अभिमन्यु नहीं है
May 27, 2021 in शेर-ओ-शायरी
अभिमन्यु नहीं है मगर चक्रव्यूह वैसा है
कहते नहीं बनता जीवन ये कैसा है
खड़े हैं कुरुक्षेत्र में लड़ने के लिए
कमाना और बचाना चाहते पैसा है
by राकेश
May 27, 2021 in शेर-ओ-शायरी
अभिमन्यु नहीं है मगर चक्रव्यूह वैसा है
कहते नहीं बनता जीवन ये कैसा है
खड़े हैं कुरुक्षेत्र में लड़ने के लिए
कमाना और बचाना चाहते पैसा है
by राकेश
May 27, 2021 in मुक्तक
कलयुग आधार है
मिलता सदा प्यार है
गाओ अधिकार है
मुश्किल मे संसार हैं
आत्मा का उद्धार है
जीवन का सार है
तुलसी का उपकार है
मतलब के यार है
एक ही प्रकार है
करना बेड़ा पार है
राम नाम आधार है
बड़ा ये हथियार है
मोक्ष का जो द्वार है
by राकेश
May 27, 2021 in शेर-ओ-शायरी
राम चरित मानस को मन में दोहराए
मिल कर के लोग सब सीता राम गाए
कलयुग में केवल ये नाम ही आधार है
सुमिर सुमिर भव से पार उतर जाए
by राकेश
May 27, 2021 in Other
बिन मतलब कोई नहीं, करता देखो बात
अहंकार का संग है, बड़ी भयानक रात
2
बूढो से कोई नहीं, करता देखो बात
बात बात में हो रहे, कैसे कैसे घात
3
दुख सुख अब बांटे कहाँ, व्यस्त हुए सब लोग
अपनी राग अलापने, का लगा भारी रोग
by राकेश
May 27, 2021 in Other
जीवन से भी कीमती, मात्रभूमि का मान
आपस मे लडिए नहीं, मारो मिल शैतान
2
जाति पंथ औ लिंग की, मत करिए परवाह
करते प्रेम प्रचार चल, एक जुटता की राह
by राकेश
by राकेश
by राकेश
by राकेश
May 27, 2021 in Other
धरती में अपशिष्ट का, मिलना घातक जान
कूड़ा कचड़ा प्लास्टिक, फेको कूड़ा दान
2
मिट्टी प्रदूषण से सुनो, बीमारी कई होय
जैविक खेती से करे रक्षा अब सब कोय
by राकेश
May 27, 2021 in Other
कहते दुश्मन कान के, जग आवांछित शोर
जोर जोर से होत है, सुनिए चारो ओर
2
सोना औ सुनना हुआ बड़ा कठिन अब काम
वाहन और मशीन की ध्वनि को नहीं आराम
by राकेश
May 27, 2021 in Other
वायु प्रदूषण बढ रहा, सुरसा मुख विकराल
हम नहिं है हनुमान सा, दुख ज्यूँ मुख हो व्याल
2
वायु देव को भी किया, मानव ने बीमार
हॉस्पिटल में ले रहे, ऑक्सिजन लगातार
by राकेश
by राकेश
by राकेश
by राकेश
May 27, 2021 in Other
ना रस है ना छंद है, अलंकार से हीन
देखो कविता हो गयी, अब की कितना दीन
2
पाठक श्रोता दूर हैं, कवियों की भरमार
हिंदी कविता दुर्दशा, जैसे हो बीमार
3
तुलसी सूर कबीर, के जैसे दिखे न भाव
हिंदी कविता आज की, डूब रही है नाव
4
कविता का स्तर गिरा, खूब किया खिलवाड़
पाठक श्रोता ने किया, अपने बंद किवाड़
by राकेश
May 27, 2021 in शेर-ओ-शायरी
बनाए रखना हिम्मत भगवान् हमारे
आते रहे हरदम हम आपके द्वारे
भक्तो के रक्षक भगवान् आते हैं
मीरा और राधा के जैसे नहीं पुकारे
by राकेश
May 27, 2021 in शेर-ओ-शायरी
आते नहीं तूफान तो कश्ती पार हो जाती
जीत जाते जंग नहीं हार हो जाती
आते रहे तूफान अब तैर जाएंगे
सोचा नहीं था दुनिया बीमार हो जाती
by राकेश
May 27, 2021 in शेर-ओ-शायरी
अंधेरा बहुत है आओ दीपक जलाएं
कोरोना महामारी को मिलकर हराए
दूर रहने में ही बचेगी जान अब
बिना संकोच के हम सभी मास्क लगाए
by राकेश
May 27, 2021 in शेर-ओ-शायरी
सम्हाल कर बोले शब्द वापस नहीं आएंगे
पता है आपको कितना दिल दुखाएगे
बोलो गे अगर मीठे शब्द तो
घाव भरने वाला मरहम बन जाएगे
by राकेश
May 27, 2021 in शेर-ओ-शायरी
मतलब कि दुनिया में मतलवी यार मिले
एक बार नहीं हर बार है मिले
दुश्मन अच्छे हैं ऎसे दोस्तो से
हम उम्मीद करते हैं उनसे सच्चा प्यार मिले
by राकेश
May 27, 2021 in Other
वर्षा जल अनमोल है, सब अब करे प्रयास
नदी कूप है मांगते, सावन भादौ मास
2
बनाए घर घर सोक्पीट, जल संरक्षण होय
नैतिक जिम्मेदारियां, लेना है सब कोय
3
बिन पानी सब सून है, भर जाए जल श्रोत
कम ना हो जल भूमिगत, सब हो ओत प्रोत
by राकेश
May 26, 2021 in हिन्दी-उर्दू कविता
सदियों पुरानी मर्यादा तोड़ दिया
अच्छा किया
कानून को मानना छोड़ दिया
अच्छा किया
असहायों की बस्ती में बंब फोड़ दिया
अच्छा किया
अमीरों के सामने गरीब ने दम तोड़ दिया
अच्छा किया
शराब पीकर भीड़ की ओर वाहन मोड़ दिया
अच्छा किया
आतंकियों से नाता जोड लिया
अच्छा किया
पद पाने के लिए घूस एक करोड़ दिया
अच्छा किया
अच्छा किया, कहने वाले कभी अल्प संख्यक थे
मगर आज बहु संख्यक हो गए हैं
by राकेश
May 25, 2021 in हिन्दी-उर्दू कविता
मजदूरों के हाथ
बहुत दिनो से खाली है
दोष एक का नहीं
दो हाथों से बजती ताली है
खालीपन अभिशाप बन गया
खाली उनकी थाली है
फसल उगी थी बहुत ही सुंदर
ले गया कोई बाली है
शासन की करतूत कहे क्या
देखो कितनी काली है
by राकेश
by राकेश
by राकेश
by राकेश
May 25, 2021 in Other
मानव भाए न गंदगी, चला स्वच्छ अभियान
सबसे सुंदर बन रहा, अपना हिंदुस्तान
2
अपने हिंदुस्तान की चर्चा है चहुँ ओर
सभी क्षेत्र में बढ़ रहा, आँगे आँगे शोर
by राकेश
by राकेश
by राकेश
by राकेश
by राकेश
May 25, 2021 in शेर-ओ-शायरी
कछुआ और खरगोश दौड लगाएगे
अधूरे हैं दोनों मंजिल कैसे पायेगे
मुश्किलें हो जाएगी आसान
जब दोनों दोस्त हो जाएंगे
by राकेश
by राकेश
May 25, 2021 in शेर-ओ-शायरी
सब कुछ मान कर जो पालते रहे
बीपत्तियों का काँटा निकालते रहे
बुढ़ापा मे वो असहाय हो गए
कपूत घर से बाहर निकालते रहे
by राकेश
May 25, 2021 in Other
मैहर की मां शारदा, ऊँचा पर्वत धाम
बल बुद्धि विद्या दीजिए, जपते मां का नाम
2
मैहर की मां शारदा, महिमा अपरम्पार
भक्तो पर करिए कृपा, आए तेरे द्वार
by राकेश
May 25, 2021 in Other
मेला है संसार ये, आते जाते लोग
जीवन का मकसद नहीं, करना केवल भोग
2
राम नाम आधार है, लेकर होना पार
क्षमा करो अपराध प्रभु, आए तेरे द्वार
by राकेश
by राकेश
May 25, 2021 in Other
बहुत बड़ा वरदान है, मानव का विग्यान
नए नए होते जहाँ, सदा हि अनुसंधान
2
चाकू है विग्यान पर, मारो मत इंसान
तब ही इसको कह सके, है अच्छा वरदान
by राकेश
May 25, 2021 in Other
मानव निर्मित आपदा, आई आज अनेक
बदलो अब व्यवहार को, कहता यही विवेक
2
आए जब जब आपदा, जान माल की हानि
करे प्रबंधन मिल सभी, भारत के सब ज्ञानि
by राकेश
May 25, 2021 in Other
कोरोना से वीरगति पाने वाले लोग
आँखो के आँसू कहे, कितने थे अनमोल
2
उजड़ गए परिवार जो, दुख ये कहा न जाय
अर्जुन सा श्री कृष्ण अब, हमको दो समझाय
by राकेश
May 25, 2021 in Other
गीता का उपदेश है, कर्म रखो अधिकार
अजर अमर है आत्मा, ईश्वर का उपकार
2
अर्जुन अपना काम कर, करो न सोच विचार
निर्धारित सब कुछ यहां, ईश्वर का संसार
by राकेश
May 25, 2021 in Other
सुरसा सा मुह खोलती कई समस्या आज
पवन पुत्र अब आय कर, करो राम के काज
2
पवन पुत्र विनती करे, भक्त सभी कर जोड़
आओ फिर से पापियों, नशे दीजिए तोड़
by राकेश
May 25, 2021 in Other
आए अच्छे भाव जब, सुख उपजे सब ओर
सुंदर सब लगने लगे, जैसे वन से मोर
2
मेरा मेरा मत करो, भूलो ना उपकार
तन मन धन जो कुछ मिला, ईश्वर के अवतार
by राकेश
May 25, 2021 in Other
दुनिया है सुंदर बहुत, रचना है भगवान्
कैसे तू सुख पाएगा, कमी देख इंसान
2
अच्छाई को ग्रहण कर, शिक्षक सकल जहान
कमियों पर पर्दा पड़ा, कैसे हो कल्याण
by राकेश
May 25, 2021 in Other
ईर्ष्या करके मत जलो, तज दीजय अभिमान
क्रोध लोभ से दूर मैं, हो जाऊं भगवान्
2
भाईचारा खेत में, चलिए मन हे आज
सुख पाओगे बहुत तुम, और करोगे नाज
by राकेश
by राकेश
May 25, 2021 in Other
प्रकृति संतुलन बिगड़ता, आते बाढ़ अकाल
संरक्षण पर्यावरण, कर लीजै तत्काल
2
दूषित पर्यावरण है, कहत पुकार पुकार
जीवन की रक्षा करो, आदत मनुज सुधार
by राकेश
May 25, 2021 in Other
आया है संकट बड़ा, धैर्य धरे इंसान
सच्चाई का सामना, करना है बलवान
2
धैर्य परीक्षा होत है, सदा ही आपत काल
विचलित होना है नहीं, बाल न बांका हाल
by राकेश
by राकेश
May 25, 2021 in Other
सत्य अहिंसा प्रेम है, भारत माता शान
देते दोनों शक्ति है, फौजी और किसान
2
भारत ने दुनिया किया, सदा बड़ा उपकार
शांति पक्ष लेता रहा, चले नहीं तलवार
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