क्या करूँ मैं शिकवा इस बेरहम जमाने से! थक़ गया हूँ मैं अब और तुझे मनाने से! मैं बेवसी की चादरों में लिपटा हूँ मगर, दर्द खोज लेता है रोज किसी बहाने से! Composed By […]
क्या करूँ मैं शिकवा इस बेरहम जमाने से! थक़ गया हूँ मैं अब और तुझे मनाने से! मैं बेवसी की चादरों में लिपटा हूँ मगर, दर्द खोज लेता है रोज किसी बहाने से! Composed By […]
वक्त मिटायेगा फासले क्या पता कब वो मेरे हो जाये, मैं ही क्यो मानूँ हार जब भरी महफिल में भी सब अकेले हो जाये
ღღ__कई बार खुद को, यूँ भी बहलाया है हमने “साहब”; . कि वो आते तो ज़रूर, मगर फुरसत ही कहाँ होगी!!…..#अक्स
हर लम्हा तुमसे मैं बात किया करता हूँ! यादों से मैं मुलाकात किया करता हूँ! हर ख्वाब़ बेइंतहाँ जलाते हैं मुझे, खौफ से गुफ्तगूँ’ हर रात किया करता हूँ! Composed By #महादेव
ღღ__कम उम्र में ही ज्यादा, तजुर्बे हो जाने का ये खतरा है “साहब”; . कि फिर वो उम्र तो रहती है, मगर कोई बच्चा नहीं रहता !!…..#अक्स .
कुछ तो मजबूरियाँ तेरी भी रहीं होंगी कुछ तो मजबूरियाँ मेरी भी रहीं होंगी , सब की मजबूरियों में मजबूर थे हम तेरी नजदीकियों से दूर थे हम , अरे जाओं ज़नाब तुम क्या समझोगे […]
तेरे सिवा दिल में कोई उतरता नहीं है! तूफान तेरी चाहत का गुजरता नहीं है! रूठी है मेरी मंजिल रूठी है जिन्दगी, तेरा ख्वाब़ रूठकर मगर मुकरता नहीं है! Composed By #महादेव
जिन्दगी जब मेरी खामोशियों में होती है! शाँम-ए-गुजर मेरी मदहोशियों में होती है! आजमाइशों में दिन गुजर जाता है मगऱ, रात तन्हाँ दर्द की सरगोशियों में होती है! #महादेव mkraihmvns@gmail.com
कुछ यूँ कटेगी बेरहम सी जिन्दगी हमनें सोचा ना था, वक्त के हाथों ही होगी ख्वाबों की खुदकुशी हमनें सोचा ना था, तन्हा रातों में ही हो जायेगा कत्ले आम साँसों का, आँखें खुलेंगी और […]
कभी कभी ये ख्याल आता है कि कभी उनका ख्याल ना आये तो दिल को राहत मिले| मिलते रहते है हमें अपना कहने वाले कई हमें जो वाकई अपना समझे कभी कोई ऐसा मिले|
ღღ__ये ज़िन्दगी अक्सर, ज़िद से नहीं चलती “साहब”; . कुछ धडकनों की खातिर, दिल से समझौता ज़रूरी है!!….#अक्स
किसी ने कल रात दस्तक दी दिल के दरवाजे पर मगर दरवाजा खोला तो वहां कोई न था|
ღღ__ये भी हो सकता है मुझको, फिर से वहम हुआ हो “साहब” . फिर भी पूछ लो ना दिल से, क्यूँ मुझे आवाज़ देता है!!…#अक्स .
. ღღ__ख़ानाबदोश-सी ज़िन्दगी ही, लिखी है नसीब में “साहब”; . कुछ लोगों का इस जहाँ में, अपना ठिकाना नहीं होता!!…..#अक्स .
ღღ__इंतज़ार लम्बा ही सही “साहब”, पर मैं समझौता नहीं करता ; . हमसफ़र वो ही बनेगा मेरा, जिसे भी मेरी ज़रूरत हो!!…..#अक्स
ღღ__सुना है कि तुमको, बहुत ख़याल है मेरा “साहब”; . मैं भी जा रहा हूँ खुद को, तेरे पास छोड़ के आज!!….#अक्स
पहले घर वापसी, फिर बीफ़ और अब नेशनलिज्म और क्या क्या होगा, जो होना बाकी है
ღღ__वो तो अहद-ए-वफ़ा की खातिर, तुमसे मिलता रहा हूँ साहब; . वरना गुफ्तगू…..वो भी तुमसे…..क्या मज़ाक करते हो!!….#अक्स .
न जा तू दूर थोडा पास आ मिलने की कोशिश कर, जरा हँसकर के मेरे साथ तू चलने की कोशिश कर, काश बदल जाए इरादा जो अभी तक था तेरे दिल में, दीया हूँ मैं […]
माना वो सिकन्दर था उसका भी मुक़द्दर था हमने अपने हाथों से उजाड़ा कुछ अपने भी तो अंदर था
ღღ__कुछ और इलज़ाम बाकी हों, तो वो भी लगा दो “साहब”; . अभी ना-काफ़ी हैं सितम तुम्हारे, मोहब्बत में, जाँ से जाने को!!…#अक्स .
तुम नहीं हो पास मगर तन्हाँ रात वही है! वही है चाहत यादों की बरसात वही है! हर खुशी भी दूर है मेरे आशियाने से, खामोश लम्हों में दर्द-ए-हालात वही है! Composed By #महादेव
ღღ__बिन मौसम बरसात यूँ, जला रही है मुझको “साहब”; . जैसे शमाँ जलाती है, अपने परवाने को बुला के पास!!….#अक्स .
सुकूं का बदन आज खस्ता बहुत है ! लुटेरों का दुनिया में दस्ता बहुत है !! है सब कुछ यहॉ पर अभावों का ताना ! मिले कुछ नही पर व्यवस्था बहुत है !!
मुझको हरवक्त़ तेरी प्यास रहती है! तेरी आरजू धड़कनों में बहती है! मेरी मंजिल बन गयी है याद तेरी, हर अश्क में तस्वीर तेरी रहती है! Written by #महादेव
. ღღ__रात के सन्नाटे की, कुछ ऐसी आदत लगी है “साहब”; . कि सुबह के शोर में हमसे, अब और जिया नहीं जाता!!….#अक्स .
तेरा ज़िक्र तो हर जगह होता है दर्द ए अश्क आंखों में जो भरा होता है
. ღღ__तेरी पहली नज़र का रंग ही, अब तक उतरा नहीं “साहब”; . हम किससे खेलें होली, हमपे कोई रंग डालता नहीं !!…..#अक्स .
क्या कहे जो अब तक न कहा क्या सुने जो इन कानों से अब तक न सुना क्या बात होती गर बिना कहे बिना सुने समझ लेते हाल ए दिल
प्यास तेरी चाहत की बेशुमार आजकल है! मेरी नजर में हरपल आती तेरी शकल है! खामोश़ हो गया हूँ गम-ए-जुदाई से मगऱ, साँसों’ में तेरी दौड़ती तस्वीर की नकल है! Composed By #महादेव
. ღღ__क्यूँ उड़ा-उड़ा सा लगता है, तुम्हारे चेहरे का रंग “साहब”; . सब लोग तो कर रहे हैं, कि रंगों का त्यौहार आया है !!…..#अक्स .
. ღღ__ना कोई उम्मीद, ना तड़प, ना ही इंतज़ार किसी का; . कितना अच्छा होगा वो जहाँ, जहाँ मोहब्बत नहीं होगी !!….अक्स .
!!!! SAGAR KE DIL SE !!!! khamosh hai ye pal ye waqt khamosh hai ajeeb sa hai shor par awaaj khamosh hai shabdo ka laga hua hai mela par matlab khamosh hai kholun bhi tau […]
तेरे दिल का गरूर
ख्वाब मेरे दुश्मन तो नही पर तब वोह मुझको चुभते हैँ जब रूह तड़प कर उठती है वोह जलता है कुछ अन्दर से …… यूई
कुछ ख्वाब कभी रुक जाते हैँ ता-उमर बना घर पलकों तले हां बाहर से वोह दिखते नही अन्दर से पल पल तड़पाते है …… यूई
दिन के ख्वाब रातों में रातों के ख्वाब दिन में गर ना दिलाएँ याद अपनी तो ज़िन्दगी हो जाए अपनी …… यूई
रात के ख्वाब सुलाते हैं दिन के ख्वाब रुलाते हैँ मंज़िर वोह खुली आँखों के अन्दर से काट काट कर जाते हैँ …… यूई
रात के ख्वाब ना दिन में कभी मुझे सताते हैं दिन के ख्वाब क्यों रातों को बेकरार कर जाते हैं …… यूई
ए ज़िन्दगी ए ज़िन्दगी तुझे हर हाल में चाहने की कसम हमने खाई है …… यूई
मोहब्बत कहां लफ़्जों में बयां होती है नज़रों का निशाने कहां अल्फ़ाज खिंच पाते है
काबिज जामे-लवो पर जलवा-ए शबाब हो गए घटा-ए जुल्फ मैखाना वलवला-ए रंगे चश्म शराब हो गए!? -रमेश
. . ღღ__ख़ुदा से माँगते क्यूँकर, भला हम, दुआएँ उनके रोने की; . वो इश्क करने लगें किसी से, सज़ा को इतना ही काफी है!!…..#अक्स .
. ღღ__कल फिर आईने ने मुझसे, ये पूछ ही लिया “साहब”; . कि कहाँ रहते हो आज-कल, और कबसे चेहरा नहीं देखा!!…..#अक्स .
ღღ__प्यार को अशआरों में, बयान करना बड़ा मुश्किल है; . ये तो अच्छा हुआ, निगाहों की हर बात वो समझते रहे!!….#अक्स .
दिलकश ख्यालों से दिलकशी का सबक कुछ यूँ सिखा गये हो , हुज़ूर ! अब तो दिलकशी लफ्ज से भी डर लगने लगा है
पेश ए खिदमत् में तो है ही ये दिल आपके हुज़ूर, मारना है तो मार ही दो ना , यूँ तड़पाना गैरों को किसी बड़प्पन की निशानी तो नहीं,
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