ये पथ ले जाएंगे, लक्ष्य तक जरूर मत छोड़ना मनुज तू अपना गुरूर हौसले बुलंद ही रखना तू सदा, अंधेरों के बाद ही आती है रौशनी…. *****✍️ गीता*****

दिल्ली के आनन्द नगर में, अब आनन्द कहां सन्नाटा पसरा रहता है, बाल – क्रीड़ाएं होती थी जहां कोविड़ ने आतंक मचाया, विद्यालय भी बंद कराया खेल – खिलौने गम-सुम पड़े हैं, बच्चे मोबाइल पर […]

पिंजरबद्ध ना लिख सकूंगी अंकुश होगा सिर पर तो फिर, भावों को कैसे व्यक्त कर करूंगी मेरे कवि मन को यदि, उन्मुक्त माहौल मिलेंगे तभी इस कवि मन में, गीतों के पुष्प खिलेंगे कहीं भली […]

मेरा सूट पूछ रहा साड़ी से, क्या हुआ बहन, बहुत दिन हुए नहीं गए, कहीं गाड़ी से मैडम भी नहीं दिखती आजकल, अब तो मैं भी डरने लगा हूं.. मैडम को देखने को , तरसने […]

मैनें लिखना छोड़ दिया है, कलम को मैनें तोड़ दिया है कलम रो-रो के पूछ रही है…. क्यूं ये ऐसा मोड़ लिया है, क्या कहूं कलम से अब मैं.. तूने तो कुछ भी नहीं किया […]

मन की पाती, लिख नहीं पाती कलम को अक्सर देती दोष कलम की कमी नहीं कुछ भी, कलम में तो है, पूरा जोश विचलित हो जाती हूं अक्सर कलम पे ही निकलता रोष… …..✍️गीता…..

हर ख्वाब परवान चढ़े, ये ख्वाहिश भी नहीं है। आप ने अपना माना है, ये दिल ने भी जाना है हर ख़्वाब पूरा नहीं होता, हकीक़त भी यही है.. *****✍️गीता*****

मौन की शक्ति को हमने जाना है, मौन की आवाज़ को पहचाना है शब्द जब अपना सामर्थ्य खोने लगें आंखों के अश्क पलकें भिगोने लगें, मौन ने ही मौन को पहचाना है… *****✍️गीता*****

ना आना हाथों की लकीरों के फरेब में, ज्योतिषी की दुकानों पर, मुकद्दर नहीं बिकता.. तदबीरों से बनाए जाते हैं मुकद्दर, तक़दीर खुद ही आ जाए रफ्ता रफ्ता..

सबसे अच्छी औषधि मुस्कान है, इसका नहीं कोई भी नुक़सान है मेरी यह दुआ है आपके लिए, ये औषधि सदा आपके पास रहे.. *****✍️गीता*****

किट्टी पार्टी हो या हो कोई गेट – टुगेदर , बिना फ्रेंड्स के ना हो ये पॉसिबल कमी कहीं पर देखें तो…. झड़ी लगा दें खुशियों की, दोस्त जीवन में निहायत ही ज़रूरी, फ्रेंड्स के […]

दोस्त होते हैं वो फ़रिश्ते , मदद कर जाते हैं हंसते-हंसते टूट जाएं जब पंख उत्साह के, दौड़ कर आते हैं, दोस्त की इक आह पे पंख अपने दे कर फिर बताएं, भर ले उड़ान […]

फकत रोने से काम नहीं चलता है, अत्याचार तो अत्याचार है, सबको खलता है प्रतिकार करो , मत करो सहन क्षमता से अपनी जीतो दिल बात पते की कहती हूं, अत्याचार सहना बढ़ावा है एक […]

जब वो मेरे घर आई मेरी नन्हीं परी कहलाई उसको देख के मोहित हो गई मैं, उसके मंजुल रूप में खो गई मैं वो, जैसे इक पौधे की डाली बड़ी ही नाज़ुक, नाज़ुक सी, पर […]

प्रभु ने कुछ और भी बाते समझाई थीं 20-25 साल हुए थे,नन्हे फ़रिश्ते ने कुछ भुलाई थीं किसी -किसी के याद रही, पर कोई फरिश्ता भूल गया प्रभु ने कुछ यूं समझाया था ……… फ़िर […]

प्रभु ने कहा , नन्हे फ़रिश्ते से, तुम्हे धरा पर जाना होगा मानव रूप मिलेगा तुमको इस धरा को स्वर्ग सा सुंदर बनाना होगा नन्हा फरिश्ता पूछे प्रभु से, उस दुनियां में कैसे रह पाऊंगा, […]

राहों में गर कांटे बिछे हों, तो बुहारना कब मना है । है अगर अंधियारी राहें , एक दीपक जलाना कब मना है । साथी कोई प्यारा, साथ छोड़ जाए, बीच – राह में, कोई […]

कभी कल्पना की गलियों में, जब कवि-रूप में मैं चली । फ़िर जो देखा स्वपन-लोक में , उसका वर्णन करने चली । सुन्दर शहर है सपनों का , कुछ अनजाने कुछ अपनों का । सुन्दर-सुंदर […]

…….. हास्य- रचना.. विवाहित व्यक्ति, पत्नी से शिकायत करे यूं, क्या कमाल की सब्जी बनाई है, लव यू । बस, नमक थोड़ा सा ज्यादा है, सुनो, आज तुम्हारा क्या इरादा है । मेहमान आएं तो […]

एक सखी मेरी प्यारी सी, कोमल मन की न्यारी सी। कभी क्रोध की अनल में तपे, कभी स्नेह बरसाती है कभी कहा माने चुपके से, कभी अपनी भी चलाती है.. एक सखी मेरी प्यारी सी, […]

आंखों का नूर हैं ये आंसू नूर की बूंदें यूं ना बहाया करो, किसी अपने पे तरस तो खाया करो। कहीं कोई परेशां सा हो जाता है , कुछ तो दोस्ती का फ़र्ज़ निभाया करो […]

किसी को याद करके रोना नही, ऐ दोस्त.. किसी को याद करके मुस्कुराओ । वरना शिकायत लगा देगी , याद उसी की उसे वापिस आकर , वो भी तो रो देगा.. तो कैसा लगेगा बताओ […]