बहुत याद करते है हम आपको क्या कभी आपके ख्यालों मे हम भी आते हैं होती है गुफ़्तगू कई दफ़ा दिन में क्या कभी आपके सपनों में हम भी आते हैं काश कभी ऐसा भी […]
बहुत याद करते है हम आपको क्या कभी आपके ख्यालों मे हम भी आते हैं होती है गुफ़्तगू कई दफ़ा दिन में क्या कभी आपके सपनों में हम भी आते हैं काश कभी ऐसा भी […]
जो बात हम में हैं, वो बात ना तुझ में हैं और ना ही मुझमे!!!
ღღ__वो तो लालच है उनके ख्वाबों का, जो हमें सुला देता है “साहब”; . वरना नींदें तो उनकी यादों ने, एक अरसे से उड़ा रक्खी हैं !!…….#अक्स
m kb tanha hui “jnab” meri to masrufiyat hi tumse h???
rojj mera katal hota h roj m smbhal jati hu.. jiddi tum bhut ho.. jiddi km hum b nhi
कुछ ऐसा लिखूँ , की पढ़ने वाले को लगे … मेरा एक – एक अल्फ़ाज , गहरा हैँ … खों जाये वो मेरे अल्फाज़ो की महफ़िल में .. लगे उसे , मानो आज वक़्त , ठहरा हैं.. यादगार हों जाये उसके लिए , मेरी हर इक सुखनवरी …. एहसास हो , जैसे….. रौनक के पहरे से रोशन उसका , चेहरा हैं .. पंकजोम ” प्रेम “
दिल बेचैन हुआ , तो उसके दीदार का दिया दिलासा हैं ….. जाने वाले कल चले गए , लेकिन आज भी उनके लौट आने की …. छोटी सी आशा हैं ….. अब कोई तो बने सुराही – ए – मोहब्त …. क्योंकि ये सुख़नवर बहुत , प्यासा हैं …. पंकजोम ” प्रेम “
वक़्त लगता हैं यहाँ , इंसान को इंसान समझने में ……. वक़्त लगता हैं यहाँ , पत्थर को भगवान समझने में …… आधी उम्र बीत जाती हैँ सोचने सोचने में .. क्योंकि वक़्त लगता हैं यहाँ , जीने के अरमान समझने में ….. पंकजोम ” प्रेम “
मैं एेसे दरिया के किनारे बैढा हुं, हर घडी जहा से समुन्दर दिखने लगता है। ये मेरा दिल भी एक जिद्दी बुजुर्ग् जैसा है, जो रात होते ही किस्से सुनाने लगता है। […]
ღღ__हमको सताने के मौके, वो छोड़ते नहीं हैं “साहब”; . कल ख़्वाब में भी आए, तो अजनबी बनकर !!…….#अक्स . www.facebook.com/अन्दाज़-ए-बयाँ-with-AkS-Bhadouria-256545234487108/
इश्क का दरिया हूँ मैं, मैं सागर की प्यास हूँ… बरसों से लापता है जो, वो तेरी तलाश हूँ… अंधेरों को रोशन कर दे, वो जीने कि आस हूँ… मोत को ज़िन्दगी कर दे, मैं […]
Na hum barbaad hue, Na hum aabad hue Jane kaise “janbaaj” hue???
कोई ख्याल है जो बस गया है दिल में इक सवाल है जो उठता रहता है बार बार जिंदगी हो रही है बसर, मगर मर रहा हूं मैं बार बार
मैं अल्फ़ाज़ हूँ तेरी हर बात समझता हूँ, मैं एहसास हूँ तेरे जज़्बात समझता हूँ, कब पूछा मैने की क्यूं दूर हो मुझसे, मैं दिल रखता हूँ तेरे हलात समझता हूँ…!
ये अल्फाज़ , अल्फ़ाज़ ही नहीं , दिल की ज़ुबानी हैं ….. इन्होंने ज़न्नत को , जो जमीं पर लाने की ठानी हैं … साथ देने को कई मरतबा भीग जाती हैं पलकें ….. समझों तो यही मोहब्त हैँ , ना समझों तो पानी हैं….. पंकजोम ” प्रेम “
मुबारक हो तुमको एक नई रोशनाई,, चाहतों के समुंदर की प्यारी गहराई,, क्या तोहफा दूँ तुमको, समझ नहीं आता,, तुमने ने तो सारी दुनिया हैं महकाई,, हर तरफ अपनी मुस्कान बिखेरते रहना,, गमो को तो […]
बहुत सारी बातें है जो कहनी थी बहुत कुछ सुनना था तुमसे मगर कुछ न तुमने कहा न मैं ही कुछ बोल पायी जिंदगी गुजरती गयी चंद लम्हों में बटकर न तुम जी पाये, न […]
बहुत खारे है जज़्बात हमारे इस मीठी मोहब्बत के तुम्हारी नज़रों में क्या मोल है हमारे अश्कों के समंदर का
मेरे महबूब के जलवों की तो, पूरी दुनिया ही दीवानी है, ये जहाँ जो इक गुलिस्ताँ है, इसकी वो रात-रानी है; . चाल है गज़ालों सी, रुख में मौजों सी रवानी है, होंठों पे शबनम […]
क्या कहूं, क्या लिखूं कुछ समझ नहींं आता कुछ बाते हैं जो लफ़्ज का साथ ही नहीं देती कुछ बाते हैं जो दफ़न है जहन में कुछ बातें अनकही ही रह जाती है कुछ न […]
“इन्तजार” ! बहुत ‘मतलबी’ लफ्ज़ है ना ‘साहब’ ?? ღღ__रख लो तो अमानत, दे-दो तो इक ज़मानत; . ღღ__चाहो तो मोहब्बत, सोचो तो सिर्फ नफ़रत, काट तो दो तो इक उम्र, और जी लो तो […]
कल मैंने अपनी प्रेमिका के उतर दिल में , चाहत का ज़खीरा देखा ….. अपने जिल्ले – सुभानी के इंतजार में , उस चाँद का मायूस चेहरा देखा .. स्वागत में उसने आब संग बिछा दी पलकें , मैंने हर इक आब पर नाम , मेरा देखा … पंकजोम ” प्रेम ”
सोचती हूँ, क्या लिखूं…? कोई ग़ज़ल, या शायरी लिखूं…? या कोई क़िस्सा लिखूं प्रेम कहानी का.., जिसमें मैं ख़ुद को “तुम्हारी” लिखूं ।।
ღღ___ज़िन्दगी तो कटती जा रही है “साहब”, इन्तजार की कैंची से; . और सिलसिला-ए-इन्तजार है, कि कटता ही नहीं कभी !!…….#अक्स
ღღ__इक परिन्दा हो के भी, अब उड़ नहीं सकता; . कि मेरे साये ने ही मेरा, मेरा आसमाँ चुरा लिया !!……..#अक्स
सम्भाल ले ऐ – ख़ुदा , एक लम्हे के लिए मुझे…. अब मैं हार रहा हूँ ….. तू ही बता मेरे साहिब , मैं क्यों ये जिंदगी तन्हा गुजार रहा हूँ … तूने साज़ […]
soch liya tha humne ab haar Gaye hai hum, kyunki Kisi ne na kbhi humari khwaaishon ko pyaar bharaa ik andaaz Diya… lekin yahan ki duniya ko jaana, Tb pta chla… Saavan ne poetry ko […]
अनकही बातों तो समझते आये थे अबतक उन्होने आज जो कहा समझ नहीं आया
कुछ खास नहीं था कहना , कुछ बात नहीं था कहना , जो बोल न पाया ख्यालों की अंजुमन मैं , बिन बोले तुम तक वह बात पहुंच गयी , आस्चर्य मैं पढ़ जाता हूँ […]
Hum aaj bhi khulii aankhon se sapne dekhte hai… Band aankh rakh kr aksar insaan peeche reh jaaya krte hai… Or aankh kholte hi dikhne wale sapne toot jaaya krte hai…
कुछ इस तरह ख्याल उसका, मेरी डायरी में क़ैद रहता है; . ღღ___जैसे मेरा वजूद, मेरी शायरी में क़ैद रहता है !!…….#अक्स
Sath rhna humare or b raasta sikhayeinge… Dosti ki apni daastan sbko sunayeinge… Pyaar na kr sake to kya hua, dostii k hr उसूल teh-e-dil se nibhayeinge…
क़यामत के रोज़ फ़रिश्तों ने, जब माँगा हमसे ज़िन्दगी का हिसाब; . ღღ__ख़ुदा, खुद मुस्कुरा के बोला, जाने दो, ‘मोहब्बत’ की है इसने!!……#अक्स
Ek ladki uski aankhon Ki deewani hai… Pr kya itnii si uske Prem kahaani hai…
Shhbdo ki mehfil thi SJJI… yaaro hum bi chl diye apni MOHHBAT k kisse ” sunaane ” …. Jo dard tha dil m bya krte gye hum bi bhigi aankhiyo se… Kyuki hum the kisi […]
दुनिया की आवाज़ों में मैरी एक आवाज़ भी है… इसमें मायने हैं कुछ, इसमें कुछ अल्फाज़ भी हैं… ज़ाहिर से इन क़िस्सों में, छिपी हुई सी ‘आह’ भी है.. फ़िज़ूल वाक़िये हैं कुछ, सुनाने की […]
Yaad aate h wo guzre zamane… Jo haste ldte #pathfinder me bitaaye the humne… Ek wo din tha jab zabrdasti bandhwaaya tha wo sadhaaran sa dhagaa… Aaj uski kimat anmol hai ye baat samjh aane […]
Uske deedar k baad ab kho gayi Hu main… Raaton uski yaadon Mein jagne k baad, ab so gyi Hu main…. Ab awaaz mat Dena, aage badh rahi Hu main… Takleefon se ubhar kar, khushiyo […]
sawaal mat pucho, jawaab nahi aata…. dil ki rawaani na pucho, ab khwaab nahi aata….
मेरे माधव ही नहीं आप सब … राह – ए – क़ामयाबी में , मेरी तरह एक मुसाफ़िर भी हो …. भरने फ़लक – ए – क़ामयाबी पर ऊंची उड़ान …… मेरे संग उड़ने वाले […]
हाँ,, मैंने लोगो को खुद में ही बदलते देखा हैं!! उनके जज्बाती हम को अहम बनते देखा हैं, कल तक जो सबको साथ लेकर चलने की बात करते थे,,, आज उनके खिलाफी ख्वाबो को भी […]
ღღ__हमको भी अपनी बारी का, इंतज़ार रहेगा “अक्स”; . लोग कहते हैं तारीख़, खुद को दोहराती ज़रूर है !!………#अक्स
जब महफ़िल – ए – इश्क़ में , निग़ाह से निग़ाह टकराई … दिल की बात चेहरे पर उभर आई …. अँधेरे में डूबे मेरे एक एक लम्हे को रोशन करने …. उसने क्या […]
देखकर उसकी मुस्कान , ख़ुशी से भर जाता हूँ , मैं ….. उसकी एक झलक पाने …. कुछ भी कर जाता हूँ , मैं….. वो क्या जानें , मेरा हाल – ए – दिल .. […]
वो मुझमें बस गया है ‘साहब’, आईने में “अक्स” की मानिन्द; . ღღ___नज़र के सामने होकर भी, अक्सर सामने नहीं होता !!…….#अक्स
दिल जब कश्ती – ए – मोहब्त पर सवार होता हैँ….. तब उनसे मुलाकात करने को दिल बेक़रार होता है…. दीदार कर उस अप्सरा का , मैंने भी मान लिया … ” एक नज़र में […]
उसके चेहरे से नजर हे कि हटती नहीं वो जो मिल जाये अगर चहकती कहीं जिन्दगी मायूस थी आज वो महका गयी जेसे गुलशन में कोई कली खिलती कहीं वो जो हंसी जब […]
कोई अपना था जो खो गया जिंदगी में जो पास था जो दूर हो गया यादों के सहारे रह गयी है जिंदगी मेरी लफ़्जों में ढ़लने लगी है जिंदगी मेरी
नदी को भी अकेले चलने का गम सताता है…. इसलिए सागर से मिलकर वह खुशी में बदल जाता है ….
Panchii hu Main ek , magar apne par ki mujhe khabar nahii… Khwaaishein puri krne ki tamanna jagii h bilkul nayi nayi, ki itnezaar krne ka mujhme baaki ab sabar nahii… मौत Ki neend Sulaane […]
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