देश का सम्मान लेकिन किसी इंसान का नहीं, चाहे बिलखते रहे सब बस अपना मुकाम हो सही, देश-भक्ति की बातें किस्से, कहानियों, नगमो में ही जचे, क्योंकि सब करे कृत्य जिसमें खुद का फायदा हो […]

दरिया को हमेशा समंदर की चाहत है। नर्म लहज़ा नर्म बातें समझों सियासत है। , मेरी जिंदगी की दुआ करने वालों शक्रिया। मुझे तो हर रोज़ मर जाने की आदत है।। , ख़तावार ही सीखा […]

अपनी यादों में बार बार खोने दे मुझे! अपने ख्यालों में बार बार होने दे मुझे! अश्क़ भी बेताब हैं पलकों में महादेव, अपनी चाहत में बार बार रोने दे मुझे! मुक्तककार- महादेव’

दिल टूटने का लिखने से क्या सम्बन्ध है, ठोष हृदए को विचार आने में क्या कोई प्रतिबंध है, जीवंत हुँ तो रखता हुँ अपना मंतव्य हर कहीं, इंसान बनने की राह पे बात करता हुँ […]

जब तेरे शहर की गलियों से गुजरता हूँ, तेरी बेवफाई तेरी जफा को याद करता हूँ l     क्या खूब की थी तूने बेवफाई मेरे साथ, आज तेरे हर ख्वाब से भी डरता हूँ […]

हो कर दूर तुमसे मैं जाऊंगा कहाँ? तेरे बिना मंजिल को पाऊंगा कहाँ? दर्द चुभ रहें हैं साँसों में महादेव, अश्कों को दामन में छुपाऊंगा कहाँ? मुक्तककार- #महादेव’ (मात्रा भार 22)

शमा ने परवाने की क्यों राख मांग दी, जलते हुए परवाने ने भी फिर आग लांघ दी, ये देखते हुए सिख लो अब तुम भी एक सबक, सिर्फ शमा के विश्वास को परवाने ने जान […]

जिंदगी जिंदगी जिंदगी जिंदगी। बेबसी बेबसी बेबसी बेबसी।। , ख्वाहिशे ख्वाहिशें ख्वाहिशे ख्वाहिशे। कुछ नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं कुछ नहीं।। , काफिले काफिले काफिले काफिले। हम नहीं हम नहीं हम नहीं हम नहीं।। , […]

इक दास्ताँ अधूरी तुमको सुनायें कैसे। गिरती हुई दीवारे फिर से उठाए कैसे।। , जैसे पढ़ी थी दुनिया वैसी नहीं हक़ीक़त। सच जो है मैंने जाना खुद को बताएँ कैसे।। , हर हर्फ़ में हमारी […]

बेवफ़ाई समझी नहीं वफ़ा वफ़ा करने लगे। जरा सी चोट खाई नही दवा दवा करने लगे।। , नासमझ हो तुमने काँटे है जंगल पे जंगल। अब जब साँस रुकी है तो हवा हवा करने लगें।। […]

कल कुछ अलग से अनुभव हुए बैंक के बाहर। कविता के माध्यम से करते हैं शेयर आपके साथ। आज हर शख्स गुमशुदा है ,बैंक के बाहर। छोड सब काम छूट्टे के जुगाड में लगा था। […]

सदियों से रहा है सोने की चिडिया ये मेरा देश , मुफलिस में फँसा जीवन कैसे सम्भाला जाएगा। भूख से बैचन हैं यहाँ इन्सान की आत्मा। जाने कब पेट में इक निवाला जाएगा। इक तरफ […]

मुश्किल है ये सफर फिर भी हौसला कभी भी डिगता नहीं ठण्ड परीक्षा लेती है पर ये हौसला कभी भी झुकता नहीं चार दीवारी के सपनो को हम कहा से जाने इस नीले आकाश को […]

जिसतरह हमारे दिन रात बदल जाते हैं! जिन्द़गी के भी हालात बदल जाते हैं! रंग बदल जाते हैं ख्यालों के महादेव, लोगों के दिल में जज्बात बदल जाते हैं! मुक्तककार- #महादेव’ (मात्रा भार 24)

जब जब मैं बेबाक हुआ हूँ। तब तब मैं मजाक हुआ हूँ।। , बेगुनाह होके सज़ा काटी है मैंने। तब जाके कही इंसाफ हुआ हूँ।। , गवाह है मेरा जलता हुआ मकान। की ज़िन्दा था […]

आसान नहीं है उड़ना कई मर्तबा गिरना होगा   वो जो ठहरे हैं हवा में कभी घसीटे गए होंगे जमीं की धूल में, गर चाह है उस जिंदगी की जिया जिसे तु सपनो में.. ना […]

आसान नहीं है उड़ना कई मर्तबा गिरना होगा वो जो ठहरे हैं हवा में कभी घसीटे गए होंगे जमीं की धूल में, गर चाह है उस जिंदगी की जिया जिसे तु सपनो में.. ना फिक्र […]

जब किसी से जिन्द़गी प्यार करती है! चाहत को दिल में बेकरार करती है! दिन गुजर जाता है यादों में महादेव, रात भर किसी का इंतजार करती है! मुक्तककार- #महादेव’

तुम्हारे जाने का दर्द क्यों ना हो ए ख़ुशी, हमसे तो दुखो के जाने का दर्द भी – बर्दाश्त नहीं होता . तुम्हारी चुप्पी सहन कैसे हो ए दोस्त, हमसे तो दुश्मनों का चुप रहना […]

मोहब्बत के बदलें मोहब्बत नहीं है। हक़ीक़त के बदले हक़ीक़त नहीं है।। , बहुत मर्तबा हम भी उलझें थे भँवर में। पहले सी अपनी अब तबियत नहीं है।। , सुबह शाम मेरी थे जो फ़िक्र […]

सारे सितम भुल जाऊँ इतना प्यार देना मुझे हर जख़्म भुल जाऊँ इतना प्यार देना मुझे तेरा एतबार औरों से ज़ुदा है निगाहों में उम्मीद तु दिल से ख़ुदा है मुस्कुराना थोड़ा सीख जाऊँ इतनी […]

मेरी ये जिंदगी सारी वतन के नाम लिख देना। कि है जिनकी वजह से हम उन्हें सम्मान लिख देना।। , मैं कुछ भी हूँ नहीं इसके बिना न पहचान है मेरी। कोई पूँछे मेरा मजहब […]

देश का सम्मान लेकिन किसी इंसान का नहीं, चाहे बिलखते रहे सब बस अपना मुकाम हो सही, देश-भक्ति की बातें किस्से, कहानियों, नगमो में ही जचे, क्योंकि सब करे कृत्य जिसमें खुद का फायदा हो […]

बैंगलोर मे हुए कावेरी विवाद को देखते हुए अपने कुछ एहसासों को आपके सामने रखने की एक कोशिश की है और शायद आप भी इससे जुड़ पाए | चारो और जलती- दहलती प्रस्थिथियो से भयातुर […]

चढ़ती लहरो को पार ना पाये किस्मत की मेरी नाव है कैसी ||   पुकारे तो नाम में सच पाये झूठी ले रहे ये सांस है कैसी || सपनो की तरंग पनप ना पाये मंजिलो […]

खुद को ही खुद से मैंने जुदा कर दिया। इक इंसान था जिसे हमने खुदा कर दिया।। , मुक़म्मल होने में लगे थे हमको कई साल। मगर तुमने मुझे पल भर में धुंआ कर दिया।। […]

क्या छुपा के घूमते है लोग, पता नहीं, किसी के ख्वाब, या ख्वाहिशें खबर नहीं, कुछ लम्हे दबा रखे है अपनी हथेली में या फिर जिंदगी को कर लिया है कैद

तुमसे दूर होकर भी ज़िन्दा हूँ मैं। बस इतनी सी बात पे शर्मिंदा हूँ मैं।। , ख़्वाहिशों की दुनियां में जाना तो था। पर जो उड़ न पाया वो परिंदा हूँ मैं।। , ज़िन्दगी गुजारी […]

जब कभी भी तुमको पुकारा है हमने। बस इक मीठे से दर्द को उभारा है हमने।। , सूनसान राहों पर हुई हो जो कोई आहट। तो वही उम्मीद वही चेहरा निहारा है हमने।। , मेरी […]

जब जब तेरी याद आई है, मैंने खुद को समझाया है।। बीते जीवन के लमहो में, तुमको ही बस पाया है। रह गया अकेला इस जीवन में, क्यू तूने मुझे भुलाया है। जब जब तेरी […]