बहुत काम शब्दो मैं बया कर दी मैंने अपनी सक्शियत इस से भी काम शब्दो मैं बया करूँगा तेरी बेवफाई को , ज़माना भी जान पाएगा तेरे जैसे हरदर्द के किस्से को ज़माना भी जान […]

तेरे शहर का मौसम मैंने अजीब देखा लोगो का वह पैर एक अलग तहज़ीब देखा, खरीद सके न मुझ से इंसा को वो एक कौड़ी-ऐ-खुसी देकर तेरे शहर के लोगो को मैंने बहुत गरीब देखा, […]

तड़प कर देख एक बार ज़ालिम कभी खुद को किसी पैर फनाह भी कर, सजा भी बाखूबी मिलेगी तुझ को चाहत मे बशर्त है की तू मोहोब्बत करने का गुनाह तो कर……………!!

दर्द जब उसको होगा, तब तड़प का उसको भी एहसास होगा, जब ठुकराएगा कोई उसको, तब उसको हमारी मोहोब्बत का विश्वास होगा, न था हमारी ज़िन्दगी मैं कोई उसके अलावा, न उसके अलावा ज़िन्दगी मैं […]

अपनी पहचान को मैं सर-ऐ-आम कैसे करू अपनी चाहत को मैं गुमनाम कैसे करू उसने नहीं की बफ मेरे साथ ये और बात है भला मैं इस मोहोब्बत शब्द को बदनाम कैसे करू…………………!!

सुना है वो फिर से हमें चाहने लगे है आँखों से आंसू बहाने लगे है झेल रहे है वो भी शिकस्त-ऐ-पछतावा सुबह-ओ-शाम हमको बुलाने लगे है……………………………..!!

जान निकल गई जिस्म से मगर, मोहोब्बत का अरमान न मिटा, रूठ गई मोहोब्बत मगर, दिल का ईमान न मिटा, टूट गया खुवाबगाह चाहत का, और लूट गई हर चाहत मेरी, मिट गई पूरी ज़िन्दगी […]

कुछ तो कमी तुझ मैं भी रही होगी कुछ तो तेरा भी कसूर रहा होगा ऐसे ही मोहोब्बत किसी को नहीं छोड़ती अकेला ऐसे ही कोई मोहोब्बत मैं तन्हा नहीं होता…………………….!!

होते ही सहर मुझको खामोशी घेरती है! तेरे प्यार की मुझको मदहोशी घेरती है! मुमकिन नहीं है रोकना ख्यालों को महादेव, तेरे दर्द की मुझको सरगोशी घेरती है! #महादेव_की_कविताऐं’ (26)

किसी रोज़ सब साथ होंगे मिलेंगे, बैठेंगे, जुमले फरमाएंगे एक कप चाय के साथ फिर भिड़ जायेंगे वही कल जो बीत गया फिर से दोहराएंगे वो बातें जो अधूरी रह गयी उन्हें पूरा करने आएंगे […]

सब कुछ तो छोड़ आया मैं अपना अतीत के पन्नों में सख्शियत मेरी अब इंसान -ऐ -आम रह गई है खुशियों की सुबह न जाने कब से नहीं देखी बस ज़िन्दगी में गमो की शाम […]

मौत ने तोहफा दिया ज़िन्दगी मिल जाए तो सवरती बिखरती कट जाती है रो रो कर गुजरती लम्हे सी हस्ती दिल खोल बोलती सोच कर ये मौत ही देती है ज़िन्दगी देती तोहफे हज़ार इक […]

मुझे जब तेरा रुख़सार याद आता है! वक्त का ख्याले-बेकरार याद आता है! दर्द से बिखरी हुयी सी हसरतें महादेव, मुझे हर पल का इंतजार याद आता है! मुक्तककार- #महादेव’

मेरी ज़िंदगी का मैं ही हिस्सा नहीं था। मुझे भूल जाओ मैं कोई किस्सा नहीं था।। , मुझ पर इलजाम लगाकर के जाने वाला। क्या कहूँ शख्स वो भी मुझ सा नही था।। , क़िस्मत […]

आज भी मैं तेरा इंतजार करता हूँ! शामों-सहर खुद को बेकरार करता हूँ! जी रहा हूँ तन्हा ख्यालों में महादेव, शायद मैं अब भी तुमसे प्यार करता हूँ! मुक्तककार- #महादेव’

॥ नाक का नक़्क़ारखाना ॥ सोचिए जरा ! क्या होता, अगरचे इन्सान की नाक न होती ? सर्वप्रथम तो आधी दुनिया अंधी होती नाक न होती तो भला, चश्मा कहां पिरोती ! नाक न होती […]

तकदीर का क्या, वो कब किसकी सगी हुई है। दुनिया अपने हौसले से ,जमीं हुई है। खुशफहमी ना पाल कि नसीब से सब मिलेगा। कर्म करने से ही ये आसमाँ झूकेगा। लाख लगाओ फेरे ,मन्दिर, […]

वो रोती रही रात भर इसलिये कि सरहद से आई खबर इसलिए। बड़े नाज से उसने पाला जिसे वो आया तिरंगे में घर इसलिए। सुहागन लगी चूड़ियाँ तोडने चलेगी अकेली डगर इसलिए। कोई तो मिलेगा […]

http://pravaaah.blogspot.in/2016/11/blog-post_75.htmlसमाज आज एक छल तंत्र की ओर बढ़ रहा है प्रजातंत्र खत्म हुआ। अराजकता बढ़ रही, बुद्धिजीवी मौन है या चर्चारत हे कृष्ण फिर से गीता सुनाओ कर्तव्य पथ पर हमें चलाओ फिर से कई […]

वक्त बदल गया है मगऱ ख्वाब नहीं बदला! तेरी मस्त अदाओं का शबाब नहीं बदला! चाहत का जुनून अभी जिन्दा है महादेव, तेरी जुल्फों का अभी आदाब नहीं बदला! मुक्तककार- #महादेव’

जिन्हें हम याद करना नहीं चाहते उन्हे ही भुला नहीं पाते जो पल भूल गए हैं उनका अहसास भुला नहीं पाते၊ आँसू जो अब तक बहें नहीं उन्हें सुखा नहीं पाते जो सूख चुके हैं […]

शाखों के हरियाले पत्ते, जो हैं आज पीत हुए, शीत-ग्रीष्म सहते -सहते, बदरंग और अतीत हुए, उन पतझड़ के नीरस , पत्तो में भी था आस कभी, जिन शबनमी अश्को का, नयनो में था आवास […]