भगवान ने टांगे दी है आगे बढ़ने के लिए दुसरो के मामले मे अड़ाने के लिए नहीं दया सब पर दिखाओ पर बाद मे पछताने के लिए नहीं बड़ा दुश्मन तो बड़ा ही है पर […]
भगवान ने टांगे दी है आगे बढ़ने के लिए दुसरो के मामले मे अड़ाने के लिए नहीं दया सब पर दिखाओ पर बाद मे पछताने के लिए नहीं बड़ा दुश्मन तो बड़ा ही है पर […]
दीखते खादे पिन्दे मनादे हर जगह जश्न यही उनका वट है यही उनका टशन
चन्द्रयान गिरते सम्भलते उठते रहेंगे चांद की गली में पहुंच कर रहेंगे सम्पर्क टूटने से रिस्ते खत्म नहीं होते कामयाबी की सीढ़ी चढ़ कर रहेंगे हौसले में अभी जान है बाकी दिपक बुझने से रोशनी […]
सालो पहले मेने लगाया एक पौधा निश्चिंत होकर सालो से रहा मै सोता फिरसे देखने उसे साथ चल दिया मेरा पोता मिला नहीं वो मुझे कही ना ढूंढ़ पाया मेरा पोता प्रदूषण जो ना इतना […]
गुलो की क्या बात कहु तुमसे ज्यादा खुशबू उनमे नहीं सुनता बस तुम्हारी फिर भी कहती सुनते नहीं छोटे छोटे झगड़े हमारे खतम कभी होते नहीं प्यार जन्मो से है खोखले रिश्तो से नहीं प्यार […]
रूठो ना मुझसे तुम किस चीज की शिकायत है रूठने से पहले जान लो की बस इस दिल पर तुम्हारी ही रिवायत है प्यार की मंजिल tu तुझसे मेरी इनायत है रूठी हो मुझसे तुम […]
उनकी आँखों मे सच मुझे दिखता है मन के अंदर झाँकने मे पल नहीं मुझे लगता है सच्चा प्यार उनको भी है ऐसा मुझे लगता है जन्मो का साथ है ये रिश्ता सुहाना लगता है
मासूम छोटे से नन्हे हाथो में घडा आ गया, ये बचपन समझदारी में बदल गया । हाथो में खिलौनो के जगह, कन्धो पर जिम्मेदारी आ गया । छोटे से नन्हे हाथो में घडा आ गया, […]
घर से बाहर काम करने वालों का, होता है रविवार, घर में काम करने वाली माँ का, नहीं होता कोई रविवार, लगे रहती है वो सुबह से लेकर शाम तक, हर रोज की तरह, क्या […]
बीवी ने कहा आज मंगलवार है मन्दिर मुझे जाना है कुछ पेसो के फूल होंगे कुछ का गुलदाना है मेने कहा आज की तू टाल मार फिर से आएगा मंगलवार उसे क्या पता मै हूँ […]
दूसरों की तरक्की की देख, न जल ओ खुदा के बन्दे। तू भी कम नहीं है किसी से, इस बात को हमेशा याद रख।।
घर घर आवाज लगता भिखारी जय शनि देव.. जय शनि देव मै तो पैसे का हूँ पुजारी नाम मेरा राम हजारी आज शनिवार नहीं मंगल है चल यहाँ से भाग भिखारी.
मोहब्बत का ऐलान, हम आज करते हैं। तुझपे जां कुर्बान, मोहब्बत पे नाज़ करते हैं। उन्हें इल्म है, हमारी मोहब्बत की हद का, जज़्बात से खेलकर, हमें नाराज करते हैं। ऐसे आज तक हमने चारागर […]
पैसा बचाने के लिए सब कुछ दिया टाल पर खर्चा करने के लिए सब रहते है तैयार कितना बचाऊ हाय पैसा पड़ गया आज ही इतवार
ज़िन्दगी भी कैसे साँसे तलाश करती है, मौत की आहोश में बाहें तलाश करती है, यूँहीं बंध कर रहने वाली धकड़न मेरी, अक्सर आहें तलाश करती है, जिस्म से मोहब्बत करने वाली रूह, आज भी […]
गैरों को फुर्सत कहां है, अपना ही अपने को मारता है। कुल्हाड़ी से मिलकर लकड़ी, लकड़ी को ही काटता है।
दोस्ती ईमान है, मजहब है, खुदा है, ना ऐसा कोई रिश्ता, सबसे जुदा है। दोस्ती दवा है, दुआ है, जिंदगी है, डूबते जिंदगी की कश्ती का नाखुदा है। दोस्ती प्यार है, तकरार है, ऐतबार है, […]
कोई तो कहानी है अधूरी जो लिखनी बाकी है, चन्द पन्नों की किताब आज भी बिकनी बाकी है।। राही अंजाना
मैं कतरा कतरा बिखर जाऊं मुझे गम नहीं मैं देश के लिए कुर्बान हो जाऊं मुझे गम नहीं मेरी ख्वाहिश है बस इतनी मेरा साथ देना दोस्तो मैं मर कर भी देश के लिए काम […]
एक एक खजाने को लुटा कर मां आज आबाद बैठी बेटे के राज में मां आज उदास बैठी है ये कैसा है बड़प्पन कैसा है प्यार झोली में अब ना रहा प्यार बेटा तो हो […]
लुटा मैं आज खजाना आबाद बैठी हूं तेरे रहमों करम से मैं बर्बाद बैठी हूं जरा सी इज्जत बची हो तो लगा लेना गले से नहीं तो मैं जिल्लत कि ज़िन्दगी अपना बैठी हूं महेश […]
इस काँटो भरी दुनिया में माँ आपका ही तो सहारा है इस तपती जलती धूप में माँ आपका ही आँचल ठंडा पाया है दौड़ भाग की इस जिंदगी में एक आपने ही तो संभाला है […]
रख हौसला, वो दिन भी आएगा जब तू अपने सपने सच कर जाएगा मत हताश हो नाकामयाबी से कामयाबी का रास्ता खुद चल कर आएगा बस तू देखते रह सपने और बुलंदियों को छूने के […]
गर देती है जन्म माँ तो जिंदगी संवारते हैं पापा जेब खाली हो फिर भी झोली भर देते हैं पापा। अपनी हर ख्वाइशों पर पर्दा डाल हमारी हर इच्छाओं को पूरा करते हैं गर रखते […]
नटखट नन्हेचुलबुल पांडे , भोली बातों से जो रिझाते ,अक ड दिखा के डर से भोले बन जाते। डांटने वाले आंखें दिखाते मन ही मन मंद मंद मुस्कुराते, और कभी हंसी रोकते रोकते फट पड़ती […]
यह दोस्ती अनमोल है बेजोड़ है यारों सुनो, तोहफा है भगवान का यारों सुनो, दोस्ती हसीन है महजबीं है यारों सुनो। बांधी हुई एक डोर है यारों सुनो। गमो को पीछे छोड़ दें है वो […]
तेरे नैनों में मेरे नैनों से कल कुछ कहा था , तुम्हें याद है !! कि भूल गए तुम ! वह गहरी बात जो शायद तुम जुबां से ना कह पाते , समुंद्र से गहरे […]
सोचा था क्या हम सब ने! ऐसा रोगी समाज । हर दूसरा चेहरा जैसे घिनौना आज , लगता कि जैसे हो गए मानसिक रोगी, दहशत की बोलती है अब हर जगह तूती। हर कोई आज […]
देश वासियों जागो, जागो जागो जागो, इतने बलिदानों से आजादी जो पाई, मूल्य उसका पहचानो, जागो,जागो,जागो। बीत गया जो काल कठिन था,। मुश्किल था रहना जीना। अपनी नहीं थी धरती हमारी, अपना नहीं था ये […]
शक्ति जो है विधाता , फिर खेल है रचाए । कल तक थी,नदियां सूखी , आज बाढ़ बन डराए। कुछ गाव ,कस्बे डूबे , कुछ जूझ रहे अभी भी। पसरा है उनकी आंखों में मौत […]
प्रेम —— एक उलझन एक तड़पन, एक मीठी सी आग है ये। दो दिलों के बीच सुलगती है, चाहत का आगाज है ये। हर शय में लगता है वो ही हैं, हर पल उनकी आवाज […]
अनहोनी ———– अनहोनी यह कैसी है , काली छाया जैसी है । हंसते हुए फूल से चेहरे , मुरझा गए एक ही पल में । काल की कराल गति से विमुख हुए प्रिय जनों से […]
एक व्यक्ति की व्यथा ————————– बिखरे टूटे सपने लेकर , सब कुछ खोकर बिखरा सा था। अनमना,अजनबी, बेजान सा था, अंदर से शायद मृत सा था, फिर से जीवन शायद सपना था। जो अपने थे […]
मायका कुछ अक्स उभरते यादों से , कुछ शब्द गूंजते कानों में , बचपन की चौखट को छूकर , कुछ नाम महकते इन हवाओं में। निम्मी, नीमु,निमिया की धुन अक्सर बजती इन कानों में । […]
बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ ——————————— नन्ही -नन्ही कोमल कोपल, जीवन जीने के मांगे पल । पर हाय! दुष्ट मनोविकारी मन, समझे कुलदीप हीउत्तम। निर्दयी दानव.. वह नर पिशाच, जो लील गया उस जीवन को। पर […]
रोशनी तो रुखसत हो गयी है अरसे पहले अंधेरा है जो अब तलाक साथ है मेरे
बचपन लड़कपन की याद अभी वही हैं रिस्ते में दोस्ती की मिठास अभी वही हैं चन्द पल की ही तो दुरी हुयी हैं ऐ दोस्त मिलेगें फिर उसी गली में महफिल जमाने महेश गुप्ता जौनपुरी
वतन की मिट्टी पर हमने पैगाम लिख दिया, अपने वीर जवानो की पहचान लिख दिया, जो धर्म पर बँट गये वो गद्दार निकल गये, जो देश के लिए कुर्बान हुए जवान निकल गये, महेश गुप्ता […]
नेता जी का दिल हैं झोला पहन घुमें हैं कुर्ता पायजामा गली मोहल्ले में जब जाते विकाश कि लम्बी लिस्ट बनाते भैया बाबू को फुसलाते हाथ जोड़कर चुना लगाते वोट मिले तो बाते सुनते सत्ता […]
मैं साफ सुथरा कोरा पन्ना, तुम कलम स्याही बन जाना, बनकर मेरी प्रेम दिवानी, तुम शब्द प्रहार से लड़ जाना, महेश गुप्ता जौनपुरी
शाशन कुशाशन लंगड़ा हुआ कानुन किया बन्द आँख चोरी करो बेईमानी करो चाहे लड़कर तोड़ो कपार अपनी किस्मत पर रोवो चाहे रोवो जाति आरक्षण पर खुनी होली कितना भी खेलो अंधी बहरी हुयी हैं सरकार […]
नारी शक्ती कि पहचान हो हिमा देश कि गौरव अभिमान हो हिमा बेटी नहीं तुम भाग्य कि लकिर हो हिमा साहस धैर्य सुर्य कि प्रकाश हो हिमा ये सिध्द किया हैं तुमने हिमा बेटी बेबस […]
कुल्हड़ कि चुस्की कुछ याद दिलाती हैं, दोस्त कि दोस्ती साथ निभाती हैं, महक मिट्टी कि वतन पर प्यार लुटाती हैं, चाय कि चुस्की बचपन जवानी कि कहानी सुनाती हैं, महेश गुप्ता जौनपुरी
गुरू वन्दन गुरू वन्दन चरणों में करता हूं शीश झुका कर अभिनन्दन करता हूं मैं हूं बड़ा अभागा संसार में ज्ञान कि ज्योति जलाये रखना जीवन के अंधियारो में प्रकाश का दीप जलाये रखना गुरू […]
तेरी मासुमियत का मैं हूं दिवाना तेरे प्यार में फिरता हूं आवारा ना समझ मुझे जाहिल निकम्मा सनम तेरे ही प्यार से मुझे गीले हैं सितम महेश गुप्ता जौनपुरी
आसमां कि बुलंदी पर पैगाम भेजा है अपने दोस्त को मैंने सलाम भेजा है ख़त को मेरे यार को ही पकड़ना ख़त में मैं दर्द जुदाई एहसास भेजा है महेश गुप्ता जौनपुरी
अभी मौसम का हाल कुछ ऐसा है वातावरण है ठंडा हवा मे नमी जैसा है मन बहुत प्रसन्न है मेरा आपका हाल कैसा है
– अगर होते मेरे पास पंख खुशीयो को संसार में लुटाता, तितली बन फूलो पर मडराता । फुदक -फुदक कर गीत सुनाता, अगर होते मेरे पास पंख । पतंग देख आहे हूॅ भरता, पंक्षी को […]
लघुकथा-मित्र प्रेम दुनिया में अगर कोई उदाहरण है तो मित्र प्रेम उदाहरण सबसे मर्मस्पर्शी है ।बात उन दिनो की है जब कुलदीप और प्रवीण साथ -साथ ग्रेजुएशन की डिग्री ले रहे थे ।तो देखते बनता […]
कविता – मानव तू क्यो बदल गया समाज वही प्यार वही, सोच समझ की भावना । अत्याचारी हो गये हम सब, मानव तू क्यो बदल गया । रंग वही हैं अपने देश की, अभिनेता नेता […]
Please confirm you want to block this member.
You will no longer be able to:
Please note: This action will also remove this member from your connections and send a report to the site admin. Please allow a few minutes for this process to complete.