सुकून का सागर जैसे आँखों से बाँध बैठे हैं, चेहरे चेहरों से ही जैसे अपना रिश्ता मान बैठे हैं, चाहत नहीं है के मिल जाए ख़बर ज़मी से आसमान की, वो तो हवाओं के हवाले […]
सुकून का सागर जैसे आँखों से बाँध बैठे हैं, चेहरे चेहरों से ही जैसे अपना रिश्ता मान बैठे हैं, चाहत नहीं है के मिल जाए ख़बर ज़मी से आसमान की, वो तो हवाओं के हवाले […]
“”**जिंदगी”** ***** खुश रहकर गुजारो, तो मस्त है जिदंगी, दुखी रहकर गुजारो, तो त्रस्त है जिंदगी, तुलना में गुजारो, तो पस्त है जिंदगी, इतंजार में गुजारो, तो सुस्त है जिंदगी, सीखने में गुजारो, तो किताब […]
आज सुबह मुझे एक बात याद आई, कि मेरी परीक्षा की तिथि पास आई। इसी बात पे मैने श्याम जी से गुहार लगाई, तभी मुझे एक आवाज देने लगी सुनाई। फिर क्या मैंने उन्हें अपनी […]
“**सावधान हों”** ****** सावधान होकर रहें , विपदा- शूली राह । आतुरता करती सदा , जीवन भर गुमराह।। अजी सब सावधान हों , नहीं व्यवधान कोई हो । *********जानकी प्रसाद विवश ****** * प्राण से […]
रोज प्यार के गीत गुनगुनाए हर कोई मन , मुसीबतों को ,सबक सिखाए हर कोई मन। नाच ले ,झूम ले मस्ती भरे , मधुर तरानों पर, खुशियों की बाँहों में ,झूल जाए हर कोई मन […]
तेरी तस्वीर के आगे यह दुनिया कुछ भी नहीं है । जो भी देखेगा तुझे देखकर, दीवाना हो जायेगा ।
“**जिन्हें याद करके “** मंगलकामनाएँ ************ जिन्हें याद करके , हृदय नाच उठता, नहीं और कोई , वे हैं मित्र मेरे । हर इक दुख और सुख में , सदा साथ रहते , करें एक […]
किताबों के बनाकर छप्पर अक्षरों के बिस्तर लगाये बैठे हैं, ज्ञान की सारी पोथियाँ आज हम लेपटॉप में दबाये बैठे हैं, कलम की स्याही के वजूद को मिटाने की खातिर जैसे, हम की-बोर्ड पर अपनी […]
एक नज़र चाह कर भी मिलाने को तैयार नहीं, ज़िन्दगी एक पल भी सर उठाने को तैयार नहीं, नोच खाने को बैठी है एक ज़िन्दगी ज़िन्दगी को कैसे, क्यों एक लम्हा भी कोई ठहर जाने […]
कदम दर कदम मै बढाने चला हूँ। सफर जिन्दगी का सजाने चला हूंँ। खुशी-ए-जमाना तुझे सौप कर मैं, सफल जिन्दगी को बनाने चला हूँ। मुहब्बत से ज़्यादा ये कुछ भी नही है, ग़ज़ल प्यार मैं […]
कल हार थी, आज जीत है आज जीत कर भी मैं अधूरा सा हूँ, ये जिंदगी की कैसी रीत है। -मनीष
तेरी पहली पंक्ति में मैंने तुझे शीशे सा टूटता हुआ देखा, और जब तूने दूसरी और अंतिम पंक्ति लिखी तो उसी शीशे के टुकड़ों को ज़मीन पर बिखरते हुए देखा, तेरे लेख से मैंने तुझको […]
कदम दर कदम मै बढाने चला हूँ। सफर जिन्दगी का सजाने चला हूँ। ज़माने की खुशियाँ जहाँ पें रखकर दौर जिन्दगी बनाने चला हूँ।। योगेन्द्र कुमार निषाद घरघोड़ा
कुछ परेशानी से तो कुछ संघर्ष की कहानियों से, जीवन नहीं कटता बिना दुःख और दर्द की निशानियों से, कभी टूटता तन, तो कभी रूठता मन लम्हे कितने भी खूबसूरत क्यों न हों, हर खूबसूरती […]
काश मैंने तुमको पहचान लिया होता! तेरी बेवफाई को जान लिया होता! यूँ बेवसी न मिलती कभी तन्हाई की, तेरी अदा को दिल्लगी मान लिया होता! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
‘मुस्कुरा कर जो देखो तो सारा जहाँ हसीं दिख जाता है..’ वरना.. ‘भीगी आँखों से तो आईने में अपना चेहरा भी धुंधला नज़र आता है..’
इक इक दिन करके जिंदगी गुजर गयी फूल सी जिंदगी कांटो में ढल गयी
नहीं थकती……। —————————- अश्रुपूरित नयन मेरे क्यों….? राह तुम्हारी ताकते नही थकती शून्यमात्र बिन तेरे-जीवन के पल “प्रीत”हमारी-कहते नही थकती मनुहार दिल की-सुने तेरा दिल भी “उम्मीदें”दिल की-सहते नही थकती गुदगुदाते मन को-मिलन के पल […]
इतना चाहने पे भी तू सनम न हुआ, बस यही तो गम है कि तू ‘हम’ न हुआ की तू ‘हम’ न हुआ।। -मनीष
चांद की चमक और तुम्हारी मेहक एक सी है दोनों मुझ तक पहुंच जाती है लेकिन लौट न जा पाती है और तू है की मुझे समझ ही नहीं पाती है इतना क्यों इतराती है!! […]
Tere man mein kya hai vo tu hi jaanta hai Mere dil ka haal bhi tujhse chupa nhi” Ku hain pareshan tu yeh tu hi jaanta hai Mein bhi tere saath hu tujhse judaa nhi” […]
Do din ki zindgi isme thode maje uta lo Yaaro saath milker thoda haslo thoda muskuralo
अपने आंचल की छाओं में, छिपा लेती है हर दुःख से वोह एक दुआ दे दे तो काम सारे पूरे हों…
Suvchhta se asaa nata hai jo bharat me hi ataa hai suvchhta ke liye humne kude ko do bhago me bata hai
Ek Sapne Ke Piche Bhaag Rahi Hu Main, Na Jane Yeh Sach Hoga Bhi Ya Nahi, Phir Bhi Umeed Ka Man Me Deep Jalaye, Chali Ja Rahi Hu Main, Ek Sapne Ke Piche………………….. Mera Yeh […]
तेरे दिल की बात बदल न जाए कहीं! वक्ते-मुलाकात निकल न जाए कहीं! कब तक करूँ यकीन तेरे प्यार पर? तन्हाई में रात ढल न जाए कहीं! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
तेरे दिल की बात बदल न जाए कहीं! वक्ते-मुलाकात निकल न जाए कहीं! कब तक करूँ यकीन तेरे प्यार पर? तन्हाई में रात ढल न जाए कहीं! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
तुम्हारे होने से ही मैं हूं मेरे वजूद का मतलब तुमसे है मां के चरणों में मेरा जीवन है मेरे जीवन का मतलब तुमसे है
“**प्रातः अभिवादन “** *********** मित्रतामय जगत सारा , मित्रता ही महकती है । गुलाबों की तरह हर पल दुख के शूलों के संग रहती। निभा कर साथ, सुख दुख में , मित्र के सुख दुख […]
**मित्रता के तख्त पर”** मधुर प्रातः स्मरण ” नित शाखें प्यार की हैं झूमती , हर जिंदगी के. दरख्त पर । हर सुवह शाम की दुआ-सलाम, करते है मित्रता के तख्त पर । जानकी प्रसाद […]
ना शब्द, ना बात और ना ही मुलाकात, तुम सब समझ लेते हो , सुनकर बस मेरी एक आवाज़। जानते हो मेरी हर एक बात, फिर भी कभी कुछ जताते नही, और भले हो कितनी […]
तुमने स्वीकार किया ना किया.. मैने तो अपना मान लिया ! प्रिय मन में मुझे बसाना था.. तुम भ्रांति ह्रदय में बसा बैठी !! ~~~ प्रिय स्नेह निमन्त्रण दिया तुम्हे.. तुमने क्यूँ उसको टाल दिया […]
लफ़्ज हो गये है खत्म दास्ता बयां करते करते कुछ कहते हम अक्सर थम जाते है
सुप्रभाती-नमन दुआओं की दवाओं ने, वह असर दिखला दिया। दस दिनों की जगह, दो दिन में ही अंतर ला दिया। जानकी प्रसाद विवश प्यारे मित्रो, गुनगुनाती सुवह का रसीला नमन, सपरिवारसहर्ष स्वीकार करें । सादर […]
कई क़िस्से, कई बातें फिर हँसती खिलखिलाती मुलाकातें, उन दिनों की एक-एक यादें आज भी मेरे साथ हैं, तू जो छोड़कर चला गया अब क़लम ही एक विश्वास है, तेरे इश्क़ के अनुभव लिखने पे […]
#भारतीय_रेल लोहे की खिड़की पे सिर रखकर, सपनो को करीब से देखा है, पहियों के रफ़्तार से, अनुभव को भरपूर जीता है इस तरह यादें समेटे सफर चलता जा रहा, भारतीय रेल का ये साथ […]
बहारो मे जब अकसर कुछ फूल आते है ये पौधे बेबसी अपनी अकसर भूल जाते है कुछ इस तरह मिलती है निगाह अजनबी से कहना क्या होता है हम अकसर भूल जाते है कल सरे […]
मैं कवि हूँ , भावना लिखता हूँ बोध संग गढ़ता हूँ प्रतिकार-अधिकार के लिए अस्त्र बन उभरता हूँ राह सुलभ करने का हुनर भी जानता हूँ राहगीर से मिलता जब भी, उनकी तकलीफ़ को स्याही […]
तेरे बगैर मैं तो तन्हा जिया करता हूँ! शामो-सहर मैं तुमको याद किया करता हूँ! ख़ुद को खो चुका हूँ इतना तेरे प्यार में, नींद में भी तेरा मैं नाम लिया करता हूँ! मुक्तककार- #मिथिलेश_राय
इक नज्म है जो दबी हूई है दिल की दरारों में आज फिर बहुत कोशिश की मगर निकल ना पाई
माँ तेरे प्यार को कैसे लिखूँ, प्यारे से दुलार को कैसे लिखूँ, सुबह का जगाना और रात लोरी सुनना पल पल पूछे खाना खाले जो चाहे वही बनवाले फिर बोले घर जल्दी आना देर हो […]
प्यार का इज़हार होने दीजिए। गुल चमन गुलजार होने दीजिए। खास हो एैसा ही, कोई पल दे दो, वक्त को हम – राज होने दीजिए। हो सदा वचनों में इक नव सादगी , प्यार काे […]
न ही उठानी है तलवार न ही उठाना है हथियार उठानी है बस हाथ में झाड़ू जिससे भारत हो खुशहाल न ही थूकना दीवारों पर न कूड़ा फेंकना इधर उधर कूड़ेदान का उपयोग खुद करके […]
Swcch bana h bharat mujhko Pr isse phle khud ko swcch bno
Sfai krna koi ni h krm Ye to aik puja h Isme hi lg jao sb
Saaaf krna h to iss mn ko kro Desh to sbnh saaf hoga Saaf krna h to desh ko kro Deish sbyn mhan hoga
India is a country an cleanliness is a mentality , so when our mentality will take a side of cleanliness than our india will become the real india
स्वच्छ भारत एक सवेरा है जिसका भारत में डेरा है स्वच्छता का सूरज उगता है तो बीमारियों की शाम होती है स्वच्छता को बनाएंगे इस सूरज को उगाएंगे
स्वच्छता सम्बन्धी कुछ बातों को सबके दिल तक पहुँचाना होगा, ये जागरूकता फैलाने में हम सब को साथ निभाना होगा, फैल रहा जा कूड़ा करकट उसको मिल जुल कर साफ़ कराना होगा, बचना हो गर […]
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