“मुक्तक” खुद कभी माना नही जिसको सीखाते है थे कभी बहरे जो दुनियां को सुनाते है ! जिन्दगी जिसकी हुई जाया ही गफलतों में ओ भी हमारी चाल पर उंगली उठाते है !! पीते हुए […]

” दोहा और कुंडलिया ” २१. १२२. २१२. ११. ११. ११२ १२ देखि मुखौटा चूतिया | फंसि मति जइयो जाय || २२ २२ २१ २ १११. १११ ११. १२ सीधे सादे वेश में | सठहि […]

” मुक्तक ” आँखों से आंशुओं को यूँ जाया नहीं करते। हर बात पर बच्चो को रुलाया नहीं करते।। खुशिंया नहीं दे सकते ना सही मगर कभी जो दिल से चाहे उसको सताया नहीं करते।। […]

आज का विषय-मनहरण घनाक्षरी/कवित्त दिनांक-२०/६/१६ विधा- गीत (गौना/भला) वार्णिक छंद मात्राएँ-८ ८ ८ ७ – १६-१५ धरती पर वृक्ष नित्य अल्प होते जा रहे पर्यावरण का कौन रखता खयाल है ! वन काटने का जुगत […]

मुक्तक छंद – वार्णिक (मनहरण घनाक्षरी) सामांत-आई पदांत- है ८८८७-१६-१५ पहले जो पढने में गदहे कहलाते थे उनकी भी दिखती आज नही परछाई है ! नवयुग के बच्चे देते एक भी जवाब नही पता नही […]

“मुक्तक छंद पर चार पंक्तियाँ “(घनाक्षरी) ११. ११२. २. २ २. २१. २. २२ १२. ११ २ पुण्य करना है तो माँ बाप की सेवा जरा कर लो इनके कदमों में जन्नत है के सर […]

मैं किसी सियासत का समर्थन नहीं करता हूँ। भ्रष्टाचार के सम्मुख मैं समर्पण नहीं करता हूँ॥ सरकारी बंदिस को मैं स्वीकार नहीं करता हूँ। राजनीति के चाबुक से भी मैं नहीं डरता हूँ।। मेरी कविता […]

निगाहें मिलाकर भी नज़र तुम चुराते हो! अदाओं से मेरा जिग़र तुम जलाते हो! जिन्द़गी धधक रही है चाहत में तेरी, इसकदर ख्यालों में आग़ तुम लगाते हो! Composed By #महादेव

कविता… हम जाते है स्कूल हाँ हम जाते है स्कूल | अपना भविष्य गढने अनुकूल || हम जाते है स्कूल…… पढ लिख कर होनहार बनेंगे मातु पिता का प्यार बनेंगे | घर आंगन फूलवारी अपनी […]

तेरी आँखों में रहूँगी तो सँवर जाऊँगी गर तेरे बदले मिले दुनिया मुकर जाऊँगी ख्याल हूँ कैद न कर तू मुझे इन पलको में खुशबू बन तेरा मै दामन छू गुज़र जाऊँगी छूना मत तल्ख़ […]

भाग दौड़ की, इस दुनियां में, शोर ही शोर है। न बादल है, न बरखा है, केवल नाच रहा, कलयुगी मोर है। माना यह काल परिवर्तन का है, नूतन नवीनतम का है, किन्तु इस बदलती […]

तेरी तस्वीर रू ब रू कर ली जब भी जी चाहा गुफ्तगू कर ली हम ने दिल में बसा लिया तुम को अपनी हर सांस मुश्कबू कर ली प्यार के इक हसीन धागे से जिंदगी […]

” गजल ” जहर मौत और जिन्दगी भी जहर है सिसकती है रातें दहकता शहर है | सदमों का आलम बना हर कही पर सहम अपने घर में हम करते बसर है || ना हम […]

हिसारे जात से बाहर निकल के देखते हैं चलो खुद का नज़रिया हम बदल के देखते हैं … सफर का शौक है हम को कहीं भी ले चलो तुम तुम्हारे साथ भी कुछ दूर चल […]

कौन है जिसने ज़ख्मों को सहलाया है चेहरे पर मुस्कान सजाये आया है क्या ग़म है, यह कैसा हाल बनाया है फूल सा हंसमुख चेहरा क्यों मुरझाया है डूब न जाये ये आकाश समंदर में […]

दिल रो रहा है। पर आँखों में आँसू नही गम कितना ज्यादा है। पर आँखों में आँसू नहीं मुद्दतो से उनकी याद सता रही है। पर आँखों में आँसू नहीं मै कई दिनों से रोना […]

मिट्टी से गढ़ी है,  नन्ही सी परी है,  ना माँ की दुलारी, ना बाबा की प्यारी, ये सङकें ही घर है इसका , यहीं सारा जग है जिसका । ना गुङिया,मोटर गाङी,  ना बर्तन,कप-प्लेट,ना रेलगाङी,   […]

कौन है जिसने ज़ख्मों को सहलाया है चेहरे पर मुस्कान सजाये आया है क्या ग़म है, यह कैसा हाल बनाया है फूल सा हंसमुख चेहरा क्यों मुरझाया है डूब न जाये ये आकाश समंदर में […]

https://ritusoni70ritusoni70.wordpress.com/2016/06/28 जो तुम मेरे होते , निरिह विरह में व्याकुल मन से, मेरे  चित की सुन्दरता जान लेते, मन्त्र-मुग्ध मन में मेरे , अपनी धुन पहचान लेते, जो तुम मेरे होते, लोलुप मन विचलित न […]

तेरे सिवा कुछ मुझे नज़र आता नहीं है! मेरा सफर यादों का गुजर पाता नहीं है! राहें खींच लेती हैं इरादों की इसतरह, ख्वाबे-जुत्सजू तेरा मुकर पाता नहीं है! Composed By #महादेव

जब होश संभाला तो तुमसे जिंदगी को समझाया जाता था अब कुछ भी समझता हूँ तो तुम्हारा सृजन होता है जब मस्तिष्क का ताल दिल के तारों को छेड़ता है तो झंकृत हो तुम बाहर […]

तुझे सोचना ही मुझे जूनून देता है! तेरे सिवा कुछ भी नहीं सकून देता है! रूकी हुयी है तेरे लिए तकदीर मेरी, तेरा ख्वाब लफ्जों को मजमून देता है! Composed By #महादेव

दृग कोमल ढूँढ़ रहे, अश्को की शबनमी लड़ी, भावनाओं में जो बसती, सुख -दुख में बूँद-बूँद बरसती। सागर में जा मिली या, कि सीप में मोती बनी, आह! मैं तो नहीं पी रही, घूँट- घूँट  […]

तेरी खामोसियाँ, खंचर सी है चुभने लगी, दूरियाँ हर एक चुप्पी पर तेरे, बढ़ने लगी, एक आवाज देकर, रोक ले मुझे, ऐसा ना हो कि दूर हो जाऊँ, पहुँच से तेरे, चल मिटा ले फासले, […]

ღღ_तजुर्बे सब हुए मुझको, महज़ उससे वफ़ा करके; दुआ जीने की दी उसने, मुझे खुद से जुदा करके! . मैं कहना चाहता तो हूँ, यकीं उसको अगर हो तो; ग़ैर का हो नहीं सकता, उससे […]

ღღ_वो चाँद जो दिखता है, वो सबको ही दिखता है; महज़ देख लेने भर से ही, वो हमारा नहीं होता! . दिन तो कट ही जाता है, कश्मकश में जिंदगी की; तेरे बिन एक पल […]

आज भी मै बेटी हूँ तुम्हारी, बन पाई पर ना तुम्हारी दुलारी, हरदम तुम लोगों ने जाना पराई, कर दी जल्दी मेरी विदाई। जैसे थी तुम सब पर बोझ, मुझे भेजने का इंतज़ार था रोज़, […]

अज़ब बेकरारी हो जाती है हर शाम को! हऱ घड़ी जुबाँ पर लेता हूँ तेरे नाम को! दर्द की जंजीर से जकड़ जाती है जिन्द़गी, खोजता हूँ हरलम्हा मयक़शी के जाम को! Composed By #महादेव