ख्वाहिश है बहुत दिल की आंखो में गम है बहुत ज़हन में है इक अजीब सी खामोशी होती है घुटन हरदम अब नहीं ख्वाहिशों का कत्ल करने को जी करता है खामोशी को चीरने को […]

जब चारों ओर कीचड़ दिखा, असमंजस तेरे अंदर है। नादान बला, आईना वो नहीं, तेरी रूह तो कमल सी सुंदर है।। दिखा हर तरफ एक धुआँ तुझे, कहीं आग लगी भयंकर है। जग छान लिया, […]

किसी ने कहा था कभी कि मैं उड नहीं सकती अब जमाना मेरी उडान देख के हैरान है कभी लोग मेरी खामोशी की शिकायत करते थे अब मेरे बोलने से परेशान है आज तक समझ […]

घने अंधेरे भी बेहद जरुरी होते हैं….. घने अंधेरे भी बेहद जरुरी होते हैं बहुत से काम उजाले में नहीं होते हैं। उडऩा चाहेंगे जो पत्ते, वे झड़ ही जायेंगे वे आंधियों के तो मोहताज […]

तन्हा चल रहा था सड़क पर मैं, तब देख रहा था मुझकों, “बाशिंदा उसका” , बड़ा मासूम सा वो,तबस्सुम कहीं खोई हुई, निगाहे तलबगार, और चेहरा उदास था उसका, जिस हाथ में “होनी थी कलम”, […]

बेहद ही खूबसूरत है जिंदगी हर पल नयी, नूतन झिलमिलाती, चमकती हुई आंखों में ख्वाबों के पुल बनाती हुई कभी मुस्कुराती कभी रोती आसूओं में भी खुद का आईना दिखाती कभी चलती, कभी ठहरती बेहद […]

जैसे ही शरीक हुए , महफ़िल – ए – मय में ….. जाम पर जाम होंठो  से टकराते गए….. हर एक घूंट के साथ ….. हम उनके साथ बिताये हुए , संगीन लम्हें भुलाते गए […]

बिछडने के ख्याल से हम आपसे मिलने से डरते है मगर कैसे बताएं हम किस कदर तनहा मरते है   देख न ले वो हमें, कहीं पुकार न ले उनकी गलियों से यूं गुज़रने से […]

फूलों से कह दो चमन में अब न यूँ महका करें । खौफ से कांटों के अब सब काँटों का सिजदा करें । चाँद किस से जाके अपनी दास्ताँ ए दिल कहे , जब उजालों […]

**************************** उतार दी है जिंदगी सारी कि सारी चंद लफ़्जों में काश कोई समझ ले कभी इसी इंतजार में है इक मुद्दत से कि कभी कोई मेरे लफ़्जों को गढ़ ले कभी| सीधे सपाट शब्दों […]

मुझे हमेशा तुम से बाँधें रखेँ …. इस क़ायनात में , ऐसी एक जंजीर ढूंढता हूँ …..   दौलत से सब बन जाते है अमीर … लेकिन तुझमे मैं , वो दिल वाला अमीर ढूंढता […]

अश्क बेपरवाह बहे जाते है एक कहानी है ये जो कहे जाते है कोई सुनता ही नहीं कोई ठहरता ही नहीं आते है लोग, चले जाते है अश्क बेपरवाह बहे जाते है   आंखो से […]

ज़िन्दगी से उम्मीद, कुछ ज्यादा ही सही, ‘सब-कुछ’ खोकर, “कुछ” पाने का इरादा ही सही; . मिलना, ना-मिलना तो, उस खुदा क हाथ में है, तू मिलने का वादा तो कर, एक झूठा वादा ही […]