अब कि बार दिवाली में…. देश का पैसा देश में रखना खर्चा मत करना चाइना की लाईट पर तन मन को प्रशन्नचित रखना कदम से कदम मिलाकर चलना मिट्टी के दीपक जलाना अब कि बार […]

…..माँ…. रिश्ता बड़ा अनोखा हैं माँ का त्याग हैं बलिदान हैं खुशियों की छलक हैं माँ प्रेम हैं तपस्या हैं बच्चे की भाग्य विधाता माँ जगत में महान हैं माँ नाम बड़ा अनमोल हैं आंचल […]

( मेरे प्यारे दोस्तो ) दोस्तो मेरे दिल को आबाद मत करना जीने को मिली सॉसे बर्बाद मत करना ना खेलना तुम मेरे भावनाओ से मित्रो हर मोड पर साथ देना हंस हस कर मित्रों […]

( महंगाई का प्रकोप ) दाल का दाना सोना होगा , चावल हिरा जैसा महंगा । आटा होगा कोकिन हिरोइन , मसाला रोब दिखायेगा । फल को चखेंगे सपनो में लोग , जब वृक्ष सुखा […]

( पगली लडकी ) नयनो को अपने चुरा रही थी जब वह मेरे सामने आयी भोली प्यारी चेहरे पर घबडाहट कि थी परछाई हा हेलो जब बोला मैंने नयनो से नयन मिला ना पायी हाल […]

( पगली लड़की / 2 ) नटखट चंचल नजरो से बाते वह मुझसे करती हैं बात बात में वह मुझसे मेरे सपनो को चुराती हैं ऑखे बन्द करता हूँ तो पगली लड़की सामने आ जाती […]

( पगली लड़की /03 ) ना जाने क्यों इतनी अधुरी सी लगती हैं जीवन गुनगुनाता मचलते मस्ती में चले जा रहा था आगे से मेरे आ रही थी एक पगली सयानी लड़की नयनो से मेरे […]

( पगली लड़की /04 ) मेरी जान तुम यू ही रूठा ना करो मुझसे बादल बनकर मुझ पर यू बरसा ना करो तुम्हारी लबो की हँसी मे बसी जिन्दगी तुम यू ही मुझे तडपाया ना […]

( पगली लड़की / 05 ) समझ ना पाया मैं उसके जज्बातो कि हवाओ को तकरार भी मैंने खूब किया उस पगली को रुलाने के लिए दर्द भर कर सिने में अपने जहाँ को लुटाता […]

( पगली लड़की /06 ) कण कण में मुस्कान बिखेरती जीवन को न्योछावर करती जिद पर अपने करे सवारी घर में सबका मन बहलाती बातो से अपने रस को घोलती घर आँगन को महकाती हैं […]

( पगली लड़की / 07 ) मृदुल चंचल उमंग लिए मन को सुशोभित करती हैं त्याग तपस्या आत्मबल से मुस्कान की किरण बिखेरती हैं थोडी सी पगली बनकर दिल को मेरे खुश रखती हैं समझ […]

( पगली लड़की / 08 ) ना जाने आज क्यो मेरी याद नही आ रही उसको शायद पगली लड़की किसी की यादो की माला गुथ रही हैं बैठ के दिल मेरा भी ना जाने क्यो […]

( पगली लड़की / 09 ) गीत गुनगुनाकर मेरे सपनो में मुझसे मिलने आती हो हँसकर प्यारी नयनो से वार मुझ पर करती हो मेरे दिल के दर्द को कैसे तुम पढ लेती हो मेरे […]

( पगली लड़की / 10 ) दिल में मेरे ना जाने क्यो कुछ सवाल गोते लगाते हैं पगली लड़की को जब देखु दिल मेरा धडकने लगता हैं उसकी मासुमियत निगाहो को मैं पढने की कोशिश […]

तुम पढ़ी लिखी इंग्लिश मिडियम मैं पढ़ा लिखा शुध्द हिन्दी में मैं खाता हूँ गेहूँ चावल प्रिये तुम खाती पिज्जा बर्गर हो मेरा तुम्हारा मेल हैं क्या छुप छुप कर मिलना खेल हैं क्या तुम […]

कुल्हड़ कि चुस्की कुछ याद दिलाती हैं, दोस्तों कि दोस्ती साथ निभाती हैं, महक मिट्टी कि वतन पर प्यार लुटाती हैं, चाय कि चुस्की बचपन जवानी कि कहानी सुनाती हैं,

महेश गुप्ता जौनपुरी: बूंद बूंद का प्यार बरसों जुदाई के बाद ये घड़ी आयी हैं पिया मिलन की रूत आयी हैं मोहब्बत कि फिजा संग बरखा लायी हैं चल भीग जाते हैं इस सुहाने मौसम […]

तिरंगा भारत देश की शान हैं तिरंगा देश प्रेमियों की जान हैं तिरंगा मातृ भूमि का अभिमान हैं तिरंगा आजादी के तराने का नाम हैं तिरंगा नव विहंगम संसार हैं तिरंगा भारत देश का पहचान […]

सावन बारिश कि फुहार ने रंग दिया सारा संसार कौन सुना किसने सुना पपीहा करे पुकार सुन के गर्जना मेघों की नृत्य लुभाता मोरनी को सावन ये मनभावन हैं प्रेम लताएं प्रफुल्लित है सावन के […]

वृद्धा आश्रम बुढ़ि आंखें ना जाने कब से देख रही हैं मुझको एक टक लगाये निहार रही बरसों से मुझको कैसे कर लु मैं किनारा इनका कौन है सहारा यह छोटा सा वृद्धाश्रम है सभी […]

युग धारा एक युग बीत चला है देखो एक ऊर्जा शक्ति निकल रही चीर भानू के किरणों को चांदनी रोशनी फैला रही है बरखा भी इठला रहा है नभ अम्बर की छाया में मुदित हुआ […]

मेरे बापू चरखा के बल पर जिसने देश भक्ति को जगाया था गजब का हुंकार था बापू के जज़्बातों में सत्य अहिंसा की लाठी से जिसने धुल चटाया था खदेड़ गोरों के सैनिक को देश […]

हर रोज़ उम्मीदों का बोझ लेकर बाबा खेतों तक जाते हैं। चिंता की लकीरें, सूखी कुछ- कुछ गीली आंखे लेकर लौट आते हैं। पता है छिपाते हैं कुछ, चाह कर भी ना बता पाते हैं […]

खुशियों का एहसास लाया, जब तू मेरी जिंदगी मे आया छू ना पाए तुझे मुश्किलों का साया, बीड़ा मैंने यही उठाया. दुख तुझपर कोई ना आए, इसी जिद्द पर मै अडी हूँ जब तू खुद […]

“कवि हूँ मैं सरयू तट का ” कवि हूँ मैं सरयू तट का समय चक्र के उलट पलट का मानव मर्यादा की खातिर सिर्फ अयोध्या खड़ी हुई क्यों कि युगों से मेरी अयोध्या जाने हाल […]

बरगद —— बरगद का एक पेड़ पुराना। जैसे हो कोई बूढ़ा नाना। लम्बी – लम्बी दाड़ी वाला, बड़े तने के कुर्ते वाला। दैर सारी भुजाओं वाला। बंदर कूदे सब डाल- डाल, खीचे डाली और पात-पात। […]

बरगद —— बरगद का एक पेड़ पुराना। जैसे हो कोई बूढ़ा नाना। लम्बी – लम्बी दाड़ी वाला, बड़े तने के कुर्ते वाला। दैर सारी भुजाओं वाला। बंदर कुदे सब डाल- डाल, खीचे डाली और पात-पात। […]

आप महान हैं, हमें देते जो ज्ञान हैं | आप का सम्मान करना, मेरी ही शान है | मैं फूल हूँ चमन का, आप बागवान हैं | आप ही से महकता ये सारा संसार है […]

कभी न भाये गुरु जी तुम, वो मैथ की मिस्ट्री,वो बोरिंग केमिस्ट्री वो छडी की मार वो डांट वो पुकार खड़े कर देना बेंच पर नज़रे रखने को कहना अपने लेंस पर कितने ही बार […]

आज 5 सितंबर है और हम सभी को पता है की आज शिक्षक दिवस है। हम सब हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस का जश्न मनाते है। आज डॉ सर्वेपल्ली राधाकृष्णन का जन्मदिन है। […]

मन की बात सुने फिर कौन! ———————————- काले धंधे राह अंधेरी मन दोहराए माने कौन!!!! बात पते की स्वदेशी चीजें , देश का मान बढ़ाएं कौन!! नारी सम्मान हमारा अभिमान, अत्याचार मिटाए कौन!! देश गर्त […]

मन की बात सुने फिर कौन! ———————————- काले धंधे राह अंधेरी मन दोहराए माने कौन!!!! बात पते की स्वदेशी चीजें , देश का मान बढ़ाएं कौन!! नारी सम्मान हमारा अभिमान, अत्याचार मिटाए कौन!! देश गर्त […]

ऐसा मेरा देश हो जाए —————————- आओ भारत नया बनाए, सपनों का संसार बसाये। नए महल सा देश सजाएं, उन्नति का परचम फहराए। चारों तरफ हरी हो धरती, स्वस्थ सड़क हर जगह हो दिखती । […]

ऐसा मेरा देश हो जाए —————————- आओ भारत नया बनाए, सपनों का संसार बसाये। नए महल सा देश सजाएं, उन्नति का परचम फ। चारों तरफ हरी हो धरती, स्वस्थ सड़क हर जगह हो दिखती । […]

ऐ गम मुझसे दूर जा तू, इतनी दूर कि दिखे भी न साया तेरा, क्यों आ आकर सताती है मुझे, नहीं चाहिए मुझे तेरा साथ, ऐ खुशी आ पास मेरे तू, मेरी सच्ची सहेली है […]

मै पढ़ते वकत अटकती हू कमजोर हू थोड़ी पढ़ाई मे पर साथ आपका चाहती हू मेरे जीवन की इस लड़ाई मे . हमेशा ही पैर रखती हू आपके पेरो की ही परछाई मे जब लिखती, […]

फरियाद कबूल ना हो तोह क्या तेरे होने पे तेरे वचनों से सवाल उठाना चाहिए बचपन से ही सिखा है समझना रटने से बेहतर है लोगों का काफिर कहना भक्त से बेहतर है

नन्हा ,सलोना सा, प्यारा सा बचपन । मासूम भोला नटखट सा बचपन। वह चंदा का तारों का सूरज का मेला । वह जादुई परियों में नन्हाअकेला। वह दादी के किस्से ,वह नानी की कहानी । […]

साथ मेरे एक तू और तेरा प्यार बाकी है। बाकी सब बेजान चीजें बेकार बाकी है। हालात संग, लोगों के मिजाज बदल गये, टूटा हूँ, बिखरा नहीं, अभी धार बाकी है। कितने ही इम्तहानों से […]

सब एहसास दफ़न हो गये_ जब वो पहलू में किसी के गुमराह हो गये हम ज़िंदा थे..कयामत की जूदाई आई और हम कफ़न हो गये_ -PRAGYA-

आज कल बेरोजगारों की कहाँ मेरे यार सुनती है, उल्टी सीधी जैसी भी हो जनता सरकार चुनती है, कानों पे जूं भी नहीं रेंगती चाहे चीखलो जितना, पर बात गर अपनों की हो तो बारम्बार […]

बादल तू हट जा जरा, चंदा को देखूं जरा, चंदा तुझे नहीं खबर, कि तुझे चाहता है इक चकोर, चाहता मेरा भी दिल है, कि चंदा से बातें करूं जरा, ओ चंदा तेरी चांदनी, प्यारी […]

शिक्षक साधारण व्यक्तित्व ..पर बेहद रोचक। आदर्शों की मिसाल, अज्ञान का आलोचक । राष्ट्र का निर्माता ..प्रगति का द्योतक । ज्ञान का भंडार… जलता हुआ दीपक। उजाला फैलाए… कठिनाइयों का मुक्तक। विद्यार्थी जीवन में हर […]