Pyaar kya hota hai hum nhi jaante… Par zindgi ko apna hum bilkul hai maante… Zindgi me mile h itne gum ki eshaas nhi hota… Isliye ab koi pyaar kare humse ye vishwaas nhi hota…
Pyaar kya hota hai hum nhi jaante… Par zindgi ko apna hum bilkul hai maante… Zindgi me mile h itne gum ki eshaas nhi hota… Isliye ab koi pyaar kare humse ye vishwaas nhi hota…
ღღ__मेरे मनाने से आखिर, क्यूँ लौट आएँगे वो भला; . वो छोड़ कर ही न जाते, अगर ऐतबार होता !!……..#अक्स
उनकी सुनते सुनते हमारी उम्र निकल गयी हमारे दिल की न सुनी उन्होने एक भी बार
ख्वाहिश है बहुत दिल की आंखो में गम है बहुत ज़हन में है इक अजीब सी खामोशी होती है घुटन हरदम अब नहीं ख्वाहिशों का कत्ल करने को जी करता है खामोशी को चीरने को […]
ღღ___कल मेरी ख़ामोशी का उसकी यादों से, झगड़ा हो गया “साहब”; . और शोर इतना हुआ दिल में, कि नींद जागती ही रात भर !!…..#अक्स
kah bhe na pau, seh bhi na pau, yeh judayiaan teri nigahoon pe rakha hun, mera pharaar hua dil, kabhi dekha nahin tujhe, padh yeh aihsaas, rakha hain tere hi liye dhere se tu jo […]
ღღ___अच्छे-बुरे का हिसाब, हम नहीं रखते “साहब” . हम तो बस वो करते हैं, जिसमें तुमको ख़ुशी मिले !!…….#अक्स
कुछ हर्फ़, चंद अहसास और कुछ खारे से मोती यही सब बचा है मेरे पास, बाकी सब ले गया मेरा ‘सब कुछ’
जब चारों ओर कीचड़ दिखा, असमंजस तेरे अंदर है। नादान बला, आईना वो नहीं, तेरी रूह तो कमल सी सुंदर है।। दिखा हर तरफ एक धुआँ तुझे, कहीं आग लगी भयंकर है। जग छान लिया, […]
कोई जमीन अभी भी है जहां मैं अभी तक गया नहीं हूं कोई आकाश बचा है अभी भी जहां मुझे पहुंचना है दो परतों के दरम्या मैं ठहरा हआ अभी तो बचा है बदलाव का […]
ღღ___सवाल तो बे-आवाज़ रातों का है “साहब”; . दिन तो गुज़र ही जाता है, ज़रूरतों के शोर में !!…….#अक्स
किसी ने कहा था कभी कि मैं उड नहीं सकती अब जमाना मेरी उडान देख के हैरान है कभी लोग मेरी खामोशी की शिकायत करते थे अब मेरे बोलने से परेशान है आज तक समझ […]
घुल गया उनका अक्स कुछ इस तरह अक्स में मेरे आईने पर भी अब मुझे न एतबार रहा हमारी मोहब्बत का असर हुआ उन पर इस कदर निखर गयी ताबिश1-ए-हिना, न वो रंग […]
जब दर्द हुआ मेरे सीने में …. तो चुपके से दिल ने कहा ….. ए – सुख़नवर … ” आज थोड़ी तकलीफ़ हो रही हैँ , जीने में “…. पंकजोम ” प्रेम “
_________ लफ़्जों का सहारा बहुत लिया जिंदगीभर मैनें कभी कोई कंधा भी मिल जाता तो क्या बात होती – अंजली _________
ღღ___मेरी आँखों में जो क़ैद है “साहब”, वो समुन्दर ही है शायद; . कि सूखता भी नहीं, बहता भी नहीं, बस भरा ही रहता है !!…….#अक्स
घने अंधेरे भी बेहद जरुरी होते हैं….. घने अंधेरे भी बेहद जरुरी होते हैं बहुत से काम उजाले में नहीं होते हैं। उडऩा चाहेंगे जो पत्ते, वे झड़ ही जायेंगे वे आंधियों के तो मोहताज […]
ღღ___हासिल-ए-इश्क़ के बारे में, सोंचता हूँ जब भी ; . तेरा मिलना याद आता है, तेरी बेरुखी नहीं !!………..#अक्स
Humse kya puchte ho dard “Jnab” Humne to bs ishq kiya.. Fir bdle me jo tha.. Use sb “dard dard” keh rhe h.
ღღ__लोग कहते हैं, इश्क़ मत कर, आखिर इश्क़ से क्या होगा; . अरे कुछ हुआ तो ठीक है “साहब”, ना हुआ, तो तजुर्बा होगा !!……..#अक्स
तन्हा चल रहा था सड़क पर मैं, तब देख रहा था मुझकों, “बाशिंदा उसका” , बड़ा मासूम सा वो,तबस्सुम कहीं खोई हुई, निगाहे तलबगार, और चेहरा उदास था उसका, जिस हाथ में “होनी थी कलम”, […]
meri zindgi se ek jang c chiddi h.. m muskura leti hu.. or wo rulane pe adi h.. meri zindgi se ek jang c chiddi h.
drd to bhut h is seene me… sbd km h jeewan me.. fir b khin na khin se jood leti hu sbdo ko… smet leti hu drd ko.. aaram mil jata h chand lmho ka.. […]
कौन कहता है आदमी मरता है बस एक बार वस्लो हिज़्र के खेल में मौत हुयी हमारी हजार बार
बेहद ही खूबसूरत है जिंदगी हर पल नयी, नूतन झिलमिलाती, चमकती हुई आंखों में ख्वाबों के पुल बनाती हुई कभी मुस्कुराती कभी रोती आसूओं में भी खुद का आईना दिखाती कभी चलती, कभी ठहरती बेहद […]
ღღ__दर्द की चाशनी में, डुबोना भी पड़ता है “साहब”; . महज़ इल्म की शायरी में, मिठास नहीं आती !!……..#अक्स “इल्म = ज्ञान”
MOhabbat k khanjar se is kadar kta h wo shaks jisne judna b chaha to judd na paya…
Bhulae nhi bhulte ho tum ab tumhari trh tumhari yaade b ziddi h
ek dost ne muje ek dost gift ki boli jo tum muje na keh ski tu ise bta skegi…
Ruko or thoda wakt bitao kuch apne sath kuch apno k sath..
log muje dfna rhe the or wo ankho me anshu la rhe the jo zindgi bhr brse mere hi ankho se aab wo uski ankho se behne me katra rhe the
Dard to sbka ek hi hota h byan krne ka trika anek hota h pehle mohabbat ki baris h fir judai ki ret h drd to sbka ek h
Sach kehte h ghr wale ki muje tanha rehne ki bimari ho gyi h ise dur krne k liye ek shaks ko dhundne ki taiyaari ho rhi h
tu daag na lga mere jazbatto ko yhan aanch c rehne de is grm aanch me neend sukun bhri aane de bhuj jaegi ye aanch b dheere dheere jaise tdp k mar gye jazbaat mere […]
ღღ__हम वो किताब थे “साहब”, जो कभी पढ़े ही नहीं गए; . काश, हमपे भी नक़ाब-ए-जिल्द, अच्छी चढ़ी होती !!…….#अक्स
कई दफ़ा की कोशिश भूल जाने की उन्हे अब तो भूलने की कोशिशों की भी यादें बन गयी है|
मेरी कहानी अनकही ही रह गयी सितारों के उजालों में अंधेरे सी दब गयी दुनिया ने मेरी सिर्फ़ सूरत ही देखी दिल की आवाज किसी कोने में दफ़न हो गयी
जैसे ही शरीक हुए , महफ़िल – ए – मय में ….. जाम पर जाम होंठो से टकराते गए….. हर एक घूंट के साथ ….. हम उनके साथ बिताये हुए , संगीन लम्हें भुलाते गए […]
ღღ__नींद आँखों तक आने में, अब डरती है साहब; . इक रात इनमें कुछ ख्वाबों का, क़त्ल हो गया था !!……..#अक्स
एक दफा बारिश का आनंद लेने की ठानी, यही कर दी हमने सबसे बड़ी नादानी | घर के बाहर ही कीचड का ढेर था , और उस ढेर में फंसा मेरा पैर था | फिर […]
बिछडने के ख्याल से हम आपसे मिलने से डरते है मगर कैसे बताएं हम किस कदर तनहा मरते है देख न ले वो हमें, कहीं पुकार न ले उनकी गलियों से यूं गुज़रने से […]
फूलों से कह दो चमन में अब न यूँ महका करें । खौफ से कांटों के अब सब काँटों का सिजदा करें । चाँद किस से जाके अपनी दास्ताँ ए दिल कहे , जब उजालों […]
**************************** उतार दी है जिंदगी सारी कि सारी चंद लफ़्जों में काश कोई समझ ले कभी इसी इंतजार में है इक मुद्दत से कि कभी कोई मेरे लफ़्जों को गढ़ ले कभी| सीधे सपाट शब्दों […]
ღღ__मेरे ख्वाबों की इक झलक, देखने की कोशिश तो करो कभी; . खुद-ब-खुद समझ जाओगे, तुमने क्या खोया है, इक मुझे खोकर !!…..#अक्स
मुझे हमेशा तुम से बाँधें रखेँ …. इस क़ायनात में , ऐसी एक जंजीर ढूंढता हूँ ….. दौलत से सब बन जाते है अमीर … लेकिन तुझमे मैं , वो दिल वाला अमीर ढूंढता […]
धीरे धीरे चलने से राहे बन जाती है छोटी छोटी बातों से यादें बन जाती है जरा कोशिश तो कर के देख चंद लफ़्जो ओ अहसासों से नज्म बन जाती है|
अश्क बेपरवाह बहे जाते है एक कहानी है ये जो कहे जाते है कोई सुनता ही नहीं कोई ठहरता ही नहीं आते है लोग, चले जाते है अश्क बेपरवाह बहे जाते है आंखो से […]
ज़िन्दगी से उम्मीद, कुछ ज्यादा ही सही, ‘सब-कुछ’ खोकर, “कुछ” पाने का इरादा ही सही; . मिलना, ना-मिलना तो, उस खुदा क हाथ में है, तू मिलने का वादा तो कर, एक झूठा वादा ही […]
हर कोई हमारे करीब आना चाहता है मगर रिश्ता कोई नहीं निभाना चाहता है चाहत तो हमारी बस सच्चे दिल की ही है मगर झूठी दुनिया में सच कहां नजर आता है
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