नाज हमें है उन वीरों पर, जो मान बड़ा कर आये हैं। दुश्मन को घुसकर के मारा, शान बड़ा कर आये हैं।I मोदी जी अब मान गये हम, छप्पन इंची सीना है। कुचल, मसल दो […]
नाज हमें है उन वीरों पर, जो मान बड़ा कर आये हैं। दुश्मन को घुसकर के मारा, शान बड़ा कर आये हैं।I मोदी जी अब मान गये हम, छप्पन इंची सीना है। कुचल, मसल दो […]
कई मंथराओं का मिलन– परिहास पर है कैकयी फिर भृमित कोप में उपवास पर है तड़फ रहे जनता के दशरथ हाथ मल रहै देख रहै सव कि -राम अव वनवास पर है सीता भी अव […]
तुम आओ सिंह की सवार बन कर ! माँ तुम आओ रंगो की फुहार बनकर ! माँ तुम आओ पुष्पों की बहार बनकर ! माँ तुम आओ सुहागन का श्रृंगार बनकर ! माँ तुम आओ […]
हर लहर उठती है एक नयी उम्मीद लेकर खाती ठोकर चट्टानों की,अपना सबकुछ देकर फिरभी खिंचती चली आए, मिलने किनारे से इन दोनों का प्यार चला है इक ज़माने से एक अरसे से किनारा भी […]
हम भारतवासी हैं हम सभी धर्मों का आदर करते हैं जो भारत मां की तरफ आंखों उठायेगा उसका सीना चीर दिया जाएगा जो इन दिलों में नफरतों के बीज बोयेगा वह जिंदगी भर रोयेगा भारत […]
पाक के गद्दारों के लहू से कर दो धरती लाल उसी खून से करना है माँ भारती का श्रंगार तत्पश्चात चिड़ियाघर में भूखे शेरो और चीतों के आगे फेंक दो मेरी सरकार तो दीपक जलाऊॅ […]
कितना भी मैं करना चाहूँ मैं अपने प्यार का इजहार आई लव यू कहकर पर कमबख्त जुबान फिसल जाती है और मुँह से निकल जाता है जयहिंद प्रस्तुति – रीता जयहिंद
किसी की ऑख़ों में ऑसू थे मेरे लिए वह शख्स मुझे दुनिया में सबसे प्यारा लगा प्रस्तुति – रीता जयहिंद
जब घर से निकली तो बिलकुल अकेली थी मैं जब मुसीबतों ने घेरा मुझे तो मदद करने वालों की कोई कमी नहीं थी जहान् में
जब पाक साफ कर लोटकर आयेगे हमारे वीर जवान मैं साल में मनाऊॅगी दीवाली बारह बार कनातों पर दीपक रोज जलाऊॅगी और पाकिस्तान की धरती पर तिरंगा लहराकर आऊंगी प्रस्तुति – रीता जयहिंद जयहिंद
अब ना कोई शहीद होगा अब ना कोई सुहाग उजड़ेगा अब न कोई बालक अनाथ होगा अब तो केवल पाक साफ होगा प्रस्तुति – रीता जयहिंद जय भारत
यह देश है शेर जवानों का अब तो नाश होगा हैवानों का अब तो सिर्फ हिसाब होगा सत्रह जानों का यहाँ खौल रहा है खून हर हिन्दुस्तानी का प्रस्तुति – रीता जयहिंद
अब तो कोई माफी भी न काम करेगी अब तो सिर्फ तुम्हारी मय्यत ही सजेगी काश्मीर की धरती फिर से जन्नत ही बनेगी अब तो न कोई माॅ का आंचल सूना होने पायेगा अब की […]
जब पाक खाक होगा भारत में एक त्योहार और मनाया जायेगा जैसे दशहरा मनाया जाता है रावण का पुतला दहन करके वैसे ही आतंकवाद का पुतला जलाया जायेगा प्रस्तुति – रीता जयहिंद
छप्पन इंची सीना ना जाने कैसे बहत्तर इंची का हो गया वाह मोदी जी वाह ये तो कमाल हो गया सारा देश मोदी जी आपका कायल हो गया मेरा बुझा मन भी रोशन हो गया […]
सोये हुए सैनिकों को मारकर तूने किया है बुरा काम वाकई में ना कोई तुझसा नमक हराम अब तो मिट जाएगा दुनिया से तेरा नामोनिशान सोच बेटा अब क्या होगा तेरा अंजाम प्रस्तुति – रीता […]
ना पूछना कभी इन आँसुओं की कीमत, तुम गुज़रा हुआ वक़्त लौटा नहीं पाओगे….
‘इक दिल के टूट जाने से क्या—क्या नहीं टूटा, पायल तो रही पांवों में, घुंघरु नहीं रहे………..’ ………………………………………………….सतीश कसेरा
तुम जब जब गिराओगे लाशें मैं तब तब ज़िंदा हो जाऊंगा, शक्ल बदलेगी मगर तुम्हें हर शय मे, मैं ही नज़र आऊंगा l मैं सपूत हूं उस मां का जिसकी मिट्टी ही मेरा […]
कैसे लिखें इस कागज पर जब जिंदगी खाली खाली सी है स्याही है ही नहीं शब्दों को उतारने के लिए
आए थे राजनीति में लेकर वो अपने कायदे,कानून और शिष्टाचार पर […]
अगर इश्क हो तो ही होती गज़ल है। ख़यालों के बिस्तर पे सोती गज़ल है।। दिशा है दिखाती ये भटके हुओं को, दिलों की ख़लिस को भी धोती गज़ल है।। जो साहित्य […]
हंसाकर कहीं तुम रुला तो न दोगे, कोई जख़्म फिर से नया तो न दोगे। हसीं वादियों के सपने दिखाकर, कहीं यार तुम भी दग़ा तो न दोगे। हिफ़ाजत का कर के बहाना कहीं […]
पाक के गद्दारों के लहू से कर दो धरती लाल उसी खून से करना है माँ भारती का श्रंगार तत्पश्चात चिड़ियाघर में भूखे शेरो और चीतों के आगे फेंक दो मेरी सरकार तो दीपक जलाऊॅ […]
ओ विप्लव के थके साथियों विजय मिली विश्राम न समझो उदित प्रभात हुआ फिर भी छाई चारों ओर उदासी ऊपर मेघ भरे बैठे हैं किंतु धरा प्यासी की प्यासी जब तक सुख के स्वप्न अधूरे […]
जाँ पे खेला बचाया है तुमने वतन ज़ुल्म सहते रहे गोली खाते रहे बीच लाशों के तुम मुस्कुराते रहे कतरे-कतरे से तुमने ये सींचा चमन आज करता हूँ मैं देशभक्तों नमन साँप बनकर जो आए […]
देखती हूँ चांद को – लगता है बहुत भला , सोचती हूँ कईं बार – अगर आह्वान करूं चांद का क्या आएगा चांद धरती पर? अगर आ भी गया तो बदले में कन्या रत्न ना […]
आसमां के तारों में वो एक सितारा क्यों लगता है अपना सा। पलकें बंद कर देखूं तो सब क्यों लगता है सपना सा। बाहें किरणों की पसरा कर वह देख मुझे मुस्काता है। बस वही […]
आ कि तुझ बिन बज्म-ए-यारों में भी घबराता हूँ मैं, अपनों की महफिल में खड़ा गैर हो जाता हूँ मैं, बिन तेरे सारा जहाँ नाशाद सा लगता मुझे, सू-ए-मंजिल से दफ्अतन […]
तुमको देखकर मेरे ख्याल मचलते हैं! तुमको सोचकर मेरे ख्वाब बहलते हैं! किसतरह हालात पर लगाऊँ मैं बंदिशें? मुझको दर्द के कदम दिन रात कुचलते हैं! मुक्तककार – #महादेव’
तेरा डूबना मुश्किल था “राही” मगर, क्या करते जब दूर तक साहिल नहीं था, कहाँ कब किससे गुफ्तगू करते “राही”, जब दूर तलक कोई सफर में मुसाफिर नहीं था, सबसे ज्यादा उसके करीब था “राही” […]
खुली जब आँख तो कमाल ये देखा, वो मेरी रूह में था और मैं मकान में था, सीखा ज़माने में बहुत कुछ हमने यारों, पर स्वाद मेरी जुबान में उसका ईमान से था, यकीन इतना […]
तुम्हारी जीत हो जाये हमारी हार हो जाये, जरा संभल मेरे दिल तू कही फिर प्यार हो जाये। यही बस सोच कर दिन खड़ा रहता हूँ राहों में, अभी घर से वो निकलेगी हमें दीदार […]
हम भारतवासी हैं हम सभी धर्मों का आदर करते हैं जो भारत माँ की तरफ आंखों उठायेगा उसका सीना चीर दिया जाएगा जो इन दिलों में नफरतों के बीज बोयेगा वह जिंदगी भर रोयेगा भारत […]
भागता है आज भी मन उस सुहानी राह पर, होती ठिठौली और हँसी की .. गूँज जो हर बात पर, मिल बैठ कर.. जब यार खोले पोल जो हर बात की .. जुम्ले है सारे […]
काफ़िला गुजर गया तो क्या हम तनहा है तो क्या अकेले ही गुजर बसर कर लेंगें दो लफ्जों को ही अमर कर लेंगें|
****** यही सोचा मैं ज़िंदगी की बेहिसी पर ग़ज़ल कहूँगा अज़ाब तेरे, तेरी अज़ीयत की चाशनी पर ग़ज़ल कहूँगा भटक रहा हूँ मैं कबसे तन्हा न हमसफर है न रौशनी है ये सहरा सहरा भटक […]
******** तुम जो आओ ख्वाब में तो राब्ता रह जाएगा इक दिया उम्मीद का दिल में जला रह जाएगा पूछ लो तुम हाल मेरा बस दिखावे के लिए के भरम दिल में मुहब्बत का ज़रा […]
उठो वीर जवानो भारत माता, तुम्हे पुकार रही, अपने लालों के लहू का, बदला माँग रही, अपने अमर जवानो के पथ पर, चलने को ललकार रही, उठो वीर जवानो भारत माता, तुम्हे पुकार रही, आज […]
काल चक्र में घूम रही, मैं कोना-कोना छान रही, हीरा पत्थर छाँट रही मैं, तिनका-तिनका जोड़ रही, उसमें भी कुछ हेर रही, संजोऊँ क्या मैं भरमाऊँ, कण-कण में फँसती जाऊँ, इस क्षण में. डूबूँ या […]
तुम बिन उम्र तन्हा गुजरती रहेगी! तुम बिन जिन्दगी भी बिखरती रहेगी! हर ख्वाब तैरते रहेंगे पलकों में, तेरी याद रगों में चलती रहेगी! मुक्तककार #महादेव’
“कहानीयों में था हरा-भरा” “अब कश्मीर का रंग लाल हो गया है” “शहीदों के लहू से रंग गयी है ज़मीन ” “जलीयांवाला बाग जैसा हाल हो गया है ” ~शाबीर
“अब डर सा लगता है सुबह-सुबह अखबार पकड़ने से” “न जाने कौन देश की बेटी, देश का जवान या देश का स्वाभीमान , लूट लिया हो ” ! ~शाबीर
जिंदगी ने उन कोरे कागजों पर अपने दस्तखत किये थे, जिन कागज़ो पर हम ताउम्र अपनी ख्वाइशें लिखते मिटाते रहे। – Samarth
********************************* गोद में लेकर मुझे हे पिता! तुमने कहा था मांग ले गुडिया तुझे जो खिलौना मांगना है ********************** हाथ जिस पर रख दिया तुम्हे कब ना पसंद था उसका क्या मोल है उठा कभी […]
मेरा ख्याल तुमको यादों से चुन लेता है! तेरी ख्वाहिशों से ख्वाबों को बुन लेता है! दूरियाँ मिट जाती हैं इरादों से इसतरह, धड़कनों में तेरी आहट को सुन लेता है! मुक्तककार – #महादेव
इक रब्त था जो कभी रहता था दरम्या हमारे किस वक्त रूखसत हुआ, खबर नहीं|
ज़हर इस तरह घुला जिंदगी में हर गूंठ में मुहं कढवा होता गया| बारिशों का तो आना जाना नहीं अरसे से सूखे से रिश्ता हमारा होता गया||
हाल ए दिल अपना कभी हमसे सुनाया न गया साथ मुश्किल तो न था तुमसे निभाया न गया। आए महफिल में वो मिलते रहे अपने बनकर जख्म एैसा मिला जो हमसे भुलाया न गया। नाम […]
गुमराह मोहब्बत में हम गुमराह हो गए कोई राह न मिली कोई साथ न मिला मिली तो बस तनहाई जिसे साथ लेकर हम तन्हा चलते रहे
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