निहार रहे थे, चांद की छटा को हम, बीच में ये बादल का टुकड़ा कहां से आ गया.. *****✍️गीता
निहार रहे थे, चांद की छटा को हम, बीच में ये बादल का टुकड़ा कहां से आ गया.. *****✍️गीता
मन में मेरे आज एक, सरगम सी बज रही है पुष्पित हुआ है हृदय, सुगंधि सी आ रही है कोई, कहीं दूर से मुझको, याद कर रहा है उसको कोई बतादे, वो भी याद आ […]
जो हमें जानता ही नहीं, उसे हक है, हमें अच्छा,बुरा कुछ भी क्रहने का पर जो हमें जान लेता है, वो हम पर जान देता है ..
एक पति थे, थोड़े बोर टाइप और पत्नी थी उनकी, दिल मांगे मोर टाइप कोरोना काल में, ना कामवाली आती ना सहेलियों से मिल पाती, पति से पूछती रहती बेचारी, कैसी लगती है,बताओ तो आपको […]
मुहब्बत में कभी-कभी, घर छूटते हैं मुहब्बत में अक्सर ही, दिल टूटते हैं दोस्ती की देखो, निराली ही शान है दोस्ती के सिर पे, ना कोई इल्ज़ाम है मुहब्बत के मैं, विरुद्ध नहीं, बशर्ते मुहब्बत […]
दोस्तों से कुछ भी, छिपाते नहीं हैं यही दोस्ती का, पहला नियम है छिपाए जाएं गम, खुशी गर दोस्तों से फ़िर वो दोस्ती ही कैसी ये तो नहीं, जानते हम हैं .. *****✍️गीता
ना रो बंदे, ज़ार-ज़ार ख़ुद पे कुछ भरोसा तो रख रोए तेरे बाद ये ज़माना बार-बार तुझे याद करके ऐसा कुछ काम तो कर *****✍️गीता
रिश्ते तोड़ना बेशक, एक ग़लत बात है लेकिन , जहां कदर ना हो, वहां निभाए भी नहीं जाते । गर चुप रहे कोई बंदा, तो कुछ लोग, भले लोगों के साथ बोलने की हदें, भूल […]
डेविड बेरी,जेलर था सैल्यूलर जेल का डेविड बेरी को “बैरी” कहते थे , सारे हिन्द के सैनानी । उसके किए की भी , क्या ख़ूब सज़ा मिली ये जानें सारे हिन्दुस्तानी । आज़ाद भारत जब […]
काला पानी के नाम से, प्रसिद्ध वह स्थान है जहां भेजे जाते थे , भारत के स्वतंत्रता सेनानी। सैल्यूलर जेल के नाम से जो वहीं विद्यमान है । पोर्ट ब्लेयर के नाम से आजकल उसको […]
चाहतें तो बहुत हैं, इस दिल की मगर क्या करें हमें, जताना नहीं आता.. *****✍️गीता
वो शरमा गए, एक दुल्हन की तरह जिक्र जिस पल भी हुआ, उनकी अंजुमन में मेरा ..
सिक्किम के सौन्दर्य का, मैं कैसे करूं बखान वहां से लेकर हम यादें, आए अद्भुत, आलीशान स्वर्णिम सूर्य उदित होते हैं, पर्वतों के पार बनते बादलों की छटा है, सुन्दर अपरम्पार झरने झर-झर बहें यहां […]
जब जलता जाए धागा, इक रौशनी के वास्ते ये देख कर.. मोम ने भी ली नसीहत, और पिंघलना सीख गया .. *****✍️गीता
कहीं भ्रूण हत्या बेटी की, कहीं पर हुआ बलात्कार है कहीं एसिड अटैक सुना और कहीं दहेज़ की, सही मार है गर यूं ही चलता रहा तो, भारत में भगवान भी बेटी ना देंगे पैदा […]
गुस्सा आने पर , इज़हार यूं भी किया जाता है. दरवाज़े को ज़ोर से, बन्द किया जाता है।। *****✍️गीता
ओस की चंद बूंदे, इधर भी दे-दे, ए खुदा वीरान मेरे दिल की, ज़मीन पड़ी है ।। *****✍️गीता
राहों में भटक गए गर, मंज़िल नहीं भूलेंगे शौक को कब से फ़िक हुई , पावों के छालों की.. *****✍️गीता
थोड़ी सी कोशिश करें, थोड़ी रखें उम्मीद रास्ते भी मिल जाएंगे, ना हो ना उम्मीद कुछ भरोसा भी रख, क्या पता मुकद्दर खुद तुझे तलाश ले ।।
मेरी भी कश्ती, इक दिन लगे किनारे मुकद्दर ना साथ दे तो, साथ कर्म होंगे हमारे ।। *****✍️गीता
महफ़िल में आइए , ज़रा दुपट्टा ओढ़ कर हर शख़्स की नज़र, आप पर ही है .. *****✍️गीता
कुछ देर की गर्मी थी, फ़िर बादल घनघोर आ गया तब तुम्हारा वक्त था , अब हमारा दौर आ गया ।।
बस-दस पंद्रह साल में, इस दुनियां के माया – जाल से, एक पीढ़ी विदा हो जाएगी अफसोस ,जुदा हो जाएगी इस पीढ़ी के लोग ही कुछ अलग हैं रात को जल्दी सोने वाले, भोर होते […]
तंग आ चुके दुनियां के ताने से, उस बेचारे काने ने पत्थर की आंख लगवाली, नज़र तो फ़िर भी नहीं आया मगर दुनियां की नज़र बदल डाली ।। *****✍️गीता
गुरू से पूछा चेले ने, चलते चलते एक मेले में ऐसी पत्नी को क्या कहें, जो पति के साथ खुशी-ख़ुशी रहे ना करे कभी भी लड़ाई वो, अच्छी जिसकी लम्बाई हो सुन्दर भी सबसे ज्यादा […]
मेरे गम में तुम शामिल , मेरी खुशियों में भी शामिल आपके साझे के बिन , खुशियां है मेरी अधूरी मेरी खुशियों में शामिल हो खुशियां कर दी मेरी पूरी हम जानते हैं ये भी […]
जो सुख-दुख में साथ देते हैं, रिश्ते बस, वे ही नहीं होते, रिश्ते तो वे भी हैं, जो अपने पन का अहसास देते है ..
वृक्षों को काट-काट कर, इति करे सब वन प्रकृति का सर्वनाश किया है, कमाने को केवल कुछ धन। दोहन कर-कर प्रकृति का भी, चैन मनुज को ना आया पशु , पक्षियों को बेघर किया है, […]
दूर – दूर से कवि पधारे, कोई पर्वतीय, कोई मैदानों से । यहां पे आकर , धूम मचा कर, लिखें बड़े अरमानों से । मैं भी आई, नाम है गीता , लिख दी मैनें, भी […]
कुछ वक्त की ज़िन्दगी है, फ़िर तो हमको है जाना कुछ समझौते भी हुए यहां, कुछ उपहार मिले माना खाली हाथ ही तो आए थे, खाली हाथ ही है जाना ये तो निर्भर, करता है […]
बातों का सिलसिला कुछ यूं ख़त्म हो गया, कि कायनात से दूरियां, मांगी होंगी उसने ।।
तीर, तलवार और तंज की धार से, जब निष्प्राण हुआ शरीर अनुप्रास ही दिखे कवि को, यहां घायल पड़ा शरीर ।। *****✍️गीता*****
दिल वालों की दिल्ली देखो , हो गई है बीमार कहीं किसी का साथी छूटा, कहीं किसी का प्पार दिल्ली का तो अब ये नसीब हो गया हो गया वहीं दूर, जो करीब हो गया […]
बेरुखी से बड़ी सजा ही नहीं , खता क्या थी, पता ही नहीं वो इस कदर दूर हो गए , कभी पास भी थे क्या, अब तो ऐसा लगता ही नहीं ।।
चले जाएंगे तेरी अंजुमन से हम, सुना है किसी के जाने से सूना नहीं होता ।। *****✍️गीता*****
ना मुस्कुराएंगे कभी वैसे, मुस्कुराते थे कभी जैसे कुछ टूट सा गया है अंदर , दिखाई देगा नहीं बाहर से ।।
क्या ग़लत है क्या सही, बात बस इतनी सी है तुमने वो समझ लिया, जो हमने कहा ही नहीं ।।
यूं तो बड़े -बड़े तूफ़ानों से भी गुज़र जाती हूं और कभी एक आंसू , से भी पिंघल जाती हूं । *****✍️गीता *****
औरत का सम्मान , कुछ इस कदर किया जाए सरक जाए गर पल्लू गलती से, तो, झुका नजर को लिया जाए ।
स्वपन में मैं रसोई में खड़ी थी, रसोई में रखे, कैंची, चाकू और बेलन में, ज़बरदस्त जंग छिड़ी थी कि यदि चाहे, तो कौन दे सकता है, ज्यादा घाव मुझे भी हुआ सुनने का चाव.. […]
वित्त – विभूति कहीं जले तो, जल ही उस बुझाए कहीं दिल जले तो क्या किया जाए.. अम्बर से पानी बरसे, तो , छतरी को लिया जाए नयनों से पानी बरसे, तो क्या किया जाए […]
छोटी सी मासूम कली थी, अपने घर में, मां की गोद में बड़े लाडों से पली थी मुस्कान के आगे जिसकी, पूरा घर था खिल गया उसको शर्म सार करके, किसी को क्या मिल गया […]
कोई भी कर्म करो, इतना रखो ध्यान स्वर्ग -लोक में भी, जा पहुंचा है ,इंटरनेट श्रीमान प्रभु के पास भी अब हैं,.. टैब , लैपटॉप , मोबाइल, अब रहते हैं प्रभु भी, हमेशा ही ऑनलाइन.. […]
बापू गांधी और लाल बहादुर, दोनों हैं इस देश की शान एक का नारा सत्य , अहिंसा , दूजे का जय -जवान, जय-किसान अपने इस देश की खातिर, दोनों ने अपने प्राण किए न्यौछावर, दिया […]
ज़िन्दगी “मोबाइल” की गुलाम हो गई , “मोबाइल” के संग ही सुबह और शाम हो गई लिखना हो तो मोबाइल, पढ़ना हो तो मोबाइल, अब ये बातें तो आम हो गईं मिलने के भी मोहताज […]
आह लगेगी उस गुड़िया की, बच तो तुम भी ना पाओगे हर बेटी देश की, आवाज़ उठाएगी, तुम भी बख़्शे नहीं जाओगे “सूली चढ़वाऊंगी, फांसी लगवाऊंगी, अपने हत्यारों को सज़ा दिलाने, पुनर्जन्म ले कर भी […]
किसी से किया कोई वादा, उसको निभा रहे हैं जीने की चाह नहीं है, बस, जिए जा रहे हैं . *****✍️गीता*****
होते ना अगर तुम, तो छोड़ देते ये दुनियां हम कभी की…. वो हंस दिए, और बोले,.. तो हम हैं ना, ना कहना ..,ये अब कभी भी.. *****✍️गीता*****
सागर में मोती मिलें, गहरे तल में खोज किनारों पर तो बस रेत मिले, चाहे जा बैठो रोज़ …..
ऑनलइन कक्षाओं का आया दौर, विद्यार्थी घर में हो रहे हैं बोर एक बोली मुझसे, मैडम आपकी बहुत याद आए, हम सखियां भी अब मिल नहीं पाएं दूजी बोली, मन नहीं लगे सुबह और शाम, […]
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