स्वर्ण कांति आभा धारी, करे सिंह की सवारी, घंटाकार अर्धचंद्र,मां का ध्यान कीजिए। सुख शांति दिव्य शक्ति, चंद्रघंटा मां की भक्ति, मणिचूर चक्र मन, मां आन विराजिए। तीन नेत्र दस हाथ, गदा बाण चक्र साथ, […]
स्वर्ण कांति आभा धारी, करे सिंह की सवारी, घंटाकार अर्धचंद्र,मां का ध्यान कीजिए। सुख शांति दिव्य शक्ति, चंद्रघंटा मां की भक्ति, मणिचूर चक्र मन, मां आन विराजिए। तीन नेत्र दस हाथ, गदा बाण चक्र साथ, […]
कहानी-ना समझ संतान पैतृक संपत्ति से कुशल किसान रहता था, अनेक पशुओं तथा कृषि यंत्रों के साथ एक सुनहरे भवन का मालिक था, किसान के दो पुत्र प्रवेश तथा आवेश, दोनों पुत्रों की शादी हो […]
कहानी-बाढ़ ————– सूरज निकलने वाला ही था कि बारिश रिमझिम शुरू हो गई| दोपहर होते-होते बारिश विकराल रूप धारण कर ली चारों तरफ बादल में गड़गड़ाहट बिजलीओं की लपटें, ऐसा प्रतीत होने लगा आज बादल […]
शिक्षा ग्रहण करो,संत ज्ञानेश्वर भीमराव बनों —————————————————- यदि मन में अभिलाषा है किसी विशेष कार्य, वस्तु ,लक्ष्य, पद प्रतिष्ठा के लिए और धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं, तब स्वाभाविक है कि आने वाले समय […]
दे ज्ञान हमें मा भारती भर दे झोली इतनी सी हैं आरजू . काया का ना हमें ध्यान इतना हो माँ हमपे मेहरबान . पूर्व संस्कार सब मिटा दें मातेश्वरी दे ज्ञान हमें माँ भारती […]
आगाज हिन्दुत्व का 6 दिसम्बर 2021 : आने वाला महान शौर्य दिवस कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति आंदोलन कृष्ण लला हम आएंगे अपना वचन निभाएंगे जहां पर जन्म हुआ माधव का मन्दिर वहीं बनाएंगे।। पहला पन्ना पूर्ण […]
अभी तो प्यार की नाव में बैठे ही थे पर क्या करें, मेरे माझी ने ही नाव में छंद कर दिया ।
एक भरोसा ही मागा था, भरोसे ने भरोसे से भरोसा तोड़ दिया।।
कभी-कभी लगता है हम दुनिया के सबसे बदकिस्मत इन्सान हैं पर°° जब अपने हाथ पैरों को सही सलामत देखते हैं तो अमीरी का एहसास होता है।। By pragya shukla
कवि ब्रह्मा का दूसरा रूप होता है क्योंकि दोनों में सृजन करने की अपार क्षमता होती है…
संसार में ईश्वर के बाद एक कवि ही है जो हथेली पर सूरज उगा सकता है और पथ्थर पिघला सकता है ये काम साधारण मानव की सामर्थ्य से बाहर है…
विपक्ष हो या आलोचक दोनों हमारी कमियों को उजागर करते हैं ————————- अतः सरकार हो या कवि उसे स्वयं को बेहतर बनाने में मदद मिलती है।
सुविचार:-2 आज यकीन आ ही गया हमें- टूटे दिल और अधूरे सपनों से, वो बचपन के खिलौने काफी अच्छे थे।।
सुविचार:- दूसरों पर विश्वास जरा सोंच कर करना चाहिए, क्योंकि कभी कभी हमारी जिह्वा को हमारे ही दन्त काट बैठते हैं।
धन्न्न पैसा त्यर कमाल कस्स्ये बतूं त्यर हाल जों ले जांछे वों बबाल धन्न्न पैसा त्यर कमाल जब ऊंछे तू देश बटी तू भले क्वे जिन भैटे त्वै के हाल्छया सब अंग्वाल धन्न्न पैसा त्यर […]
ये गरमी कैसी जेठ की , चिल चिल करती धूप। ठंढी मीठी छांव में, क्या परजा क्या भूप।।
1. मै माँ हूँ मैं बेहतर से जानती हूँ मेरा नाम अनु मेहता हूं, मैं भी के माँ हूँ मेरी बेटी भी 15 महीने की है…. कोविड -19 (कोरोना वायरस) महामारी ने पूरी दुनिया में […]
मेरा प्यार, बुजुर्ग का ज्ञान —————- किसी बुजुर्ग ने, एक सवाल पूछा, जिसका जबाब- उम्र भर ना दे पाऊगा, बेटा! ऐसा कौन सा ज्ञान हासिल किया है, जो आज उसकी बेटी ले के भागा है, […]
बिन मतलब कोई नहीं, करता देखो बात अहंकार का संग है, बड़ी भयानक रात 2 बूढो से कोई नहीं, करता देखो बात बात बात में हो रहे, कैसे कैसे घात 3 दुख सुख अब बांटे […]
(१) कारज ऐसे कीजिए,सबके मन को भाए। संतुष्टि मन को मिले,जन्म सफल हो जाए।। (२) कार्य सफल हो जाएगा, रट ले हरि का नाम। हरि की कृपा जो मिल जाए, बन जाए सब काम।। […]
जीवन से भी कीमती, मात्रभूमि का मान आपस मे लडिए नहीं, मारो मिल शैतान 2 जाति पंथ औ लिंग की, मत करिए परवाह करते प्रेम प्रचार चल, एक जुटता की राह
राजनीति एक खेल है, जिसमे शकुनी चाल सर्वाधिक प्रचलित हुई, करती मालामाल 2 राजनीति एक पर्दा है, जो ले पाप छिपाए आंधी आती सांच की, चेहरा देय दिखाय
जाति धर्म के भेद को, आओ जाए भूल डिठौना एक मां भारती, ललाट भारत धूल 2 दुनिया भारत देश से, समरसता का सार सीख सीख पहुंचा रही, इंसानो के द्वार
बदलता है समय किसी को सताए नहीं ईर्ष्या द्वेष के बीज उगाए नहीं मिट्टी में मिल जाते हैं महल उजाड़ कर किसी का खुद को बसाए नहीं
धरती में अपशिष्ट का, मिलना घातक जान कूड़ा कचड़ा प्लास्टिक, फेको कूड़ा दान 2 मिट्टी प्रदूषण से सुनो, बीमारी कई होय जैविक खेती से करे रक्षा अब सब कोय
कहते दुश्मन कान के, जग आवांछित शोर जोर जोर से होत है, सुनिए चारो ओर 2 सोना औ सुनना हुआ बड़ा कठिन अब काम वाहन और मशीन की ध्वनि को नहीं आराम
वायु प्रदूषण बढ रहा, सुरसा मुख विकराल हम नहिं है हनुमान सा, दुख ज्यूँ मुख हो व्याल 2 वायु देव को भी किया, मानव ने बीमार हॉस्पिटल में ले रहे, ऑक्सिजन लगातार
मंदिर मस्जिद बंद है, पिंजडे में इंसान गलिया लथपथ खून से, घूम रहा शैतान 2 आए हैं तो जाएगे, राजा रंक फकीर कोरोना कब जाएगा, मिटा रहा तकदीर
जीवन है अनमोल पर, बीत रहा बेकार धंधा सब चौपट हुए, मानव है लाचार 2 रोजी रोटी बंद है, बहुत दिनो से जान अब हर वर्ग तबाह है, औ मजदूर किसान
सुंदर सपना की तरह, देखा है संसार आँख खुली कुछ भी नहीं, लीला अपरम्पार 2 दुख आकर कहते रहे, ईश्वर है सरकार मत बनना तुम नास्तिक, लेते हैं अवतार
ना रस है ना छंद है, अलंकार से हीन देखो कविता हो गयी, अब की कितना दीन 2 पाठक श्रोता दूर हैं, कवियों की भरमार हिंदी कविता दुर्दशा, जैसे हो बीमार 3 तुलसी सूर कबीर, […]
वर्षा जल अनमोल है, सब अब करे प्रयास नदी कूप है मांगते, सावन भादौ मास 2 बनाए घर घर सोक्पीट, जल संरक्षण होय नैतिक जिम्मेदारियां, लेना है सब कोय 3 बिन पानी सब सून है, […]
पराधीनता सुख नहीं, हो जाए आजाद अभी गुलामी मानसिक, अंग्रेजो की याद 2 अंग्रेजों की रीतियां, खूब रहे अपनाय अपनी संस्कृति देखिए, दिन दिन छुपती जाय
कर्जा लेने की प्रथा, बहुत बुरी है जान कर्जा में डूबे और, तड़प तड़प दी जान 2 कर्जा ऎसा भार है, नहीं उतारा जाय दो पल की खुशियां मिले, जीवन भर पछताय
सच केवल संघर्ष ही, करता है इंसान जिससे बनती जगत में, है उसकी पहचान 2 हार जाय फिर भी नहीं, मन से माने हार कोशिश होनी चाहिए, जीवन मे लगातार
मानव भाए न गंदगी, चला स्वच्छ अभियान सबसे सुंदर बन रहा, अपना हिंदुस्तान 2 अपने हिंदुस्तान की चर्चा है चहुँ ओर सभी क्षेत्र में बढ़ रहा, आँगे आँगे शोर
धरती से आकाश तक, होती जय जय कार मानव तन जो पाय कर, करता है उपकार 2 करते जो उपकार है, उनके है भगवान् बदल नहीं सकते कभी, बदल जाय इंसान
खेतों में दिनभर करे, खून पसीना एक मेहनत का पर्याय हैं, क्रषक काम अति नेक 2 कर्जा क्रेडिट कार्ड से, लेकर बोया धान ऎसा पड़ा अकाल की, डूबे सभी किसान 3 खेती है उत्तम मगर, […]
अद्भुत और विशाल है, पुस्तक का संसार सब कुछ मिलता है उसे, करता पुस्तक प्यार 2 ग्यानी की है आत्मा, भरा हुआ विग्यान गुरु के जैसे पुस्तकों, से ले सकते ग्यान 3 करते पुस्तक प्रेम […]
खाली छोड़ो खेत मत, उग आएगी घास खाली है मस्तिष्क तो, शैतानों का वास 2 भरते रहे दिमाग में, अच्छे सदा विचार मन प्रसन्न रहता तभी, सुख उपजे संसार
मैहर की मां शारदा, ऊँचा पर्वत धाम बल बुद्धि विद्या दीजिए, जपते मां का नाम 2 मैहर की मां शारदा, महिमा अपरम्पार भक्तो पर करिए कृपा, आए तेरे द्वार
मेला है संसार ये, आते जाते लोग जीवन का मकसद नहीं, करना केवल भोग 2 राम नाम आधार है, लेकर होना पार क्षमा करो अपराध प्रभु, आए तेरे द्वार
भाई हो तो भरत सा, सब कुछ कर दे त्याग दुर्योधन की तरह जो, नहीं अलापे राग 2 भाई चारा सीखना, राम भरत को जान भाई के खातिर करे, अपने सुख का दान
बहुत बड़ा वरदान है, मानव का विग्यान नए नए होते जहाँ, सदा हि अनुसंधान 2 चाकू है विग्यान पर, मारो मत इंसान तब ही इसको कह सके, है अच्छा वरदान
मानव निर्मित आपदा, आई आज अनेक बदलो अब व्यवहार को, कहता यही विवेक 2 आए जब जब आपदा, जान माल की हानि करे प्रबंधन मिल सभी, भारत के सब ज्ञानि
कोरोना से वीरगति पाने वाले लोग आँखो के आँसू कहे, कितने थे अनमोल 2 उजड़ गए परिवार जो, दुख ये कहा न जाय अर्जुन सा श्री कृष्ण अब, हमको दो समझाय
गीता का उपदेश है, कर्म रखो अधिकार अजर अमर है आत्मा, ईश्वर का उपकार 2 अर्जुन अपना काम कर, करो न सोच विचार निर्धारित सब कुछ यहां, ईश्वर का संसार
सुरसा सा मुह खोलती कई समस्या आज पवन पुत्र अब आय कर, करो राम के काज 2 पवन पुत्र विनती करे, भक्त सभी कर जोड़ आओ फिर से पापियों, नशे दीजिए तोड़
आए अच्छे भाव जब, सुख उपजे सब ओर सुंदर सब लगने लगे, जैसे वन से मोर 2 मेरा मेरा मत करो, भूलो ना उपकार तन मन धन जो कुछ मिला, ईश्वर के अवतार
दुनिया है सुंदर बहुत, रचना है भगवान् कैसे तू सुख पाएगा, कमी देख इंसान 2 अच्छाई को ग्रहण कर, शिक्षक सकल जहान कमियों पर पर्दा पड़ा, कैसे हो कल्याण
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