स्वयं टूटकर स्वयं जुडूँगा सब कुछ अपने आप करूँगा। विगत दिनों जो भूलें की हैं उनका पश्चाताप करूँगा।। मेरी त्रुटि थी किया भरोसा मैंने अपने यारों पर। समझ न पाया पग रख बैठा मैं जलते […]
स्वयं टूटकर स्वयं जुडूँगा सब कुछ अपने आप करूँगा। विगत दिनों जो भूलें की हैं उनका पश्चाताप करूँगा।। मेरी त्रुटि थी किया भरोसा मैंने अपने यारों पर। समझ न पाया पग रख बैठा मैं जलते […]
दर्द का जो स्वाद है, उससे दिल आबाद है, मुफ्त है जग में, खुदगर्जीया ! मक्कारियां सरेआम है, दर्द का जो स्वाद है, उससे दिल आबाद है। मदहोशियों का माहौल हैं बहरूपियों की यहां फौज […]
तुम वो अहसास हो जिसे छू जाये वो संदल सा महक जाये तुम वो इश्क़ हो जिसे हो जाये वो दीवाना हो जाये!!
कोरे मेरे, सपने मेरे, कोरे ही रह जाएंगे….२ उम्मीदें देंगी,दस्तक उन तक, उम्मीदें ही रह जाएंगी…. कोरे मेरे, सपने मेरे, कोरे ही रह जाएंगे…२ शामें देगी,उल्फत उनको, शामें ही रह जाएंगी… कोरे मेरे,सपने मेरे, कोरे […]
कौन है यहां अपना मेरा, तुझ पर ही है, अर्पित जीवन सारा। कौन-सी मैं व्यथा सुनाऊं, प्रभु! मैं तुझको कैसे पाऊं। कब तक यूं आस लगाऊ। कुछ तो बोलो, हे प्रभु! कब तक मैं यह […]
हे प्रभु! तुम ही तो हो। तुम हो सृजन दाता, तुम हो रचना निर्माता। तुम हो जीवन की आस, तुम ही हो निश्चित श्वास। तुम ही हो अमूर्त प्रेम, तुम ही दिशा और दिन। हे […]
मेरे मन का मोती, मैं तुझको अर्पण कर जाऊं। मेरे राम मेरे श्याम… प्रभु मैं जपु तेरा नाम पल पल, तुझमें ही खो जाऊं । मेरे मन का मोती , मैं तुझको अर्पण कर जाऊं। […]
जिस माथे पे चमके, हिन्द का नाम उन्हें हिंदी से मिलता, हो प्रथम ज्ञान। जन भाषी भाव वही, पथ पावन हो की माँ हिंदी का हिन्द, में सावन हो। की माँ हिंदी का हिन्द, में […]
एक परदेशी ने तुम पर भरोसा किया। तुम कपटी हुई , उससे धोखा किया ।। नारी तो होती है ममता की मूरत। क्या तुझको नहीं थी उसकी जरुरत।। ज़िन्दगी के बदले मौत का तोफा दिया। […]
कविता : सच्ची मोहब्बत ही, ताजमहल बनवाती है जो खो गया है मेरी जिंदगी में आकर उस पर गजल लिखने के दिन आ गए हैं दिल दिमाग का हुआ है बुरा हाल अब तो रात […]
माँ तुम्हारे चरणों को धोता है हिन्द सागर। बनके किरीट सिर पे हिमवान है उजागर।। माँ….. गांवों में तू है बसती खेतों में तू है हँसती गंगा की निर्मल धारा अमृत की है गागर।। माँ…. […]
तपती धरती पर पड़े, जब बरखा की फुहार, सोंधी सुगन्ध से महके धरती, ठंडी चले बयार। मयूर नाचे झूम – झूम कर, बुलबुल राग सुनाए, तितली प्यारी आए सैर को, कोयल कुहू – कुहू गाए। […]
बाबा जी मैं जपूं तेरा नाम सांई नाम की अलख जगा ले भोली सी सूरत अपने मन में बिठा ले सच्चा प्यारे सांई नाम बाबा जी जपूं मैं तेरा नाम कृपा दृष्टि की तेरी माया […]
बुद्धि विनायक पार्वतीनंदन ,मंगलकारी हे गजबंदन वक्रकुंड तुम महाकाय तुम ,करता हूँ तेरा अभिनंदन कंचन -कंचन काया तेरी ,मुखमंडल पर तेज समाया है मूषक वाहन करो सवारी ,मोदक तुमको प्यारा है भक्ति भाव में तेरी […]
हे दीनबंधु,परमपिता परमात्मा, करते हम तुमसे बस यही प्रार्थना, सच्ची आजादी दिला दो तुम , एक ऐसा देश बन दो तुम। बेटियां जहां कोख में ही ना मारी जाती हो, हर घर में हर नारी […]
दो बूँद गिरा गया बादल महका है धरती का आँचल बन सर्द पवन लहराई मिट्टी की महक-महकाई सब काम काज रुक गए हैं बादल के आगे झुक गए हैं ममता ने ली है अंगड़ाई लो […]
आज किसी ने सोये हुये ख्वाबों को जगा दिया भूली हुई थी राहें भटके हुये मुसाफिर को मिला दिया जिंदगी का फलसफा जो कहीं रह गया था अधूरा मुरझाई हुई तकदीर को जीने के काबिल […]
rajendrameshram619@gmail.com ************************ जलने दो हृदय की वेदना, विचलित मन से कैसे डरना | हो जीवन संताप दुखों का, फिर क्या जीना फिर क्या मरना || ~~~~~00000~~~~~ युद्ध अनघ है मन के भीतर, परितापों से प्राण […]
समस्त देशवासियों को #स्वतंत्रता दिवस की 74 वी वर्षगांठ पर हार्दिक मंगलकामनाएँ राजेन्द्र मेश्राम-नील ******************* अपने लहू से तर, धरा का शृंगार कर, सोई हुई चेतना को, इतना तो भान दे | भावी वर्तमान भूत […]
*15 अगस्त का महापर्व* कभी सोने की चिड़िया सा, ये हिंदुस्तान हमारा था ! जमी पर जैसे जन्नत था, जगत जग-मग सितारा था ! लुटेरों ने इसे न जाने, कितनी बार है लूटा ! जुड़ा […]
*15 अगस्त का महापर्व* कभी सोने की चिड़िया सा, ये हिंदुस्तान हमारा था ! जमी पर जैसे जन्नत था, जगत जग-मग सितारा था ! लुटेरों ने इसे न जाने, कितनी बार है लूटा ! जुड़ा […]
🍀🌹🙏सादर प्रणाम आप सभी सम्मानित जनों को 🍀🌹🙏,,,,,,,,,,कर्ष्ण लीला,,,,,,,, 🍀🌹🙏 तेरी लीला है अपरंपार,, ओ जग के हे पालनहारा ,,,,,,🌻🌻 जनम लियों है मथुरा बीच मैं,,,, तेरे नैन (आखं) खुल्यों है गोकुल मां,, 🍀🌸 मुक्त […]
🍀🌹🙏सादर प्रणाम आप सभी सम्मानित जनों को 🍀🌹🙏,,,,,,,,,,कर्ष्ण लीला,,,,,,,, 🍀🌹🙏 तेरी लीला है अपरंपार,, ओ जग के हे पालनहारा ,,,,,,🌻🌻 जनम लियों है मथुरा बीच मैं,,,, तेरे नैन (आखं) खुल्यों है गोकुल मां,, 🍀🌸 मुक्त […]
आज जितना भी बरसता है बरस जाने दो, फिर तो सावन भी चला जायेगा, सींच कर कोना-कोना धरती का फिर तो सावन भी चला जायेगा। आज जितना भी चाहो भीगो तुम प्यार ही प्यार भरा […]
*कृष्ण लीला* तू दधि चोर तो; तोही न छोडूं, पकड़ बांह तोरे; कान मरोड़ूँ ! लल्ला मेरो मोही हिय ते प्यारा तोसे कुढ़त गोकुल ब्रिज सारा *खा सौं अब तू मोरी,* *न करिहउँ अब मै […]
सावन में ए सखी, खनके क्यों कँगना। कोयलिया गीत सुनाए ,क्यों मेरे घर अँगना।। बार बार दिल धड़काए, प्यास जगाए। जाने क्या करेगी, मेरी नादान ए कँगना।। जब सुनती हूँ, “ए शोभा पियु कहाँ ” […]
मैंने व्यर्थ ही जिन्दगी गँवायो रे! कभी राम नाम लिया तो नहीं । मैंने व्यर्थ ही जिन्दगी गँवायो रे! नर तन लेकर इस जहां में आया नारायण को पाने को । भोग-विलास में रमा रहा […]
कपड़े बदले, वेश बदला, बदला घर-संसारा । माया-मोह में फँसा रहा तु नर पर बदल सका न अपना व्यवहार । रे! क्या-क्या बदला तु इंसान-2 तन को धोया नित-नित दिन तु, पर मन को धोया […]
कौसल्या का आँख का तारा, दशरथ राम दुलारा । कैकयी सुमित्रा का है तु सबसे प्यारा आजा-2 मेरे राम दुलारा ।। उर में तेरा भरत का वासा, संग में रहते लक्ष्मण न्यारा । शत्रुघ्न है […]
पत्थर को पूजते-पूजते थक गये हम कई वर्षों से । पर क्या खाक मिला हमें, तुझसे ओ बेवफा मुहब्बत करने से ।। पत्थर को पूजते-पूजते थक गये हम कई वर्षों से । उनको मुहब्बत मिले […]
अपनी अदा देखाकर हुश्न के बाजार में मेरा भाव लगाया तुमने। मिल गया कोई रईसजादा तो इस मुफलिस गरीब को ठुकराया तुमने।। मेरी मुफलिसी का औकात दिखाया तुमने । रईसों के महफिल में मेरा मजाक […]
नये लोग, नयी शहर, नयी जहां मुबारक हो तुम्हें । जहां की सारी खुशियाँ झुके तेरे कदम,ये दुआ है मेरे ।। नये लोग, नयी शहर, नयी जहां मुबारक हो तुम्हें ।।1।। लगे तेरे नसीब की […]
जय जय जय जय जय श्री राम मर्यादा के दुसरे नाम, जय जय…. वन वासी भये तज के राज इस जीवन के तुम कृपा निधान जय जय…. मानवता के सूत्र पिरोये, तुम शौर्य, तेज, सूरज […]
जय जय जय जय जय श्री राम मर्यादा के दुसरे नाम, जय जय…. वन वासी भये तज के राज इस जीवन के तुम कृपा निधान जय जय…. मानवता के सूत्र पिरोये, तुम शौर्य, तेज, सूरज […]
हम दीन-दुखी, निर्बल, असहाय, प्रभु माया के अधीन है । प्रभु तुम दीनदयाल, दीनानाथ, दुखभंजन आदि प्रभु तेरो नाम है । हम माया के दासी, लोभी, भिखारी, दुर्जन, दुष्ट, विकारी प्रभु पापी है । प्रभु […]
मेरे अल्फाज अब कहाँ रहें, ये तो तेरी मुहब्बत की जहागीर हुई । ये तो तेरे हुश्न-शबाब में खोया है, तेरी मुहब्बत में ये कुछ कहता है । ये मेरे अल्फाज़ रहे अब कहाँ, ये […]
बीच भवर मैं तुने छोड़ा साथ हमारा । कभी याद आया कभी दिल को दुखाया । ओ जाना-2 कहाँ खोया-खोया जरा तो बताना । बीच भवर मैं तुने छोड़ा साथ हमारा ।।1।। वफा की रंगी […]
मैं जानता नहीं हूँ, तु कौन है तु मेरा ? किसी राह पे मिली मंजिल है या तुम कोई किनारा । मगर दिल इतना मेरा अब टूटा किसी पे एख्तियार रहा ना मेरा । ये […]
तेरे संग मैंने ख्याब जो देखे वो ख्याब नहीं जिन्दगी है मेरी । ख्याब के सहारे कटते नहीं दिन, रात भी है बोझिल दिन भी है सुना । भूले है सपने, फूटी किस्मत, टूटे है […]
बाबुल की दुआ है साथ तेरे, आशीष है मां का पास तेरे । दुनिया की न लगे बला तुझे , ईश्वर की रहमत साथ तेरे ।। जा-जा री बहना प्रातःबेला है संग तेरे -2 छाँव-छाँव […]
मुझसे ये हाल दिल का कहीं कहा नहीं जाता है । पास तुम होते मगर तुमको ये बताया नहीं जाता है । जानता हूँ कि तुझे प्यार है मुझसे बेपनाहं सनम । ये तुमसे भी […]
आया राखी का पावन त्योहार भैया। तुझको पुकारे बहना का प्यार भैया।। फूल अक्षत चंदन से मैं थाली सजाई। मेवा मधुर और घी की ज्योति जगाई।। आंगन में अहिपन बनाई दो-चार भैया। आजा, तुझको पुकारे […]
मन किसी सूखी नदी सा हो रहा आप कहती हो कि बारिश आ गई, जो ये छींटे पड़ रहे हैं उनसे बस एक सूनापन सा मन में गड रहा, कब तलक यूँ ही घिरेगा आसमाँ […]
आत्महत्या न कर जिन्दगी को बचा, कोई दुख तेरे जीवन ज्यादा नहीं। देख चारों तरफ जो घटित हो रहा ढूंढ खुशियां उसी में, दुखों को नहीं। दुःख तो आते रहेंगे जाते रहेंगे। तेरा आना न […]
जुदाई का दर्द कांटों से ही प्रेम हो गया ,कलियां दिल में चुभती है दर्द भारी यादों में तेरी मेरी अखियां जगती हैं ज्यादा जुल्म किया फूलों ने कांटे बस बदनाम हुए जो चुभते रहते […]
Har ang hai jaise khila khila … Jabse piya tera pyar mila .. Khud mai he simte ,khud mai he khoye .. Jaise Chanda ki baho mai chandni hai soye .. Rup nikharu ..khud ko […]
मौसम सुहाना सावन का आया, संग अपने उत्सवों का पिटारा लाया ठंडी ठंडी ये बहती पवन, बागों में खिले हैं कितने सुमन आए जब बरखा की फुहार, पिया भी करे हैं मनुहार अंगना में भीगे […]
ले के तिरंगा नारा लगाया, जय जवान जय किसान। देश के ख़ातिर मरना सिखाया, वाह रे वीर इन्सान।। पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण में आज़ादी के डंका बाजे। धरती से लिपटा तिरंगा तीन रंग में देखो […]
हिमालय से गंगा के मिलन ,यही तो देश की पहचान है। तभी तो हम सब, गर्व से कहते हैं मेरा भारत महान है।। शास्त्री गोखले मौलाना राजेन्द्र, सभी देश के शान है। तभी तो हजारों […]
रिमझिम बरसे सावन सजना। झूले लगे हैं मोरे अंगना।। सब सखियों के आए सजना। क्यों है सूना मेरा अंगना।। आजा अंगना के भाग जगा दे। बमल मोहे झूला झूला दे़……बलम मोहे झूला झूलादे।। लहगा चुनरी […]
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