तुम्हें भुला पाना, मेरे बस की बात नहीं, तुम्हें जिंदगी में ला पाना, मेरे बस की बात नहीं। तुम्हें बस देख कर ही जी लेंगे, तुम्हें बगैर देखे रह पाना, मेरे बस की बात नहीं। […]

हे लक्ष्मी तुम कितनी चंचला हो? खुद भी नहीं ठहरती एक जगह पर और औरों को भी भटकाती। घर से दफ्तर जाकर भी भटके भर दिन गाँव नगरऔर इधरोधर फिर भी बाक बाण छेदे छाती। […]

थकती हैं संवेदनाएँ जब तुम्हारा सहारा लेता हूँ, निराशा भरे पथ पर भी तुमसे ढाढ़स ले लेता हूँ, अवसाद का जब कभी उफनता है सागर मन में मैं आगे बढ़कर तत्पर तेरा आलिंगन करता हूँ, […]

मां बाबा अनमोल है दोस्तों, गलती से भी इन्हें तुम न ठुकराना, किस्मत वाले को मिलता है इन दोनों का प्यार दोस्तों, इनकी इज्जत तुम करना, हीरे मोती फिर से तुम पा लोगे दोस्तों, मां […]

इस कदर छाया है तेरे प्यार का नशा। बस तेरी यादें ही दिलो-दिमाग पर बसा। तुमसे दूर अब रहा भी न जाए। ये जुदाई अब सहा भी न जाए। कब उखड़ जाए ये चंद सांसें, […]

बादलो की गरज हो या मौसम तूफानी है देश की रक्षा में जाने कितने देते कुर्बानी है दुश्मनों से कह दो आंख न उठे गलती से समुंद्री लहरों पे खड़ा हर शेर हिंदुस्तानी है!

हम प्रेम लुटाये कोई जान न पाए पेट भर के हमारा भूखा सोती है आखिर माँ तो माँ होती है-2 कोई आंच न आये,हम युही मुस्कुराये दुख में दिखे हमे तो छुप के रोती है […]

जिस्म के बाजारों में इंसानियत बिका करती है मौजकी के आड़ में हैवानियत की मेहफ़िले सजा करती है दाम यहाँ शरीर का नहीं स्वाभिमान का लगाया जाता है इसी बाजार में न जाने कितने रिश्तो […]

मैं अपराधी की माँ बनकर जिन्दा रहूंगी आखिर कबतक? किस मनहूस घड़ी में जन्म दिया जो झेल रही हूँ तुमको अबतक।। किया कलंकित दूध को मेरे नजर गड़ा अबलाओं पर । खून किया तू मेरे […]

सब है यहां, एक तू ही नहीं, जाने क्या खता हुई मुझसे, और तुम चल दिए दूर मुझसे, याद तेरी दिल से जाती नहीं, तुझ बिन कहीं जी लगता नहीं, चाहता है दिल तुम होते […]

आरज़ू नही रखता कि पूरी कायनात मे मशहूर हो शक्सियत मेरी। जनाब! आप जितना जानते हो बस उतनी ही है पहचान है मेरी।।

बगैर प्यार के कुछ भी नहीं संसार में। वो कहते हैं क्या रखा है, इस प्यार में। हंसीन लगती यह दुनिया, प्यार होते ही, जहां की खुशियां सिमटी, इस प्यार में। कैसे दिलाएं तुम्हें एतबार, […]

रात भर होंठों पर मुस्कान, भोर से ही सीने में गुलों का खिलना था बात कोई नई न थी, बस इस शाम अपने हमदर्द से मिलना था । ख़ैर,शाम ढ़लने के साथ ही, सौ रूपये […]

देख द्रोपदी तुझे बचाने वाला न कोई अपना होगा। अपने हीं तो आँचल खींचे अपने खड़े हैं शीश झुकाए। बने गुलाम धर्मवीर सब अंधा राजा देख न पाए।। नास्तिकता के बीच में कृष्ण का आना […]

कहती है सरकार यहां, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ, पर कहां सुरक्षित है बेटियां यहा, कभी था हमारा देश, सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा, अब तो इंसानियत न बची यहां, अब तो जमीर मर गई […]

कहती है सरकार यहां, बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ, पर कहां सुरक्षित है बेटियां यहा, कभी था हमारा देश, सारे जहां से अच्छा, हिंदुस्तान हमारा, अब तो इंसानियत न बची यहां, अब तो जमीर मर गई […]

ख़ुदा अगर नारी न बनाता कोई मर्द यहां वजूद न पाता, हमेशा हो इनके सम्मान से नाता देश की हो ये भाग्य-विधाता! इनपे कोई गन्दी नजर न उठाता अगर हर बार देश इंसाफ दिलाता, कोई […]

तुम्हारे बगैर जी तो नहीं सकता, हाँ, मर जरूर सकता हूँ । पर मर कर भी यदि चैन न मिला तो, मेरी रूह भटकेगी। तुम्हें पाने को तड़पेगी। तुम्हें परेशान करने का इरादा नहीं है […]

इन खुली जुल्फों में न जाने कितने राज छुपे होते है कभी चाँद कभी रातें तो कभी तारे फूल बनके सजे होते है वो लट आँखों से होठो तक गुजर जाए तो संमा बदल देती […]

खुली जुल्फों में न जाने कितने राज छुपे होते है कभी चाँद कभी रातें तो कभी तारे फूल बनके सजे होते है वो लट आँखों से होठो तक गुजर जाए तो संमा बदल देती है […]

बाल गीत:-‘भारत देश हमारा है’ यह भारत देश हमारा है, हमे प्राणो से भी प्यारा है। हम तो नन्हे मुन्ने बच्चे है, हम मन के बड़े सच्चे है। हम मिल जुलकर रहते है, हम देश […]

आओ मनाएँ गणपति गणेश को। गौड़ी नन्दन पुत्र महेश को।। लम्बोदर गजवदन विनायक। प्रथम पूज्य सब देव सहायक।। करुणाकर करुणेश को, आओ मनाएँ……।। सिद्धि बुद्धि को देने वाले। संकट सबके हरने वाले।। वरदायक मंगलेश को, […]

तुम्हारी तस्वीर से बातें करता हूं। कभी कुछ सोच कर हंसता हूं। कभी कुछ सोच कर रो देता हूं। कभी बस एकटक निहारता हूं। तो कभी चूम लेता हूं। तुम्हारी तस्वीर से बातें करता हूं। […]

निगाहों के पैमाने से शख्शियत भांप लेते है, राह चलते ही बुलंदियों के कद मांप लेते हैं।। जलने वालों का कुछ हो नहीं सकता, वो तो मेरी बेफिक्री से भी जल बैठे ॥ सरहदें बदलती […]

निगाहों के पैमाने से शख्शियत भांप लेते है, राह चलते ही बुलंदियों के कद मांप लेते हैं।। जलने वालों का कुछ हो नहीं सकता, वो तो मेरी बेफिक्री से भी जल बैठे ॥ सरहदें बदलती […]

हौसला ‘बिन मेहनत के रोटी नही मिलती,गरीब के घर मे खुशियाँ नही सजती। हौसलों के पंख से उड़ान कितनी भी भर लो,पर पेट की भूख नही मिटती।  फौलादी इरादों से साँसो का दामन थाम रखा […]

आँसुओं से भीगे हुए, तकिये को हटा लो, तुम आस के रूठे हुए, पंछी को बुला लो, अन्मनी रातों के चांद बुझा दोगे तुम, ये रात ढ़ल जायेगी गर, तुम धूप बुला लो ।। copyright@ […]

कड़वाहट दुनिया मे जो है कड़वाहट वह मिर्च पर भारी है, मेरे जीने का हुनर मेरी मौत पर अब भारी है।  दिन भर मजदूरी करके अपना परिवार पालता हूँ,  इस तरह आराम पर मेरी मेहनत […]

वही है चाँद पर अब उससे ख्वाहिशे बदल गयी,जिन्दगी ने लिए इतने मोड़ कि मायने बदल गये।  बचपन में जिस चाँद को मामा कहते थे,अब महबूब की सूरत मे उसको ढूँढने लगे।  जिन पगडंडियो पर […]

तू मेरी रूह में, कुछ इस तरह समाई है। के रहमत मुझपर, रब की तू ख़ुदाई है। तू नहीं तो मैं नहीं, कुछ भी नहीं, शायद तुझे पता नहीं, मेरा वजूद तुने बनाई है। तू […]

उदन्त मार्तण्ड ‘उदंत मार्तण्ड’ है हिन्दी पत्रकारिता की आधारशिला, ‘प्रथम हिन्दी समाचार पत्र’ होने का इसको मान मिला। पण्डित युगुल किशोर शुक्ल ने था इसको प्रारंभ किया, अपनी प्रतिभा व निजी संसाधनो से इसका सम्मान […]

कभी तेरे प्यार का लावा था रगों में जिसमे कई हसरतें जलकर मर गई आज उस लावे के साथ-साथ माशूका की नजरें भी सर्द पड़ गई.

जिस जिंदगी में तुम साथ हो उसी जिंदगी में मुझे बार-बार है जन्म लेना सकून मुझे मिल जाए तब जन्नत का खुदा वो जिंदगी मुझे एक दिन की और देना.