🧕 मेरी बिटिया🧕 By Naveen Dwivedi दिल रो रहा है टूट कर, कैसी होगी मेरी बेटी ? इस पातक भरे समाज मे, खा जाते हैं बोटी-बोटी। कैसी होगी मेरी बेटी ? जब छोटी-सी थी वो, […]
🧕 मेरी बिटिया🧕 By Naveen Dwivedi दिल रो रहा है टूट कर, कैसी होगी मेरी बेटी ? इस पातक भरे समाज मे, खा जाते हैं बोटी-बोटी। कैसी होगी मेरी बेटी ? जब छोटी-सी थी वो, […]
अंधेरों में इतना कहाँ जोर है । आ रहा है सूरज हुआ भोर है।।
जब तक वो जिदा थी खाने की लाचारी थी। मरते ही श्राद्ध की भोज बहुत भाड़ी थी। जीवन में रूखी-सुखी भी नसीब न थी श्राद्ध में लाव-लस्कर की तकलीफ न थी। उसे जो एक ग्लास […]
है लाख सितम ढाहे, ऐ जिंदगी, शिकवा करूं मैं किससे किससे, मिलता नहीं सभी को जन्नत, सुख दुख दो पहलू हैं जिंदगी के, है आरजू पाने की जन्नत तो पार कर लेते हैं आग का […]
कभी तो इन गलियों में आकर तो देखो, माना बहुत अन्धेरा है । शायद तुम्हारे आने से मेरा जहान रौशन हो जाये।
मिल जाती परछाई भी अगर तुम पीछे मुड़ कर देख लेते। दूर हो जाती गलतफहमी की ठंडक । अगर तुम यादों की धूप में दो पल खुद को सेंक लेते।
“एक मालिक सभी का “कहने वाले। सुन साईंं मेरे शिरडी वाले ।। राम को पूजा कृष्ण को पूजा। अल्ला ईसा देव नहीं दूजा।। एक मस्जिद को द्वारका कहने वाले। सुन साईंं मेरे शिरडी वाले।। पानी […]
मुद्दतें गुज़र जाती है, ज़िन्दगी के फ़लसफ़े समझते। जब जिंदगी समझ आती, हाथ वक्त ही नहीं बचते। खेल-कूद में बचपन बीता, जवानी मौज़-मस्ती में, फिर सारी उम्र वो, दूसरों के टुकड़ों पर ही पलते। बड़े-बुजुर्गों […]
ढ़लते दिसंबर के साथ इश्क़ भी तेरा ढ़ल गया। तू तो कहता था कि बिना मेरे तेरा मन कही नही लगता…. अब तू बता कि वो तेरा प्यार कहाँ गया?
है इस जगत की सारी खुसिया, मातृभूमि के चरणो में। माँ ही है इस जग की जननी , है सारा ही जा उससे। उसकी एक प्यारी लोरी में ,सातों स्वर मुझको मिलते है। उसके मीठे […]
तु दिखी मुझे हीरा की तरह, हुआ प्यार मीरा की तरह, मिले हम सरफिरा की तरह, बाप तेरा खा गया खीरा की तरह, मैं पेट में बना पीड़ा की तरह, उसने निकाल दिया जलजीरा की […]
मैंने भी एहसास किया ,मैं देख दृश्य वो रोया हूँ। तम्बू में रहते परिवारों के बच्चों में कितना खोया हूँ।। वो नन्हे मासूम से चेहरे जो कितने भोले भाले है, बचपन में सर ले लिया […]
देख कर आज मौसम की ये मस्तिया, दिल में हलचल सी कुछ अब होने लगी। देख कर नूर सा तेरा मुखडा प्रिये, मन में बेताबिया सी है उठने लगी। इस पवन ने शरारत कुछ ऐसी […]
गर्मी की छोटी बहन सर्दी आई है लगता हैं इस बदलते मौसम ने मनुष्य को फटकार लगाई है तभी तो सारे चुप है और हाथ मे मोबाइल है ।।1।। सर्दी आई है और अपने साथ […]
ज़िन्दगी से आज मेरी, हो गई कुछ अनबन। हमेशा अपनी कहती, कभी मेरी भी तो सून। ना ही दौलत मांगा, ना ही चाही शोहरत कभी, क्या मांगा तुझसे, बस पल दो पल का सुकून। कर […]
तुम मेरे पास रहो या रहो मुझसे दूर। मेरा प्यार कम न होगा करुँगा भरपूर।।
तुम्हारी चादर में लिपटे कुछ शक के दाग थे। तुम मेरी मंज़िल और तुम्ही हमराज थे। क्या थे दिन और क्या लम्हात थे। कुछ अंजाम और कुछ आगाज़ थे। इल्जाम लगा किस्मत और हालात पर […]
गम है तोह ज़िन्दा है हम उम्मीदें कम है तोह किसी तरह खुश है हम कोई बरी खुशी नहीं चाहिए भगवान अब तोह इस की आदत सी हो गई लोग कहते है की वक़्त बदलता […]
ऐ बेदर्द सर्दी ! तुम्हारा भी कोई हिसाब नहीं। कहीं मंद शीतल हवाएँ । कहीं शबनम की ऱवाएँ ।। दिन को रात किया कोहरे का कोई जवाब नहीं। ऐ बेदर्द सर्दी ! तुम्हारा भी कोई […]
रज़ाई ओढ़ जब चैन की नींद हम सोते हैं। ठण्ड की मार सहते, ऐसे भी कुछ होते हैं।। जिनके न घर-बार, ना ठौर-ठिकाना। मुश्किल दो वक़्त कि रोटी जुटाना। दिन तो जैसे – तैसे कट […]
PYAR SE HI PYAR MAANGA AAJ KISI NE JAISE PYASE SE WO PAANI KI AAKHIRI BOOND HI CHEEN LI HO KISI NE || PARINDON KA GHOSLON ME RHNA TO LAZMI THA QKI UNSE UNKI UDAAN […]
ये दोस्त!देखो आखिर लग ही गयी तुम्हे बेवफाई की ठण्ड। कितना कहा था कि मेरे प्यार और वफ़ा की चादर ओढ़ कर रखना।
तुम मुझे ओढ़ लो और मैं तुम्हें ओढ़ लेता हूँ, सर्दी के मौसम को मैं एक नया मोड़ देता दूँ। ये लिहाफ ये कम्बल तुम्हें बचा नहीं पाएंगे, अब देख लो तुम मैं सब तुमपे […]
वसंत को कहा अलविदा, ग्रीष्म और वर्षा काल बीता अब शरद और हेमंत अायी, सर्दी शिशिर तक छाई ये सर्द सर्द सी राते, इसकी बड़ी अजीब है बातें कहीं मुस्कान अोस सी फैलायी, कहीं दर्द […]
तेरा चुपके से आना गजब, घंटो धूप में बिताना गजब। आग के पास सुस्ताने लगे हैं, तुझे हर वक्त पास पाने लगे हैं। तेरे यादों को मन में समेटे बैठे हैं तन को कम्बल में […]
किसी नाजुक कली सी, आंखें कुछ झुकी हुई शरमाई सी, हौले हौले दबे पांव आई ही गई सर्दी सलोनी सी, खिली हुई मखमली धूप में, आई किसी की याद सुहानी सी, दबी दबी मुस्कुराहट, होठों […]
मांगी थी चंद लम्हों की मोहब्बत, जो मुझे तुमसे कभी मिला नहीं। चंद लम्हों की ही यह जिंदगी है, जिंदगी का भी कोई भरोसा नहीं। क्या तुमसे मोहब्बत की उम्मीद करें, जिंदगी से या तुमसे […]
गीत कोई गा रही हूँ छेड़ कर तार दिल के प्रीत के धागे है सुन्दर अश्क के मोती पिरोकर मन-गगन महका रही हूँ ।
सुबह के सूर्य को अभिनन्दन देवों के देव को अभिनन्दन । है अपनी जीत को अभिनन्दन है अपनी हर को अभिनन्दन ।
*प्रकृति वर्णन* सुबह उठें हम सूरज की मखमली रोशनी को पायें, चिड़ियों का संगीत सुने और फूल कोई कविता गायें ।। भंवरों का संगीत मनोहर हरियाली स्वर्ग सी है, नदियों का मुड़ मुड़कर चलना जैसे […]
रूह भी कांपती है ठंडक मे कभी- कभी, याद आती है हर मजबूरियाँ सभी तभी। इन्सान को ज़िन्दगी की कीमत समझनी चाहिये, जो हो सके मुनासिब वह रहम करना चाहिये। जीवन है बहुत कठिन कैसे […]
ये मौसम सुहाना फिजा भीगी तेरी यादें हैं छायी काले बादल हों जैसे।
हमारी आदत नही है यूं ही किसी की तारीफें करना तुम हो ही इतने अच्छे की हम शायर हो गये।
अब तो बन गई किस्मत जब से मिल गयीं ख़ुशियाँ
सर्दियों की धूप सी लग रही है यह घड़ी यह जो नया एहसास है अजनबी है अजनबी सुना है मन वीरान है मेरा जहां आज क्यूं यादों में है डूबा दिल ना आ रहा है […]
व्याकुल धरती बुला रही है फिर से झाँसी की रानी को। बहुत हुआ अब नहीं सहेंगे शैतानों की मनमानी को।। गली गली में गुंडे बैठे हर नुक्कड़ अपराधी है। जाति धर्म की राजनीति में बँट […]
बरसों बीत गए, तुमसे बिछड़े हुए, पता नहीं कहां, तुम चले गए, एक आंधी सी आई, और तुम चले गए, रह गई बाकी, बस तेरी यादें, तेरी बेपरवाह हंसी के फव्वारे, तेरी चंचल आंखों की […]
देखो उभर कर ज़माने का कैसा चित्र आया है। कल्पना से परे भयावह कैसा विचित्र आया है। गले लगा कर पीठ में खंजर उतार दिया उसने, मैं तो समझा मुझसे मिलने मेरा मित्र आया है। […]
एक हाथ में ध्वजा तिरंगा, काँधे पर बन्दूक हैं। भारत माँ का वीर सिपाही, लक्ष्य बड़ा अचूक है।। कदम चाल में चलते हमसब, भारत माँ की रक्षा में। रहे सुरक्षित शरहद अपनी, वैरी न आए […]
गर दिल में हो जुनून, मंजिल पा ही लेंगे हम, हो रास्ता कठिन, पर हो हौसला बुलंद, मंजिल पा ही लेंगे हम, हो तूफानों की डगर, पर हो साथ हमसफर, मंजिल पा ही लेंगे हम […]
रूह काँप जाती थी सोचकर, बगैर तेरे रहना । आज ये आलम है, पड़ रहा गमे-जुदाई सहना । इसे वक्त की मार कहूँ, या मज़बूरी का नाम दूँ, गलत ना होगा, इसे जिंदगी की जरूरत […]
तुझे पाकर भी मैं पा न सका। तेरे दिल में जगह बना न सका। सोचता हमारे बीच कोई ना होगा, जहां से अपना प्यार बचा न सका। जाने से पहले थोड़ा जहर ला देना, जिंदगी […]
उस दिन , जब तुम कार से उतरी थीं | स्वर्ग से आयीं अप्सरा, सी लग रहीं थीं | काव्या दी, दीया तुम्हारा हाथ पकड़ तुमसे मिल रही थीं | मैं भी था सहमा-सहमा सा, […]
Apni khaamiyo ka harzaana bhar Kar, Un par kaam kar rahi hu main… Tumhe aur tumhari yaadein bhula Kar, Ab aage badh rahi hu na main… ❤ #Sheetal
ना कोई मुकदमा, ना कोई सुनवाई। ना कोई चीख पुकार, ना कोई दुहाई। तुरंत फैसला और मौके पर ही न्याय, दुष्कर्म के ख्याल से ही रूह काँप जाए। देवेश साखरे ‘देव’
तुम्हारे होंठों की सरगम बिन मेरे गीत अधूरे हैं। मेरी नजरों से रहते दूर तुम मेरे प्रीत अधूरे हैं। तुम्हें खोकर सारी दुनिया जीतूँ मेरे जीत अधूरे हैं। ‘विनयचंद ‘ वफा के बिन मनमीत अधूरे […]
मोहब्बत को भूला देना, इतना आसान नहीं। फैसला सुना दिया, मैं कोई बेजुबान नहीं। मेरे सीने में भी दिल है, दर्द है, तड़प है, पत्थर तो नहीं, कैसे समझ लिया इंसान नहीं। अश्क सूख चुके, […]
संवर कर आऊँगा जब तुम्हारी महफिल मे, निगाहें तुम्हारी सिर्फ मुझ पर ठहर जायेगी। देखेंगे जब सब तुम्हारे होठो पर हल्की-सी हँसी, महफ़िल मे हमारी मोहब्बत ही चर्चा बन जायेगी।।
सलाम है तेलंगाना पुलिस को, जिन्होंने न्याय त्वरित दे ही दिया, है सीख लेने की बाकी प्रदेशों की पुलिस को, जैसे उन्होंने एनकाउंटर किया, बनेगा डर उन भेडियो को, सोचेगे सौ बार वो गुनाह करने […]
आज शर्मसार हो रही यह पावन धरती, नीलाम हो रही मां बहनों की इज्जत, भटकते इन भूखे भेड़ियों से, है निवेदन सभी माताओं से, संस्कार दे बच्चों को ऐसी, जो दूषित न करे समाज को, […]
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