अब तो उनके घर से सदायें आती हैं ,जो कभी मेरे न थे उनकी भी दुआएं आती हैं … सुना है उन मकानों में हज़ारो कत्लखाने हैं , जहाँ दिल चूर होते हैं , सलाखें […]

न मैं उसके जैसा हूँ ,न मैं तेरे जैसा हूँ , जो देखेगा मुझे जैसा ,यहाँ मैं उसके जैसा हूँ.. न मेरी जाति है कोई ,न मज़हब से है मेरा नाम, न मंदिर की मुझे […]

आज फिर कोई रो रहा है… फिर कहीं किसी किसी गली से आवाज़ आ रही है, फिर आज कोई बैठा समंदर पिरो रहा है.. आज फिर कोई रो रहा है…. फिर कहीं कोई कसक नैनों […]

आँखों से झरते आंसू ने थमकर पूछा आखिर सजा क्यों मिली मुझे ख़ुदकुशी की? दिल रो पड़ा पुराना जखम फिर हरा हुआ, कहा, गुनाह उसी ने किया जिस छत से तू गिरा .. ..atr

सफर शुरू हुआ है मगर मंज़िलें नज़दीक है… ज़िंदगी जब जंगलोके बीच से गुजरे, कही किसी शेर की आहट सुनाई दे, जब रात हो घुप्प ,चाँद छिप पड़े, तब समझ लेना मुसाफिर मंज़िलें नज़दीक है.. […]

हथियार न बन्दूक न तलवार चाहिए , इंसान से इंसान का बस प्यार चाहिए. है बंद गुलिस्ता ये मुद्दतो से मीर, इस में फकत गुल ओ बहार चाहिए. नेकी की राह बड़ी बेरहम है ना, […]

अब न चांदनी रही न कोई चिराग रहा राहों में रोशनी के लिए न कोई आफताब रहा उनकी महोब्बत के हम मकरूज़ हो गए उनका दो पल का प्यार हम पर उधार रहा वेवफाई से […]

वो आये कभी पतझङ कभी सावन की तरह जिंदगी हमें मिली हमेशा बस उनकी तरह फूलों के तसव्वुर में भी हुआ उनका अहसास आये वो मेरी जिंदगी में खिलती कली की तरह जब से दी […]