वतन में आज नया आफताब निकला है, हर एक घर से गुल ए इंकलाब निकला है। सवाल बरसों सताते रहे थे जो हमको, सुकूनबख्श कोई अब जवाब निकला है। गये थे सूख समन्दर उदास आंखो […]

दो रोटी गर्म गर्म फूली हुई सी आज भी जो मिल जाये तो मै दौङी चली आऊँ, दो कौर तेरे हाथों से खाने को जो अब मिल जाये, तो मै सब कुछ छोङ आ जाऊँ। […]

मेरा नसीब मुझसे क्यों रूठ गया है? राहे-मंजिल से रिश्ता टूट गया है! यादें चल रहीं हैं पलकों में हर घड़ी, तेरा दामन हाथों से छूट गया है! मुक्तककार – #महादेव’

एक शहीद सैनिक दिल्ली से क्या कहना चाहता होगा इसी विषय पर मेरी एक कल्पना देखें- सुलग उठी है फ़िर से झेलम हर कतरा अंगारा है, हिमगिरी के दामन में फ़िर से मेरे खून की […]

मेरी कलम नहीं उलझी है माशूका के बालों में, मेरे लफ्ज नहीं अटके हैं राजनीति के जालों में, मैने अपने अंदर सौ-सौ जलते सूरज पाले हैं, और सभी अंगारे अपने लफ्जों में भर डाले हैं, […]

तेरी कलम को कभी अपनी रुबाई नहीं दूंगा, मैं तुझको चश्म-ए-नम की कमाई नहीं दूंगा l तेरी आंखों में वहम के कई पर्दे टंगे हुए हैं, मैं तुझे सामने रहकर भी दिखाई नहीं दूंगा l […]

ज़रा सा गौर से सुन अब ये आईंदा नहीं होना, कि मुझको तेरा होके और शर्मिन्दा नहीं होना| जहां मतलबपरस्ती आशनाई नोच खाती है, मुझे ऐसी तेरी बस्ती का बाशिन्दा नहीं होना| बहोत ही बेरहम […]

लिपट कर एक बेल एक पेड़ को,आधार पा गई थी बहुत खुश थी सुंदर फूल उगाती थी और गिराती थी जैसे पुष्प वर्षा हो वो समझती थी की अब आसान सफर है जिंदगी का पेड़ […]

ऐ मेरे स्कूल मुझे, जरा फिर से तो बुलाना… कमीज के बटन ऊपर नीचे लगाना, वो अपने बाल खुद न काढ़ पाना, पी टी शूज को चाक से चमकाना, वो काले जूतों को पैंट से […]

मयखाने में साक़ी जैसी दीपक में बाती जैसी नयनो में फैले काजल सी बगिया में अमराई जैसी बरगद की शीतल छाया-सी बसन्त शोभित सुरभी जैसी गीता कुरान की वाणी-सी गंगा यमुना लहराती जैसी बगीचे की […]

दिल के एक कोने मे मन्दिर बना लो। मात-पिता की मूरत उस मे बिठा लो। दिया ना जलाओ पर गले से लगा लो। आरती के बदले , कुछ उनकी सुनो , कुछ अपनी सुनाओ। पहला […]

नाज हमें है उन वीरों पर, जो मान बड़ा कर आये हैं। दुश्मन को घुसकर के मारा, शान बड़ा कर आये हैं।I मोदी जी अब मान गये हम, छप्पन इंची सीना है। कुचल, मसल दो […]

कई मंथराओं का मिलन– परिहास पर है कैकयी फिर भृमित कोप में उपवास पर है तड़फ रहे जनता के दशरथ हाथ मल रहै देख रहै सव कि -राम अव वनवास पर है सीता भी अव […]

तुम आओ सिंह की सवार बन कर ! माँ तुम आओ रंगो की फुहार बनकर ! माँ तुम आओ पुष्पों की बहार बनकर ! माँ तुम आओ सुहागन का श्रृंगार बनकर ! माँ तुम आओ […]

हर लहर उठती है एक नयी उम्मीद लेकर खाती ठोकर चट्टानों की,अपना सबकुछ देकर फिरभी खिंचती चली आए, मिलने किनारे से इन दोनों का प्यार चला है इक ज़माने से एक अरसे से किनारा भी […]

हम भारतवासी हैं हम सभी धर्मों का आदर करते हैं जो भारत मां की तरफ आंखों उठायेगा उसका सीना चीर दिया जाएगा जो इन दिलों में नफरतों के बीज बोयेगा वह जिंदगी भर रोयेगा भारत […]

पाक के गद्दारों के लहू से कर दो धरती लाल उसी खून से करना है माँ भारती का श्रंगार तत्पश्चात चिड़ियाघर में भूखे शेरो और चीतों के आगे फेंक दो मेरी सरकार तो दीपक जलाऊॅ […]

कितना भी मैं करना चाहूँ मैं अपने प्यार का इजहार आई लव यू कहकर पर कमबख्त जुबान फिसल जाती है और मुँह से निकल जाता है जयहिंद प्रस्तुति – रीता जयहिंद

जब पाक साफ कर लोटकर आयेगे हमारे वीर जवान मैं साल में मनाऊॅगी दीवाली बारह बार कनातों पर दीपक रोज जलाऊॅगी और पाकिस्तान की धरती पर तिरंगा लहराकर आऊंगी प्रस्तुति – रीता जयहिंद जयहिंद

यह देश है शेर जवानों का अब तो नाश होगा हैवानों का अब तो सिर्फ हिसाब होगा सत्रह जानों का यहाँ खौल रहा है खून हर हिन्दुस्तानी का प्रस्तुति – रीता जयहिंद

जब पाक खाक होगा भारत में एक त्योहार और मनाया जायेगा जैसे दशहरा मनाया जाता है रावण का पुतला दहन करके वैसे ही आतंकवाद का पुतला जलाया जायेगा प्रस्तुति – रीता जयहिंद

छप्पन इंची सीना ना जाने कैसे बहत्तर इंची का हो गया वाह मोदी जी वाह ये तो कमाल हो गया सारा देश मोदी जी आपका कायल हो गया मेरा बुझा मन भी रोशन हो गया […]

सोये हुए सैनिकों को मारकर तूने किया है बुरा काम वाकई में ना कोई तुझसा नमक हराम अब तो मिट जाएगा दुनिया से तेरा नामोनिशान सोच बेटा अब क्या होगा तेरा अंजाम प्रस्तुति – रीता […]

तुम जब जब गिराओगे लाशें मैं तब तब ज़िंदा हो जाऊंगा, शक्ल बदलेगी मगर तुम्हें हर शय मे, मैं ही नज़र आऊंगा l     मैं सपूत हूं उस मां का जिसकी मिट्टी ही मेरा […]

  अगर इश्क हो तो ही होती गज़ल है। ख़यालों के बिस्तर पे सोती गज़ल है।।   दिशा है दिखाती ये भटके हुओं को, दिलों की ख़लिस को भी धोती गज़ल है।।   जो साहित्य […]

हंसाकर कहीं तुम रुला तो न दोगे, कोई जख़्म फिर से नया तो न दोगे।   हसीं वादियों के सपने दिखाकर, कहीं यार तुम भी दग़ा तो न दोगे।   हिफ़ाजत का कर के बहाना कहीं […]

पाक के गद्दारों के लहू से कर दो धरती लाल उसी खून से करना है माँ भारती का श्रंगार तत्पश्चात चिड़ियाघर में भूखे शेरो और चीतों के आगे फेंक दो मेरी सरकार तो दीपक जलाऊॅ […]

ओ विप्लव के थके साथियों विजय मिली विश्राम न समझो उदित प्रभात हुआ फिर भी छाई चारों ओर उदासी ऊपर मेघ भरे बैठे हैं किंतु धरा प्यासी की प्यासी जब तक सुख के स्वप्न अधूरे […]

जाँ पे खेला बचाया है तुमने वतन ज़ुल्म सहते रहे गोली खाते रहे बीच लाशों के तुम मुस्कुराते रहे कतरे-कतरे से तुमने ये सींचा चमन आज करता हूँ मैं देशभक्तों नमन साँप बनकर जो आए […]

देखती हूँ चांद को – लगता है बहुत भला , सोचती हूँ कईं बार – अगर आह्वान करूं चांद का क्या आएगा चांद धरती पर? अगर आ भी गया तो बदले में कन्या रत्न ना […]

आसमां के तारों में वो एक सितारा क्यों लगता है अपना सा। पलकें बंद कर देखूं तो सब क्यों लगता है सपना सा। बाहें किरणों की पसरा कर वह देख मुझे मुस्काता है। बस वही […]

ಓ ಮೂಡಣದವನೆ ,ಬಂದು ನೋಡು ಈ ಧರೆಗೆ. ಸಸ್ಯಶಾಮಲೆಯಾದ ಸುಂದರ ಭೂಮಿಯ ನೋಡು ।। ಜುಳು ಜುಳು ನಾದವ ಮೀಟುತ ಜೇಂಕಾರ ನುಡಿಸಿರುವ ಕಾವೇರಿಯ ನೋಡು ।। ಹನಿ ಹನಿಯ ಹಬ್ಬಕ್ಕೆ ನಲಿದು ನರ್ತಿಸುವ  ನವಿಲನ್ನು ನೋಡು ।। ಸ್ವರ್ಗವನ್ನೆ ನಾಚಿಸುವಂತ ಅಲಂಕಾರ ರಚಿಸಿರುವ ಹೂ ರಾಶಿಯ ನೋಡು ।। […]

आ कि तुझ बिन बज्म-ए-यारों में भी घबराता हूँ मैं, अपनों  की  महफिल  में  खड़ा  गैर  हो जाता हूँ मैं, बिन  तेरे  सारा  जहाँ   नाशाद   सा   लगता   मुझे, सू-ए-मंजिल  से  दफ्अतन […]

तुमको देखकर मेरे ख्याल मचलते हैं! तुमको सोचकर मेरे ख्वाब बहलते हैं! किसतरह हालात पर लगाऊँ मैं बंदिशें? मुझको दर्द के कदम दिन रात कुचलते हैं! मुक्तककार – #महादेव’

तेरा डूबना मुश्किल था “राही” मगर, क्या करते जब दूर तक साहिल नहीं था, कहाँ कब किससे गुफ्तगू करते “राही”, जब दूर तलक कोई सफर में मुसाफिर नहीं था, सबसे ज्यादा उसके करीब था “राही” […]

खुली जब आँख तो कमाल ये देखा, वो मेरी रूह में था और मैं मकान में था, सीखा ज़माने में बहुत कुछ हमने यारों, पर स्वाद मेरी जुबान में उसका ईमान से था, यकीन इतना […]

तुम्हारी जीत हो जाये हमारी हार हो जाये, जरा संभल मेरे दिल तू कही फिर प्यार हो जाये। यही बस सोच कर दिन खड़ा रहता हूँ राहों में, अभी घर से वो निकलेगी हमें दीदार […]

हम भारतवासी हैं हम सभी धर्मों का आदर करते हैं जो भारत माँ की तरफ आंखों उठायेगा उसका सीना चीर दिया जाएगा जो इन दिलों में नफरतों के बीज बोयेगा वह जिंदगी भर रोयेगा भारत […]