होली के रंग में हम भिगायेंगे अंग, मिल जाये हमें कोई तो लगाएंगे रंग, न सोचेंगे न समझेंगे न समझायेंगे हम, मिलजाये जो थोड़ी सी तो चढ़ाएंगे भंग, घूमेंगे फिरँगे झूमेंगे हम मस्ती में अपनी, […]
होली के रंग में हम भिगायेंगे अंग, मिल जाये हमें कोई तो लगाएंगे रंग, न सोचेंगे न समझेंगे न समझायेंगे हम, मिलजाये जो थोड़ी सी तो चढ़ाएंगे भंग, घूमेंगे फिरँगे झूमेंगे हम मस्ती में अपनी, […]
भारत माँ के प्यारे वीरो मेरा आप सबको प्रणाम है जो हो गए शहीद, देश की खातिर वीर तुम्हे सलाम है घर छोड़ा ,संग छोड़ी मोह माया सर्वस्व निछावर कर दिया ऐसे मेरे भारत के […]
कभी किताबो का सहारा लिया, कभी भीड में शामिल हो गए, तन्हाई मगर तुझको जुदा कर न सके।
कब तक जिए हम तेरी यादों के सहारे तेरे बिना नींद भी आती नहीं यादों के सहारे तेरे बिना जीना नहीं ये माना था मैंने पर तेरे बिना पड़ेगा जीना ये न जाना था मैंने, […]
कब तक जिए हम तेरी यादों के सहार तेरे बिना नींद भी आती नहीं यादों के सहारे तेरे बिना जीना नहीं ये माना था मैंने पर तेरे बिना पड़ेगा जीना ये न जाना था मैंने, […]
कब तक जिए हम तेरी यादों के सहारे, तेरे बिना नींद भी आती नहीं यादों के सहारे, तेरे बिना जीना नहीं ये माना था मैंने, पर तेरे बिना पड़ेगा जीना ये न जाना था मैंने, […]
छोड़कर मुझे तुम इतनी जल्दी क्यों चले गए , अभी तो सुख के पल आए ही थे अभी ही चले गए , जाने किसकी बुरी नजर लगी सब सपने अधूरे कर चले गए, जी रही […]
फिर वही संगी हमारा फिर वही साथी मिले हो जनम यदि पुनः तो, मुझे फिर वही सहपाठी मिले | लड़ता ही रहता है वह हर समय हर मोड़ पर संघर्ष में संग रहता सदर ,जाता […]
क्यों तुम मेरी यादों में ग़म कर जाते हो? आकर मेरी निगाह को नम कर जाते हो। दर्द की आहट से डर जाती है ज़िन्दग़ी- मेरी ख़ुशियों के पल को कम कर जाते हो। मुक्तककार- […]
Yeh jo kismat ke mansube jane kya ye soch rahe hain Akele milu jo inse kabhi mai lagta hai ye noch rahe hain Raah badi thi lambi yaaron mar mar kar ye kaat rahe hain […]
मजबूरियों से भरे कटोरे के चुल्लू भर पानी को देख, समन्दर भी हार कर एक दिन आंसुओं में डूब गया। राही अंजाना
तारीफ़ तेरी, नहीं मेरी जुबां करती है । नजरें पढ़ ले, हाले-दिल बयां करती है । इश्क में हूँ तेरे आज भी, जहां जानता है, तेरा हुश्ने-मुकाबला, कोई कहाँ करती है । माना बरसों पुराना, […]
नक़ाब से जो चेहरा, छिपा कर चलती हो। मनचलों से या गर्द से, बचा कर चलती हो। सरका दो फिर, गर जो तुम रुख से नक़ाब, महफिल में खलबली, मचा कर चलती हो। तेरे आने […]
अदम्य साहस की पहचान, भारत के ये वीर जवान , मातृभूमि की रक्षा के लिए, जान हथेली पर रखकर, ये कर देते जीवन कुर्बान, ये है अभिनंदन जैसे वीर जवान , हमारे पूज्य है ये […]
उसकी आँखों में मेरी आँखें उतर कर भूल गईं, दिल ओ जिगर के पैमाने पे असर कर भूल गईं, गहरा समन्दर था ये गुमान टूट कर बिखर गया, उस रोज़ उसकी अलकों से सफर कर […]
अदम्य साहस की पहचान, भारत के ये वीर जवान , मातृभूमि की रक्षा के लिए, जान हथेली पर रखकर, ये कर देते जीवन कुर्बान, ये है अभिनंदन जैसे वीर जवान , हमारे पूज्य है ये […]
आजादी के इतने साल बाद भी , आज देश में मर रहा किसान हैं , आखिर क्यों हो रहा ऐसा हाल है ? बीच में विचौला ही मालामाल है , अन्न जिसका खाकर हम जिंदा […]
आजादी के इतने साल बाद भी , आज देश में मर रहा किसान हैं , आखिर क्यों हो रहा ऐसा हाल है ? बीच में विचौला ही मालामाल है , अन्न जिसका खाकर हम जिंदा […]
अदम्य साहस की पहचान, भारत के ये वीर जवान , मातृभूमि की रक्षा के लिए, जान हथेली पर रखकर, ये कर देते जीवन कुर्बान, ये है अभिनंदन जैसे वीर जवान , हमारे पूज्य है ये […]
लकड़बग्घे से नहीं अपेक्षित प्रेम प्यार की भीख, किसी मीन से कब लेते हो तुम अम्बर की सीख? लाल मिर्च खाये तोता फिर भी जपता हरिनाम, काँव-काँव हीं बोले कौआ कितना खाले आम। डंक मारना […]
अ आंख बंद भी हो जा जरा 😥 हकीकत में ना सही सपने में ही मुलाकात होने दें 😔😔
हां माना मै कमजोर हूं कि जरा सी बात पर भी आंसू छलका देती हूं पर आंसू छुपाकर मुस्कुराना भी आता है मुझे
Jaruri nhi hota jo insaan hass rha hai vo aandar se bhi khush hi ho 😅
तेरा तसव्वुर मुझे जुनून देता है। तेरे सिवा कुछ नहीं सुकून देता है। रातों को जगाती है तेरी तमन्ना- तेरा हुस्न दिल को मज़मून देता है। मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
जो सवाल अभी तलक बना ही नहीं, शायद मैं जवाब उसी सवाल का हूँ।। राही अंजाना
क़र्ज़ शायद पिछले जनम का चुकाना पड़ता है, इसीलिए नन्हें कन्धों को वजन उठाना पड़ता है। राही अंजाना
वीर थे अधीर थे सरहद के जलते नीर थे, इस देश के लिए बने तर्कश के मानो तीर थे, भगतसिंह राज गुरु सहदेव ऐसे धीर थे, बारूद से भरे हुए ये जिद्दी मानव शरीर थे। […]
महिला दिवस शिव की शक्ति बनकर तूने हर क्षण साथ निभाया नारी, पिता- पती के घर को तूने हर एक क्षण महकाया नारी, हर युग में अपने अस्तित्व का तूने एहसास कराया नारी, प्रश्न उठे […]
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की, समस्त महिलाओं को ससम्मान शुभकामनाएँ, छोटी सी रचना के माध्यम से प्रेषित है – नारी में शक्ति है, नारी से भक्ति है, यह वस्तु नहीं मात्र उपभोग की। नारी रूप बलिदान, […]
कागज़ की सीढ़ी बनाकर चढ़ते नज़र आते हैं, जो पढ़ते हैं अक्सर वही बढ़ते नज़र आते हैं, किसी कलम की स्याही सा जिंदगी में चलने वाले, ख्वाबों को हकीकत का सच गढ़ते नज़र आते हैं।। […]
नमन आज़ादी के परवानों का। वंदन क्रांति वीर जवानों का।। भगत, सुखदेव क्रांति वीरों के, इंक़लाब का डंका बजता था। ‘तिलक’ के विचारों का तिलक, राजगुरु के भाल सजता था। आज़ाद भारत का सपना, दिलों […]
जहाँ कचरे के ढ़ेर में भी बच्चे खुशियाँ ढूंढ़ लेते हैं, वहीं कमज़र्फ दिल इसमें भी सुर्खियाँ ढूंढ़ लेते हैं।। राही अंजाना
तुम्हें गुलाब लिखूं या फिर कंवल लिखूं। जी चाहता है तुझ पर एक ग़ज़ल लिखूं। गुल लिखूं, गुलफ़ाम या लिखूं गुलिस्तां, या फिर तुम्हें महकता हुआ संदल लिखूं। तन्हाई छोड़ बना लूं तुम्हें शरीक-ए-हयात, ज़िंदगी […]
तेरे ख्वाबों की दो ख़ुराक लेकर मैं, बरसों से मोहब्बत के बुखार में हूँ।।
क्या सच में तुम भूख के मायने जानते हो, या यूँही झूठ मूट के तुम आईने छानते हो।। राही अंजाना
अभियान नवगीत ” ———————— बांधे सर पे मस्त पगड़िया राह कठिन हो,चलना साथी दुराचार ख़तम करने अब उतार चलो काँधे की गाँती आन ,बान और शान हमारे अच्छे- सच्चे हैं वनवासी दिलों – दिलों को […]
हाथों की लकीरें तितलियाँ बन उड़ीं, जब जी चाहा उनका जिधर तन उड़ीं, बंद मुट्ठी में बड़ा दम घुटता था कहकर, रंग हाथों में छोड़ वो सुनहरा ठन उड़ीं।। राही अंजाना
तेरे सिवा नज़र में कोई तस्वीर नहीं है। तेरे सिवा ख़्याल की कोई जागीर नहीं है। चाहत के हर पन्ने पर परछाई है तेरी- तेरे सिवा ख्व़ाब की कोई ताबीर नहीं है। मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
ताबिश ए जलन ने जला कर रख दिया, भीतर ही भीतर मुझे गला कर रख दिया, फूंकता रहा हवा जिस चिंगारी में हर दिन, उसी धुँए ने फिर मुझे घुला कर रख दिया, मोहब्बत किसको […]
न अक्षर चुराने दिया न अक्स चुराने दिया, मैंने दिल में बैठा जो न सख्श चुराने दिया, बदलते रहे लोग चेहरे के मुखौटे आये दिन, मैंने अपनी मोहब्बत का न नक्श चुराने दिया, जुम्बिश अश्क […]
ये कहानी यूँहीं अल्फ़ाज़ों में बयाँ होगी नहीं, बस दो चार किताबी पन्नों में जमा होगी नहीं, एहसास ज़मी पर आसमानी करने वाले सुनो, मोहब्बत ज़ंजीरों में जकड़ कर जवाँ होगी नहीं, रास्ते राहों में […]
सुकूने-तलाश में भटकते, कई नगर कई गांव मिले। आरज़ू है बस यही, तेरी जुल्फ़ों की छांव मिले। तेरे इंतज़ार में, कई ज़ख्म लिए बैठा मैं दिल में, या रब ना अब, जुदाई का और कोई […]
जोड़ कर हाथों को यहाँ योग बनाया जाता है, मन को कर एकाग्र यहाँ मनोयोग बनाया जाता है, सम्बन्धो में बंधने को यहाँ योग मिलाया जाता है, जीवन मृत्यु का गहरा यहाँ संयोग बनाया जाता […]
रात के सन्नाटा मुझसे कुछ कह रहा था आज वो आंसू बनकर मेरी आँखों से बह रहा था सौ तो गए थे मेरे सब चाहने वाले बस वो ही अकेला मेरे साथ रो रहा था……..
देखते ही देखते सारे जवाब खो गये, ज़मीन पे लेटते ही सारे ख्वाब सो गये, उठाये थे ज़माने ने सावल जितने भी, हकीकत से मिले सारे हिजाब हो गये।। राही अंजाना
आईना आईने के पार देखने की कोशिश में टूट गया, ख्वाब ख्वाबों के पार देखने की कोशिश में छूट गया, छिपाया मगर छिपा न सका सनम से मोहब्बत अपनी, के चेहरा चेहरे के पार देखने […]
कितने जमाने आये और गुजर गये मुहब्बत के जमाने का असर मगर अब तक है
भांप गया सत्य बात ,जो मानता नहीं सच कहे ‘मंगल ‘देश में,दुश्मन बड़ा वही ! भूख – प्यास जकड़न भल ,भरमता कहा सही पूजी मिली प्यार की ,ठुकराता चला कहीं | सम्मान रिश्तों का नहीं […]
“Lakho milte ha samajane wale Hazaro milte ha dil lagane wale Bht mushqil se milta ha vo ik… Hume samajne wala. Jiske aane ke bad… Dil ke samundar ko… Milta ha uska pakka sacha kinara…. […]
“Me kya batau wo, kitne kareeb he mera ! Uski sasse bhi mujhko, sunai deti he !! Agar kabhi nikal na pade, mera jism se dil ! Kyall bhi na lana ye, gunahe ajeem hoga […]
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