कुरेदने ना देना इस दिल को मेरे। राख तले दबे अरमान, सुलग उठेंगे शोलो की तरह। झांकने ना देना इन आंखों में मेरी। इनमें तुम्हारा अक्स छपा है पहचान लिए जाओगे राधा की आंख में […]
कुरेदने ना देना इस दिल को मेरे। राख तले दबे अरमान, सुलग उठेंगे शोलो की तरह। झांकने ना देना इन आंखों में मेरी। इनमें तुम्हारा अक्स छपा है पहचान लिए जाओगे राधा की आंख में […]
तुम भी ना एक राग बन चुके हो जो बजता रहता है …. रेडियो सा मेरे हृदय के सितार से। आनंदित करता रहता है मेरी सात तालों से बंद हृदय कोठरी को। कभी तुम सुगंधित […]
चिरैया होगी! तुम अपने मां बाबा की। लाडली होगी! तुम अपने भाई और बहन की । समाज के भूखे भेड़ियों के लिए तुम बस एक शिकार हो। इज़्ज़त पर तेरी फिर बन है आई, फिर […]
अच्छे लगते हो मुझको तुम। जब झांकते हो इन आंखों में, गिर पड़ते गहरे सागर में, हम शोखी से भर जाते हैं । अच्छे लगते हो मुझको तुम। जब हंसी ठिठोली करते हो, मुझे देख […]
कृत्रिम सजावट जीने में, आत्मिक सुख तो नहीं ला पाती है। आनंद नाद की प्राप्ति तो प्रभु के चरणों में ही आती है। जब पा जाते खुद में खुद को तब एक कड़ी खुल जाती […]
पानी और दूध की दोस्ती है अनमोल। “विनयचंद “ये साथ हो बिके एक हीं मोल।।
पानी और दूध का एक नहीं रंग रूप। आकर दोनों साथ में बन जाये समरूप।।
पूस की रात ————- कड़कड़ाती सर्दी,सिसकती सी रात ठिठुरन, सिहरन आरंपार। पूस की रात जो हुई बरसात कांप उठी सारी कायनात। ना जाने कब होगी ये प्रातः। ठंड और कोहरे ने गला दिए हाड़ मांस। […]
मैं उससे प्यार करता हूँ, पर इजहार से डरता हूँ। कभी-कभी मैं सोचता हूँ, मुझसे भी प्यार वो करती होगी शायद। दौड़कर खिड़की पर आना, मुझे देख प्यार से मुस्कुराना। कभी-कभी मैं सोचता हूँ, मेरे […]
दर्द को छुपा कर जीना मेरी आदत सी हो गई है भीगी आँखों के साथ मुस्कुराना मेरी आदत सी हो गई है मर चुके है जजबात मेरे दिल के फिर भी टूटी ऊमिदों के साथ […]
Meri jindagi me aake mujhe apna bna ke Usne tode the sare jo kie the vaade
काट दो कुल्हाड़ी से फिर भी खुशबू हीं दूँगा। मैं तो मलयाचल का चंदन हूँ कुछ भी दाम नहीं लूँगा।।
अच्छा हुआ जो तुम… न आये मेरे जनाजे में , आज तो दफना ही दिया जाता हमें… जनाब ! अगर वक्त पर हिचकियाँ न आती !! :- सोमू आचार्य
तुम एक बुत! मैं संभावनाओं से भरा ताबूत। नहीं इरादा तोड़ने का तुमको नहीं इरादा हंसी छीनने का तुम्हारी। बात बस इतनी सी है समझानी मित्र के साथ परम मित्रता है हमें निभानी। तुम समझते […]
दर्द। टूटकर सपने नहीं कम हो सके पास रहकर भी न उनमें खो सके, अश्क से दामन मेरा है तरबतर फूटकर हम आजतक न रो सके। दूर भी हैं वो हमारे पास भी मौत भी […]
एक स्त्री! उड़ेल देती है सारा स्नेह खाना बनाने में। सभी की पसंद नापसंद का ध्यान रखते रखते, खुद को क्या पसंद है भूल ही जाती है। एक स्त्री! सबको स्नेह से खिलाने भर से […]
क्या हुआ? मुड़ क्यू गए? जब आए थे मुझसे मिलने! तो मिले बिना चल क्यों दिए? कुछ खोज रही थी तुम्हारी निगाहे मेरे चेहरे में! बंद आंखों से भी जान लिया मैंने। शायद बिना देखे […]
सरोगेट मदर( उधार का मातृत्व) जन्म तो दूंगी तुम्हें सहेजकर लेकिन मजबूर हूं देख नहीं पाऊंगी तुम्हें बेचकर। विप्पनतावश हारी हूं परिस्थितियों के आगे बेचारी हूं। मैं अपनी कोख का सौदा करने के लिए मजबूर […]
एक कलमकार ————- जीता है हर किरदार एक कलमकार! जिंदगी की हर कसौटी पर खुद को खुद ही कसता है। उसकी कलम उत्तम लिखे इसीलिए लगातार घिसता है। उसकी लिखी हर कहानी हर गीत श्रोताओं […]
हृदय नाद ———– आत्ममुग्ध हो कर खुद से प्रेम करो। हंसो! अपने आप पर। सुनो ! धड़कनों के संगीत को। दिशा भ्रमित होकर संगीत लहरिया कहां बह चली? उन्हे रोको ना पीछा करो बहने दो। […]
मरहम बन जाओ तुम ————————— ज़ख्मों को जलाओ तो कुछ उजाला हो। ख़ाक हो जाए हम किनारा हो। घाव की आह में सिसकियां बाकी, मरहम बन जाओ तो सहारा हो । ये दिल था ही […]
Tu ruthta raha mai har baar tujhe manati rhi Apne dil ki khawaishon ko dil me jalati rhi Ye mukkamal mohabbat ki dastan hi kuch aisi thi Tu har baar mujhe thukrata raha Or mai […]
आया नव वर्ष बधाई हो बधाई लेकर आया नव वर्ष घर आपके खुशियो का सौगात | बधाई हो बधाई | मिटाने हर संकट विपदा बीघ्न बीमारी और आघात | बधाई हो बधाई | अँग्रेजी वर्ष […]
स्वागत है वन्दन है नववर्ष का अभिनंदन है। सुख,स्वास्थ्य और समृद्धि प्राप्ति की नव आशायें है। प्रफुल्लित हो मन सबका नव प्रात में शुभकामनाएं है।
उम्मीदों की नई सुबह नववर्ष की। सुख – समृद्धि और उत्कर्ष की ।। आगे बढ़ते हैं, कड़वे पल भुला कर। छोड़ वो यादें, जो चली गई रुला कर। मधुर यादों के साथ, आओ नववर्ष का, […]
नव वर्ष आने को है, कुछ भुलाने को है कुछ याद दिलाने को है, सच कहूँ तो हमे बहुत कुछ सिखाने को है, छुप गई थीं जो बातेँ बादल के पीछे कहीँ, उन उम्मीदों पर […]
इस नये साल में इतिहास नया बनाना हैं। पुरानी राहों पर दुनिया चलती हैं, हमें राह नया छोड़ जाना हैं। हुआ नही हैं जो अबतक, वो करके दिखलाना हैं। इस नये साल…………………………। खायें बहुत हैं […]
दिल से स्वागत करो सभी साल ट्वेंटी ट्वेंटी का। बीत गए वो दिन बन्धुओं किसी के फोर ट्वेंटी का।।
दिल में खुशी हो और होंठों पर हँसी हो जीवन बीते आपका सदा सर्वदा हर्ष में। मंगल हीं मंगल हो और सुखकारी बीते हर दिन हर पल हर मास इस नव बर्ष में।।
आओ नव वर्ष मनायें, झिलमिल झगमग देश बनाये, कृतिम रौशनी की आभा से हट, शास्वत जिवंत दीप जलाये। नव वर्ष आज सिर्फ शब्दों से नहीं, श्रद्धा भावना से मनाये, सूर्य सा ज्योतिर्मय हो मेरा देश, […]
नई उमंग होगी, नए तरंग होंगे नया सौगात होगा इस नया साल में। । गम के बिना खुशी मिले। रूदन के जगह हँसी मिले।। आप सबको इस नया साल में ।। गम न कर तू […]
यह कैसा नया साल है, यह कौनसा नया साल है ना मौसम खुशगवार है, ना छाई वासंती बहार है ना फसलें नयी आई है, संग शुभ मिती ना लाई है ना कोई पर्व त्यौहार है, […]
जब तक साँसें चली गैरों ने गुंजाईश रखी हमे जलाने की… कि जब धङकन थमी तो अपनों ने जला दिया !! :- सोमू आचार्य
अपनी शाम को शमा पर लुटाने निकला परवाना हूँ मैं ! जीता हूँ जिसके लिए, मरता हूँ जिसके लिए… उसकी हर हरकत का अफसाना हूँ मैं !!
हमें ये नया साल नहीं स्वीकार जिसमें वही हालात, वही हार देश में मचा हुआ है हाहाकार कविता हुई है अब लाचार ठिठुर रहा गणतंत्र है जनता कुहरे में कहीं गुम है घर -घर है […]
हिन्दी कविता- याद बहुत आएगी | वर्ष उन्नीस हमे तेरी याद बहुत आएगी | जो हुआ अच्छा बुरा याद बहुत आएगी | उन्नति अवनति प्रगति के पथ पर चले | खट्टा मीठा तीखा सबका स्वाद […]
हवा का झोंका जो तेरी ज़ुल्फे उड़ाता है। तुझे ख़बर नहीं मुझे कितना तड़पाता है।। हाथों से जब तुम ज़ुल्फे संवारती हो, कानों के पीछे जब लटें सम्भालती हो, तेरी हर एक अदा मेरी होश […]
मंच भी बदल जायेंगे,किरदार भी बदल जायेंगे, वक्त के साथ चलते रहो,मंजर भी बदल जायेंगे। हमेशा अपनी हिम्मत और हुनर पर भरोसा रखना, जो ठीक लगे दिल को वही काम जूनून से करना। हाथ की […]
देख देख यारा मेरा टीन एज खतम हो गया। साल बीसा मैं बनके सबसे बीस बन गया।।
तुम अपने दिल की प्यास बना ले। अलविदा कहने से पहले इतिहास बना ले । जा रहा हूँ मैं कहके ऐ मेरे दोस्त आने वाले बरस को कुछ खास बनाले।।
हिन्दी गजल- जमाने लगे | जिस बस्ती बसाने मुझे जमाने लगे | बेदर्दी वो मकाने दिल गिराने लगे | जब भी गुजरे वो राहे मंजिल मेरे | लेकर नाम उनका हम बुलाने लगे | सबब […]
जिंदगी के किनारे रहकर जिंदगी गुजार दी मझधार में आये तो जिंदगी ने दबोच लिया
इश्क मे अब और क्या बाकी रह गया। हमने तो आपसे दिल लगाकर देख लिया।।
क्या कहर है सर्दी का आजकल राजनीति की गर्मी भी इसे ठंडा नहीं कर पाई
कोई तो बताये कहाँ है वो, मुद्दत से उनका दीदार ना हुआ। तड़प रहा हूँ मैं दिन-रात, फिर कैसे कहूँ बेकरार ना हुआ।। हमें तो कब से है इंतजार, पर उन्हीं से इकरार ना हुआ। […]
पूछो न हाल कृष्णा का… सब कुछ राधे राधे है।
जो ठहर जाए वो हवा नहीं होती, दुनिया में हर मर्ज की दवा नहीं होती । विनयचंद खुद सम्हाल अपने दिल को , क्योंकि यहाँ अदा- ए-वफा नहीं होती।।
अँधेरे में हवा का झोका भी बनकर साया सा नजर आता है ! जब दिल-ओ-दिमाग खो दे सुध… तब मेरे यार.. अच्छा खासा *चोराया भी प्रेतघाटी कि माया सा नजर आता है !! *(चोराया=चौराहा) मुठी […]
गमे-जुदाई किसी से बाँटी नहीं जाती। बगैर तेरे ये रातें अब काटी नहीं जाती। मिटा दो फ़ासले, जो हमारे दरम्यान है, गहरी कितनी खाई, जो पाटी नहीं जाती। देवेश साखरे ‘देव’
YE LOG TERI AADAT KO ISHQ KAHTE HAI TO TU YUN HI BEWAJAH MUSKURAYA NA KAR !! MAI TO TERI NM AANKHE TK PAD LETA HOON TERI KITTU TUJHE PYAR NHI MUJHSE YE BTAYA NA […]
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