अब के बरस भैया पीहर ना आऊं, बांधन को राखी तोय रे रस्ते में बैरी कोरोना खड़ा है, नजर वो रखे है मोए पे डाक से भेजी है भैया को राखी, भतीजी से लियो बंधवाए […]

रिमझिम बरसे फुहार देखऽ सवनमा में। झूला लगाय दऽ पिया मोर अंगनमा में।। हरियर चुनरी हरियर चोलिया हरियर हरियर पहिरनी चूड़िया कलईया में। हथवा में मेंहदी रचैली सनम नाम ले ले के तोहरे पियाजी बलईया […]

चला शावर है अंबर से भिगोने धरती का आंगन खिला हर पात डाली का बही गंगधार भी कलकल करे कलरव हर पंछी चली है नाव कागज की समेटे ख्वाहिशें मन भर हुआ है बालमन उच्छृंखल […]

हमारी ओर से शुभरात्रि कह देना उन्हें कविता, साथ ही यह भी कह देना कि सपने में चले आना। कहीं पर बैठ करके प्यार की दो बात कर लेंगे। जागते में हमें संसार मिलने ही […]

बूंद बूंद बूंदें बूंद बूंद बूंदें बूंद बूंद बरसती है , आंखों से मेरी । तूने क्यों की रुसवाई , जज्बातों से मेरे। बूंद बूंद बूंदें बूंद बूंद बूंदें तू धूप सा चुभता रहा, मैं […]

सावन की बूंदें मन में हलचल कर रहीं तुम कहाँ हो मीत मेरे आओ ना, मत रहो यूँ दूर मुझसे आओ ना, मैं मनोहर ऋतु में आखें भर रही, बाढ़ मत आने दो मेरे नैन […]

एक बार मां बीमार पड़ी हफ्तों उपवास जब जिद करके मैंने एक निवाला उठाया मेरे हाथ बीच में ही थाम के उसने पूछा दबी आवाज में पापा ने खाना खाया? पापा को आदत है अक्सर […]

🍀🌷🌹🙏नमन् है मेरे देश के वीर सिपाही को 🍀🌹🙏 ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,, कोटी कोटी प्रणाम है मेरे देश के वीर सिपाहियों को जो अपनी जान की परवाह किए बिना मेरे देश की जान बचाने के लिए कोई […]

मीठे मीठे सपने संजोने दो होता है जो उसे होने दो कल का पता नहीं क्या होगा बाहों में और थोड़ा सोने दो ।……….. जागी है अखियां हम सो गए हैं यादों में उनके हम […]

=राही पथ से न भटक=योगेश ध्रुव”भीम” ××××××××××××××× अडिग मन राह शांत हो, निश्छल जीवन लेकर चल, चाहे भटके मन: चंचल, जीवन नाथ के तू चल, पथ के राही न भटक ऐसे पथ में तू चल […]

रिश्तों की डोर मे मजबूरियों का यह क्या सिला है, अपनों के बीच यह कैसा नफ़रत का फूल खिला है गुलिस्तां महकता था कभी जिनकी किलकारियों से, खुश्बू बिखरती थी कभी बागीचे की फुलवारियों से […]

दशरथ के घर जन्मे राम पर आनन्द अवध में छाया है। केवल कौशल्या कैकेयी नाहीं हर घर हर नर मंगल गाया है ।। हुआ विवाह राम का जब से घर-घर मधुर सुमंगल छाया है। वनवासी […]

प्रभु का नाम जप ले प्राणी। तेरी दो दिन की जिन्दगानी।। एक दिन बीता खाते-पीते। रात भी बीती सोते-सोते।। नया सबेरा पाकर भैया क्यों करता रे आनाकानी।। तेरी़़़़ दिन दुपहरिया साँझ बीतते ना देर लगेगी […]

हे कान्हा ! मैं तेरी जोगन जोग ना छूटत मेरो ……………….. रोम-रोम में बसत है तेरो प्रेम अनमोल रतन …………………. हे कान्हा ! मैं तेरी जोगन जोग ना छूटत मेरो …………………. माखनचोर चोर तू है […]

🇮🇳सीतापुरिया अवधी भाषा:-🇮🇳 घर ते निकरई मा जियरा डेराति हई कोरोना वायरस खाए जाति है।😩😩 हरि घंटा हम हाँथ धोइति हन खाना- पीना हम संतुलितई खाईति हन खाँसी आवई मा जियरा डेराति है कोरोना वायरस […]

अपमान करें कोई तेरा सम्मान उसे ही तुम देना जो कोई बुराई तेरी करें बदला ना बुराई से लेना गीता मैं यही और रामायण मैं और धर्म सभी यह कहते है जो त्यागी है वह […]

चल साथी हाथ बढ़ाएं ,मिलकर सबको पार लगाएं क्या हुआ जो कोई छोटा क्या हुआ जो कोई रूठा हम अपना कर्तव्य निभाएं मिलकर सबको पार लगाएं। कर्म पथ पर चलने वाले मन में बैर न […]

दिलों का खेल मत खेलो न कोई इसमें जीता है। सभी बदनाम होते हैं, दर्द-ए-जाम पीते हैं मुनासिब अब यही होगा कोई दिल को लगाए ना, दिलों की दिल्लगी करके खुद को यूं सताए ना।

सजनी है गौर और सजना क्यों काला? आओ हम खेलें खेल रंग रंग वाला। लाल से रंग दो हरे से रंग दो। नीला और पीला गुलाबी से रंग दो। रंग डालो अज बेनीआहपीनाला। आओ हम […]

करते हैं बहुत प्यार हम हिन्दुस्तान से अपने रहता है बहुत फक्र हिन्दुस्तान पर अपने इसकी एकता अखंडता पर हमको नाज़ है लहराता है तिरंगा हिन्दुस्तान पर अपने ।

जटायु अंत में आंखें खोले हाथ जोड़ के करे वंदना रोता रोता बोली जटायु अपनी आंखें खोले जल जो पीले तो वह नहीं पीता राम बचा लो दुखी है सीता भक्ति रस में डुबके देखो […]

जटायु अंत में आंखें खोल हाथ जोड़ के करे वंदना रोता रोता बोली जटायु अपनी आंखें खोली जली जो पीले तो वह नहीं पीता राम बचा लो दुखी है सीता भक्ति रस में डुबके देखो […]

मंच भी बदल जायेंगे,किरदार भी बदल जायेंगे,  वक्त के साथ चलते रहो,मंजर भी बदल जायेंगे।  हमेशा अपनी हिम्मत और हुनर पर भरोसा रखना,  जो ठीक लगे दिल को वही काम जूनून से करना।  हाथ की […]

कभी हीर ने मुझे राँझा कहकर पुकारा था, इश्क़ मे मैने खुद को हीरे- सा तराशा था। दुनिया की खातिर वह तो मुझे ठुकरा गये, जीते जागते इन्सान को पत्थर-सा बना गये। कौन यहाँ इस […]

तुम बिन मैं एक बूँद हूँ, तुम मिलो तो सागर बन जाऊँ… तुम बिन मैं एक धागा हूँ, तुम मिलो तो चादर बन जाऊँ… तुम बिन मैं एक कागज हूँ, तुम मिलो तो किताब बन […]

तेरे मुखड़े में मुझको रब की तस्वीर दिखती है, तेरे माथे पे बिंदिया चाँद सी खूब सजती है, तेरी आँखो में तारों का बड़ा सुंदर नजारा है, तेरे चेहरे पे सूरज का बड़ा अच्छा उजाला […]

प्यार फूलों से कितना किये जा रहा, दूर रहके भी तेरा हुआ जा रहा। तुम अपने उपवन में हर दम महकते रहो, भौरा बनकर मैं तेरा हुआ जा रहा। प्यार के राग को तुम छुपाती […]

“एक मालिक सभी का “कहने वाले। सुन साईंं मेरे शिरडी वाले ।। राम को पूजा कृष्ण को पूजा। अल्ला ईसा देव नहीं दूजा।। एक मस्जिद को द्वारका कहने वाले। सुन साईंं मेरे शिरडी वाले।। पानी […]

है इस जगत की सारी खुसिया, मातृभूमि के चरणो में। माँ ही है इस जग की जननी , है सारा ही जा उससे। उसकी एक प्यारी लोरी में ,सातों स्वर मुझको मिलते है। उसके मीठे […]

मैंने भी एहसास किया ,मैं देख दृश्य वो रोया हूँ। तम्बू में रहते परिवारों के बच्चों में कितना खोया हूँ।। वो नन्हे मासूम से चेहरे जो कितने भोले भाले है, बचपन में सर ले लिया […]

देख कर आज मौसम की ये मस्तिया, दिल में हलचल सी कुछ अब होने लगी। देख कर नूर सा तेरा मुखडा प्रिये, मन में बेताबिया सी है उठने लगी। इस पवन ने शरारत कुछ ऐसी […]

एक हाथ में ध्वजा तिरंगा, काँधे पर बन्दूक हैं। भारत माँ का वीर सिपाही, लक्ष्य बड़ा अचूक है।। कदम चाल में चलते हमसब, भारत माँ की रक्षा में। रहे सुरक्षित शरहद अपनी, वैरी न आए […]

तुम्हारे होंठों की सरगम बिन मेरे गीत अधूरे हैं। मेरी नजरों से रहते दूर तुम मेरे प्रीत अधूरे हैं। तुम्हें खोकर सारी दुनिया जीतूँ मेरे जीत अधूरे हैं। ‘विनयचंद ‘ वफा के बिन मनमीत अधूरे […]

हम प्रेम लुटाये कोई जान न पाए पेट भर के हमारा भूखा सोती है आखिर माँ तो माँ होती है-2 कोई आंच न आये,हम युही मुस्कुराये दुख में दिखे हमे तो छुप के रोती है […]

बाल गीत:-‘भारत देश हमारा है’ यह भारत देश हमारा है, हमे प्राणो से भी प्यारा है। हम तो नन्हे मुन्ने बच्चे है, हम मन के बड़े सच्चे है। हम मिल जुलकर रहते है, हम देश […]

आओ मनाएँ गणपति गणेश को। गौड़ी नन्दन पुत्र महेश को।। लम्बोदर गजवदन विनायक। प्रथम पूज्य सब देव सहायक।। करुणाकर करुणेश को, आओ मनाएँ……।। सिद्धि बुद्धि को देने वाले। संकट सबके हरने वाले।। वरदायक मंगलेश को, […]

हौसला ‘बिन मेहनत के रोटी नही मिलती,गरीब के घर मे खुशियाँ नही सजती। हौसलों के पंख से उड़ान कितनी भी भर लो,पर पेट की भूख नही मिटती।  फौलादी इरादों से साँसो का दामन थाम रखा […]

कड़वाहट दुनिया मे जो है कड़वाहट वह मिर्च पर भारी है, मेरे जीने का हुनर मेरी मौत पर अब भारी है।  दिन भर मजदूरी करके अपना परिवार पालता हूँ,  इस तरह आराम पर मेरी मेहनत […]

वही है चाँद पर अब उससे ख्वाहिशे बदल गयी,जिन्दगी ने लिए इतने मोड़ कि मायने बदल गये।  बचपन में जिस चाँद को मामा कहते थे,अब महबूब की सूरत मे उसको ढूँढने लगे।  जिन पगडंडियो पर […]

उदन्त मार्तण्ड ‘उदंत मार्तण्ड’ है हिन्दी पत्रकारिता की आधारशिला, ‘प्रथम हिन्दी समाचार पत्र’ होने का इसको मान मिला। पण्डित युगुल किशोर शुक्ल ने था इसको प्रारंभ किया, अपनी प्रतिभा व निजी संसाधनो से इसका सम्मान […]

कदर कर लो यारो “ईश्वर ने जो दिया है उसकी कदर कर लो यारो, सम्भाल लो जिन्दगी इसकी फिकर कर लो यारो। सबको सब कुछ नही मिलता पर कुछ तो सोचो, तुमको जो मिला वो […]

मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2 आंख दिखा के न जाये,आंच आने न पाए सर कटाते रहेंगे इसके क़फ़न के लिए मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2 हिन्दू-मुस्लिम हो भाई,क्या सिक्ख क्या ईसाई […]

मेहनतकश औरत खुशियाँ किसी तख्तोताज की मोहताज़ नही होती, धन दौलत ही खुशियों का प्रतिमान नही होती।  होठों पर मुस्कान गरीब के भी सज सकती है,  खुशियाँ सिर्फ अमीरो की जागीर नही होती।  मेहनतकश औरत […]