जाकर कहदो उनसे अपनी काबिलियत के चर्चे कहीं और सुनाए जाके अभी हम थोड़े नाकाम से हैं ………
जाकर कहदो उनसे अपनी काबिलियत के चर्चे कहीं और सुनाए जाके अभी हम थोड़े नाकाम से हैं ………
रंग भर लीजिए जिंदगी में क्योंकि रंग उड़ाने के लिए लोग हैं थोड़ा हंस लीजिए जिंदगी में क्योंकि रुलाने के लिए लोग हैं आजाद हो जाइए जिंदगी में क्योंकि कैद करने के लिए लोग हैं […]
वजह कुछ भी न थी हमारे जुदा होने की एक तो तू बेवफा थी, और मेरा इरादा भी अब वफा करने का नहीं था ।
दिलों का खेल मत खेलो न कोई इसमें जीता है। सभी बदनाम होते हैं, दर्द-ए-जाम पीते हैं मुनासिब अब यही होगा कोई दिल को लगाए ना, दिलों की दिल्लगी करके खुद को यूं सताए ना।
सुना है साथ छोड़कर जाने वाले आज अकेले हैं, कमबख्त मुझ में भी अब दोबारा धोखा खाने की हिम्मत कहां है……..
HOLI rango ki fuhar hai ya aapas ka yeh pyar hai holi to yaarow hum sab ke prem ka tyohaar hai rang birange chere sab ke par chadta na koi rang kar door gile shikwe […]
आज की होली का रंग बस लाल है यह खून है या गुलाल है दिल वालों का शहर आज वीरान है लोगों के पागलपन देखों रोटी कीमती और सस्ती अभी जान है मौत पर आज […]
1. कदम छोटा हे या बड़ा हर मोड़ पर इंतज़ार है ज़िंदगी को – चुन लिए जाने का 2. राम लिखा सुनहरा इतिहास ने तुम्हारा नाम ; तुमने – गढ़ ली सीता सोने की ! […]
बेहिसाब दर्द देकर मेरी रूह को वो मेरे ज़ख्मों पर मरहम लगाने आया है उससे पूछो मरहम ही है नमक छिड़कने तो नही आया है।
सड़के फैली, नदियां सिमटी क्या अच्छा संदेश गया घट गई सर्दी ,बढ़ गई गर्मी और भंवर में देश गया अपने कर्तव्यों से हटकर अपना हित ही सोंचा है चंद पैसों के खातिर भविष्य देश का […]
दर्द को दवा समझ लिया जबसे पीड़ा थोड़ी बुझी बुझी सी है
मत याद कर अपनीअसफलता को चल नई इबारत लिखते हैं बहुत मिल चुकीं सांत्वना अब कुछ मुबारकबाद इकट्ठी करते हैं।
1. पहली ही सीढ़ी पर एहसास हुआ, सर पर खुला आसमां हो भले ही अब – पैर तले ज़मीन नहीं 2. चाहे-अनचाहे उग आए हैं संबंधों में अपरिचय के विंध्याचल ; हम भी जो पा […]
उम्मीदों की मंज़िल है समझौतों का रास्ता है नाराज़ हो रहे अपने हैं कुछ बुने कुछ टूटे सपने हैं अंधेरे का वास्ता है, उजाले का रास्ता है फिर भी, हालात बदल जायेंगे जज़्बात संभल जायेंगे […]
आप सब की नज़र को आख़िर , क्या हुआ है शहर को आख़िर . नफरतों की लिए चिंगारी , लोग दौड़े कहर को आख़िर . चाँदनी चौक की वह दिल्ली , आज भूखी गदर को […]
फिर आज गुलालों के खातिर बदरंग बनेगे होली में । अंग अंग पर रंग सजा हुड़दंग करेगे होली में ।। न जानेगे कितने रंग नये चेहरों पर खिल जायेगे । न जाने कितने टूटेंगे कितने […]
फुलवारी संग महकता सावन बाबगीयो मे खिलता सावन फल की मिठास जैसा सावन पवन संग उभरता सावन पतझड का है मौसम सावन चिडीयो का है मौसम सावन कोयल की गुंज सा मंधूर सावन कभी हषॆ […]
इससे अच्छा तो गुमनाम ही अच्छे थे नामवालों से मिलकर बदनाम हो गए…….
इतना भी आसान नहीं होता पुरुष होना। जिम्मेदारियों का बोझ उठाकर हरदम मुस्कुराना होता है। एक पुरुष को सशक्त होना पड़ता है अपने परिवार के लिए। वह समस्याओं बाधाओं की शिकायत नहीं करता बल्कि खुद […]
ऐसे रूठा ना कर की मनाने में उम्रे निकल जाए ज़िन्दगी भर के फासले तो हम तोह तय कर लेंगे खौफ बस इस बात का है मौत के बाद का रास्ता पता नहीं
उनसे कहदो थोड़ी कम तारीफ़ करें हमारी हम गुमनाम शहर से अभी अभी निकलकर आए हैं……..
मिले हैं विरासत में आंसू मुझे पता न चला कि दोस्त कैसे बने उनका सैलाब है आशियां मेरा हंसी से नाता न मेरा रहा। जब पहुंचे मंज़िल से आगे कभी रहे याद दोस्ती सहारा बनी […]
सुनते आए हैं – अपनों का पर्व है होली मेरे आंगन जली होलिका मैं ही पंडित, मैं ही पूजा मैं ही कुंकुम, अक्षत औ” रॊली; सूनी गलियां, सूने गलियारे, सूने हैं आंगन सारे कौन संग […]
Kisika sawaal adhoora hai toh kisika jawaab adhoora hai! Khudko Ustaad batate hai log par Zindagi ka tajurba adhoora hai!
भोजपुरी होली 11 – सईया अईले ना भवनवा | होली खेले तरसे मोर मनवा ना | सइयाँ अइले ना भवनवा | सबकर लऊटी अइले सजनवा ना | उड़ेला गुलाल अब गगनवा | छोड़ा नोकरिया सइया […]
जोगिरा केवन देश मे जनम लिए घनश्याम | केवन देश मे जनम लिए राम भगवान | जोगिरा सारा रा रा रा रा | गोकुला मे जनम लिए घनश्याम | अयोध्या नगरी जनम लिए राम भगवान […]
“सारे जहाँ से अच्छा “जो कह दे वो इकबाल कहाँ से लाऊँ? “हिन्दोस्तां हमारा ” कह दे वो इकबाल कहाँ से लाऊँ? अपने देश को अपना कहो तो आखिर क्या घट जाएगा? ध्वजा तिरंगा के […]
क्यों एक बेटी की विदाई तक ही एक पिता उसका जवाबदार है ? क्यों किस्मत के सहारे छोड़ कर उसको कोई न ज़िम्मेदार है? क्यों घर बैठे एक निकम्मे लड़के पर वंश का दामोदर है […]
अपनी मोहब्बत को अपने लिए भी बचा कर रखिए साहेब शाम- ए- जिंदगी में बड़ी काम आयेगी।
जब सब चेहरे के रंग को ही देखते है रंग ए रूह का पता कैसे चले
वो मयस्सर नहीं हुए जिंदगी में तो हम मौत तक उनका इंतज़ार करते रहे।।।
वो मयस्सर नहीं हुए जिंदगी में तो हम मौत तक उनका इंतज़ार करते रहे।।।
मेरे ख़्वाबों को बेचकर अच्छा किया जो तुमने अपनी दुकान सजा ली
जो बर्दाश्त न कर पाये वो दोस्त कैसा। जो समझ न आये वो फिर रिश्ता कैसा।।
मुझे वो लाज़मी सा सब कुछ दिलवा दो जो यूं ही सबको मिल जाता है न जाने कौन बांटता है सबका हिस्सा जिसे मेरे हिस्सा नज़र नहीं आता है बहुत कुछ गैर लाज़मी तो मिला […]
अपनी कमियो पर रखिये नजर भी जनाब। हर बार गलती दूसरे की नही होती।।
दर्द है उन्हे पर दर्द की वजह का पता नही। दवा चाहिये या दारु या दुआ होगी कबूल…अब यह भी पता नही।।
गुजर रही है जिन्दगी यूं ही गुजर जायेगी। प्रभु तेरी कृपा से भाग्य संभल जायेगी।।
मिलने की वजह भी हम बेवजह ढूँढते है। उन्हें मिलना नही और हम बहाने ढूढते है।।
तलाश करते हैं हम तुम्हारी। बिना पते की चिट्ठियों की तरह।।
यह मेरी कहानी होठों पर हंसी और आंखों में है पानी।।
कितनी गंदी हैं तुम्हारे शहर की गलियां। सब कुछ साफ़ रहता था जब हम रहा करते थे।।
कितनी गंदी हैं तुम्हारे शहर की गलियां। सब कुछ साफ़ रहता था जब हम रहा करते थे।।
जो तू चाहे वो तेरा हो, रोशन रातें और खूबसूरत सवेरा हो, जारी रहें हमारी दोस्ती का सिलसिला, कामयाब हर मंजिल पर दोस्त मेरा हो|*
“मोहब्बत” इसको कहते है “उनके” “नाम” पर “सब” “लिखना” पर उनका ……. “नाम” “ना “लिखना।
दिल पर ना लो उनकी बातें , जो दिल में रहते हैं…!!!
फ़ैसला हार जीत का तो समय तय करता है। कोशिश मे रह जाये कसर यह तय हमे करना है।।
डर कर आज तक क्या मिला है जमाने को। दाव पर सब लगाना पड़ता है कुछ अच्छा पाने को।
मेरा कुछ भी लिखना…प्रभु जी तुमसे अर्चना का उपहार.. करना होता है… अपने शब्दों से तुम्हे पुकारना… तुम्हे याद करना होता है….
मेहनत का बीज बोकर सब्र की मुंडेर पर खड़े हैं डरते हैं कोई अंधेरी ना आए
Please confirm you want to block this member.
You will no longer be able to:
Please note: This action will also remove this member from your connections and send a report to the site admin. Please allow a few minutes for this process to complete.