दस्तकश कहां जाओगे। क्या मुझे भूल पाओगे। मैं तो तुम्हारी आदत हूं, क्या आदत बदल पाओगे। ख्वाब में मैं, जेहन में मैं, हर-शू मुझे हर पल पाओगे। इतना आसां नहीं भूल पाना, बगैर मेरे संभल […]
दस्तकश कहां जाओगे। क्या मुझे भूल पाओगे। मैं तो तुम्हारी आदत हूं, क्या आदत बदल पाओगे। ख्वाब में मैं, जेहन में मैं, हर-शू मुझे हर पल पाओगे। इतना आसां नहीं भूल पाना, बगैर मेरे संभल […]
जिंदगी जीने का नाम है इसमें क्या अगला क्या पिछला है. कवि को तो वाह… वही चाहिए क्योंकि हर शब्द उसके दिल से निकला है.
बचाके बहुत रखा अपने मासूम दिल को दिन रात तुम्हारी जासूस निगाहो पर पहरा दिया. चुराया दिल मेरा तुमने ही और गुनेहगार भी हम ही को ठेहरा दिया.
बचके बहुत रखा इस मासूम दिल को दिन रात तुहारी जासूस निगाहो पर पहरा दिया चुराया भी दिल तुमने ही और गुनेहगार भी मुझे ठहरा दिया
हम उनसे प्यार और वो बेक़रार करते रहे कहना था कुछ और, और ही कुछ कहते रहे वो दौर-ए-जवानी मुझे सारा मेहखना दे रही थी लेकिन हम तो बस अपनी आँखों से ही पीते रहे […]
सालो से भीख मांगती भिखारन सोचती मेरे नसीब मे ये ही सही. पेट की ना सही पर दिल की आवाज़ सुनी तो सही. भिखारन कहकर सालो तक दुत्कारा आज कलाकार कहकर पुकार तो d सही.
नीले रंग से यह कैसा खुमार नील कंठ तुझसे यह कैसा प्यार आदी योगी शिव शम्भू भांग धतूरा से सज्जित तुझपे यह जान समर्पित नंदी बैल और भूत साथ तुम्हारे दुर करती पीर हमारे जय […]
एक ज़माने से तेरी तस्वीर लिये बैठे हैं_ तुमने फासलों पर शूल चढ़ा रखे हैं जब भी नज़दीक आते हो दिल में हमारे चुभते बहुत हैं_ -PRAGYA-
वो तरस रहा था माँ की ममता बाबा के दुलार को_ मगर तकदीर में अनाथ होना था सड़क उसकी बिछौना था_ पल-पल हर शख्स में उसने ढूँढा था वही एक तो उसका सपना था_ कई […]
वो तरस रहा था माँ की ममता बाबा के दुलार को_ मगर तकदीर में अनाथ होना था सड़क उसकी बिछौना था_ पल-पल हर शख्स में उसने ढूँढा था वही एक तो उसका सपना था_ कई […]
हर पहर गुज़र जाता हैं छूकर मुझे एक अन्जाना सा_ हम ज़िन्दगी थामकर तेरे ही ख्वाबों को तराशते रहते हैं_ तु अन्जान सही मुझसे ज़िंदा हैं पर साँसे मेरी ही तुझसे_ तुझे भूला सकुं पास […]
वो दिन अब दूर नहीं जब, होगा चांद हमारी मुट्ठी में, तो क्या हुआ जब रह गया फासला थोड़ी दूरी का, हौसला तो अभी बाकी है, मंजिल भी पा लेंगे हम, कल का सपना देख […]
नारी होना अच्छा है पर उतना आसान नहीं मेरी ना मानो तो इतिहास गवाह है किस किस ने दिया यहाँ बलिदान नहीं जब लाज बचाने को द्रौपदी की खुद मुरलीधर को आना पड़ा सभा में […]
तुम्हें देख फीका लगने लगा माहताब। चुरा लिया तुमने, मेरी नींदें मेरे ख्वाब। शाने पे रख के सर, जुल्फों से खेलना, तुम्हें गले लगाकर जाना, क्या है शबाब। तुम्हारा समझाना, हद से न गुजर जाना, […]
तुझसे सवाल बहुत लोग करते है पर किस की फ़रियाद कबूल होती है उसका पता नहीं जब टूट के बिखर रहा था तब तू कहा था
प्रकृति का कत्ल करकर, जो जीने की आस रखते है। कुदरत को मारकर, जो धार्मिक लिबास रखते है। दिल में नफरत बढ़कर, मुँह पे मिठास रखते है। खून से हाथ रंगकर भी, ये भगवन में […]
चाँद पर लगाया है झूला देख न जल जाये कोई, मुझे देखा देख कहीं घर से न निकल जाये कोई, ये बादलों की चादर ये आसमानी घना अन्धेरा, डर भी लगता है मुझको के निगल […]
हम सबके हिस्से में अपने हक़ की ज़मीन क्यों नहीं, अब जो कुछ है यही है इसबात पर यकीन क्यों नहीं, रिश्ते उलझे हैं इस कदर के सुलझने को तैयार नहीं, आपसी सम्बन्ध सारे आज […]
आवाज़ बहुत देर तलक थी लगाई पर क़ोई बोला नहीं, कानों में किसी के भी मैंने शब्द मीठा कोई घोला नहीं, एक परिंदा भी था पास बैठा उड़कर आया था कहीं से, न जाने क्या […]
कुछ नहीं है मेरे पास, अपना तुम्हें देने के लिए । मन, तो तुम्हारे पास ही है, बेचैन तुमसे मिलने के लिए । दिल, तुम्हारे सीने में धड़कता है, साँस लेता हूँ बस जीने के […]
तबाही का मंज़र इस कदर देखा हैं_ रूह गुम रही जिस्म बेजान देखा हैं_ कोई तफ्तीश करों मोहब्बत की यारों की वो दिवानों को बिमार करती हैं या शिकार_ -PRAGYA-
जिंदगी की तेज रफ्तार गाड़ी , बिना रुके चलती चली जाती है। दुख सुख के स्टेशनों पर , नहीं एक क्षण भी गवाती हैं। जब देख खुशी थमना चाहा , दुख देख वहां से भागना […]
क़ातिब बन इस दिल ने तुझे लिखा हैं मुकद्दर में_ क्यूँ एक उम्र बित जाने के बाद_? -PRAGYA-
वो ज़िन्दगी का सबसे हसीन मोड़ था जब तुझसे रूबरू हुए_ धड़कने काबू में नहीं थी नज़रें तुमसे मिलने को बेक़रार थी इख़्लास बेइंतहा इस दिल को तुमसे कुछ इस मानिंद हुए_ एक – एक […]
निस्वार्थ प्रेम की सूरत हो , भगवान की कोई मूरत हो , बरसे आंखों में जिसके दुआ ,आशीर्वादो से भरा कुंआ। सूखी धरती में वर्षा हो , तुम तेज धूप में छाया हो । तूफानों […]
बेकल ,बेचैन, गुमनाम सा कोई है , जो मुझ में तुझ में और हम सभी में हैं। चाहता है जो मिल जाए एक पहचान , जाने मुझे सभी लोग सिर्फ नाम से मेरे। प्यासी फिरी […]
मेरा बेटा ———– गोलू मोलू गप्पा सा, गुस्सा जैसे हलवा सा, अकड़ -मकड़ दिखलाता है , हंसाओ तो सब भूल जाता है। लड़ने को हरदम तैयार , बहन को करता बहुत प्यार लेकिन अकड़ दिखाता […]
तूफानों से लड़ना होगा , कांटों पर भी चलना होगा फूलों सा महकना होगा, सूरज का चमकना होगा, दुनिया को बदलना होगा , जग से आगे चलना होगा । १.भ्रष्टाचार घोटालों ने हम सबको पीछे […]
तूफानों से लड़ना होगा , कांटों पर भी चलना होगा फूलों सा महकना होगा, सूरज का चमकना होगा, दुनिया को बदलना होगा , जब से आगे चलना होगा । १.भ्रष्टाचार घोटालों ने हम सबको पीछे […]
तूफानों से लड़ना होगा , कांटों पर भी चलना होगा फूलों सा महकना होगा, सूरज का चमकना होगा, दुनिया को बदलना होगा , जब से आगे चलना होगा । १.भ्रष्टाचार घोटालों ने हम सबको पीछे […]
तेरा मेरा रिस्ता हैं क्या अपनो सा किस्सा है क्या क्यों इतना अपना सा लगता है तू अनजान शहर में इतना अपना सा लगता है तू
अनजाने से संसार में खुशीयों को लो बटोर अपने पराये में ब्यर्थ ना करो रिस्ते का डोर समय बहुत मुल्यवान है करते रहो तुम प्रेम सहज ही उत्पत्ति होगी भाई बंधू का प्रेम महेश गुप्ता […]
लौटा दो फिर से वही मंजर, बाबा मेरे थे वो कितने प्यारे, उंगली पकड़कर चलना मुझे सिखाया था कभी आपने, कंधों पर भी मुझे झूला झुलाया था कभी आपने, तूतली बोली थी मेरी तब ठीक […]
लौटा दो फिर से वही मंजर बाबा मेरे थे वो कितने प्यारे उंगली पकड़कर चलना मुझे सिखाया था कभी आपने कंधों पर भी मुझे झूला झुलाया था कभी आपने तूतली बोली थी मेरी तब ठीक […]
ऊड़ न सकूँ, पंख कतरा मैं परिंदा हूँ। पर मरा नहीं अभी तक, मैं जिंदा हूँ। आजादी तुझे ही नहीं हमें भी है पसंद, तू ना सही, तेरे कृत्य पर मैं शर्मिन्दा हूँ।
कल्पनाओं में बहुत जी चूका मैं अब इस पल में जीना चाहता हूँ मैं हो असर जहाँ न कुछ पाने का न खोने का उस दौर में जीना चाहता हूँ मैं वो ख्वाब जो कभी […]
पत्थर पत्थर कण कण ढूंढे आस पास चाहे ढूंढ मुझे तू मस्जिद चाहे काबे कैलाश जो खुद को टटोल लिया समझ ख़तम तेरी तलाश
ये पहाड़ ये वादियाँ ये टेरे मेरे रास्ते किसऔर जाना है किस के वास्ते बस चलते रहना है खुद की तलाश में ज़िन्दगी किस और जा रही उसका पता नहीं राहगीर है तोह चलते रहना […]
स्याह रात की चादर ओढ़ कर। खुद्दारी की सभी हदें तोड़ कर। निकला हूं गुमनामी में पहचान ढूंढने, शोहरत की सभी ख्वाहिशें छोड़कर। घरौंदा ख्वाब का कहीं बिखर न जाए, बुना था जो तिनका तिनका […]
रौशनी बहुत है मेरे यार तारे नहीं दिखेंगे, गरीबों के माथे पे लिखे नारे नहीं दिखेंगे, बचा लो इस घर को अभी ज़िंदा हो तुम, मरने के बाद तो दर ओ दीवारे नहीं दिखेंगे, काट […]
कूड़े की किसी ढेर में खोया हुआ बचपन । भुट्टो को बेचने के लिए दौड़ता बचपन कोयले की खदानों में डूबता हुआ बचपन आटे की चक्की ओं में पिसता हुआ बचपन । बर्तन कहीं पर […]
घर घर की रौनक लाडो रानी , जिद करके सुनती जो रोज कहानी। चिपकती है मुझसे जैसे फेविकोल , आंखें घुमा ती है वहगोल -गोल । डांट लगाते पापा हंस जाते, चाहते तब भी डांट […]
भोली जनता को बहुत ठगा , सब ठग विद्या बिसरा देंगे। झूठे वादे भी किए बहुत, सच का आइना दिखा देंगे। जनता ही मिलकर न्याय करे, काले कारनामों की सुनवाई करें। अपनी करनी जाने वह […]
सच बोलने पर, आज पाबंदी लग चुकी है। मर चुके ज़मीर, यहाँ खुलेआम बिक रहे हैं। डर के कारण, कोई आवाज़ नहीं उठाता यूँ तारीफों वाले बोल तो, बहुत लोग बोल रहे है। आज जो […]
नजरो से तुम क्या बयां करते हो करीब आ कर कहो जो कहना है हँसी नजारे न सही, अंधेरा ही सही तेरे साये में बस हमे रहना है
तू नहीं तेरी यादें ही सही। बातें कुछ कही, कुछ अनकही। जमाने के साथ तू बदल गई यकिनन, तेरा दीवाना हूँ मैं आज भी वही।
ऐ मेरी किस्मत तू मुझे किस ओर ले जाएगी। सुलझेगी जिंदगी या और उलझती जाएगी। अभी इम्तहान और बाकी है शायद जिंदगी, पता नहीं और कौन कौन से दौर दिखाएगी।
खुशियों की सौगात होती है औलाद, जीवन का संगीत होती है औलाद, माता-पिता की गर अच्छी हो औलाद, बुढ़ापे की लाठी होती है औलाद, फल की मिठास होती है औलाद, फूलो की सुन्दरता होती है […]
हर मौसम सुहाना लगता है हर ख्याल लुभाने लगता है तुम्हारी ही आहट है ये ख़ुशी से दिल धड़कने लगता है आज तो तुम साथ हो मेरे तुम बिन जीने से डर लगता है
प्यार उनसे बहुत है आज भी कही उनकी यादे पीछा छोड़ ना दे दर्द मे उनके जीना अच्छा है कोई उन टुकड़ो को जोड़ ना दे
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