आज कल ओझल हो गयी है हिंदी एसे महिलाओं के माथे से बिंदी जैसे कभी जो थोड़ा बहुत कह सुन लेते थे लोग अब उनकी शान में दाग हो हिंदी जैसे लगा है चसका जब […]
आज कल ओझल हो गयी है हिंदी एसे महिलाओं के माथे से बिंदी जैसे कभी जो थोड़ा बहुत कह सुन लेते थे लोग अब उनकी शान में दाग हो हिंदी जैसे लगा है चसका जब […]
मै हूँ देश का युवा आतंकवाद को जवाब दे के रहूँगा मेरे देश के लिए दिलमे नफरत रखने वालो के सीने मे गोलियाँ उतार दूंगा ऐ पाकिस्तान तू मेरा नाम जान ले अपना परिचय तो […]
खबरें खुलकर बेशुमार हर रोज़ इश्तेहार में डालते हैं, दिलओ दिमाग के किस्से बेगुनाह बाज़ार में डालते हैं, मार पीट गैंग रेप मडर मदर-फादर को भी लपेट कर, आये दिन छत की मुँडेर पर कभी […]
हाँ ये सच है, कई बार हुआ है प्यार मुझे हर बार उसी शिद्दत से हर बार टूटा और सम्भ्ला उतनी ही दिक्कत से हर बार नया पन लिये आया सावन हर बार उमंगें नयी, […]
हमारी रूह पर क़ब्ज़ा जमाने आ गई फिर से। ये लड़की प्यार में पागल बनाने आ गई फिर से।। , हमारे कब्र का रसता किसी से पूँछकर शायद। वो पागल नींद से हमको जगाने आ […]
क्या सोचके निकले थे, और कहाँ निकल गये हैं ७२ साल में आज़ादी के, मायने ही बदल गये हैं आज मारपीट, दहशत और बलात्कार आज़ादी है पथराव, लूटपाट, आगजनी, भ्रष्टाचार आज़ादी है आरक्षण और अनुदान […]
कल कालेज के एक पुराने मित्र से मुलाकात हो गयी देख कर भी नहीं पहचाना, कुछ अजीब बात हो गयी मैं बोला, क्यों भाई, पुराने यारों से याराना तोड़ लिया कालेज के मोटू से आज, […]
कौन हूँ मैं, और क्या वजूद है मेरा। जहाँ में क्या पहचान मौजूद है मेरा। शायद ऊँचा कोई मुकाम पा न सका, और कोई नहीं, ये कसुर खुद है मेरा। गर कोई पूछे, क्या हासिल […]
पहले खयाल ए ख्वाब भी आस-पास न थे, आज तुमसे मिलके ज़िन्दगी ख्वाब हो गई है॥ चन्द जवाब थे मगर सवाल आस-पास न थे, आज तुमसे मिलके ज़िन्दगी सवाल हो गई है।। राही अंजाना
तुम छुपे हो कहां तुझे ढूंढूं मैं यहा….. बिना तेरे जीवन मेरा अधूरा यहां, तेरी यादों का दीपक मैं जलाऊं यहां , आ जाओ तो फिर एक बार तुम यहां , तुम छुपे हो कहां […]
मैं तेरे प्रेम में कृष्णा,अपना नाम कर दूंगी, जो तू न आया तो तेरी याद में सुबह शाम कर लूगी, मैं राधा नही मीरा नहीं मैं भी एक योगन हूं, तेरी मुरली की धुन सुनने […]
बढ़ती उम्र का मतलब ये नहीं कि इंसान जीना छोड़ दे सारे काम बन्द कर मौत का इंतज़ार करना शुरू कर दे सेवानिवृति एक पड़ाव है जहां थोड़ा कुछ बदल जाता है थोड़ा पीछे छूट […]
कोई बारिश से कहदे, उसको हद में रहना होगा गर बरसना है तो हमारी शर्तों पर बरसना होगा बेलगाम, बेखौफ, बेवक्त कहीं भी यूं बरस पड़ना और झमाझम बरस के सड़कों पर हंगामा करना ये […]
सुन सदा मेरी, वो चल निकले। मेरे अपने ही संगदिल निकले। जिन पे भरोसा किया था हमने, वो भी साजिशों में शामिल निकले। ना रही कोई उम्मीद उनसे अब, मेरे जज़्बातों के, वो कातिल निकले। […]
Ishak andaj e najrana Kisi ki Khushi ke liye us ki Khushi me shrik hona . Kisi ki Khushi ke liye uski khusi banna . Kisi ko khush krne ke liye use Khushi Dena . […]
सारे पिंजरे तोड़ चुका वो . मन की मर्जी से जीता है. कवि तो उड़ता पंछी है जो उमंगो के आसमान मे उड़ता है कवि तो बहुत ही प्यासा है बस भावनाओ मे बहती नदी […]
हक जताना है तो जीते जी जता लो मुझ पर, मर गया तो उसी पल से मेरे हकदार बहुत होंगे।। राही अंजाना
जो सब लोग की कहन है कहन कर रहा हूँ मैं, किसी को क्या पता कितने जतन कर रहा हूँ मैं, बड़ा छोटा सबका तो सम्मान रखा करता हूँ मैं, आते जाते हर किसी को […]
मेरी छाँव मे जो भी पथिक आया थोडी देर ठहरा और सुस्ताया मेरा मन पुलकित हुआ हर्षाया मैं उसकी आवभगत में झूम झूम लहराया मिला जो चैन उसको दो पल मेरी पनाहो में उसे देख […]
दस्तकश कहां जाओगे। क्या मुझे भूल पाओगे। मैं तो तुम्हारी आदत हूं, क्या आदत बदल पाओगे। ख्वाब में मैं, जेहन में मैं, हर-शू मुझे हर पल पाओगे। इतना आसां नहीं भूल पाना, बगैर मेरे संभल […]
जिंदगी जीने का नाम है इसमें क्या अगला क्या पिछला है. कवि को तो वाह… वही चाहिए क्योंकि हर शब्द उसके दिल से निकला है.
बचाके बहुत रखा अपने मासूम दिल को दिन रात तुम्हारी जासूस निगाहो पर पहरा दिया. चुराया दिल मेरा तुमने ही और गुनेहगार भी हम ही को ठेहरा दिया.
बचके बहुत रखा इस मासूम दिल को दिन रात तुहारी जासूस निगाहो पर पहरा दिया चुराया भी दिल तुमने ही और गुनेहगार भी मुझे ठहरा दिया
हम उनसे प्यार और वो बेक़रार करते रहे कहना था कुछ और, और ही कुछ कहते रहे वो दौर-ए-जवानी मुझे सारा मेहखना दे रही थी लेकिन हम तो बस अपनी आँखों से ही पीते रहे […]
सालो से भीख मांगती भिखारन सोचती मेरे नसीब मे ये ही सही. पेट की ना सही पर दिल की आवाज़ सुनी तो सही. भिखारन कहकर सालो तक दुत्कारा आज कलाकार कहकर पुकार तो d सही.
नीले रंग से यह कैसा खुमार नील कंठ तुझसे यह कैसा प्यार आदी योगी शिव शम्भू भांग धतूरा से सज्जित तुझपे यह जान समर्पित नंदी बैल और भूत साथ तुम्हारे दुर करती पीर हमारे जय […]
एक ज़माने से तेरी तस्वीर लिये बैठे हैं_ तुमने फासलों पर शूल चढ़ा रखे हैं जब भी नज़दीक आते हो दिल में हमारे चुभते बहुत हैं_ -PRAGYA-
वो तरस रहा था माँ की ममता बाबा के दुलार को_ मगर तकदीर में अनाथ होना था सड़क उसकी बिछौना था_ पल-पल हर शख्स में उसने ढूँढा था वही एक तो उसका सपना था_ कई […]
वो तरस रहा था माँ की ममता बाबा के दुलार को_ मगर तकदीर में अनाथ होना था सड़क उसकी बिछौना था_ पल-पल हर शख्स में उसने ढूँढा था वही एक तो उसका सपना था_ कई […]
हर पहर गुज़र जाता हैं छूकर मुझे एक अन्जाना सा_ हम ज़िन्दगी थामकर तेरे ही ख्वाबों को तराशते रहते हैं_ तु अन्जान सही मुझसे ज़िंदा हैं पर साँसे मेरी ही तुझसे_ तुझे भूला सकुं पास […]
वो दिन अब दूर नहीं जब, होगा चांद हमारी मुट्ठी में, तो क्या हुआ जब रह गया फासला थोड़ी दूरी का, हौसला तो अभी बाकी है, मंजिल भी पा लेंगे हम, कल का सपना देख […]
नारी होना अच्छा है पर उतना आसान नहीं मेरी ना मानो तो इतिहास गवाह है किस किस ने दिया यहाँ बलिदान नहीं जब लाज बचाने को द्रौपदी की खुद मुरलीधर को आना पड़ा सभा में […]
तुम्हें देख फीका लगने लगा माहताब। चुरा लिया तुमने, मेरी नींदें मेरे ख्वाब। शाने पे रख के सर, जुल्फों से खेलना, तुम्हें गले लगाकर जाना, क्या है शबाब। तुम्हारा समझाना, हद से न गुजर जाना, […]
तुझसे सवाल बहुत लोग करते है पर किस की फ़रियाद कबूल होती है उसका पता नहीं जब टूट के बिखर रहा था तब तू कहा था
प्रकृति का कत्ल करकर, जो जीने की आस रखते है। कुदरत को मारकर, जो धार्मिक लिबास रखते है। दिल में नफरत बढ़कर, मुँह पे मिठास रखते है। खून से हाथ रंगकर भी, ये भगवन में […]
चाँद पर लगाया है झूला देख न जल जाये कोई, मुझे देखा देख कहीं घर से न निकल जाये कोई, ये बादलों की चादर ये आसमानी घना अन्धेरा, डर भी लगता है मुझको के निगल […]
हम सबके हिस्से में अपने हक़ की ज़मीन क्यों नहीं, अब जो कुछ है यही है इसबात पर यकीन क्यों नहीं, रिश्ते उलझे हैं इस कदर के सुलझने को तैयार नहीं, आपसी सम्बन्ध सारे आज […]
आवाज़ बहुत देर तलक थी लगाई पर क़ोई बोला नहीं, कानों में किसी के भी मैंने शब्द मीठा कोई घोला नहीं, एक परिंदा भी था पास बैठा उड़कर आया था कहीं से, न जाने क्या […]
कुछ नहीं है मेरे पास, अपना तुम्हें देने के लिए । मन, तो तुम्हारे पास ही है, बेचैन तुमसे मिलने के लिए । दिल, तुम्हारे सीने में धड़कता है, साँस लेता हूँ बस जीने के […]
तबाही का मंज़र इस कदर देखा हैं_ रूह गुम रही जिस्म बेजान देखा हैं_ कोई तफ्तीश करों मोहब्बत की यारों की वो दिवानों को बिमार करती हैं या शिकार_ -PRAGYA-
जिंदगी की तेज रफ्तार गाड़ी , बिना रुके चलती चली जाती है। दुख सुख के स्टेशनों पर , नहीं एक क्षण भी गवाती हैं। जब देख खुशी थमना चाहा , दुख देख वहां से भागना […]
क़ातिब बन इस दिल ने तुझे लिखा हैं मुकद्दर में_ क्यूँ एक उम्र बित जाने के बाद_? -PRAGYA-
वो ज़िन्दगी का सबसे हसीन मोड़ था जब तुझसे रूबरू हुए_ धड़कने काबू में नहीं थी नज़रें तुमसे मिलने को बेक़रार थी इख़्लास बेइंतहा इस दिल को तुमसे कुछ इस मानिंद हुए_ एक – एक […]
निस्वार्थ प्रेम की सूरत हो , भगवान की कोई मूरत हो , बरसे आंखों में जिसके दुआ ,आशीर्वादो से भरा कुंआ। सूखी धरती में वर्षा हो , तुम तेज धूप में छाया हो । तूफानों […]
बेकल ,बेचैन, गुमनाम सा कोई है , जो मुझ में तुझ में और हम सभी में हैं। चाहता है जो मिल जाए एक पहचान , जाने मुझे सभी लोग सिर्फ नाम से मेरे। प्यासी फिरी […]
मेरा बेटा ———– गोलू मोलू गप्पा सा, गुस्सा जैसे हलवा सा, अकड़ -मकड़ दिखलाता है , हंसाओ तो सब भूल जाता है। लड़ने को हरदम तैयार , बहन को करता बहुत प्यार लेकिन अकड़ दिखाता […]
तूफानों से लड़ना होगा , कांटों पर भी चलना होगा फूलों सा महकना होगा, सूरज का चमकना होगा, दुनिया को बदलना होगा , जग से आगे चलना होगा । १.भ्रष्टाचार घोटालों ने हम सबको पीछे […]
तूफानों से लड़ना होगा , कांटों पर भी चलना होगा फूलों सा महकना होगा, सूरज का चमकना होगा, दुनिया को बदलना होगा , जब से आगे चलना होगा । १.भ्रष्टाचार घोटालों ने हम सबको पीछे […]
तूफानों से लड़ना होगा , कांटों पर भी चलना होगा फूलों सा महकना होगा, सूरज का चमकना होगा, दुनिया को बदलना होगा , जब से आगे चलना होगा । १.भ्रष्टाचार घोटालों ने हम सबको पीछे […]
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