Vo janaab, bahut utarate he aajkal Baato me jhalakta he gurur unka Khabar nahi unhe hamaare hunar ki Har lafz samandar e guru ko pee jaae jinka
Vo janaab, bahut utarate he aajkal Baato me jhalakta he gurur unka Khabar nahi unhe hamaare hunar ki Har lafz samandar e guru ko pee jaae jinka
बेवफ़ाई समझी नहीं वफ़ा वफ़ा करने लगे। जरा सी चोट खाई नही दवा दवा करने लगे।। , नासमझ हो तुमने काँटे है जंगल पे जंगल। अब जब साँस रुकी है तो हवा हवा करने लगें।। […]
कल कुछ अलग से अनुभव हुए बैंक के बाहर। कविता के माध्यम से करते हैं शेयर आपके साथ। आज हर शख्स गुमशुदा है ,बैंक के बाहर। छोड सब काम छूट्टे के जुगाड में लगा था। […]
सदियों से रहा है सोने की चिडिया ये मेरा देश , मुफलिस में फँसा जीवन कैसे सम्भाला जाएगा। भूख से बैचन हैं यहाँ इन्सान की आत्मा। जाने कब पेट में इक निवाला जाएगा। इक तरफ […]
anjana sa ahasaans he har ek ghadi kya pyas he jeena magar ahasaans he Jane yaha kya khass he milte nahi par aas he tum ho koi , ek ajnabi Jane kaha ,par mai yaha […]
मुश्किल है ये सफर फिर भी हौसला कभी भी डिगता नहीं ठण्ड परीक्षा लेती है पर ये हौसला कभी भी झुकता नहीं चार दीवारी के सपनो को हम कहा से जाने इस नीले आकाश को […]
जिसतरह हमारे दिन रात बदल जाते हैं! जिन्द़गी के भी हालात बदल जाते हैं! रंग बदल जाते हैं ख्यालों के महादेव, लोगों के दिल में जज्बात बदल जाते हैं! मुक्तककार- #महादेव’ (मात्रा भार 24)
हल्की हल्की सी हवा जो ये बह रही है। न जानें क्या है जो ये मुझसे कह रही है।। , तन्हाइयों को देखा है मैंने रोते हुए अक्सर। सब मेहफिलो का दर्द है जो वो […]
जब जब मैं बेबाक हुआ हूँ। तब तब मैं मजाक हुआ हूँ।। , बेगुनाह होके सज़ा काटी है मैंने। तब जाके कही इंसाफ हुआ हूँ।। , गवाह है मेरा जलता हुआ मकान। की ज़िन्दा था […]
आसान नहीं है उड़ना कई मर्तबा गिरना होगा वो जो ठहरे हैं हवा में कभी घसीटे गए होंगे जमीं की धूल में, गर चाह है उस जिंदगी की जिया जिसे तु सपनो में.. ना […]
आसान नहीं है उड़ना कई मर्तबा गिरना होगा वो जो ठहरे हैं हवा में कभी घसीटे गए होंगे जमीं की धूल में, गर चाह है उस जिंदगी की जिया जिसे तु सपनो में.. ना फिक्र […]
जब किसी से जिन्द़गी प्यार करती है! चाहत को दिल में बेकरार करती है! दिन गुजर जाता है यादों में महादेव, रात भर किसी का इंतजार करती है! मुक्तककार- #महादेव’
“चिड़िया” चीं चीं करती चिड़िया आती अम्बर ऊपर घोसला बनातीं | पानी जहां पर वहाँ मडरातीं औ जमी से उड़ -उड़ जाती |
तुम्हारे जाने का दर्द क्यों ना हो ए ख़ुशी, हमसे तो दुखो के जाने का दर्द भी – बर्दाश्त नहीं होता . तुम्हारी चुप्पी सहन कैसे हो ए दोस्त, हमसे तो दुश्मनों का चुप रहना […]
मोहब्बत के बदलें मोहब्बत नहीं है। हक़ीक़त के बदले हक़ीक़त नहीं है।। , बहुत मर्तबा हम भी उलझें थे भँवर में। पहले सी अपनी अब तबियत नहीं है।। , सुबह शाम मेरी थे जो फ़िक्र […]
सारे सितम भुल जाऊँ इतना प्यार देना मुझे हर जख़्म भुल जाऊँ इतना प्यार देना मुझे तेरा एतबार औरों से ज़ुदा है निगाहों में उम्मीद तु दिल से ख़ुदा है मुस्कुराना थोड़ा सीख जाऊँ इतनी […]
मेरी ये जिंदगी सारी वतन के नाम लिख देना। कि है जिनकी वजह से हम उन्हें सम्मान लिख देना।। , मैं कुछ भी हूँ नहीं इसके बिना न पहचान है मेरी। कोई पूँछे मेरा मजहब […]
ख़ुद को तेरे नाम पे करने से पहले। जिंदा तो हम भी थे मरने से पहले।। , ये क्या जरा सी हवा हिला गई हमें। चलों समेट लूँ खुद को बिखरने से पहले।। , फितरत […]
देश का सम्मान लेकिन किसी इंसान का नहीं, चाहे बिलखते रहे सब बस अपना मुकाम हो सही, देश-भक्ति की बातें किस्से, कहानियों, नगमो में ही जचे, क्योंकि सब करे कृत्य जिसमें खुद का फायदा हो […]
बैंगलोर मे हुए कावेरी विवाद को देखते हुए अपने कुछ एहसासों को आपके सामने रखने की एक कोशिश की है और शायद आप भी इससे जुड़ पाए | चारो और जलती- दहलती प्रस्थिथियो से भयातुर […]
चढ़ती लहरो को पार ना पाये किस्मत की मेरी नाव है कैसी || पुकारे तो नाम में सच पाये झूठी ले रहे ये सांस है कैसी || सपनो की तरंग पनप ना पाये मंजिलो […]
खुद को ही खुद से मैंने जुदा कर दिया। इक इंसान था जिसे हमने खुदा कर दिया।। , मुक़म्मल होने में लगे थे हमको कई साल। मगर तुमने मुझे पल भर में धुंआ कर दिया।। […]
क्या छुपा के घूमते है लोग, पता नहीं, किसी के ख्वाब, या ख्वाहिशें खबर नहीं, कुछ लम्हे दबा रखे है अपनी हथेली में या फिर जिंदगी को कर लिया है कैद
तुमसे दूर होकर भी ज़िन्दा हूँ मैं। बस इतनी सी बात पे शर्मिंदा हूँ मैं।। , ख़्वाहिशों की दुनियां में जाना तो था। पर जो उड़ न पाया वो परिंदा हूँ मैं।। , ज़िन्दगी गुजारी […]
जब कभी भी तुमको पुकारा है हमने। बस इक मीठे से दर्द को उभारा है हमने।। , सूनसान राहों पर हुई हो जो कोई आहट। तो वही उम्मीद वही चेहरा निहारा है हमने।। , मेरी […]
राह में गढ़ी है नजरें – मगर किसके लिए ? दूर दूर तक कोई नजर आता नहीं , हर तरफ है अँधेरा ही अँधेरा, मै रौशनी कर तो लूँ – मगर किस के लिए […]
1- तुम आये तो बिना पिये ही बेहोशी का अहसास करते है , वर्ना तो मयखाने कि सारी मय पीकर भी होश बाकी था हमको I 2-पीते तब भी थे , पीते अब भी […]
आज भी मुझे याद है हर बात तेरी! जुल्फ से हवाओं की मुलाकात तेरी! हुस्न की लहर में बिखरी सी महादेव, अनकही अदाओं की हर रात तेरी! मुक्तककार-#महादेव’
जब जब तेरी याद आई है, मैंने खुद को समझाया है।। बीते जीवन के लमहो में, तुमको ही बस पाया है। रह गया अकेला इस जीवन में, क्यू तूने मुझे भुलाया है। जब जब तेरी […]
बहते ही रहते है हम हवाओं की तरह। मगर बदलेंगे नही कभी अदाओं की तरह।। , कल अचानक ही मौसम बदल गया था ऐसे। जैसे वो मिला हो हमें कही घटाओं की तरह। , पहली […]
I go to sleep, when im weak Then i wake , begin to eat When i eat,its time to think Brains awake, pumping with steam Then i run, until i die When i die,i feel […]
इक शाम हूँ ख़मोशी की आवाज हूँ मैं। मैं इक समंदर हूँ समझो बेहिसाब हूँ मैं।। ‘ सुनो उम्र भर मुझसे रूठकर रहने वाले। कहते हो सबसे,की तुमसे नाराज हूँ मैं।। ‘ इक शहर था […]
दर्द ऐसे भी अपने कोई संभाला करता है। जैसे चराग जलता है मगर उजाला करता हैं।। ‘ सफर करने निकले थे कुछ रोशनी को लेकर। पर ये तूफान है कि हर वक्त दम निकाला करता […]
जिंदगी में यहा सबका कोई हमदर्द नहीं होता! गमों से कहना हो कह दो हमें अब दर्द नहीं होता!! ‘ की मौसम भी बदला है हवाएँ भी अब भी ठंडी है! मगर जहाँ पर बर्फ […]
तेरा दीदार हुआ, उसका शुखराना, बीहर आबाद हुआ, उसका शुकराना, अब मुहलत न थी इस ज़िन्दगी की, मुहलत ना थी उसकी बंदगी की, छोड़ तू चली गयी उस और मेरे इस मयखाने मुझे छोड़ अब […]
खुदी को मिटा कर, रम जाऊँ जहाँ में, खूशबू बन कर, समा जाऊँ फिज़ा में, कि सदा बन कर, बस जाऊँ आहो में, खुशी और गम़ का, सहारा न रहा, साहिल का साथ, अब गवारा […]
परिहास बनी पल दो पल के, उन्मादित पलों को, प्रेम समझ परिहास बनी, कोमल एहसासों को अपने, पाषाण में तराश रही, क्षणभंगुर जगत में, अमरता मैं तलाश रही, प्रेम -विरह की पीड़ा, जीवन में अवसाद […]
भूखे थे बच्चे दो दिनों से नींद कैसे आती। माँ के पास कहानियों के सिवा कुछ न था। @@@@RK@@@@
ज़िन्दगी से क्या कहे आसान हो जाओ। खामियां खुद में है साहिल क़बूल करते है।। @@@@RK@@@@
खुद को उम्र भर अख़बार किया मैंने। और वहम भी है की शायरी करते है।। @@@@RK@@@
सच में अगर हमकों अपना मानते हो तुम। फिर क्या कहे हाल ए दिल तो जानते हो तुम।। @@@@RK@@@@
मासूम चेहरे जो कभी,गुनाह नहीं करते। हम यूँ जाग के रातो को,सुबह नही करते।। , हममें है लाख कमियां,चलो हम मानते है। पर दिल से कहना,क्या तुम खता नहीं करते।। , तर्जुबा एक ये भी […]
चाँद जमीन पर कभी उतरता है क्या?? बिन तपे कभी सोना निखरता है क्या?? ‘ हम कहेंगे हजार बार फरेबी को फरेबी। सच लिखने से यहाँ कोई डरता है क्या?? ‘ हमें तो याद है […]
मेरी नज़र से दूर तुम जाया न करो! मेरे हसीन ख्वाब को तड़पाया न करो! तेरे लिए बेसब्र हैं ख्वाहिशें महादेव, मेरी मंजिलों पर गम का साया न करो! मुक्तककार- #महादेव’
Mery Qatil Ko Pukaro K Main Zinda Hun Abhi. Phir Se Maqtal Ko Sanwaro K Main Zinda Hun Abhi. . Ye Shab e Hijar To Sathi Hai Meri Barson Se. Tum To So Jao Sitaro […]
शिक्षक दिवस पर**** ?????? शिक्षक राष्ट्र का निर्माता शिक्षक ही ज्ञानका है ज्ञाता आदिकाल से इस जग में शिक्षक समाज का गहरा नाता । जब से इस जग मेंसृष्टा ने सृष्टि का सृजनहार किया तब […]
माँ शारदे वरदान दो वरदायिनी वरदान दो मेरे उर में तेरा वास हो हर रोम में प्रकाश हो सन्मार्ग पर मैं चल सकूँ मुझे अभय का वरदान दो शवेताम्बरी वरदान दो वरदायिनी वरदान*** मैं पीर […]
नन्ही चिड़िया है बेटी आँगन के बीच चहकने दो कली कमल की है बेटी बगिया के बीच महकने दो मीठी सी मुस्कान है बेटी हर्षित पुलकित होने दो इसको भी जीने का हक है जग […]
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