बेशक़ सहमा ज़रूर, पर कभी टूटा नही, तेरे लाख डराने पे, कभी रूठा नही,   तेरा इतरांना भी अंदाज़-ए-हसीन ज़िंदगी, पर मेरे हौंसलो का साथ अभी छूटा नही। – पीयूष निर्वाण

प्रेम के बारे में क्या बात करूँ प्रेम की अभिव्यक्ति शब्दों मे कहां होती है मिले न सबको प्रेम वो अलग बात है लेकिन प्रेम की चाह तो हरेक दिल में होती है।

सपने देखा करो ओह यारों सपने साकार भी होते हैं। आज हम जिस मंजिल पर हैं कईओ के ख़्वाब ही होते हैं। बैठे बिठाए नहीं मिलती मंजिल मेहनत करने वाले ही कामयाब होते हैं। उनके […]

अपनी मोहोब्बत की चर्चा मैँ आम न कर दू कही उस बेवफा को मैँ बदनाम न कर दू डरता हू मैँ बस इस मोहोब्बत की रुसवाई से कही मैँ उस बेवफा को सरे आम न […]

उसके जैसी कोई लडकी नहीं मिली कभी आजतक। लेकिन  वो भी तो  मुझे  नहीं मिली कभी आजतक।। उससे मिलके  अनजाने में ही  सँवरे थे हम  लेकिन, बिगडने की कोई वजह भी न मिली कभी आज़तक।

हर तरफ काँटों का जाल बिखरा है , उसे बचना हो तो कह दो साथ में रहे ! सज धज के आयी है आज महबूबा मेरी, चाँद को कह दो अपनी औकात में रहे !!

काश खुदा को भी मेरा ख्याल हो जाए, तमाम उम्र का इंतजार अब खत्म हो जाए ! * * दुआ से दिल की किताब लिखी जाएगी , जब भी आएगा तेरा नाम , मेरी मिशाल […]

ज़माने के पास खुशियों का सागर होगा मगर हम तो इसकी एक बूँद को भी तरसे है निकले है हर उस वक़्त हमारे आँखों से आंसू साहिब जब भी ये बादल झूम-झूम कर बरसे है। देव […]

बस इतनी सी बात हमें आज तक समझ नहीं आई की उसने हमको तन्हा और सफा क्यों छोड़ दिया क्यों थाम लिया दामन किसी और का हमारे रहते की उसने हमारी मोहोब्बत और बफा क्यों […]

  उम्मीद-ऐ-दिल से हर कोई बफा नहीं करता खुवाईश-ऐ-मंज़िल से हर कोई गिला नहीं करता निकल पड़ते है न जाने कितने ही लोग सफर-ऐ-इश्क़ की तरफ मगर ये इश्क़-ऐ-मंज़िल हर किसी को मिला नहीं करता […]

अलग हो कर पानी से, कमल खिला नहीं करते बिछड़ कर लोग किसी से मिला नहीं करते यूँ तो आती है बाहर ज़िन्दगी में सबके मगर बुझे हुए चिरागों से उजाले हुआ नहीं करते देव […]

किसी के जुल्फ का उठता हुआ बादल बुलाता है, अब तुम्हारी याद में खोकर कोई पागल बुलाता है ! चले आये हो जब से छोड़कर तन्हा किसी को तुम, अब उसके आँख का निकलता काजल […]