? गजल ? ✍ तेरी नयन मदभरी गजब तेरी अदाएं रसभरी गजब मुस्कानो की पहचान नई तेरी सदाएं खरी-खरी गजब अंगड़ाई मे खिली मोहकता तेरी जुबां मे प्रीत भरी गजब चाहत मे ढला ईशक नवल […]

? गजल ? पाण्डव सा धैर्य धर्म मे संवरिए कौरव सा न अधम॔ मे संघरिए सांसारिक खुशी चाह के लिखे बेईमानी का न दामन धरिए सत्य सच्चाई संसार का है सुख निज को पहचान खुद […]

नयन अश्कों से भिगोता रहा हूं मैं जिन्दगी भर । गजल उनको ही सुनाता रहा हूं मैं जिन्दगी भर । दरख्ते उम्मीद अब है कहां लगतें तेरे जमी पर रकीबों सा अब तड़पता रहा हूं […]

ना जाने कितने मौसमों की हवा ली हमने, ना जाने कितने साँसों को सदा दी हमने, कहने को कह दी हर बात सरसराहट से हमने, ना जाने कितने ही दिलों को दवा दी हमने।। राही […]

बहुत दूर तलक जाकर भी कहीं दूर जा पाते नहीं, परिंदे यादों के तेरी मेरे ज़हन से उड़ पाते नहीं, बनाकर जब से बैठे हैं मेरी रूह पर घरौंदा अपना, किसी जिस्म पर चैन से […]

ये फेसबुक व्हाट्सएप्प की दुनिया से दूर मै तुम्हे पत्र वाला प्यार करना चाहती हूँ! उस पत्र का इंतज़ार करना चाहती हूँ जिसमे कितने भावनाओ को पिरोये होंगे तुम……उस एहसास को महसूस करना चाहती हूँ!! […]

एक दिन आसमां से गुजर जायेंगे | कब्र दर कब्र में हम उतर जायेंगे | आँधियों से ये कह दो रहें होश में | गर नही तो गुजर रौंदकर जायेंगे | लाख तूफ़ान दरिया उठाती […]

आज असफलता मेरी ज़िन्दगी को मिली हैं। बाते कुछ कम बयाँ करती आँखे मेरी। फिर भी यह थोडी़ सी गीलि हैं। क्योंकि आज असफलता मेरी ज़िन्दगी को मिली हैं।। कुछ कमियाँ, कुछ खामियाँ मुझ में […]

प्रातः अभिवादन “**गुणों की महक”** ***?**?**?? गुणों के गुलों की महक गुदगुदाए , गुणों की महक ,जिंदगी महक जाए। लगाएँ नयी पौध नित , सदगुणों की , वसंत आए ,आकर कभी भी न जाए। ******जानकी […]

रोग जाता ही नहीं कितनी दवा ली हमने | माँ के क़दमों में झुके और दुआ ली हमने | इस ज़माने ने सताया भी बहुत है मुझको | आग ये सीने की अश्कों से बुझा […]

रोग जाता ही नहीं कितनी दवा ली हमने | माँ के क़दमों में झुके और दुआ ली हमने | इस ज़माने ने सताया भी बहुत है मुझको | आग ये सीने की अश्कों से बुझा […]

मुफलिसी जहां की बस मैं जबान रखता हूं | आज हाथ में अपने आसमान रखता हूं | गौर कर जरा बस्ती पे कभी खुदा मेरे | हैं गरीब सब तो घर में दुकान रखता हूं […]

हर तरफ ही इश्क़ की कलियाँ खिला दी जायेगी | चाँद तारो की शरारत कुछ मिटा दी जायेगी | तुम कहो , तो चाँद – तारें आसमां से तोड़ दूँ | गर नही तोडूं मेरी […]

जोड़कर तिनका-तिनका घोंसला बनाने में, वक्त के साथ भावनाओं के मोती सजाने में, बड़ी हिफ़ाज़त से रखती है चिड़िया जिन परिंदों को, वो एक पल भी नहीं लगाते फिर अपने पर को फैलाने में, हवाओं […]

खोकर अपना वजूद फिर बनाने की कुब्बत रखता है, ये सूखा हुआ पेड़ फिर हरा हो जाने की सिफत(गुण)रखता है, उजड़ी हुई शाखों पर मत जाओ इसकी यारों, ये हर शख्स की साँसों में जीवन […]

अभी ज़िन्दगी की किताब के चन्द पन्नों को पटल कर देखा है। अपने बचपन को जैसे सरसरी निगाहों से गुजरते देखा है, यूँ तो खुशियों के पायदान के पृष्ठ पर आज पैर हैं हमारे, मगर […]

किसी रस्म किसी किस्म का ताला नहीं लगता, इस जीवन के पौधे पर कोई जाला नहीं लगता, जंक लग जाती है बाँधने वालों की ज़ुबाँ पे मगर, इस रूह की माटी पे कोई गाला (उत्सव) […]

सुकून का सागर जैसे आँखों से बाँध बैठे हैं, चेहरे चेहरों से ही जैसे अपना रिश्ता मान बैठे हैं, चाहत नहीं है के मिल जाए ख़बर ज़मी से आसमान की, वो तो हवाओं के हवाले […]

“”**जिंदगी”** ***** खुश रहकर गुजारो, तो मस्त है जिदंगी, दुखी रहकर गुजारो, तो त्रस्त है जिंदगी, तुलना में गुजारो, तो पस्त है जिंदगी, इतंजार में गुजारो, तो सुस्त है जिंदगी, सीखने में गुजारो, तो किताब […]

आज सुबह मुझे एक बात याद आई, कि मेरी परीक्षा की तिथि पास आई। इसी बात पे मैने श्याम जी से गुहार लगाई, तभी मुझे एक आवाज देने लगी सुनाई। फिर क्या मैंने उन्हें अपनी […]

“**सावधान हों”** ****** सावधान होकर रहें , विपदा- शूली राह । आतुरता करती सदा , जीवन भर गुमराह।। अजी सब सावधान हों , नहीं व्यवधान कोई हो । *********जानकी प्रसाद विवश ****** * प्राण से […]

रोज प्यार के गीत गुनगुनाए हर कोई मन , मुसीबतों को ,सबक सिखाए हर कोई मन। नाच ले ,झूम ले मस्ती भरे , मधुर तरानों पर, खुशियों की बाँहों में ,झूल जाए हर कोई मन […]

“**जिन्हें याद करके “** मंगलकामनाएँ ************ जिन्हें याद करके , हृदय नाच उठता, नहीं और कोई , वे हैं मित्र मेरे । हर इक दुख और सुख में , सदा साथ रहते , करें एक […]

किताबों के बनाकर छप्पर अक्षरों के बिस्तर लगाये बैठे हैं, ज्ञान की सारी पोथियाँ आज हम लेपटॉप में दबाये बैठे हैं, कलम की स्याही के वजूद को मिटाने की खातिर जैसे, हम की-बोर्ड पर अपनी […]

कदम दर कदम मै बढाने चला हूँ। सफर जिन्दगी का सजाने चला हूंँ। खुशी-ए-जमाना तुझे सौप कर मैं, सफल जिन्दगी को बनाने चला हूँ। मुहब्बत से ज़्यादा ये कुछ भी नही है, ग़ज़ल प्यार मैं […]

तेरी पहली पंक्ति में मैंने तुझे शीशे सा टूटता हुआ देखा, और जब तूने दूसरी और अंतिम पंक्ति लिखी तो उसी शीशे के टुकड़ों को ज़मीन पर बिखरते हुए देखा, तेरे लेख से मैंने तुझको […]

कदम दर कदम मै बढाने चला हूँ। सफर जिन्दगी का सजाने चला हूँ। ज़माने की खुशियाँ जहाँ पें रखकर दौर जिन्दगी बनाने चला हूँ।। योगेन्द्र कुमार निषाद घरघोड़ा

कुछ परेशानी से तो कुछ संघर्ष की कहानियों से, जीवन नहीं कटता बिना दुःख और दर्द की निशानियों से, कभी टूटता तन, तो कभी रूठता मन लम्हे कितने भी खूबसूरत क्यों न हों, हर खूबसूरती […]

नहीं थकती……। —————————- अश्रुपूरित नयन मेरे क्यों….? राह तुम्हारी ताकते नही थकती शून्यमात्र बिन तेरे-जीवन के पल “प्रीत”हमारी-कहते नही थकती मनुहार दिल की-सुने तेरा दिल भी “उम्मीदें”दिल की-सहते नही थकती गुदगुदाते मन को-मिलन के पल […]

चांद की चमक और तुम्हारी मेहक एक सी है दोनों मुझ तक पहुंच जाती है लेकिन लौट न जा पाती है और तू है की मुझे समझ ही नहीं पाती है इतना क्यों इतराती है!! […]

“**प्रातः अभिवादन “** *********** मित्रतामय जगत सारा , मित्रता ही महकती है । गुलाबों की तरह हर पल दुख के शूलों के संग रहती। निभा कर साथ, सुख दुख में , मित्र के सुख दुख […]

**मित्रता के तख्त पर”** मधुर प्रातः स्मरण ” नित शाखें प्यार की हैं झूमती , हर जिंदगी के. दरख्त पर । हर सुवह शाम की दुआ-सलाम, करते है मित्रता के तख्त पर । जानकी प्रसाद […]

ना शब्द, ना बात और ना ही मुलाकात, तुम सब समझ लेते हो , सुनकर बस मेरी एक आवाज़। जानते हो मेरी हर एक बात, फिर भी कभी कुछ जताते नही, और भले हो कितनी […]

सुप्रभाती-नमन दुआओं की दवाओं ने, वह असर दिखला दिया। दस दिनों की जगह, दो दिन में ही अंतर ला दिया। जानकी प्रसाद विवश प्यारे मित्रो, गुनगुनाती सुवह का रसीला नमन, सपरिवारसहर्ष स्वीकार करें । सादर […]