जीवन के दहलीज का यह चौथा पहर जीवन के दहलीज का यह चौथा पहर, देखे हैं जिंदगी के कितने उथल-पुथल, ना कोई उमंग है ना कोई तरंग है , ना अब जीने की कोई ख्वाइश […]
जीवन के दहलीज का यह चौथा पहर जीवन के दहलीज का यह चौथा पहर, देखे हैं जिंदगी के कितने उथल-पुथल, ना कोई उमंग है ना कोई तरंग है , ना अब जीने की कोई ख्वाइश […]
उसने मेरे दिलो दीवार के पार देख लिया, मुझसे पूछे बिना ही मुझमे यार देख लिया, बैठा तो था मैं अंधेरे की चौखट पर गुमसुम, पर वही था जिसने मुझमे प्यार देख लिया।। राही अंजाना
जब कभी भी वो मेरा कहीं ज़िक्र करता है, मुझे लगता है वो बेशक मेरी फ़िक्र करता है।। राही अंजाना
कोई बात दबी है जहन में मेरे कोई बात चले तो कुछ बात बने
माँ भूख लगी है घर में कोई खाना नहीं हैं तोह क्या खाली बर्तनों को चूल्हे में जलाकर ताकी खाने की आस में उसे नींद आ जाये यह भी याद है माँ भूख लगी है […]
अबला अब समझो नहीं तुम, हूं मैं एक चिंगारी.. लड़कों से अब कम नहीं मैं, हूं मैं सब पर भारी.. सेना क्षेत्र हो या हो पायलट… डॉक्टर वकील की तो पूछो मत तुम, हर मैदान […]
मैंने ज़ाम से ज़ाम टकराना छोड़ दिया। यारों मैंने पीना – पिलाना छोड़ दिया। खबर जो फैली, कि मैं हो चला बै-रागी, दोस्तों ने महफ़िल में बुलाना छोड़ दिया। दोस्ती का मतलब जानता हूं मैं, […]
रिश्तों के धागों से खुद को सिलना सीख लेते हैं, आसमां से ज़मी के बीच ही खिलना सीख लेते हैं, बनाते ही नहीं ख्वाब वो उन मखमली बिस्तरों के, गरीबी की गोद में ही जो […]
तेरे प्यार की अंताक्षरी में राही हार कर, बैठा है जंग शब्दों से अक्षरी जीत कर।। राही अंजाना
उन दरख्तों को हमने उखड़ते देखा है। जो तूफान में तन कर खड़े होते हैं। तूफान का झुककर जो सम्मान नहीं करते, वो जमीन पर उखड़ कर पड़े होते हैं। इंसानों को भी टूट कर […]
तेरी गोद में आकर मुझको जन्नत मिल जाती है, मांगी हुई मेरी पूरी मुझको मन्नत मिल जाती है।। राही अंजाना
मेरे ख्वाबों में तुम रोज चले आते हो , ख्वाब टूटते ही तुम दूर चले जाते हो, जिंदगी बेजान न हुई होती इतनी , छोड़कर अगर तुम न जाते मुझको, तेरी तस्वीर इन आंखों में […]
मेरे ख्वाबों में तुम रोज चले आते हो , ख्वाब टूटते ही तुम दूर चले जाते हो, जिंदगी बेजान न हुई होती इतनी , छोड़कर अगर तुम न जाते मुझको, तेरी तस्वीर इन आंखों में […]
मन को समझाया था मैने..इस इश्क विश्क से दूर रहो पर ये मन,मन ही मन मै अपनी मन मानी कर बैठा____!!!!
मन को समझाया था मैने..इस इश्क विश्क से दूर रहो पर ये मन,मन ही मन मै अपनी मन मानी कर बैठा____!!!!
वफ़ा करनी भी सीखो इश्क़ की नगरी में ए दोस्त, फ़क़त यूँ दिल लगाने से दिलों में घर नहीं बनते !!
मंज़िल पता नहीं, निकला हूं अंजान सफर में। अमृत ढुंढने निकला हूं , दुनिया भरी ज़हर में। इंसानियत बांध कर सभी ने, रख दी ताक पर, डरता हूं कहीं गिर ना जाऊं, खुद की नज़र […]
ओ दुनिया के रखवाले तूने क्या खूब ये दुनिया बनाई, सूरज बनाया तूने चंदा बनाया, तारे बनाए तूने सितारे बनाए, अंबर ये नीले नीले तूने बनाया, ओ दुनिया के रखवाले….. नदियां बनाया तूने झील ये […]
बीते लम्हों से खुलके गुजारिश करनी होगी, आज फिर डाकिये से सिफारिश करनी होगी, दबा रखीं थीं एहसासों की चिट्ठियां छिपाकर, खुलेआम लगता है सबकी रवाईश करनी होगी।। राही अंजाना रवाईश- आतिशबाजी
देखो फिर किचड़ उछालने का दौर आ चला है। खुद का दामन संभालने का दौर आ चला है। लाख दाग सही, खुद का गिरेबां बेदाग नहीं, दुसरों की गलतियां गिनाने का दौर आ चला है। […]
ओ नील गगन के सौदागर,, हवा में उड़ना तेरी फितरत है, मुझे भी अपनी पंख दे दे पंछी , मैं भी ऊरु उस नील गगन में, उड़ कर उस नभ को छू लूं , क्या […]
यह टूटे हुए घरों की कहानी है फुटपात पर बीती जिसकी जवानी है भीख मे बस वह इंसानियत मांगते रहते न जाने क्यों,आँखों में उनके आशाओं का पानी है मांग कर जिंदगी जीना किसी की […]
छलक जाए पैमाना, मैं जाम नहीं। भले खास ना सही, पर आम नहीं। एक बार गले लगा कर तो देखो, भूला सको मुझे, वो मैं नाम नहीं। गुरूर नहीं मेरा, खुद पर यकीन है, आज़मा […]
हर शब्द हर वक्त तुझे झूठा ही लगेगा यहाँ, जो तूने प्रेम का ढाई अक्षर गर पढ़ा ही नहीं, जो कहता हूँ सच है ऐ मेरे दिल सुन तो ज़रा, ख्वाब दिलों के बाहिर तूने […]
बुझते चराग है हम, हवा न दो सारा शहर जला देंगे खुद को शेर समझने वाले, कभी लड़कर देखो तुम्हे गीदड़ बना देंगे है शक्ति इतनी मुझमें की, तुम कहो तो कांटो के शहर में […]
ऐ हवा जरा ठहर तू, मेरी एक बात तो सुन, क्यों रूकती नहीं मेरे पास तुम, करनी है तुमसे कुछ बात, ऐ हवा जरा ठहर तू…… कहां से आई हो तुम ? कहां तुझे जाना […]
दिल की जो बातें थीं सुनता था पहले, सच ही में सच था जो कहता था पहले। करने अब सच से खिलवाड़ आ गया, लगता है उसको व्यापार आ गया। कमाई की खातिर दबाता है […]
कितने भी जुल्म तुम कर लो, बांध दो कितनी ही जंजीरो से मिटा देंगे तेरी हस्ती पल भर में जब छूटेंगे हम तीरों से
कहां कह पाती हूँ मैं कुछ तुमसे अल्फ़ाज जज्बातों का साथ ही नही देते।
बन रंगरेज इस तरह रंग डाले, रंग ए रूह और भी निखर जाए। मिले गले इस तरह दोस्त बनकर, दुश्मनी हो अगर, टूटकर बिखर जाए।।
होली के रंग में हम भिगायेंगे अंग, मिल जाये हमें कोई तो लगाएंगे रंग, न सोचेंगे न समझेंगे न समझायेंगे हम, मिलजाये जो थोड़ी सी तो चढ़ाएंगे भंग, घूमेंगे फिरँगे झूमेंगे हम मस्ती में अपनी, […]
भारत माँ के प्यारे वीरो मेरा आप सबको प्रणाम है जो हो गए शहीद, देश की खातिर वीर तुम्हे सलाम है घर छोड़ा ,संग छोड़ी मोह माया सर्वस्व निछावर कर दिया ऐसे मेरे भारत के […]
कभी किताबो का सहारा लिया, कभी भीड में शामिल हो गए, तन्हाई मगर तुझको जुदा कर न सके।
कब तक जिए हम तेरी यादों के सहारे तेरे बिना नींद भी आती नहीं यादों के सहारे तेरे बिना जीना नहीं ये माना था मैंने पर तेरे बिना पड़ेगा जीना ये न जाना था मैंने, […]
कब तक जिए हम तेरी यादों के सहार तेरे बिना नींद भी आती नहीं यादों के सहारे तेरे बिना जीना नहीं ये माना था मैंने पर तेरे बिना पड़ेगा जीना ये न जाना था मैंने, […]
कब तक जिए हम तेरी यादों के सहारे, तेरे बिना नींद भी आती नहीं यादों के सहारे, तेरे बिना जीना नहीं ये माना था मैंने, पर तेरे बिना पड़ेगा जीना ये न जाना था मैंने, […]
छोड़कर मुझे तुम इतनी जल्दी क्यों चले गए , अभी तो सुख के पल आए ही थे अभी ही चले गए , जाने किसकी बुरी नजर लगी सब सपने अधूरे कर चले गए, जी रही […]
फिर वही संगी हमारा फिर वही साथी मिले हो जनम यदि पुनः तो, मुझे फिर वही सहपाठी मिले | लड़ता ही रहता है वह हर समय हर मोड़ पर संघर्ष में संग रहता सदर ,जाता […]
क्यों तुम मेरी यादों में ग़म कर जाते हो? आकर मेरी निगाह को नम कर जाते हो। दर्द की आहट से डर जाती है ज़िन्दग़ी- मेरी ख़ुशियों के पल को कम कर जाते हो। मुक्तककार- […]
Yeh jo kismat ke mansube jane kya ye soch rahe hain Akele milu jo inse kabhi mai lagta hai ye noch rahe hain Raah badi thi lambi yaaron mar mar kar ye kaat rahe hain […]
मजबूरियों से भरे कटोरे के चुल्लू भर पानी को देख, समन्दर भी हार कर एक दिन आंसुओं में डूब गया। राही अंजाना
तारीफ़ तेरी, नहीं मेरी जुबां करती है । नजरें पढ़ ले, हाले-दिल बयां करती है । इश्क में हूँ तेरे आज भी, जहां जानता है, तेरा हुश्ने-मुकाबला, कोई कहाँ करती है । माना बरसों पुराना, […]
नक़ाब से जो चेहरा, छिपा कर चलती हो। मनचलों से या गर्द से, बचा कर चलती हो। सरका दो फिर, गर जो तुम रुख से नक़ाब, महफिल में खलबली, मचा कर चलती हो। तेरे आने […]
अदम्य साहस की पहचान, भारत के ये वीर जवान , मातृभूमि की रक्षा के लिए, जान हथेली पर रखकर, ये कर देते जीवन कुर्बान, ये है अभिनंदन जैसे वीर जवान , हमारे पूज्य है ये […]
उसकी आँखों में मेरी आँखें उतर कर भूल गईं, दिल ओ जिगर के पैमाने पे असर कर भूल गईं, गहरा समन्दर था ये गुमान टूट कर बिखर गया, उस रोज़ उसकी अलकों से सफर कर […]
अदम्य साहस की पहचान, भारत के ये वीर जवान , मातृभूमि की रक्षा के लिए, जान हथेली पर रखकर, ये कर देते जीवन कुर्बान, ये है अभिनंदन जैसे वीर जवान , हमारे पूज्य है ये […]
आजादी के इतने साल बाद भी , आज देश में मर रहा किसान हैं , आखिर क्यों हो रहा ऐसा हाल है ? बीच में विचौला ही मालामाल है , अन्न जिसका खाकर हम जिंदा […]
आजादी के इतने साल बाद भी , आज देश में मर रहा किसान हैं , आखिर क्यों हो रहा ऐसा हाल है ? बीच में विचौला ही मालामाल है , अन्न जिसका खाकर हम जिंदा […]
अदम्य साहस की पहचान, भारत के ये वीर जवान , मातृभूमि की रक्षा के लिए, जान हथेली पर रखकर, ये कर देते जीवन कुर्बान, ये है अभिनंदन जैसे वीर जवान , हमारे पूज्य है ये […]
लकड़बग्घे से नहीं अपेक्षित प्रेम प्यार की भीख, किसी मीन से कब लेते हो तुम अम्बर की सीख? लाल मिर्च खाये तोता फिर भी जपता हरिनाम, काँव-काँव हीं बोले कौआ कितना खाले आम। डंक मारना […]
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