संपादक की पसंद

कविता – भीम हमारा अभिमान |

अंबेडकर जयंती कि हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाये कविता – भीम हमारा अभिमान | किया निर्माण जो भारत का सविंधान | सत सत नमन भीम हमारा अभिमान | दिलाया अधिकार सबको जिसने समान| बाबा भीम को करता नमन हिंदुस्तान | दबे कुचले दलित पिछड़े राह दिखाई | रहना कैसे मिल सबको सीख सिखाई | हुआ अपनो खातीर बाबा जो कुर्बान | सत सत नमन भीम हमारा अभिमान | मिले शिक्षा सबको बाबा कि ईक्षा थी | खुद बना बैरिस्टर ऊंची उसकी दीक्ष... »

कविता – तो बच जाने दो |

कविता – तो बच जाने दो | बढ़ गया लोक डाउन तो बढ जाने दो | जान है जरूरी माल से तो बच जाने दो | इतने दिन बीते कुछ दिन और गुजारेंगे | घर की बिखरी चिजों को थोड़ा सवारेंगे | आखिर कट रही जिंदगी तो कट जाने दो | जो बताया गया वो हमसे निभाया गया | हाथ धोना घर रहना मास्क लगाया गया | योद्धा लड़ रहे कोरोना तो निपट जाने दो| अपनी ही नहीं परवाह जान गैरो भी करनी | घर मे रहो खाओ चाहे नमक रोटी चटनी | चढ़ रहा कोरोना... »

ये समय फिर ना मिले दुबारा

यह समय फिर ना मिले —————————- “दौड़ भाग की जिंदगी सुकून छीन ले गई, हम दौड़ते ही रह गए जिंदगी पीछे रह गई।” वक्त फिर भी ना रुका, सबको ठहरा सा दिया। भागी दौड़ी सी थी जो, बेबसी से वो थमी। जो कभी रुकी ना थी, ठहर गई यहीं कहीं। ऐसा तो हुआ ना कभी, जैसा हुआ इस बार अभी। विश्व संकट में पड़ा, डर से बुरा हाल हुआ। मौत का शिकंजा देखा, आंखों देखा ह... »

प्रेम- पिपासु

आज कुछ बदला- बदला मिज़ाज है दिल भी बेताब है ——————– सिसकियाँ भी खामोश हैं लफ्जों में मिठास है ———————- गूंजती जा रही है गलियों में शहनाई ——‐‐‐————– बींद के इन्तज़ार में बीती जा रही है स्वर्ण रात्रि ———————– गेसुओं की घनी छाँव क... »

बहुत देर

बहुत देर कर दी ज़िन्दगी तूने मेरे दर पे आने में हम तो कब से लगे थे तुझे मनाने में अब तो न वो प्यास है न वो तलाश है ,मानों खुद को पा लिए हमने किसी के रूठ जाने में बहुत देर कर दी ज़िन्दगी तूने मेरे दर पे आने में तेज़ हवा में जलाया चिराग क्यों बार बार बुझ जाता है जब की कोई कसर नहीं छोड़ी हमने उसके आगे घेरा बनाने में बहुत देर कर दी ज़िन्दगी तूने मेरे दर पे आने में मैं मायूस नहीं हूँ बस तुझको समझा गया हूँ ढ... »

हाय रे चीन

हिंदी कविता व्यंग्य शीर्षक-: हाय रे चीन (कोरोना और चाइना ) हाय रे चीन चैन लिया तूने सबका छीन कुछ भी न बचा तुझसे ऐसा जो न खाया तूने बीन बीन हाय तू कैसा शौक़ीन सारी दुनिया को दे के Covid 19 कर दिया तूने शक्तिहीन जब वो रो रही बिलख रही तब तू बन ने चला महा महीम हाय रे चीन तुझ पर Biological Weapon बनाने का आरोप लगा फिर भी तू है लज्जाहीन ये बीमारी देने के बाद तू बढ़ा रहा अपना व्योपार दे कर दुनिया को Mask औ... »

अनोखा रिश्ता

दो मित्रों का जोड़ा भैया अमर इतिहास बनाया था। एक थे ब्राह्मण एक मुस्लिम थे रिश्ता खास बनाया था।। जंग- ए-आजादी में कूद गए थे राम -लखन की जोड़ी बनकर। “सरफरोशी की तमन्ना “गाए फिरते गली-गली और घर-घर चलकर।। क्रांति का पथ प्रशस्त किया और मातृभूमि को वास बनाया था।। दो मित्रों ़़़़़़।। हृदय एक थे दोनों के बेशक़ तन थे अलग- अलग। राम लखन संबोधन करते जब भी होते अलग- अलग। एक साथ हीं झूल गए थे बली र... »

A Poem about the Lockdown

Sitting on the swing by the window Looking over the giant tree outside, I pause to think and wonder At how this new phase unfolds in life… It’s been a crazy month lately And they say it’ll only get crazier, With the disease strengthening its hold And the doctors getting busier… Fear has become our unwanted neighbour Relentlessly keeps dropping by, With the numbers of new cases and deaths And with ... »

काव्य- सौंदर्य

एहसास की पावन चौकी पर भाव की मूरत बैठी है ———————- शब्द अलंकार से सुसज्जित हैं और कल्पना की आराधना होती है ———————— इसी को कहते हैं काव्य सौन्दर्य जो हर कवि की आत्मा कहलाती है ————————– इसके बिना हर रचना अपूर्ण ही है और हर कविता विकलांग सी है ——... »

आँचल

आँचल में अपने छुपाकर वो, दुनियाँ की बुराइयों से बचाती है सारे जहान की खुशियाँ अपने दामन में लिपटाकर हमपर लुटाती है वही आँचल लाज़ बचाता है, और उसी से पसीना सुखाती है स्त्री की आबरू का सुन्दर श्रिगार बनता है आँचल, जब स्त्री माथे की बेंदी छुपाती है »

महामारी से मुक्ति प्रार्थना

महामारी से मुक्ति प्रार्थना —————————— हे दुख भंजन दयानिधे कृपासिंधु . .. भव पार करें। करो कृपा हम दीनजनों पर, दूर करो सब कष्ट धरा पर। करे तपस्या सब जन घर पर, बंद पड़े प्रभु द्वार धरा पर। मुक्ति दे दो कष्ट हरो सब खत्म करो यह महादानव अब। छिन गई खुशियां बंद हैं हंसी डर हैभीतर, सहम गए सभी भूख प्यास सब हो गयाआधा, विचलित मन जाए ना साधा। अब तो ... »

मापदंड

मापदंड ———- कुंठित हृदय से उपजती विषाक्त बेल, लील जाती है कितनी ही हरी कोपले। उनको कुचलती कोपलों से निकली, दर्दनाक चीखों का शोर दब जाता है फाइलों तले। उस हत्या के साथ पूरे परिवार की ही मौत हो जाती है। नहीं देख पाती हैवानियत….. इस कठोरता को। मानसिक दंश झेलते रोते बिलखते परिवार, और उनकी दुर्दशा को भुनाते अपनी टीआरपी बढ़ाते न्यूज़ चैनल्स … इंसान की संवेदनाओं की न्यूनता क... »

ग़ज़ल

ग़ज़ल ——- दूरियां ,नज़दीकियां, खुशफहमियां तेरे साथ में, हम मिले ना थे कभी पर बह गए जज्बात में। 1. मौसमै अंदाज था कुछ खास था उस रात में, थे गिरफ्त में इश्क के उस बेवजह सी बात में। थी नहीं मंजूर हद …इश्क की बरसात में, दूरियां नजदीकियां खुशफहमियां तेरे साथ में…… 2. जब्बे सैलाबे मोहब्बत ले रहा उफान था, धड़कने बेकाबू थी दिल में अजब तूफ़ान था। तेरी आहट देती थी बस.. दिल को थ... »

गजल- कोरोना शैतान क्यो है |

गजल- कोरोना शैतान क्यो है | काफिया – आन ,रदीफ़ – क्यो है खौफ मे कोरोना से इंसान क्यो है | घर अपने आदमी परेशान क्यो है | हुआ लॉक डाउन लॉक घर मे रहो | तोड़कर कायदा कानून नादान क्यो है | बाजार बंद उसको मौका मिल गया | बढ़ाकर कीमत बनता बेईमान क्यो है | चूल्हा नहीं जला घर उसके रासन नहीं | कांपता ही नहीं उसका ईमान क्यो है | लगी जितनी बंदीसे वो मानता नहीं | फिर बीमार सारा अब खानदान क्यो है| कायम रहेगी और भी ... »

भोजपुरी गीत- अब कोरोनवा ना |

भोजपुरी गीत- अब कोरोनवा ना | मिले कईसे आई सजनी तोर भवनवा ना | डर लागे हमके पड़ल पीछे अब कोरोनवा ना | ढेर दिन बीतल तोहसे मिले नाही पवली | तरस गईले नैना तोहके देखे नाही पवली | धीरज धरा सजनी माना मोर कहनवा ना | डर लागे हमके पड़ल पीछे अब कोरोनवा ना | लॉक डाउन लागल सगरो गाड़ियो ना चलेला| ताला लागल रेल अब तो बजरियो ना खुलेला | तड़पेला मनवा हमरो बरसे अब नयनवा ना | डर लागे हमके पड़ल पीछे अब कोरोनवा ना | रहती ह... »

शिखर

शिखर धरा, गगन, मृदुल पवन हिले तेरी एक हूंक से, जो तू चले बिना रुके मंजिलें दिखे तुझे। समुंद्र भी दे रास्ता जो तू कहे जब गूंज से, चमकीला हो ये आसमान पसीने की तेरी बूंद से। संगीतमय सारा जहां स्वागत करें भीना पवन, धरती भरे अभिमान की हुंकार तुझे देखकर। हिम्मत है गर आगे निकल तू जीत ले सारा जहां, तेरी चमक से रोशन जहां पाले जो खुद से तू शिखर। निमिषा सिंघल »

युवा पीढ़ी

युवा पीढ़ी रचो इतिहास लिखो शौर्य की अद्भुत कहानी देश को भय मुक्त करो। भ्रष्टाचार, दुर्दभ्य दानवता के खिलाफ नए युग का सृजन करो। आओ युवा पीढ़ी! नारियों को अत्याचारों से मुक्त करो। हे राष्ट्र के कर्णधारों! देश को नई ऊर्जा उन्नति देकर नवराष्ट्र का सृजन करो । निमिषा सिंघल »

उम्मीद

उम्मीद की किरण जगमग आई है, आज फिर याद मुझे तेरी ओर लाई है। जमाने की तपिश, जिम्मेदारियों का बोझ.. सहते -सहते दबी राख सुगबुगाई है। तपती मनस्थली पर स्नेह की बूंदे छलकी, सूखी धरती पर बदली छाई है। फिर एक उम्मीद मुझे तेरी और लाई है। झंझावात तूफानों से घिरी थी जिंदगी, प्रेम रस में नहाने आई है। आज फिर उम्मीद मुझे तेरी ओर लाई है। दिखावटी, अनमनी, अजनबी सी थी कुछ, जिंदगी फिर से मुस्कुराई है। फिर एक उम्मीद मु... »

रस्सी

फिक्र कहाँ उस रस्सी को जान किसी के जाने को। गले लगाया जिसने उसको मरने को छोड़ दिया दीवाने को।। »

नारी

स्त्री ऐसी वाणी है हर भाग में पायी जाती है ये तो ऐसा गीत है जो हर राग में गाई जाती है पिता और भाई के संरक्षण में रहती है संरक्षण में वह रहती है,शासन में सब सहती है विवाहोपरान्त नारी ससुराल में आ जाती है अपने कर्मों से दोनो कुल की लाज बचाती है नारी का यौवन अंग-अंग बदले हैं पल-पल रंग-ढंग कभी ज्वाला सी कभी भाला सी कभी नीर पाई जाती है यह तो ऐसा गीत है जो हक से अपनाई जाती है »

इंसानियत के दुश्मन

जो इंसानियत की दुश्मन बन जाये, वो जमाअत कैसी। खुदा ने भी लानत भेजी होगी, इबादत की ये बात कैसी। खुद की नहीं ना सही, अपनों की तो परवाह कर लेते, जिन्हें अपनों की परवाह नहीं, दिलों में जज़्बात कैसी। जहाँ जंग छिड़ी मौत के खिलाफ, जिंदगी बचाने को, वहाँ मौत के तांडव की, फिर से नई शुरुआत कैसी। मौत किसी का नाम पूछ कर तो, दस्तक नहीं देती, ये कोई मजहबी खेल नहीं, फिर यह बिसात कैसी। जूझ रहे कई कर्मवीर, हमारी हि... »

हिन्दी कविता- समय गिन रहा |

हिन्दी कविता- समय गिन रहा | लोक डाउन हुआ है हर कोई समय गिन रहा है | खत्म कब होगा बाहर का बनवास | हर कोई समय गिन रहा है | खाये जा रहा डर कोरोना का | कोई कोरोना योद्धा बन लड़ रहा | जान की फिक्र नहीं अपनी वाइरस खात्मे का दवा जड़ रहा | हर कोई समय गिन रहा है | जब रहते बाहर घर आने को मन ललचता था कब जाए| बीबी बच्चो माँ पिता जी खातिर कुछ लेकर जाये उनसे मिल पाये| अब घर मे रहना ही हमे खल रहा | हर कोई समय गिन ... »

भोजपुरी गीत – तनी कोरोनवा से बचके |

भोजपुरी गीत – तनी कोरोनवा से बचके | चला गोरी तनी कोरोनावा से बचके | जइहा बजरिया रईहा लोगवा से हट के | चला गोरी तनी कोरोनावा से बचके | जइबु जे बज़रिआ कोरोनवा लगी जाई | केतनो भगइबु हरदम लगवे उ आई | मुंहवा पे मास्क लगईहा तू डटके| चला गोरी तनी कोरोनावा से बचके | हर एक घंटवा हथवा तू धोइहा | अपने संगवा तू आपन घरवा बचइहा| संका होखे बीमारी जांच करईहा तू फटके | चला गोरी तनी कोरोनावा से बचके | बैरो कोरोनवा क... »

भोजपुरी गीत -उनके नजरवा से |

भोजपुरी गीत -उनके नजरवा से | जान मारेली उ हमसे अँखिया लड़ाइके | जियरा जुड़ावेली हमसे दिलवा लगाइके | होसवा उड़ल बा हमार देखी उनके कजरवा से | बरछी धंसल बा हमरे दिलवा उनके नजरवा से | हमसे कहेली उ तू हमार बाड़ा राजा | आके हमरे दिलवा मे राजा समाजा | अँखिया उठावे त हो जाला बिहान | नजरिया मे बसल बा उनकर मुस्कान | हमके लुकाला गोरी तू अपने अब अंचरवा से | बरछी धंसल बा हमरे दिलवा उनके नजरवा से | सालन के पालल तोह... »

हिन्दी कविता – दिये जलाए |

हिन्दी कविता – दिये जलाए | आज भारत ने खूब दिये जलाए | अपनी एकता का परिचय दिखाये| जल कोरोना भस्म हुआ या नही| है संकट मे फिर भी जस्न मनाए | घरो बंद जिंदगी उम्मीद तलासती| हर दिल चाह कोरोना मार भगाये | लौट आई हंसी थोड़ी देर ही सही | जोश मे कुछ ने बम पड़ाके उड़ाए | हिन्द की आवाम हार नहीं मानेगी | हर गम मे खुशी हम तलाश लाये | आज या कल कोरोना मीट जाएगा | रखे सावधानी एक दूजे दूरी बनाए | वो देखो जगमग अंबर है ... »

कोरोना वायरस

धर्म-जाति से परे हिंदी कविता एक भयावह महामारी पर  लिखना नहीं चाहती थी  पर लिखना पड़ा  कहना नहीं चाहती थी  पर कहना पढ़ा  आज कल जो माहौल है  उसे देख ये ख़ामोशी तोडना पड़ा  जब हम जैसे पढ़े लिखे ही  चुप हो जायेंगे  तो इस देश को कैसे  बचा  पाएंगे  जो फंसे हुए हैं हिन्दू -मुस्लिम  के आपसी मुद्दों में  उन्हें खींच कर बाहर  कैसे ला पाएंगे  भारत घर है हमारा  जो एक बीमारी से ग्रस्त है  कोरोना तो अभी आया है  पर इ... »

गूंज

हमारा आशियाना एक वादी बन गया है फिलहाल अब घर के सामान हमारे मित्र हो गए एक सुंदर वादियों सी गूंज रही आवाज थी पुन्ह हमसे जो टकराई तो हम चित हो गए हमसे किसी ने पूछा तुम्हें जमीन क्यों भाई है क्या कहें इन दीवारों ने तारीयां दिखलाई है शर्म से गिरने की बात को छुपा गए खोई जेब की आमदनी का बहाना लगा गए जिसको टालना चाहा जनाब वह भी बहुत चतुर थे हमारे मायूस मुंह को वो देखें टुकुर-टुकुर थे उन्हें पता है सब वो... »

भोजपुरी गीत- तोहरे प्यार बिना |

भोजपुरी गीत- तोहरे प्यार बिना | गोरी तोहरे प्यार बिना दुनिया अन्हार बा | मिलबु ना जबले तबले जियल बेकार बा | प्यार सबके बांटेलु खाली हमरे के डांटेलु | चिट्ठिया हमार गोरी हंसी हंसी बान्चेलु | हमहू से बोला हंसी के येही के दरकार बा | गोरी तोहरे प्यार बिना दुनिया अन्हार बा | हम नाही जनली प्यार मे दुख बड़ा होला | ताकेलू ना हमरी ओरिया मुख से त बोला | प्यार मे डुबल गोरी देखा सारा संसार बा | गोरी तोहरे प्या... »

भोजपुरी गीत- नींदिया भईल फरार |

भोजपुरी गीत- नींदिया भईल फरार | नींदिया भईल फरार जान जबसे तोहसे प्यार हो गईल| जियल भईल मुहाल नैना जबसे चार हो गईल | जईसन बा हाल हमरो तोहरो भईल का | रात दिन खयाल हमरो तोहरो भईल का | चैना भईल बेहाल परान हमरो जबसे यार हो गईल | नींदिया भईल फरार जान जबसे तोहसे प्यार हो गईल| गोरे गोरे मुंहवा आगे चनवा लजाला | अँखिया के कोर जईसन बरछी भाला | कैसे होई हमार गुजार जान तोहरो दरकार हो गईल | नींदिया भईल फरार जान... »

हिन्दी गीत- मेरा दिलदार ना मिला |

हिन्दी गीत- मेरा दिलदार ना मिला | मेरा प्यार ना मिला मेरा दिलदार ना मिला | करे मुझपर दिल निसार | वो मेरा यार ना मिला | ढूँढता हूँ मै उसे गली गली | पर कही वो मुझे मिली नहीं | मेरा तलबगार ना मिला | मेरा दिलदार ना मिला | चाँद सा मुखड़ा हो उसका | मेरे दिल का टुकड़ा हो वैसा | मेरी नाव का पतवार ना मिला | मेरा दिलदार ना मिला | गुलाब की कली मुस्कान हो | चम्पा चमेली गंध उफान हो | बहे पुरवा बयार ना मिला | मेर... »

हिन्दी कविता- जीवन ज्योत जलेगी |

हिन्दी कविता- जीवन ज्योत जलेगी | आज जीवन ज्योत जलेगी मानव प्राण भरेगी | छाई दुविधा कोरोना भारत तिल तिल मरेगी | वतन की एकता आज दुनिया सारी देखेगी | आई जो विपदा वायरस जगत पल पल गलेगी | कौन कहता है कोरोना के कहर हम डर गए | हराकर कोरोना सभी आवाम जय हिन्द कहेगी | कर लो सलाम सभी कोरोना युद्ध जवानो को | डॉक्टर नर्स कर्मी पुलिस सरकार सत्कार करेगी | बच्चे जवान बूढ़े नारिया लड़ रहे घर मे रहकर | जलेगे जगमग जब ... »

हे कान्हा! मैं तेरी जोगन

हे कान्हा ! मैं तेरी जोगन जोग ना छूटत मेरो ……………….. रोम-रोम में बसत है तेरो प्रेम अनमोल रतन …………………. हे कान्हा ! मैं तेरी जोगन जोग ना छूटत मेरो …………………. माखनचोर चोर तू है चीतचोर बंसी मधुर बजायो …………………. प्रीत में तेरी राधा नाचत ये कैसो रो... »

मुझमें अभी तक तू ज़िंदा है

मुझमें अभी तक तू ज़िंदा है मेरी तन्हाई में,मेरे एहसास में मेरी हर सांस में अभी तक ज़िंदा है तू ——————-‐— दिल की ज़मी में आज भी उगते हैं तेरी तमन्ना के दरख्ते ———————– रोशन हैं उम्मीदें और ख्व़ाब सजाए हैं पलकों पर ———————— बेशक तुझसे प्यार बहुत है तू है नहीं नसीबों ... »

एहे बरस के सावन मे (भोजपुरी गीत)

सावन में सावन में, एहे बरस के सावन मे आवऽ न गोलकी झूला झूलाईं एहे बरस के सावन मे सावन में सावन में , एहे…………………………………….. आवऽ न गोलकी झूला झूलाईं………………………….. +++++++++++++-+++++++±+++±+++ साजन बऽनऽब हम सजनी तोहार कोरस — सजनी तोहार गोलकी सजनी तोहार झूल... »

दिया

सुनो! तुम सागर की तरह क्यों लगते हो? शब्दों में गहराई बहुत है मानसिक द्वंद छिपाने में चतुराई बहुत है। बाहर से एक शांत सतह भीतर गहरे तूफ़ान से लगते हो। प्रेम में हारे हुए लडको की तरह विरह और लौट आने की उम्मीद की शायरी लिखते लिखते ना जाने कब जिंदगी से कुछ मांगना भी छोड बस बहते जा रहे हो बहाव के संग। जिंदगी से आक्रोश पुराना लगता है कहीं बहुत दूर रोशन दिए की तपिश और ऑक्सीजन डालती रहती है जान एक बेजान ... »

बहन

एक एक चीज का गिन गिन कर हिसाब लेने वाली वो लड़ाकी बन जाती है ढाल अपने भाई की। मां और पापा ने भाई को किस बात पर बिना वजह डांटा यह बताने वाली भी एक बहन ही होती है आंसू भर भर के लड़ जाती है अपने भाई के लिए भाई की चीजो पर हक जमाने वाली भी तो वही होती है। कब वो छोटी बहन अचानक बड़ी हो जाती हैं और दे जाती है झोली भर भर दुआये। अपने भाई से गिन गिन कर हिसाब लेने वाली लड़की जो जीवन पर्यन्त भेजती रहती है बेहि... »

आज कल सोंचता बहुत है दिल ये मेरा

पेश है आपकी खिदमत में:- गज़ल आज कल सोंचता बहुत है दिल ये मेरा तुझे भूलूँ या कैद दिल में करूँ ———————— दिल लगा लूँ या जान छुड़ा लूँ तुमसे आज कल सोंचता बहुत है दिल ये मेरा ————————– गज़ल सुना के सुलाये हैं मैनें जो एहसास उन्हें जगा लूँ या सुला दूँ है बड़ी उलझन ——————&... »

चलो सब मिलकर जीत दिलाएं

चलो सब मिलकर जीत दिलाएं कोरोना को हरायें पाँच अप्रैल को सब देशवासी घर में दीप जलाएं दीप की ज्योति से अपना घर सँसार सजाएं चलो सब मिलकर जीत दिलाएँ थू है उनपर जो जमाती अश्लीलता के खंजर भोकें थूँकते हैं जो मानवता पर प्रभु उनपर कोप की अग्नि परोसें देश बड़ा है सब धर्मों से प्रज्ञा शुक्ला है कहती जो कोरोना से पीड़ित लोगों की सेवा में तत्पर हैं उनको देशभक्त है कहती ना मरता हिंदू ना मुस्लिम मरता है सिर्फ़ इन्... »

बीती रात, टूटी आश

आश लगाई , दूर मेघालय में कर्जा लाया, बीज लगाया खेतो खलियानो में……… बीता सावन ,भादो आया न आया बादल, खेतो खलियानो में…….. बीती रात, टूटी आश, बैठा किसान, खेतो खलियानो में……. कुऐ सुखे, धरती प्यासी, न आया पानी ,नल कूपों में…… चेहरा मुरझाया, पानीआया ,ऑखो में……. उदर दहक उठा, धुऑ ना उठा चूल्हो में…… कोहराम मचा घरानो में…. ... »

मजहब का पहरी

वाह भाई मजहब के ठेकेदारों क्या खूबी फर्ज निभाया है दुश्मन लगी है मानव जाति और काल को मित्र बनाया है कभी उनकी फिक्र भी कर लेता जिसे तेरी फिक्र सताती है कहीं कोई खड़ा चौराहों पर कहीं जान किसी की जाती है ऐसे ना बच पाएगा तू कोरोना कि इस बाढ़ में कब तक पाखंड रच आएगा तू यू मजहब की आड़ में इस पूरे देश की कोशिश को कुछ पल में यूं ना काम किया सच बोल यह तेरी गलती थी या गद्दारी का काम किया तूने भारत को दर्द द... »

एक अखंड प्रतिज्ञा

कर ले अखंड प्रतिज्ञा तू कर खंड खंड उस दहशत को जिससे यह विश्व है कांप रहा हौसलो से कर तू परस्त उसको तू दूर भ्रम का भूत भगा दहशत की नहीं जरूरत है असंयम का तू चित्र ना गङ भारत संयम की मूरत है छिन्न-भिन्न से विचार हुए क्यों काल खुद अपना बुलाता है जो रक्षा को तेरी खड़े हुए क्यों उन्हीं को आंख दिखाता है तू गौर फरमा उस मंजर पर एक जिंदा देश वह मर गया वह विजय रेखा है दूर बहुत तू अभी हौसला हार गया रणनीति धर... »

आस्था के कमल

आस्था के कमल ——————– प्रेम और विश्वास के दरिया में ही खिलते हैं आस्था के कमल। तुम खरे उतरना इस विश्वास पर ना मुरझा पाए यह कमल स्मरण रहे। जीवन, यौवन सौंप दिया है तुम्हे तुम्हारी संगिनी ने, तुम भवरे ना बन जाना, ना मंडराना फूल फूल पर सहेज रखना खुद को। जीवन में राह नई मिलेंगी तुम्हें, उन गुमशुदा राहों पर कहीं गुम ना हो जाना! यौवन की उमंग में तितलियां भटकाएंगी ... »

भोजपुरी देबी गीत 3 – शक्ति बड़ा भारी |

भोजपुरी देबी गीत 3 – शक्ति बड़ा भारी | काली मईया तोहार शक्ति बड़ा भारी | हरला हर दुखवा हमरो सुना विनती हमारी | सगरो जगत मे चर्चा तोहरो खाली होखेला | बिना मरजी तोहरे केवनों पतवो ना डोलेला | बिना तोहरे महिमा लउके जग मे अनहारी | काली मईया तोहार शक्ति बड़ा भारी | सबके दिहलु माई अन्न धन सोनवा | अंधरन के आँख दिहलु बाझन के ललनवा | भरिदा हमरो झोली मईया मांगी हथवा पसारी | काली मईया तोहार शक्ति बड़ा भारी | लाली... »

भोजपुरी देबी गीत 2 – दे दा चरनिया शरनिया |

भोजपुरी देबी गीत 2 – दे दा चरनिया शरनिया | दे दा चरनिया शरनिया माई बिनती करजोरिया | शेरवा चढ़ी आवा माई ओढ़ी लाली चुनरिया | गरवा मे हार फुलवा निमिया पड़ल झुलवा | हथवा मे चूड़ी कंगना रूपवा चमके केतना | हम हई भिखरीया माई फेरीदा नजरिया | शेरवा चढ़ी आवा माई ओढ़ी लाली चुनरिया | गईया के गोबरा से दुअरा लिपवली | सोनवा के दिअवा मंदिरवा जरवली | काटा मोर संकट माई मारी तलवरिया | शेरवा चढ़ी आवा माई ओढ़ी लाली चुनरिया | ... »

भोजपुरी देबी गीत 1 – बिना दरसन जाइब ना |

भोजपुरी देबी गीत 1 – बिना दरसन जाइब ना | केवन करनवा भुलइली माई बेटवा करे पुकार हो | बिना दरस जाइब ना माई छोडब ना तोर दुयार हो | अबोध बलकावा माई पूजा पाठ नाही जानीला | जगदंबा जगजननी माई तोहके हम मानीला | देई डा दर्शनवा माई दे दा आफ्ना दुलार हो | केवन करनवा भुलइली माई बेटवा करे पुकार हो | सोनवा के थारी हम उतारी आरती माई के | फूल अड़हुलवा चरनवा चढ़ावे भारती माई के | सिरवा चरनिया झुकाई माई के पूजे सब सं... »

भोजपुरी देबी गीत 7 –जय हो माई दुर्गा भवानी |

भोजपुरी देबी गीत 7 –जय हो माई दुर्गा भवानी | जय हो माई दुर्गा भवानी | तोहरे बा दिहल माई हमरो जवानी | जय हो माई दुर्गा भवानी | ऊंचे रे पहड़वा माई सच्चा दरबार बा | बैशनों देवी पूजे माई सारा संसार बा | महिमा तोहार का केतना बखानी | जय हो माई दुर्गा भवानी | बिंध्याचल मे माई मोर बिंधवासिनी कहाली | दखिनेश्वर मे काली माई सबसे पुजाली | कामख्या मे माई के अजबे कहानी | जय हो माई दुर्गा भवानी | शक्तिधाम सीतला क... »

भोजपुरी देबी गीत 6 – माई के मंदिरवा हो |

भोजपुरी देबी गीत 6 – माई के मंदिरवा हो | भागत परात अइली माई के मंदिरवा हो | बड़ा डर लागे कोरोनवा मन के अंदरवा हो | खनक खनक बाजे माई काँच चूड़िया | चमक चमक साजे माथे सिनुर बढ़िया | डमक डमक बाजे ढ़ोल झाल मंदरवा हो | भागत परात अइली माई के मंदिरवा हो | बनी दुलहिनिया माई कईली सोरहो सिंगार | रूपवा निरखी तोहार होई गईले उंजियार | दम दम दमके माइके ललका ओहरवा हो | भागत परात अइली माई के मंदिरवा हो | बड़ी बड़ी अँखि... »

भोजपुरी देबी गीत 5 – चुनी रे चुनी ना |

भोजपुरी देबी गीत 5 – चुनी रे चुनी ना | भगता के भाव बुझिला मनवा सोची रे सोची ना | मईया मनावे भगता गावेले पचरा नाची रे नाची ना | सोनवा के रथवा साजल लाल अड़हुलवा | हाँकी दिहली ना चले लागल शेरवा झूमी रे झूमी ना | ऊंचे रे पहड़वा लागल मइया के आसनवा | करे शेरवा गरजनवा घुमी रे घुमी ना | सोने के कलशवा साजल पुजल सारा जमनवा | झूमी रे झूमी ना करे लोगवा माई दरशनवा| घुमी रे घुमी ना | निमिया के डार मईया लागल हरियर... »

हिन्दी राम भजन 9 – श्रीराम कहाते है |

चैत्र नव रात्र के अवसर पर रामनवमी मे श्रीराम भजन हिन्दी राम भजन 9 – श्रीराम कहाते है | श्रीराम तुम्हारे चरणों मे हम भाव चढ़ाते है | प्रभु आप मर्यादा पुर्षोतम श्रीराम कहाते है | मानव जन जग मे मानव रूप अवतार लिया | बनके धनुषधारी दानव दैत्य संघार किया | अवतार दिवस को हम राम नवमी मनाते है | श्रीराम तुम्हारे चरणों मे हम भाव चढ़ाते है | जग का हो कल्याण तुमने वन प्रस्थान किया | धर रूप सन्यासी सबरी केवट उत्... »

हिन्दी देबी गीत 8 – शरण तुम्हारे |

चैत्र नव रात्र के अवसर पर देवी भजन हिन्दी देबी गीत 8 – शरण तुम्हारे | लाया हूँ माता धार आँसुओ शरण तुम्हारे | भक्त पड़ा है आज माता चरन तुम्हारे | निर्मल भाव माता निर्मल है काया | चरणों मे तेरे मैंने सिर को झुकाया | तेरे सिवा माता रहु मै किसके सहारे | लाया हूँ माता धार आँसुओ शरण तुम्हारे | जग ने ठुकराया मुझको किसी ने न पुकारा | तेरे शरण मे मिला मुझको आज है सहारा | बीच भवर मे नईया मेरी लगाओ अब तो किना... »

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