर में उजाला करती है शिक्षा ही है जो जानवर को इंसान बना देती […]

तुझसे धोखा खाकर प्यार में कुछ यूँ असर हुआ मुझ पर पीछे मुड़कर नहीं देखता हूँ मैं जिसे छोड़ आया बस छोड़ आया।

बेशक तुम खूबसूरत हो पर इतना बुरा मैं भी नहीं हूँ जो तुम मुझे छोड़ कर चली गई बस तुम्हारी कसम ने जिन्दा रखा है मुझे वरना मैं यह नश्वर शरीर कब का छोड़ कर […]

मैने कोशिश बहुत की तुमको मनाने की पर तुम मुझे छोड़ कर चली गई। और बसा ली जाकर तुमने अपनी दुनिया मेरे रकीबों के साथ। मेरा दिल तोड़कर न जाने क्या मिल गया तुम्हें! पर […]

तुम्हें याद है वह उधार वाला वादा? याद है तुम्हें एक कप चाय का वादा जो तुमने किया था मुझसे कभी और आज तक पूरा नहीं किया मुझे भी याद है और तुम्हें भी याद […]

डूब जाने दे मुझे अपनी झरने- सी आँखों में इन्हीं में है मेरी ख्वाहिशें इन्हीं में है मेरी मोहब्बत डूब जाने दे मुझे अपनी झरने-सी आंखों में मुझे देखना है है क्या इनके पार एक […]

उनकी आहटों पर फिर फिसला मेरी तमन्नाओं का हार है खिसक रहे थे जो सपनें आज हाँथ में आया वही लम्हात है….. प्रेम-पिपासु हूँ जी भर के पिला दे साकी टपक रही जो तेरे होठों […]

आज कुछ बदला- बदला मिज़ाज है दिल भी बेताब है सिसकियाँ भी खामोश हैं….. लफ्जों में मिठास है गूंजती जा रही है गलियों में शहनाई बींद के इन्तज़ार में….. बीती जा रही है स्वर्ण रात्रि […]

तुम मिटाती रहो मेरे प्यार के सबूत मैं सबूत जुटाता रहूंगा। तुम कितना भी मेरे ख्वाबों से बचना चाहो मैं हर रात ख्वाबों में आता रहूंगा।

स्वप्न में रोज लिखती हूँ तुम्हारे नाम की कविता, कहीं कोई देख ना ले बस इसी चिंता में रहती हूँ, इसलिए उन सबूतों को मिटाकर ही मैं जगती हूँ।

हमारी ओर से शुभरात्रि कह देना उन्हें कविता, साथ ही यह भी कह देना कि सपने में चले आना। कहीं पर बैठ करके प्यार की दो बात कर लेंगे। जागते में हमें संसार मिलने ही […]

आज जब मानव के बजूद पर बन आई है फिर भी जाति-धर्म की ये कैसी लङाई है गरीब देखे न अमीर ये वैश्विक महामारी है मानव बनकर रहने में हम सब की भलाई है मानव […]

सफ़र ————- बंदिशो के आँगन में बुलन्दियो के आसमान तक यह सफ़र है, तेरी बेचैनी से,तेरी पहचान तक कहाँ थमी है,तेरी चुनौतियों की कंटीली डगर मंजिल तो पाना है ही,चाहे जितना लम्बा हो सफ़र सौन्दर्य,मातृत्व […]

जगमग ये संसार सारा शोरो गुल से भरा, डरा डरा सा सहमा सा मौन हूँ मै दुनिया सारी मतलबी सी सबकी अपनी है पहचान मैं सोचु एक पल बैठ जरा दुनिया में आया किस लिए […]

प्यार के चक्कर में पड़ मेरी तरह प्यारे, अरे तू भी वियोगी कवि न बन जाना कहीं प्यारे। जरूरत है नए उत्साह की कविता लिखे कोई, इस कमी को कलम से आज, पूरी कर मेरे […]

बूंद बूंद बूंदें बूंद बूंद बूंदें बूंद बूंद बरसती है , आंखों से मेरी । तूने क्यों की रुसवाई , जज्बातों से मेरे। बूंद बूंद बूंदें बूंद बूंद बूंदें तू धूप सा चुभता रहा, मैं […]

भरी दोपहरी की धूप में जिस तरह सूखने की बजाय गीला हो जाता है पसीने से बदन, ठीक उसी तरह भरी बरसात में हरा-भरा न होकर सुख गया है मन।

बहुत-बहुत सुंदर है वो, प्यार का समंदर है वो , फीखा है हर रिश्ता , पर उसका कोई तोड़ नहीं, देखी होगी आपने बहुत सी देवियां , पर मेरी मां की कोई होड़ नहीं, मेरी […]

लौट कर आयें है हम सावन पर सावन के महीने में घटायें हो घनघोर बरस रही हैं शुष्क धरा पर दे रहीं है जन्म हरित काया को सावन के महीने में हम भीं दे कुछ […]

सुना है हमने अपने वतन पे, अपने वतन की कहानियाँ। तिलक पटेल आज़ाद छोड़ गए थे, अपनी कई निशानियांँ।। खेले – पले हुए थे, अनेक वीर जवां, थी यही धरती माँ की मेहरबानियाँ । कर्ज […]

किसी भी हाल में तुझसे नहीं पीछे रहूंगी मैं, तू लिखना रात भर कविता, सुबह जग कर पढूंगी मैं। तेरी हर एक कविता पर हंसूगी और और रोऊँगी, लिखेगा जो भी बातें तू मनन करती […]

प्यार के चक्कर में मत लिख सैकड़ों कविता, ये सब तो पूर्व में कह कर गए हैं सब वियोगी कवि। तब भी पसीजा क्या कभी दिल बेवफाओं का। कलम मत घिस वियोगों पर नए योगों […]

मुझे अपना बनाने में इस कदर देर मत तू, न जाने मन मेरा चंचल किसी से और जुड़ जाये। मुझे बस लाभ दिखता है इसलिए देर मत कर अब न जाने कब पलट जाऊं न […]

चाय की चुस्कियों पर ही तुम्हारी याद आती है, बाकी तो व्यस्तता है, जो मुझे दिन भर सताती है। जिस दिन अधिक शक्कर पड़ी हो खास कर उस दिन, तुम्हारी याद आती है, दिन भर […]

गम भी क्या चीज है जो इतनी कविताएं लिखवाता है मुझसे किसी की वेबफाई पर मुझे कवि या कवि सा बना देता है। नित नया दर्द उभर कर, मेरी पंक्तियों में शामिल हो जाता है। […]