रज़ाई ओढ़ जब चैन की नींद हम सोते हैं। ठण्ड की मार सहते, ऐसे भी कुछ होते हैं।। जिनके न घर-बार, ना ठौर-ठिकाना। मुश्किल दो वक़्त कि रोटी जुटाना। दिन तो जैसे – तैसे कट […]

तुम मुझे ओढ़ लो और मैं तुम्हें ओढ़ लेता हूँ, सर्दी के मौसम को मैं एक नया मोड़ देता दूँ। ये लिहाफ ये कम्बल तुम्हें बचा नहीं पाएंगे, अब देख लो तुम मैं सब तुमपे […]

वसंत को कहा अलविदा, ग्रीष्म और वर्षा काल बीता अब शरद और हेमंत अायी, सर्दी शिशिर तक छाई ये सर्द सर्द सी राते, इसकी बड़ी अजीब है बातें कहीं मुस्कान अोस सी फैलायी, कहीं दर्द […]

तेरा चुपके से आना गजब, घंटो धूप में बिताना गजब। आग के पास सुस्ताने लगे हैं, तुझे हर वक्त पास पाने लगे हैं। तेरे यादों को मन में समेटे बैठे हैं तन को कम्बल में […]

किसी नाजुक कली सी, आंखें कुछ झुकी हुई शरमाई सी, हौले हौले दबे पांव आई ही गई सर्दी सलोनी सी, खिली हुई मखमली धूप में, आई किसी की याद सुहानी सी, दबी दबी मुस्कुराहट, होठों […]

मांगी थी चंद लम्हों की मोहब्बत, जो मुझे तुमसे कभी मिला नहीं। चंद लम्हों की ही यह जिंदगी है, जिंदगी का भी कोई भरोसा नहीं। क्या तुमसे मोहब्बत की उम्मीद करें, जिंदगी से या तुमसे […]

*प्रकृति वर्णन* सुबह उठें हम सूरज की मखमली रोशनी को पायें, चिड़ियों का संगीत सुने और फूल कोई कविता गायें ।। भंवरों का संगीत मनोहर हरियाली स्वर्ग सी है, नदियों का मुड़ मुड़कर चलना जैसे […]

रूह भी कांपती है ठंडक मे कभी- कभी, याद आती है हर मजबूरियाँ सभी तभी।  इन्सान को ज़िन्दगी की कीमत समझनी चाहिये,  जो हो सके मुनासिब वह रहम करना चाहिये।  जीवन है बहुत कठिन कैसे […]

सर्दियों की धूप सी लग रही है यह घड़ी यह जो नया एहसास है अजनबी है अजनबी सुना है मन वीरान है मेरा जहां आज क्यूं यादों में है डूबा दिल ना आ रहा है […]

व्याकुल धरती बुला रही है फिर से झाँसी की रानी को। बहुत हुआ अब नहीं सहेंगे शैतानों की मनमानी को।। गली गली में गुंडे बैठे हर नुक्कड़ अपराधी है। जाति धर्म की राजनीति में बँट […]

बरसों बीत गए, तुमसे बिछड़े हुए, पता नहीं कहां, तुम चले गए, एक आंधी सी आई, और तुम चले गए, रह गई बाकी, बस तेरी यादें, तेरी बेपरवाह हंसी के फव्वारे, तेरी चंचल आंखों की […]

देखो उभर कर ज़माने का कैसा चित्र आया है। कल्पना से परे भयावह कैसा विचित्र आया है। गले लगा कर पीठ में खंजर उतार दिया उसने, मैं तो समझा मुझसे मिलने मेरा मित्र आया है। […]

एक हाथ में ध्वजा तिरंगा, काँधे पर बन्दूक हैं। भारत माँ का वीर सिपाही, लक्ष्य बड़ा अचूक है।। कदम चाल में चलते हमसब, भारत माँ की रक्षा में। रहे सुरक्षित शरहद अपनी, वैरी न आए […]

गर दिल में हो जुनून, मंजिल पा ही लेंगे हम, हो रास्ता कठिन, पर हो हौसला बुलंद, मंजिल पा ही लेंगे हम, हो तूफानों की डगर, पर हो साथ हमसफर, मंजिल पा ही लेंगे हम […]

रूह काँप जाती थी सोचकर, बगैर तेरे रहना । आज ये आलम है, पड़ रहा गमे-जुदाई सहना । इसे वक्त की मार कहूँ, या मज़बूरी का नाम दूँ, गलत ना होगा, इसे जिंदगी की जरूरत […]

तुझे पाकर भी मैं पा न सका। तेरे दिल में जगह बना न सका। सोचता हमारे बीच कोई ना होगा, जहां से अपना प्यार बचा न सका। जाने से पहले थोड़ा जहर ला देना, जिंदगी […]

उस दिन , जब तुम कार से उतरी थीं | स्वर्ग से आयीं अप्सरा, सी लग रहीं थीं | काव्या दी, दीया तुम्हारा हाथ पकड़ तुमसे मिल रही थीं | मैं भी था सहमा-सहमा सा, […]

ना कोई मुकदमा, ना कोई सुनवाई। ना कोई चीख पुकार, ना कोई दुहाई। तुरंत फैसला और मौके पर ही न्याय, दुष्कर्म के ख्याल से ही रूह काँप जाए। देवेश साखरे ‘देव’

तुम्हारे होंठों की सरगम बिन मेरे गीत अधूरे हैं। मेरी नजरों से रहते दूर तुम मेरे प्रीत अधूरे हैं। तुम्हें खोकर सारी दुनिया जीतूँ मेरे जीत अधूरे हैं। ‘विनयचंद ‘ वफा के बिन मनमीत अधूरे […]

मोहब्बत को भूला देना, इतना आसान नहीं। फैसला सुना दिया, मैं कोई बेजुबान नहीं। मेरे सीने में भी दिल है, दर्द है, तड़प है, पत्थर तो नहीं, कैसे समझ लिया इंसान नहीं। अश्क सूख चुके, […]

संवर कर आऊँगा जब तुम्हारी महफिल मे, निगाहें तुम्हारी सिर्फ मुझ पर ठहर जायेगी। देखेंगे जब सब तुम्हारे होठो पर हल्की-सी हँसी, महफ़िल मे हमारी मोहब्बत ही चर्चा बन जायेगी।।

सलाम है तेलंगाना पुलिस को, जिन्होंने न्याय त्वरित दे ही दिया, है सीख लेने की बाकी प्रदेशों की पुलिस को, जैसे उन्होंने एनकाउंटर किया, बनेगा डर उन भेडियो को, सोचेगे सौ बार वो गुनाह करने […]

आज शर्मसार हो रही यह पावन धरती, नीलाम हो रही मां बहनों की इज्जत, भटकते इन भूखे भेड़ियों से, है निवेदन सभी माताओं से, संस्कार दे बच्चों को ऐसी, जो दूषित न करे समाज को, […]

तुम्हें भुला पाना, मेरे बस की बात नहीं, तुम्हें जिंदगी में ला पाना, मेरे बस की बात नहीं। तुम्हें बस देख कर ही जी लेंगे, तुम्हें बगैर देखे रह पाना, मेरे बस की बात नहीं। […]

हे लक्ष्मी तुम कितनी चंचला हो? खुद भी नहीं ठहरती एक जगह पर और औरों को भी भटकाती। घर से दफ्तर जाकर भी भटके भर दिन गाँव नगरऔर इधरोधर फिर भी बाक बाण छेदे छाती। […]

थकती हैं संवेदनाएँ जब तुम्हारा सहारा लेता हूँ, निराशा भरे पथ पर भी तुमसे ढाढ़स ले लेता हूँ, अवसाद का जब कभी उफनता है सागर मन में मैं आगे बढ़कर तत्पर तेरा आलिंगन करता हूँ, […]

मां बाबा अनमोल है दोस्तों, गलती से भी इन्हें तुम न ठुकराना, किस्मत वाले को मिलता है इन दोनों का प्यार दोस्तों, इनकी इज्जत तुम करना, हीरे मोती फिर से तुम पा लोगे दोस्तों, मां […]

इस कदर छाया है तेरे प्यार का नशा। बस तेरी यादें ही दिलो-दिमाग पर बसा। तुमसे दूर अब रहा भी न जाए। ये जुदाई अब सहा भी न जाए। कब उखड़ जाए ये चंद सांसें, […]

बादलो की गरज हो या मौसम तूफानी है देश की रक्षा में जाने कितने देते कुर्बानी है दुश्मनों से कह दो आंख न उठे गलती से समुंद्री लहरों पे खड़ा हर शेर हिंदुस्तानी है!

हम प्रेम लुटाये कोई जान न पाए पेट भर के हमारा भूखा सोती है आखिर माँ तो माँ होती है-2 कोई आंच न आये,हम युही मुस्कुराये दुख में दिखे हमे तो छुप के रोती है […]

जिस्म के बाजारों में इंसानियत बिका करती है मौजकी के आड़ में हैवानियत की मेहफ़िले सजा करती है दाम यहाँ शरीर का नहीं स्वाभिमान का लगाया जाता है इसी बाजार में न जाने कितने रिश्तो […]

मैं अपराधी की माँ बनकर जिन्दा रहूंगी आखिर कबतक? किस मनहूस घड़ी में जन्म दिया जो झेल रही हूँ तुमको अबतक।। किया कलंकित दूध को मेरे नजर गड़ा अबलाओं पर । खून किया तू मेरे […]

सब है यहां, एक तू ही नहीं, जाने क्या खता हुई मुझसे, और तुम चल दिए दूर मुझसे, याद तेरी दिल से जाती नहीं, तुझ बिन कहीं जी लगता नहीं, चाहता है दिल तुम होते […]

आरज़ू नही रखता कि पूरी कायनात मे मशहूर हो शक्सियत मेरी। जनाब! आप जितना जानते हो बस उतनी ही है पहचान है मेरी।।

बगैर प्यार के कुछ भी नहीं संसार में। वो कहते हैं क्या रखा है, इस प्यार में। हंसीन लगती यह दुनिया, प्यार होते ही, जहां की खुशियां सिमटी, इस प्यार में। कैसे दिलाएं तुम्हें एतबार, […]