सैनिक पर कविता

किसान का दर्द

ऊपर वाले ने कहर बरसाया है एक बूंद धरा पर न आया है धरती पर देखो आई दरार चारों ओर मचा हाहाकार कर्ज तले दबे हैं कितने किसान क्या करें सोचते हैं सुबह शाम घर अपना कैसे चलाएंगे क्या खाएंगे क्या बच्चों को खिलाएंगे बीता सावन भादो बीता वर्षा की आस में दिल टूटा करवट में रात बिताते हैं क्या करें समझ नहीं पाते हैं कई दिन से चूल्हा ना जला देखा बच्चों को रोता बिलखता देखा जब परिवार को भूखा सोता देखा तो फंदे को ग... »

क्या तुम अब भी वैसे ही जीते हो?

(जब किसी परिवार का एक बेटा शहीद हो जाता है और चंद सालों बाद सारी दुनिया उसके परिवार के दुखों को भुला देती है, उस समय उसके घर के दरवाजे से गुजरती पुरानी हवाये जो उस घर को हमेशा खेलते,मुश्कुरते देखती थी,अब उस परिवार को विकट परिस्थिति में देखकर उस परिवार के हर सदस्य से कैसे-कैसे सवाल करती है):- . काफ़ी दिनों बाद लौटा फिर उस गली से, जहाँ खुशियों का एक परिवार रहता था। अब यहां तो शान्ति का कहर बरस रहा है... »

Saheedi

Ghar ghar chitthi aaj Saputo ne bheji h Ghr me cuha mare Sarhad pr saheedi h Ankhe tak tak jgti h Kya diwali kya eidi h Rat sansanati thand thi Har rat aise beeti h Ghar ki chowkidar begam Meri maa ki anchal seeti h Din rat use furshat nhi hoti Jane ansu kaise peeti h Chl pde kadam to n ruke Sammanit ye niti h Ham jante h tumhe bta du Anjaam mera saheedi h »

जब छूटेंगे हम तीरों से

कितने भी जुल्म तुम कर लो, बांध दो कितनी ही जंजीरो से मिटा देंगे तेरी हस्ती पल भर में जब छूटेंगे हम तीरों से »

नमन वीर

भारत माँ के प्यारे वीरो मेरा आप सबको प्रणाम है जो हो गए शहीद, देश की खातिर वीर तुम्हे सलाम है घर छोड़ा ,संग छोड़ी मोह माया सर्वस्व निछावर कर दिया ऐसे मेरे भारत के वीरों मेरा शत शत प्रणाम है आँधी झेली तूफ़ां झेले झेलीं राहों में मुश्किलें फिर भी अडिग खड़े रहे तुम देश की सीमा पर डटे हुए नमन करें हम उन सबको मिलकर जिनके खातिर हम सलामत हैं चैन की नींद से सुला रहें हैं खुद रातों को जाग रहें।। »

Teri yado ke sahare

कब तक जिए हम तेरी यादों के सहारे तेरे बिना नींद भी आती नहीं यादों के सहारे तेरे बिना जीना नहीं ये माना था मैंने पर तेरे बिना पड़ेगा जीना ये न जाना था मैंने, तेरे ख्वाबों को सजा कर एक-एक पल संजोए थे मैंने , पर सब बिखर कर रह गए वह सपने हमारे , अब पड़ेगा जीना तुझ बिन हमारी निशानी के लिए , देना पड़ेगा हम दोनों का प्यार उन्हें जीने के लिए, तिल तिल जोड़कर जिंदगी भर लगाया आपने , खुशियों की तमन्ना जीवन भर... »

Teri yado ke sahare

कब तक जिए हम तेरी यादों के सहार तेरे बिना नींद भी आती नहीं यादों के सहारे तेरे बिना जीना नहीं ये माना था मैंने पर तेरे बिना पड़ेगा जीना ये न जाना था मैंने, तेरे ख्वाबों को सजा कर एक-एक पल संजोए थे मैंने , पर सब बिखर कर रह गए वह सपने हमारे , अब पड़ेगा जीना तुझ बिन हमारी निशानी के लिए , देना पड़ेगा हम दोनों का प्यार उन्हें जीने के लिए, तिल तिल जोड़कर जिंदगी भर लगाया आपने , खुशियों की तमन्ना जीवन भर ... »

teri yado ke sahare

कब तक जिए हम तेरी यादों के सहारे, तेरे बिना नींद भी आती नहीं यादों के सहारे, तेरे बिना जीना नहीं ये माना था मैंने, पर तेरे बिना पड़ेगा जीना ये न जाना था मैंने, तेरे ख्वाबों को सजा कर एक-एक पल संजोए थे मैंने , पर सब बिखर कर रह गए वह सपने हमारे , अब पड़ेगा जीना तुझ बिन हमारी निशानी के लिए , देना पड़ेगा हम दोनों का प्यार उन्हें जीने के लिए, तिल तिल जोड़कर जिंदगी भर लगाया आपने , खुशियों की तमन्ना जीवन... »

Pulbama

छोड़कर मुझे तुम इतनी जल्दी क्यों चले गए , अभी तो सुख के पल आए ही थे अभी ही चले गए , जाने किसकी बुरी नजर लगी सब सपने अधूरे कर चले गए, जी रही हूं तुझ बिन अधूरी अधूरे सपने लिए , जी रही हूं तेरी यादों के सहारे तेरे अधूरे ख्वाबों के लिए, जी रही हूं तेरी निशानी के सहारे बस सिर्फ उनके लिए , हसरत थी साथ जीने साथ मरने की पर हो ना सका ये, तू ही बता कैसे जियूं मैं तुझ बिन अपनों के लिए, तेरी कही हर बात याद आत... »

Adamya sahas ki pahchan

अदम्य साहस की पहचान, भारत के ये वीर जवान , मातृभूमि की रक्षा के लिए, जान हथेली पर रखकर, ये कर देते जीवन कुर्बान, ये है अभिनंदन जैसे वीर जवान , हमारे पूज्य है ये वीर जवान, पर है कुछ लोग यहां के , जो दाव लगा देते हैं वतन का सम्मान , जो दे रहे हैं जाने अनजाने साथ पाक का, यह वक्त नहीं है राजनीति का , यह वक्त नहीं है सबूत मांगने का, यह वक्त है हौसला बढ़ाने का , जरा होश में आओ वतन के लोगों, छोड़कर सब अप... »

Adamya sahas ki pahchan, Bharat ke ye vir jawan.

अदम्य साहस की पहचान, भारत के ये वीर जवान , मातृभूमि की रक्षा के लिए, जान हथेली पर रखकर, ये कर देते जीवन कुर्बान, ये है अभिनंदन जैसे वीर जवान , हमारे पूज्य है ये वीर जवान, पर है कुछ लोग यहां के , जो दाव लगा देते हैं वतन का सम्मान , जो दे रहे हैं जाने अनजाने साथ पाक का, यह वक्त नहीं है राजनीति का , यह वक्त नहीं है सबूत मांगने का, यह वक्त है हौसला बढ़ाने का , जरा होश में आओ वतन के लोगों, छोड़कर सब अप... »

पुलवामा

लकड़बग्घे से नहीं अपेक्षित प्रेम प्यार की भीख, किसी मीन से कब लेते हो तुम अम्बर की सीख? लाल मिर्च खाये तोता फिर भी जपता हरिनाम, काँव-काँव हीं बोले कौआ कितना खाले आम। डंक मारना हीं बिच्छू का होता निज स्वभाब, विषदंत से हीं विषधर का होता कोई प्रभाव। कहाँ कभी गीदड़ के सर तुम कभी चढ़ाते हार? और नहीं तुम कर सकते हो कभी गिद्ध से प्यार? जयचंदों की मिट्टी में हीं छुपा हुआ है घात, और काम शकुनियों का करना होता ... »

सरहद के शहीद

वीर थे अधीर थे सरहद के जलते नीर थे, इस देश के लिए बने तर्कश के मानो तीर थे, भगतसिंह राज गुरु सहदेव ऐसे धीर थे, बारूद से भरे हुए ये जिद्दी मानव शरीर थे। इंकलाब से हिलाये दिए अंग्रेज चीर थे, स्वतंत्रता संग्राम में फूँके सहस्र शीष थे, इतिहास के पटल पे छोड़े स्वर्णिम प्रीत थे, तिरंगे में लिपटके बोले वन्दे मातरम् गीत थे।। राही अंजाना »

शहीदों को नमन

नमन आज़ादी के परवानों का। वंदन क्रांति वीर जवानों का।। भगत, सुखदेव क्रांति वीरों के, इंक़लाब का डंका बजता था। ‘तिलक’ के विचारों का तिलक, राजगुरु के भाल सजता था। आज़ाद भारत का सपना, दिलों में इनके बसता था। स्वराज के अधिकार को पाना, ख़्वाब आज़ादी के अरमानों का। नमन आज़ादी के परवानों का। वंदन क्रांति वीर जवानों का।। अंग्रेजी हुकूमत हिला डाली, क्रांतिकारियों की टोली। फिरंगी डर से कांपते, स... »

अभियान नवगीत “

अभियान नवगीत ” ———————— बांधे सर पे मस्त पगड़िया राह कठिन हो,चलना साथी दुराचार ख़तम करने अब उतार चलो काँधे की गाँती आन ,बान और शान हमारे अच्छे- सच्चे हैं वनवासी दिलों – दिलों को दर्द बताने महफिल – महफिल खड़ी उदासी आँखें भर – भर उठती हैं मां जब अपनी कहर सुनाती बांधे सर पे ……………. जोते – बोये ,कोड़... »

Martyr’s Day Contest: Reply to Saavan team’s request

Dear All, This is in reply to Saavan team’s request to share the ways I used for promotions of my poem for Martyr’s Day Contest.  It was a joint effort of me, my daughter and my younger brother. I run a personal blog by the name – Jeevan Dhara, which has an active viewership of 5k people and also, I am an active contributor to various fb poetry pages. For the contest, I tried to ... »

Dear Saavan Team, I wanted to take a moment to extend my most sincere thanks for choosing my poem first in martyr contest. I received a message regarding 2.2k like on my poem. I want to assure all of you there is full transparency. I am research scholar in BHU where approx 35k studetns.So it is possible. Hope you understand it. I also extend my thanks to all BHU students and others for liking and ... »

शहीदी

शहीदी

लगे मैले हर साल, मालायें भी पहनायी फूलों की पथरायी मूर्तियों को कई बार मगर पत्थर की मूरत कभी मुस्कुराई नहीं कभी एक भी बार पता नहीं क्यों!     Please like & share my poem »

कैद आजादी

कैद अपने ही घरों में हमारी आजादी रही थी, सूनी परिचय के बिन जैसे कोई कहानी रही थी, आसमाँ खाली रहा हो परिंदों की मौजूदगी के बगैर, कुछ इसी तरह मेरे भारत की जवानी रही थी, हिला कर रख देने में फिर वजूद ब्रिटिश सरकार के पीछे, तब भगत सिंह और राज गुरु संग कई क्रांतिकारियों की कुर्बानी रही थी॥ राही (अंजाना) »

शहीदी

कुछ मेरी औकात नहीं , कि तुझ पर कलाम चलाऊं मैं कुर्बानी तेरी करे बयां , वो शब्द कहाँ से लाऊं मैं नाम तेरा लेने से पहले पलकों को झपकाउं मैं भूल गए जिन पन्नो को हर्फ़ों से आज सजाऊँ मैं जब भारत माँ का आँचल लगा चीर-चीर होने गोरे बसने आये जैसे नागिन आयी हो डसने जब भारत का सूरज भी त्राहिमाम चीखा था तब खटकड़ में एक सिंहनी की कोख से सूरज चमका था भारत माँ बोली कि मैं गद्दारों पर शर्मिंदा हूँ चीख पड़ा सरदार माँ... »

शहीदों की होली

शहीदों की होली

“एक ये भी होली है एक वो भी होली थी जो शहीदों ने खेली थी, देश को आज़ाद कराने की ख़ातिर…मेरी कविता 23 मार्च पर शहीद दिवस के उपलक्ष्य में शहीदों को नमन करती है…..” रंगों का गुबार धुआँ बन कर, उठ रहा है मेरे सीने में……………. वो रंग जो ‘आज़ादों’ ने भरा था, आज़ादी की जंग में, वो रंग जो निकला था आँखों से, चिनगारी में, वो रंग जिससे लाल हुई थी, भारत माता, इन्हीं रंगों का ... »

शहीद हुए मतवाले

। भगत सिंह और राजगुरु के संघर्षों बलिदानों की, ये धरती है वीर बहादुर चौड़ी छाती वालों की, ब्रिटिश राज को धूमिल कर मिट्टी में मिलाने वालों की, माँ के आँचल को छोड़ तिरंगे की शान में मिटने वालों की, ये कविता नहीं कहानी है उन माँ के प्यारे लालों की, खोकर अपनी हस्ती को भी अमर हुए जवानों की, झुककर नमन करने फिर आँखों में अश्रु आने की, लो फिर से आई है बेला याद करें हम, देश की खातिर लड़ते लड़ते जो शहीद हुए उन ... »

वो माटी के लाल

वो माटी के लाल

वो माटी के लाल हमारे, जिनके फौलादी सीने थे, अडिग  इरादो ने जिनके, आजादी के सपने बूने थे, हाहाकार करती मानवता, जूल्मो-सितम से आतंकित थी जनता, भारत माता की परतंत्रता ने उनको झकझोरा था, हँसते-हँसते फाँसी के फँदे को उन्होंने चूमा था, वो माटी के लाल हमारे, राजगुरू, सुखदेव,भगतसिंह , जैसे वीर निराले थे , धधक रही थी उनके, रग-रग में स्वतंत्रता बन कर लहू, वो दीवाने थे, मतवाले थे, भारत माता के, आजादी के परवा... »

“शहीदों” की “शहीदी”

हुए बहुत लोग शहीद मेरे देश को बचाने को, पर उन “शहीदों” की “शहीदी” आज खुद शहीद सी लगती है। देश में हो रहे हंगामो में खुद कही गुम सी लगती हैं। जिस दिन औरत-आदमी का सामान अधिकार हो जायेगा, यकीन मानो उस दिन “शाहिदो” की “शाहीदी” को सलाम हो जायेगा।।।। जिस दिन निर्भया जैसी लडक़ी सरेआम बेआबरू होने से बच जायेगी, उसी दिन मेरे देश की शाहिदो की शाहीदी अमर हो जायेग... »

आओ कर दे हम आजादी भगत सिंह के नाम |

अंग्रेज रूपी कंश हेतु वह तो कृष्ण कलेवर था , करतूश को भोजन माना फंशी को जेवर था , वतन के लिये डर न पाया जेल की काली रातो से, उसका वर्णन करू मैं कैसे कलम की अपनी बातो से , दे दी हमें आजादी लेकर खुद पर वो अंजाम , आओ कर दे हम आजादी भगत सिंह के नाम | »

शहीद

शहीद

जब जब भारत के इतिहास के पन्ने पलटे जायेंगे, भगत सिंह,सुखदेव,राजगुरु के नाम भी लिए जायेंगे ! ये वो हैं जिन्होंने अंग्रेजों की ईंट से ईंट बजा दी थी, भारत माँ के लिये अपने प्राणों की बाजी लगा दी थी !! माह सितंबर पंजाब में एक वीर ने जन्म लिया था, अंग्रेजों के अत्याचारों का बोझ उसने कम किया था ! अंग्रेजों के साथ इन्होंने खून की होली खेली थी, भारत माता की जय हो ये ही उनकी तब बोली थी !! सुखदेव,आजाद,राजगु... »

शहीद

शहीद

जब जब भारत के इतिहास के पन्ने पलटे जायेंगे, भगत सिंह,सुखदेव,राजगुरु के नाम भी लिए जायेंगे ! ये वो हैं जिन्होंने अंग्रेजों की ईंट से ईंट बजा दी थी, भारत माँ के लिये अपने प्राणों की बाजी लगा दी थी !! माह सितंबर पंजाब में एक वीर ने जन्म लिया था, अंग्रेजों के अत्याचारों का बोझ उसने कम किया था ! अंग्रेजों के साथ इन्होंने खून की होली खेली थी, भारत माता की जय हो ये ही उनकी तब बोली थी !! सुखदेव,आजाद,राजगु... »

माँ के लाल

भगत सिंह, शिव राज गुरु, सुखदेव सभी बलिदान हुए, इस धरती माँ की खातिर कितने ही अमर नाम हुए, ब्रिटिश राज की साख मिटाने को एक जुट मिटटी के लाल हुए, कभी सीने पर गोली खाकर कभी फांसी पर लटक काल के गाल हुए, इंकलाब के नारों से भगवा रंग मिलकर लाल हुए, तिरंगे को लहराने की चाहत में शहीद माँ के लाल हुए॥ राही (अंजाना) »

शहीदों की होली

शहीदों की होली

“एक ये भी होली है एक वो भी होली थी जो शहीदों ने खेली थी, देश को आज़ाद कराने की ख़ातिर…मेरी कविता 23 मार्च पर शहीद दिवस के उपलक्ष्य में शहीदों को नमन करती है…..” रंगों का गुबार धुआँ बन कर, उठ रहा है मेरे सीने में……………. वो रंग जो ‘आज़ादों’ ने भरा था, आज़ादी की जंग में, वो रंग जो निकला था आँखों से, चिनगारी में, वो रंग जिससे लाल हुई थी, भारत माता, इन्हीं रंगों का ... »

उनके सपनों का भारत

उनके सपनों का भारत

वज़न उठता नहीं तुमसे दो मण भी कहां गई शक्ति तुम्हारे यौवन की और कहां है अभिव्यक्ति तुम्हारे मन की।   चलो ये वज़न तो तुम भारी कह सकते हो इससे इंकार भी कर दो तो ज्यादा फर्क नहीं पड़ेगा लेकिन तुम तो वो वज़न भी उठाने को तैयार नहीं जो होता है देश के प्रति कुछ प्रण का और जो दायित्व है तुम्हारे इस युवानपन का।   उन्होंने तो अपना बलिदान देकर तुम्हें ये भारत सोंपा लेकिन तुमने कितना योगदान देकर देश के बारे में ... »