Kitaab-e-Ishq ka sahukh kaun rakhta hai Gam-e-Chahaat ka khauf kaun rakhta hai Wo to sawal tha kuch apno ke Aansuon ka Warna Chahat-e-Dil ko khamoosh kaun rakhta hai…………!!
Kitaab-e-Ishq ka sahukh kaun rakhta hai Gam-e-Chahaat ka khauf kaun rakhta hai Wo to sawal tha kuch apno ke Aansuon ka Warna Chahat-e-Dil ko khamoosh kaun rakhta hai…………!!
Lapait lo Chadar-e-Ishq, Gam-e-Thand Bahut hai Ye Seher hai Parayon ka, Yaha Apne Bhi paraye hote hai…………!!
Mohobbat ki baat wo hamse aaise karte hai Jaise ki wo kisi se koi faryaad karte hai Aur kar rakha ho unhone koi gunaah ishq main Gunaahgaar ki tarah apne gunaah ka hisaab karte […]
Honthon per hassi, Husun-e-Kamaal Rakhte Ho Hamari Tarah hi Tum bhi dil main ishq-e-sawal rakhte ho……….!!
जब आई थी सजधज कर तुमसे मिलने लिये हाथों में गुलाब का फूल कोई हसरत थी मन में प्यार की जब कोई कमेंट ना किया तुमने जाने लगी थी भारीमन से गिला लेकर पलटकर देखा […]
किसी की ऑख़ों में ऑसू थे मेरे लिए वह शख्स मुझे दुनिया में सबसे प्यारा लगा प्रस्तुति – रीता जयहिंद
कितना भी मैं करना चाहूँ मैं अपने प्यार का इजहार आई लव यू कहकर पर कमबख्त जुबान फिसल जाती है और मुँह से निकल जाता है जयहिंद प्रस्तुति – रीता जयहिंद
चंदा से सीखो तुम घना कोहरा छाया चांद ना घबड़ाया बारिश ने धूम मचाई काली घटा घिर आई बादलों के आगोश में छिपकर रात बिताई जागकर सारी रैना किया सूर्य का इंतजार तनिक ना भरमाया […]
केजू भैया सोच रहे ये मोदी ने तो खाई मलाई अपने हाथ तो फोक भी ना आई केजू भैया इसमें तेरी नहीं कोई बुराई दूसरे की थाली में सबको दिखता खाना ज्यादा अपनी थाली खाली […]
जब से ये नोटबंदी हुई है। सभी पत्नियों की घेराबंदी हुई है छुपे हुये नोटों की पतियों से पत्नियों की चर्चा सरेआम हुई है पत्नियों के राज पर्दाफाश हुये हैं पतियों से सरकार हिसाब मांग […]
अपना बचपन की सत्य गाथा सुंदर सा परिवार हमारा छोटा शहर हाथरस था प्यारा पांच भाई और हम दो थी बहना मात – पिता के हम थे गहना छोटी थी पर बहुत चंचल थी लाड़ […]
मोहब्बत और दुशमनी जो दिल से निभाते है बस वही शख्स दुनिया में जी पाते है दीन – दुखियों की जो सेवा करते हैं बस वही लोग ईश्वर को रिझाते हैं गिरते हुये को जो […]
शादी हो या मौत जन्म हो या जन्म दिन खुशी हो या गम पंडित के होते सब अच्छे दिन परंतु क्या जब हुई नोटबंदी तब कहाँ थी इनकी भविष्यवाणी एक भी ऐसा पंडित बतलाना वरना […]
जब आई थी सजधज कर तुमसे मिलने लिये हाथों में गुलाब का फूल कोई हसरत थी मन में प्यार की जब कोई कमेंट ना किया तुमने जाने लगी थी भारीमन से गिला लेकर पलटकर देखा […]
Ashankit bhaviysya-title Sapno ke shahar mai sobhamayi drishya usme duba ek ashankit bhaviysa adhuri umeed liye ji rahe hain pata nahi kyun sab sah rahe hain ki thi ujwal bhaviyshya ka kamna par yahan kiya […]
चलो अब तुमने कहा है तो मान लेते है। पर ये बताओ अपने कहा जान लेते है।। ‘ यू खौफ न दिखाओ हमें मुश्किलो का। हम वो करते है कि जो हम ठान लेते है।। […]
जिंदगी जिंदगी जिंदगी जिंदगी। बेबसी बेबसी बेबसी बेबसी।। , ख्वाहिशे ख्वाहिशें ख्वाहिशे ख्वाहिशे। कुछ नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं।। , काफिले काफिले काफिले काफिले। हम नहीं हम नहीं हम नहीं हम नहीं।। , […]
हमकों भी हक़ है जिन्दा रहने का। यूँ देखते क्यूँ हो हमको तुम।।
तुमने कहा की मै नहीं कहता हाल ए दिल। जबकि इक जमाने से अख़बार हूँ मैं।। @@@@RK@@@@
दवा मैं दे दूँ तेरे इस गम का, मेरे गर गम पता बता तो, सितम मानता हूँ बहोत हुए हैं, लेकिन मेरे सितम की खता बता तो, जिद्द ही लिए अब भी बैठे रहोगे, कभी […]
ममता की छाँव तले , समता का भाव लिए, इंसानियत का सभी में, संचार चाहती हूँ, माँ हूँ मैं,हाँ भारत माँ, एकता और सदभाव का, प्रवाह चाहती हूँ । माँ हूँ मैं,हाँ प्रकृति माँ, संरक्षण […]
जिसे हम जीना कहते हैं, वो पल-पल मरना है जानो, निज हित में रत रहना, खाना, सोना , जगना ये, जीना नहीं है मानो । सृष्टि की श्रेष्टतम रचना का, मूल्य तो तुम अॉको, जग […]
इक ज़माना था जब डरता था मैं। जब तेरी गलियों से गुजरता था मैं।। , तुम बेख़बर थे तुमको क्या मालूम। की कैसे ही पल भर में मरता था मैं।। , हालात बदल गए है […]
आपके आ जाने से फिर बहार आ गयी है! हरतरफ तेरी खुशबू खुशगवार आ गयी है! आलम भी वीरान था इरादों का महादेव, मेरी जिन्दगी फिर से एक बार आ गयी है! #महादेव_की_कविताऐं
जज्बात ए इश्क ना छुपाता दिल में अपने – गर ना होता डर ज़माने का . नहीं डरता ज़माने से भी में – गर डर ना होता मर जाने का . मर भी जाता मै […]
काश,कश लेते ही धुँआ हो गया जानेमन सोचते ही रह गए किस सोच में जानेमन तुमने तो पल में बोझा फेक दिया उलझनों से सुलह न हुई सुलझे कहा तुम जानेमन काश,कश लेते ही धुँआ […]
तुझ से मोहोब्बत की आजमाईश करू या तुझ से अपने दिल की कोई खुवाईश करू करू तेरे इस चेहरे का सज़दा , या फिर अपने इश्क़ की नुमाइश करू……….!!
मैंने जिन्दगी को तेरे नाम कर दी है! तेरी आरजू को सारेआम कर दी है! कोई डर नहीं है अंजाम का महादेव, हर जंग जमाने से खुलेआम कर दी है! #महादेव_की_कविताऐं
कैशलेस होने में हर्ज क्या है? फिर सोचा ये मर्ज क्या है? गौर किया तो कुछ तस्वीर यूँ उभरी। मेरे घर आने वाली वो अनजान वृद्धा , बाला जी से तानपूरा लेआने वालेभक्त। वो कभी […]
॥ बेटी के लिए एक कविता ॥ “अ—परिभाषित सच !” डरते—सहमते—सकुचाते मायके से ससुराल तक की अबाध—अनिवार्य यात्रा करते हुए मैंने; गांठ बांधी पल्लू से साथ में; ढेरों आशंकाएं …………. कई; सीख—सलाइयतें …………… हिचकियों […]
तेरी आंखें में जैसे कोई नशा दिखाई पड़ता है तेरे होंठ में जैसे कोई मदिरा दिखाई पड़ता है ये तेरा धीरे धीरे पलकों को उठा कर हँसना तेरे मुस्कुराहट में जैसे कोई कतल-ऐ-अंदाज़ दिखाई पड़ता […]
पूछा जो उस ने हम से की अब कैसे रहते है हम, हमने भी हँस कर जवाब दे दिया की अब तनहा रहते है हम……………………!!
ये गुलाब थोड़ा तनहा-तनहा सा है ये गुलाब थोड़ा बिखरा-बिखरा सा है छूटा है ये शायद किसी के हाथों से ये गुलाब थोड़ा सहमा-सहमा सा है रहता है काँटों के साथ है कर, खुसी […]
साथ रहने से दवाओं की तासीर नहीं बदलती। असर तो होता ही है सबका अपना अपना।। @@@@RK@@@@
तेरे बिना जिंदगी बस इतनी सी है। बग़ैर रूह के इक ज़िस्म हो जैसे।। @@@@RK@@@@
ख़ुद पर यक़ीन नहीं रहा आज से। अब धोख़ा ही मिला इस अंदाज़ से।। @@@@RK@@@@
मेरी मौत का तमाशा देखने चले आओ के मैं मर रहा हु मुझे देखने चले आओ कुछ तो मेरे दिल मैं भी अरमान होंगे तुम जानते हो क्या है मेरी आखरी खुवाईश मुझसे पूछने चले […]
उनकी फितरत भी बड़ी कमल की होती थी रोज़ हमको वो भूल जाया करते थे वो, हमारी ज़िद्द भी मगर कमल की होती थी हर रोज़ हम उनको शिद्दत से याद कर लिए करते थे…………………!!
अब जा के यकीं आया है मुझ को इस लव्ज़-ऐ-मोहोब्बत पर के लोग अब मुझको तेरा दीवाना कहने लगे………………………!!
अपनी मोहोब्बत का किस्सा बहुत छोटा है, बस ज़िन्दगी गुज़र गई, मोहोब्बत करते करते………….!!
मोहोब्बत का अगर दर्द देने का उसूल न होता, न जीने मे मजा होता, न मरने मे मजा होता………….!!
कुछ इस तरह से उस ने हम से मोहोब्बत कर ली जैसे किसी ने किसी के झूठ पर ऐतबार कर लिया हो…………….!!
खुद को शराब, और अपनी जवानी को नशा कहते है खुद है वो एक मुर्दा और हमको वो फनाह कहते है हुसन-ऐ-शबाब परोसना एक काम-ऐ-सबाब है उनके लिए इबादत-ऐ-मोहोब्बत को वो एक संगीन गुनाह कहते […]
उनकी तग़ाफ़ुल का नतीज़ा क्या कहे तुम सब से हम अपनी मोहोब्बत को तबाह कर बैठे, वो न जी सके हमारे बेगैर, और हम न जी सके उनके बेगैर वो भी ज़हर खा बैठे, हम […]
बस एक यही अदा हमको उसकी भाती नहीं है के बुलाने के बाबजूद भी वो मिलने आती नहीं है, मोहोब्बत है उसको हमसे हम जानते है यूँ तो बस अपने मुँह से वो हमको कभी […]
क्या कह मैं तुम सब से अपने दिल के किस्सा ये किसी के मोहोब्बत का नतीजा है, मैं हु उसका पाक-ऐ-मोहोब्बत और वो मेरी चाहत-ऐ-पाकीज़ा है…………….!!
क्यों सजा देते हो इसको, ये कही से भी गुनाहगार नहीं सारा कसूर मेरे है लोगो, ये शराब कसूरवार नहीं…………!!
कोई गुनाह नहीं है इसका और न ही ये कसूरवार है, हर टूटे दिल का भला करती है जो ये वो मासूम शराब है……………………..!!
लोग तो पीते है इसको खुद को भुलाने के लिए, हम पीते है इसको उसको याद आने के लिए, लोग तो पीते है इसको किसी से दूर जाने के लिए, हम पीते है इसको उसको […]
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