क्या नाम है उसका कौन से देश से है वो असल मे दिल देने वाला तो सोचता ही नहीं इन सब बातों को।
क्या नाम है उसका कौन से देश से है वो असल मे दिल देने वाला तो सोचता ही नहीं इन सब बातों को।
बेशक़ सहमा ज़रूर, पर कभी टूटा नही, तेरे लाख डराने पे, कभी रूठा नही, तेरा इतरांना भी अंदाज़-ए-हसीन ज़िंदगी, पर मेरे हौंसलो का साथ अभी छूटा नही। – पीयूष निर्वाण
है मुझे एक मर्ज़ लेकिन मुझे खौफ नहीं क्योंकि है वो मर्ज़ बेखौफी का ही।
प्रेम के बारे में क्या बात करूँ प्रेम की अभिव्यक्ति शब्दों मे कहां होती है मिले न सबको प्रेम वो अलग बात है लेकिन प्रेम की चाह तो हरेक दिल में होती है।
सपने देखा करो ओह यारों सपने साकार भी होते हैं। आज हम जिस मंजिल पर हैं कईओ के ख़्वाब ही होते हैं। बैठे बिठाए नहीं मिलती मंजिल मेहनत करने वाले ही कामयाब होते हैं। उनके […]
अपनी मोहोब्बत की चर्चा मैँ आम न कर दू कही उस बेवफा को मैँ बदनाम न कर दू डरता हू मैँ बस इस मोहोब्बत की रुसवाई से कही मैँ उस बेवफा को सरे आम न […]
हमारे चेहरे की सजावट पर न जाओ दोस्त, हमने छुपा रखे है बहुत गम इस में यूँ ही मुस्कुरा के। Dev Kumar
तेरे वादों के बारे में तू ही जाने मैँ तो बस अपनी वफ़ा को जानता हूँ जिस दिन ये धड़कन दिल की रूठेगी उस दिन ही मेरी वफ़ा टूटेगी। Dev Kumar
मैं इक सदी से बैठी हूं, इस मोड़ पर मगर कोई इंसा इधर से गुजरा नहीं
अच्छा हुआ जो लफ़्जों का सहारा मिल गया वर्ना अकेले हो गये थे हम महोब्बत से मिल कर
kabhi kabhi yad ati h teri ruswaiya, dil udas ho jata h yad jane se pahle, sochta hu waqt bura h ya tum. tumne chhoda tha mughe jis mod par, ab bhi khada hu usi […]
दिन कुछ लम्हों आड़ में गुजर गये हम आपके इश्क की आड़ में गुजर गये
एक सुबह दे दे ऐसी , जो मेरा इंसाफ क़र दे! एक शाम बीता दे ऐसी , जो मेरे गुनाह माफ़ कर दे ! तमाशा बहुत हो गया बनने और बिगड़ने का, अब तो कोई […]
तुझसे मिलने का मुझे कोई आसार भी नहीं दिखता। लेकिन इंतज़ार तेरा करते–करते मैं फिर भी नहीं थकता।
उसके जैसी कोई लडकी नहीं मिली कभी आजतक। लेकिन वो भी तो मुझे नहीं मिली कभी आजतक।। उससे मिलके अनजाने में ही सँवरे थे हम लेकिन, बिगडने की कोई वजह भी न मिली कभी आज़तक।
क्या बतायें क्या हो गया है हमें तुम ही बताओ कि क्या बतायें हम
हर तरफ काँटों का जाल बिखरा है , उसे बचना हो तो कह दो साथ में रहे ! सज धज के आयी है आज महबूबा मेरी, चाँद को कह दो अपनी औकात में रहे !!
खुद पर तरस आ रहा है साहिल हमे। अभी तो बाकि है जिंदगी और भी।।
सदियाँ बीती है पर मसला नहीं बदला। उसूलों की बात थी मैंने फैसला नहीं बदला।।
कितनी मिन्नतों के बाद में मिला तुझसे मगर मिलकर भी मेरा मिलना न हुआ क़ी कई बातें, कई मर्तबा हमने मगर इक बात पे कभी फैसला ना हुआ
बड़े से बड़े मुकाम में भी कोई बल नहीं। अगर जिंदगी में सकून का कोई पल नहीं।
जग में सारा का सारा ज्ञान लिखा हुआ कहां मिलता है। ज्यादातर ज्ञान तो विचारों में ही छिपा हुआ मिलता है।
है मुझे एक मर्ज़ लेकिन मुझे खौफ नहीं क्योंकि है वो मर्ज़ बेखौफी का ही।
जिंदगी से मुझे इतना कुछ मिला है इस बात पे मैं कितना खुश हो लूँ एक झटके में सबकुछ छूट जाना है तो क्या इस बात के वास्ते अभी से रो लूँ।
Aapki judai ne humein shayari sikha di, Judai ke gham ne humein manzil bhula di, Chahte to nahi they aapse juda hona par Kya karein agar humein apno ne hi peeth dikha di…
उतार–चढ़ाव तो इस जिंदगी में हमेशा चलतें ही रहेंगें। दुश्वार पल तो क्या मुकम्मल मुकाम भी सदा नहीं रहेंगें।
अगर दोनों ही नाराज हो गये तो फिर अब मनाएगा कौन। फर्क तो बहुत पड़ता है लेकिन ये बात अब समझाएगा कौन।
अब नहीं होगा जिक्र आपका हमारे आशियाने में न होगी नज्म कोई आपके नाम से
काश खुदा को भी मेरा ख्याल हो जाए, तमाम उम्र का इंतजार अब खत्म हो जाए ! * * दुआ से दिल की किताब लिखी जाएगी , जब भी आएगा तेरा नाम , मेरी मिशाल […]
खुदा ने भी क्या बेखुदी , बख्शी है , खुद को ही ख़ाक करने मे , हमने ख़ुशी समझी है ! ( निसार ) तुझसे इश्क क्या किया , गलतियों के बूत बन गए, लोग […]
तोड़ कर दिल मेरा उन्होंने अपना आशियाना बसा लिया हमने भी सौदा कर लिया तन्हाई से और ग़म से अपनी ज़िन्दगी को सजा लिया देव कुमार
चलो एक बार ही कह दो की आपको हमसे मोहब्बत है कसम खुदा की कभी ये नहीं कह सकोगे हम से की आपको हमसे कोई शिकायत है देव कुमार
ज़िन्दगी का तुम भी एक उसूल बना लेना मोहब्बत ना करना, उसको फ़िज़ूल बना लेना देव कुमार
ये मोहब्बत भी कितनी अजीब है साहेब आज़माती है उसी को, जो इसको बेइन्तिहा चाहता है देव कुमार
चलो तुम से ये भी वादा रहा की तुम्हें हम कभी न सताएंगे, आप भी हमारे ख़्वाबों में मत आना और हम भी आपके ख़्वाबों में न आएँगे देव कुमार
ज़माने के पास खुशियों का सागर होगा मगर हम तो इसकी एक बूँद को भी तरसे है निकले है हर उस वक़्त हमारे आँखों से आंसू साहिब जब भी ये बादल झूम-झूम कर बरसे है। देव […]
बस इतनी सी बात हमें आज तक समझ नहीं आई की उसने हमको तन्हा और सफा क्यों छोड़ दिया क्यों थाम लिया दामन किसी और का हमारे रहते की उसने हमारी मोहोब्बत और बफा क्यों […]
अगर वो दरिया-ऐ-हुसून रखते है तो हम भी गम-ऐ-सागर रखते है वो रखते है अगर दामन में, खंज़र-ऐ-बेवफाई तो हम भी, तन्हाई का गागर रखते है…………………!! देव कुमार
इसलिए भी टूकड़े दिल के हमने संभाल कर रखे है वक़्त आने पर हम उसको सबूत-ऐ-तोर पर पेश कर सके देव कुमार
इसलिए भी हमने बदनाम नहीं किया उसको और उसकी ज़ात को साहिब कुछ तो अपनी मोहोब्बत का ख्याल था कुछ उसकी झूठी इज़्ज़त का ख्याल था देव कुमार
उम्मीद-ऐ-दिल से हर कोई बफा नहीं करता खुवाईश-ऐ-मंज़िल से हर कोई गिला नहीं करता निकल पड़ते है न जाने कितने ही लोग सफर-ऐ-इश्क़ की तरफ मगर ये इश्क़-ऐ-मंज़िल हर किसी को मिला नहीं करता […]
अलग हो कर पानी से, कमल खिला नहीं करते बिछड़ कर लोग किसी से मिला नहीं करते यूँ तो आती है बाहर ज़िन्दगी में सबके मगर बुझे हुए चिरागों से उजाले हुआ नहीं करते देव […]
न रखो उम्मीद-ओ-बफा इस दहलीज़-ऐ-इश्क़ पर साहिब लूट जाते है दिल अक्सर, चाहत के इस बाजार में………………………!! D K
कहा से सुन लिया तुम सब ने, ये सरासर झूठ है माना इश्क़ किया है हमने, मगर सजा का हक़दार तो वो भी है……………!! D K
आज लिखू क्या, बस ये समझ ले शब्दों की कमी है दिल लबरेज़ है तेरी यादो से, और आँखों मैं नमी है…………….!! D K
इस मोहोब्बत ने बहुत आज़माया है हमको साहिब हमारा मशवरा है ये, कभी मोहोब्बत को न आज़माना…………..!! D K
क्यों डरते हो साहिब, बारिश के इन बौछारों से भूल गए क्या, बूँद-ऐ-आंसू अपनी आँखों के……………!! D K
किसी के जुल्फ का उठता हुआ बादल बुलाता है, अब तुम्हारी याद में खोकर कोई पागल बुलाता है ! चले आये हो जब से छोड़कर तन्हा किसी को तुम, अब उसके आँख का निकलता काजल […]
Please confirm you want to block this member.
You will no longer be able to:
Please note: This action will also remove this member from your connections and send a report to the site admin. Please allow a few minutes for this process to complete.