Author: Neha

  • इश्क़ अधूरा है क्यों अब तलक हमारा

    इश्क़ अधूरा है क्यों अब तलक हमारा

    उजालों को नफरत है क्यों, फैला है अँधेरा

    इश्क़ में जलकर, चलो चांदनी रात करें

    आओ हम मोहब्बत क़ी बात करें

  • पानी की बूंदे

    पानी की बूंदे

    साखों पे पानी की बूंदे कहां ठहरती है
    छोड़ जाती है साखों को सूखा अक्सर

  • कैसे बयां करें अपनी दास्ता

    कोई लफ़्जों में कैसे बयां करें अपनी दास्ता
    दर्द हर लफ़्ज के साथ गहराता जाता है

  • स्वच्छ भारत

    गंदगी से हमें नाता तोड़ना होगा
    स्वच्छ से अब रिश्ता जोड़्ना होगा
    हो गयी बहुत खातिरदारी अब गंदगी की
    आ इसको दरवाजा हमें दिखाना होगा|

    भारत की पहचान स्वच्छता से हो
    यही संकल्प हमें अब लेना होगा
    हो गया है आगाज अब देश में
    इसे अब अंजाम तक ले जाना होगा

New Report

Close