रात भर होंठों पर मुस्कान, भोर से ही सीने में गुलों का खिलना था बात कोई नई न थी, बस इस शाम अपने हमदर्द से मिलना था । ख़ैर,शाम ढ़लने के साथ ही, सौ रूपये […]
रात भर होंठों पर मुस्कान, भोर से ही सीने में गुलों का खिलना था बात कोई नई न थी, बस इस शाम अपने हमदर्द से मिलना था । ख़ैर,शाम ढ़लने के साथ ही, सौ रूपये […]
देख द्रोपदी तुझे बचाने वाला न कोई अपना होगा। अपने हीं तो आँचल खींचे अपने खड़े हैं शीश झुकाए। बने गुलाम धर्मवीर सब अंधा राजा देख न पाए।। नास्तिकता के बीच में कृष्ण का आना […]
कहती है सरकार यहां, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ, पर कहां सुरक्षित है बेटियां यहा, कभी था हमारा देश, सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा, अब तो इंसानियत न बची यहां, अब तो जमीर मर गई […]
कहती है सरकार यहां, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ, पर कहां सुरक्षित है बेटियां यहा, कभी था हमारा देश, सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा, अब तो इंसानियत न बची यहां, अब तो जमीर मर गई […]
जब भी तेरा नाम लेकर तुझको कोई बुलाएगा। मेरा चेहरा तेरे मन के परदे पर नजर आएगा।।
ख़ुदा अगर नारी न बनाता कोई मर्द यहां वजूद न पाता, हमेशा हो इनके सम्मान से नाता देश की हो ये भाग्य-विधाता! इनपे कोई गन्दी नजर न उठाता अगर हर बार देश इंसाफ दिलाता, कोई […]
तुम्हारे बगैर जी तो नहीं सकता, हाँ, मर जरूर सकता हूँ । पर मर कर भी यदि चैन न मिला तो, मेरी रूह भटकेगी। तुम्हें पाने को तड़पेगी। तुम्हें परेशान करने का इरादा नहीं है […]
तुमने मेरे दिल में दर्द ऐसा भर दिया कि मैंने खुद के ही दिल का कत्ल कर दिया. पहले दिल में मेरी सांसों को थाम रखा था अब मैंने हाथों में दिल को थाम रखा […]
इन खुली जुल्फों में न जाने कितने राज छुपे होते है कभी चाँद कभी रातें तो कभी तारे फूल बनके सजे होते है वो लट आँखों से होठो तक गुजर जाए तो संमा बदल देती […]
खुली जुल्फों में न जाने कितने राज छुपे होते है कभी चाँद कभी रातें तो कभी तारे फूल बनके सजे होते है वो लट आँखों से होठो तक गुजर जाए तो संमा बदल देती है […]
बाल गीत:-‘भारत देश हमारा है’ यह भारत देश हमारा है, हमे प्राणो से भी प्यारा है। हम तो नन्हे मुन्ने बच्चे है, हम मन के बड़े सच्चे है। हम मिल जुलकर रहते है, हम देश […]
आओ मनाएँ गणपति गणेश को। गौड़ी नन्दन पुत्र महेश को।। लम्बोदर गजवदन विनायक। प्रथम पूज्य सब देव सहायक।। करुणाकर करुणेश को, आओ मनाएँ……।। सिद्धि बुद्धि को देने वाले। संकट सबके हरने वाले।। वरदायक मंगलेश को, […]
तुम्हारी तस्वीर से बातें करता हूं। कभी कुछ सोच कर हंसता हूं। कभी कुछ सोच कर रो देता हूं। कभी बस एकटक निहारता हूं। तो कभी चूम लेता हूं। तुम्हारी तस्वीर से बातें करता हूं। […]
निगाहों के पैमाने से शख्शियत भांप लेते है, राह चलते ही बुलंदियों के कद मांप लेते हैं।। जलने वालों का कुछ हो नहीं सकता, वो तो मेरी बेफिक्री से भी जल बैठे ॥ सरहदें बदलती […]
निगाहों के पैमाने से शख्शियत भांप लेते है, राह चलते ही बुलंदियों के कद मांप लेते हैं।। जलने वालों का कुछ हो नहीं सकता, वो तो मेरी बेफिक्री से भी जल बैठे ॥ सरहदें बदलती […]
जलने वालों का कुछ हो नहीं सकता, वो तो मेरी बेफिक्री से भी जल बैठे ॥ @नील पदम्
एड्स दिवस बनाने वाले काश! संयम दिवस भी बनाया होता। बह्मचर्य का पालन करके समय से पहले ना कोई जान गवाया होता।।
हौसला ‘बिन मेहनत के रोटी नही मिलती,गरीब के घर मे खुशियाँ नही सजती। हौसलों के पंख से उड़ान कितनी भी भर लो,पर पेट की भूख नही मिटती। फौलादी इरादों से साँसो का दामन थाम रखा […]
आँसुओं से भीगे हुए, तकिये को हटा लो, तुम आस के रूठे हुए, पंछी को बुला लो, अन्मनी रातों के चांद बुझा दोगे तुम, ये रात ढ़ल जायेगी गर, तुम धूप बुला लो ।। copyright@ […]
कड़वाहट दुनिया मे जो है कड़वाहट वह मिर्च पर भारी है, मेरे जीने का हुनर मेरी मौत पर अब भारी है। दिन भर मजदूरी करके अपना परिवार पालता हूँ, इस तरह आराम पर मेरी मेहनत […]
वही है चाँद पर अब उससे ख्वाहिशे बदल गयी,जिन्दगी ने लिए इतने मोड़ कि मायने बदल गये। बचपन में जिस चाँद को मामा कहते थे,अब महबूब की सूरत मे उसको ढूँढने लगे। जिन पगडंडियो पर […]
तेरी गिलाओं का बदला मेरा प्यार होगा। तू हीं मेरा पिछला और तू हीं अगला मेरा प्यार होगा।।
क्यों प्यार किया ये मत पूछो। अपनी आकुलता का कैसे इजहार किया ये मत पूछो।।
मुहब्बत की दुनिया में कदम जो रखेगा। मुश्किलों से हीं दामन उसका भड़ेगा।।
तू मेरी रूह में, कुछ इस तरह समाई है। के रहमत मुझपर, रब की तू ख़ुदाई है। तू नहीं तो मैं नहीं, कुछ भी नहीं, शायद तुझे पता नहीं, मेरा वजूद तुने बनाई है। तू […]
उदन्त मार्तण्ड ‘उदंत मार्तण्ड’ है हिन्दी पत्रकारिता की आधारशिला, ‘प्रथम हिन्दी समाचार पत्र’ होने का इसको मान मिला। पण्डित युगुल किशोर शुक्ल ने था इसको प्रारंभ किया, अपनी प्रतिभा व निजी संसाधनो से इसका सम्मान […]
जिंदगी की ताजगी अब महसूस करता हूं सिर्फ ख्वाबों में सूख गए वो गुलाब जो छुपा कर रखे थे किताबों में.
कभी तेरे प्यार का लावा था रगों में जिसमे कई हसरतें जलकर मर गई आज उस लावे के साथ-साथ माशूका की नजरें भी सर्द पड़ गई.
तुम सरेआम कहती हो मैं बुरा मेरा दिल बुरा क्या वह वक्त भी बुरा जो तुम्हारा मेरे दिल में गुजरा.
जिस जिंदगी में तुम साथ हो उसी जिंदगी में मुझे बार-बार है जन्म लेना सकून मुझे मिल जाए तब जन्नत का खुदा वो जिंदगी मुझे एक दिन की और देना.
काश में समंदर की गहराई में आराम से पड़ी होती तुम होते कान्हा मेरे चमकते मोती और मैं तुम्हारी राधा सीप होती.
चकाचौंध वाली जिंदगी पा ली मैंने अब ना करना पड़ता भूखे पेट बसर पर जो खुली आंखों से देखा था सपना तयना कर पाया उसकी परछाई तक का भी सफर.
मैं बेटी हूँ नसीबवालो के घर जनम पाती हूँ कहीं “लाडली” तो कहीं उदासी का सबब बन जाती हूँ नाज़ुक से कंधो पे होता है बोझ बचपन से कहीं मर्यादा और समाज के चलते अपनी […]
समझदार जब से अपनी नज़र मे बेहिसाब-सा मैं लापरवाह हो गया हूँ, सबको लगता है कि अब मै बहुत समझदार-सा हो गया हूँ।।
ख़ुदा पर जो भी बंदा यकीं दिखाता है। तलातुम में फँसी वो सफीना बचाता है। कठपुतलीयों की डोर है उसके हाथों में, जाने कब, कहाँ, कैसे, किसे नचाता है। जो किरदार उम्दा निभा गया रंगमंच […]
कदर कर लो यारो “ईश्वर ने जो दिया है उसकी कदर कर लो यारो, सम्भाल लो जिन्दगी इसकी फिकर कर लो यारो। सबको सब कुछ नही मिलता पर कुछ तो सोचो, तुमको जो मिला वो […]
रोज हजारों अफसाने गढ़े जाते तुम्हारे रोने पर… खिलखिलाने पर… नगमे लिखे जाते, तुम्हारे फूल से होंठों के ….मुस्कुराने पर। तुम्हारे मिलन पर, बिछोह पर, प्रेम पर , बेचारगी पर….। हर पल हर कदम हजारों […]
मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2 आंख दिखा के न जाये,आंच आने न पाए सर कटाते रहेंगे इसके क़फ़न के लिए मिट गये तेरे दीवाने वतन के लिए-2 हिन्दू-मुस्लिम हो भाई,क्या सिक्ख क्या ईसाई […]
वारिस था एकलौता उसका, नाजो से पाला था उसने, दी थी शिक्षा अच्छी उसकी, क्या क्या जतन किए थे उसने, लायक आदमी बनाने के लिए उसे, मालूम क्या था उसे, जाकर विदेश भूल जाएगा उसे, […]
छलक- छलक आंखों ने दिल का हाल जताया। गीले-सूखे जज्बातों को फिर आज जगाया। दिल की धड़कन ने मध्यम -मध्यम राग सुनाया। मैं जिंदा हूं! मुझको ऐसा एहसास कराया। एक कप की प्याली ने… … […]
अपनी ज़िंदगी फिर सजा ना सकूंगा। प्यार का साज फिर बजा ना सकूंगा। क्या मैं इतना मजबूर हो गया हूं, कि तुम्हें फिर बुला ना सकूंगा। क्या तुम इतनी दूर हो गई हो मुझसे, कि […]
गया वख्त जो अक्सर गुज़रता नहीं तमाम रात थोडा हँसा कर थोडा रूला कर अपनापन जता गया जाते जाते कह गया मैं यही हूँ तेरे साथ फिर कभी तन्हाइयों में दस्तक दे जाऊंगा जब कभी […]
हां कहती, नहीं ना कहती हो, छोड़ रखा बीच मझधार में। सारी जिंदगी बीता दूंगा मैं, सनम बस तेरे इंतज़ार में। नादान बन कहती, तुमसे प्यार कहां है। होंठों पर ना है, और दिल में […]
जीवन जीने की कला सीख लो जग से सब कुछ मिल जाएगा यहाँ बिना किसी मौल के अपना बनाना है तो सरल ह्रदय बन लोगों से मिल स्नेह और विश्वास बाँट दे सब में अपने […]
मेहनतकश औरत खुशियाँ किसी तख्तोताज की मोहताज़ नही होती, धन दौलत ही खुशियों का प्रतिमान नही होती। होठों पर मुस्कान गरीब के भी सज सकती है, खुशियाँ सिर्फ अमीरो की जागीर नही होती। मेहनतकश औरत […]
कहा था तुमसे , किताब ना बनो ! पर नहीं माने तुम। शायद! अच्छा लगता होगा तुमको, किसी के द्वारा पढ़ा जाना। चौराहे पर इश्क लड़ाने का शौक है तुम्हे। जब देखो यहां वहां कबूतर […]
जद्दोजहद में जीवन के अनमोल लम्हेरुठते चले गए, और मैं बेखबर मोहरों के चाल में उलझी, पढ़ाव दर पढ़ाव उलझती चली गयी, जीत -हार से क्या मिले, चाहे जितनी शीतल बयार चले, एक झोंका गर […]
मैं प्यासा था, समंदर में, दो अंजुली प्यास, खो आया । बड़ा आरोप लगा मुझ पर, मैं अपना आप खो आया ।। समंदर नें, उदासी को, मेरी आंखों में जब देखा । उदासी घुल गई […]
मै भीड़ मे नही हूँ शामिल,मेरा जिन्दगी जीने का अन्दाज़ निराला है। मुझे दुनिया के दिखावे से कही ज्यादा अपना ‘ऐटिट्यूड’ प्यारा है।।
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