रागिनी गा दे या गाए बिना सुना दे भीतर है जो उबाल उसे बाहर निकलने दे। मन की जुल्फों को उलझने दे दिल की लगी को चारों ओर बिखरने दे। उसकी तपिश से बर्फ पिघलने […]

यह न कहो अवरोध खड़े हैं, कैसे मंजिल को पाऊँ मैं, जहां-तहां बाधाएं बैठी कैसे कदम उठाऊँ मैं। यही निराशा खुद बाधा है जो आगे बढ़ने से पहले डगमग कर देती है पग को चाहे […]

मुहौब्बत अगर आप सच में करें तो मुहौब्बत में ईश्वर की छाया दिखेगी, दिखावा नहीं माँगती है मुहौब्बत, मुहौब्बत में सच की कहानी मिलेगी। सच्ची मुहौब्बत में धोखा करे जो, इंसान कहने के काबिल नहीं […]

पसीना बहाना जरूरी है तेरा, तभी तो कदम लक्ष्य चूमेगा तेरा। सजग हो स्वयं को लगा श्रम पथ पर, सवेरा है जग जा, आलस्य मत कर। तेरी राह देखे खड़ी है बुलंदी कर ले तू […]

बात अपनी बोल देना, बात में डरना नहीं। धर्म की ही बात करना, धर्म से डिगना नहीं। तू अगर है सत्य पथ पर, झूठ से डरना नहीं। भूल कर भी बस गलत की तू मदद […]

भरा दर्द है सब तरफ याद रखना सभी दर्द में हैं मगर याद रखना, भुला कर गमों को खुशी खोजना बस, तभी जिन्दगी में मिलेगा मधुर रस। न चिन्ता में रहना अधिक आप ऐसे, सदा […]

ठंडक की आहट से उठ रही एक डर, कैसे कटेगा ये जाड़ा मिला न कम्बल गर। सिर पर छत नहीं, तन ढकने को नहीं, खुला आसमान है, जीवन है सड़क पर। सिकुड़-सिकुड़ कर रात काटी […]

आपकी पंक्तियों से मन हुआ गदगद हमारा, इस तरह के स्नेह का भूखा रहा है मन हमारा। नेह यह, आशीष यह यूँ ही रहे सिर पर हमारे, प्रेम बढ़ता ही रहे यह चाहता है मन […]

डटे हुए हैं सीमा में वे, रोक रहे हैं दुश्मन को, चढ़ा रहे हैं लहू- श्रमजल, मिटा रहे हैं दुश्मन को। ठंडक हो बरसात लगी हो, चाहे गर्मी की ऋतु हो, सरहद के रक्षक फौलादी, […]

खूब दीपक जल रहें हैं जगमगाहट सब तरफ है, खिल रही खुशियाँ अनेकों, आज रौनक ही अलग है। धन-धान्य हो भरपूर सबकी कामनाएं गूंजती हैं, आज हर घर की उमंगें लक्ष्मी मां पूजती हैं। लोक […]

खूब दीपक जल रहें हैं जगमगाहट सब तरफ है, खिल रही खुशियाँ अनेकों, आज रौनक ही अलग है। धन-धान्य हो भरपूर सबकी कामनाएं गूंजती हैं, आज हर घर की उमंगें लक्ष्मी मां पूजती हैं। लोक […]

लेखनी से आपकी ज्ञान धन वर्षा निरंतर होती रहे। पर्व धनतेरस मुबारक आपके आंगन को महकाती खुशी आती रहे। सब रहें खुश और पायें जिंदगी में खूब धन, मन रहे उत्साह में हो हमेशा स्वस्थ […]

अरे ओ रोशनी क्यों टिमटिमाती हो, क्यों इस तरह से दर्द में खुद को रुलाती हो। समझ लो तुम स्वयं को एक अदभुत शक्ति हो मत रहो दुविधा में तुम तो वाकई में शक्ति हो। […]

दीवाली आ रही है फुटपाथ में भी, नंगे -धड़ंगे, भूखे, ठिठुरते सोचते हैं कल हम गुब्बारे बेचेंगे। एक दस बरस के नन्हें के बापू ने गुब्बारे खरीदने को दस रुपये दिए हैं। दस के गुब्बारे […]

हवा से कहूँ जा खबर ले के आ जा, किस तरह से उनके दिन कट रहे हैं। दिवाली में कैसी शोभा है उनकी किस तरह से उनके बम फट रहे हैं। हवा तू जरा सा […]

मन कभी छोटा न करना दैव पर विश्वास रखना, गर कभी मुश्किल समय हो टूटना मत धैर्य रखना। जिन्दगी में मुश्किलें लाखों मिलेंगी आपको, मुश्किलों में, ठोस बनकर झेल लेना धैर्य रखना। गर कभी आंखों […]

रात अंधियारी थी उसमें चाँद सी तुम साथ थी, साँस उलझन में भरी थी, क्या पता क्या बात थी। चाहते थे खूब कहना बोल पाये थे नहीं, अश्क आये थे उमड़ हम रोक पाये थे […]

जो कर सकता है उसने उनकी मदद करनी ही होगी, जो कड़कड़ाती ठंड में भी खुले में सोते हैं। छोटे छोटे बच्चे ठिठुरते हैं तो भीतर ही भीतर रोते हैं। आने वाला है ठंड का […]

करो कुछ भी मगर मजबूर पर हँसना नहीं अच्छा, किसी का दर्द बढ़ जाये ये सब करना नहीं अच्छा। करो कुछ भी मगर मजबूर पर हँसना नहीं अच्छा, किसी का दर्द बढ़ जाये ये सब […]

सुन्दर चमकता चाँद देखेंगे शरद का आप हम छत पर चलेंगे रात के नौ-दस बजे के बीच हम। मांग लेंगे चाँद से दाम्पत्य जीवन में बहारें, चाँद की सुन्दर चमक को आप हम खुद में […]

करेला हूँ मगर इतना भी कड़वा मत समझना तुम, जरा सा भून लेना फिर नमक के साथ लेना तुम। हवा की कुछ नहीं गलती उसे क्यों दोष देते हो, जरा मेहनत करो बहती हवा को […]

जिन्दगी में भले ही हमें आलसी लोग काफी दिखें, पर कई इस तरह के हैं कर्मठ अंत तक काम करते दिखे। एक काकी है दुर्बल मगर ऊंचे-नीचे पहाड़ी शहर में, सिर से ढोती है भारी […]

उज्ज्वला का सिलिंडर सबको मिला, सब खुश थे, मगर वो रात भर सो न पाई। यह सोचकर कि – कोई मेरा नाम भी लिस्ट में जोड़ देता एक वोट तो मैं भी थी उसकी आंखें […]

उस गरीब माँ का अब अंत्योदय राशनकार्ड से नाम कट गया है, क्योंकि उसका बेटा पिछले महीने अठारह बरस का हो गया है, औऱ उसने आठ सौ का मोबाइल भी खरीद लिया है। डेरी से […]

नजारा गजब दिखा किसी ऊँचे रसूख की पार्टी में, बचा हुआ खाना सामने के कूड़ादान में फैंका गया, कुछ उसके अंदर पड़ा कुछ सड़क गिरा, फिर जानवरों द्वारा इधर उधर फेंटा गया, सुबह वहां पर […]

करीब पांच बरस के राज के आंखों में उस वक्त खुशी का ठिकाना नहीं दिख रहा था, ऐसा लग रहा था जैसे उस कूड़े के ढेर में कोई खजाना हाथ लग गया था। थैली लेकर […]

पापा! दिवाली आने वाली है इस बार धनतेरस में क्या लोगे? हवेली वाले दोस्त के पापा उसके लिए गियर वाली साईकल ले रहे हैं। पड़ौस के दोस्त के पप्पा, उसके लिए बिग कार ले रहे […]

गम न झेल पाया नशा आजमाया, दायित्व को स्वयं के निभा न पाया नशा आजमाया, बुरी संगतों में पड़कर तूने नशा आजमाया। नशे पर फिर तूने सब कुछ लुटाया, बाद में नशे ने तुझे गटर […]

गर किसी को वफा क्या है पता है तो गनीमत है, अर्थ क्या है मुहोब्बत का, पता है तो गनीमत है। पेट अपना भरा हो खूब जब स्वादिष्ट भोजन से, भूख फुटपाथ पर बैठी पता […]

गलती उसकी कुछ नहीं थी कुदरत की करामात थी, बाजार में कालिया के इस बार बारह बच्चे हो गए। अब उनकी परवरिश में लग गई, सभी को दूध पिलाना, उतनों के लायक दूध बने ऐसा […]

ले लो ना खीरा ले लो, चटपटा नमक लगा खीरा, मसालेदार चना ले लो, ले लो जी, गुब्बारे ले लो, रंग बिरंगे गुब्बारे। आप लोगे हमारी मजबूरी का समाधान होगा, आप खीरा, चना लेंगे, हमारी […]

लड़के!! 20 नम्बर की चाबी ले आ, जा उस गाड़ी के नट खोल, टायर में हवा भर, जा मोबिल ऑयल ले आ, उस गाड़ी में ग्रीस कर ले। औजार निकाल, औजार संभाल, जा ग्राहकों को […]

इस गली में नजारा रोज दिखता है, प्लास्टिक की थैलियों में भर कर फैंका हुआ दाल-चावल हर रोज दिखता है। खुशबू आती है, सोचता है गरीब मन, खुदा भी किस तरह की किस्मत लिखता है, […]

माँ!! इतना बूढ़ी होने के बाद भी तुम इतनी परवाह करती हो मेरी, खाया या नहीं, रात को ठंड हो रही है कम्बल ओढ़ लेना अच्छी तरह। पहुंचते ही फोन कर देना, अच्छे से जाना, […]

यदि किसी भूखे को हम दो कौर रोटी दे सकें तो तब कहीं सचमुच में हम इंसान कहने योग्य हैं। दर्द के आँसू किसी के पोंछ पायें, रोक पायें तब कहीं सचमुच में हम इंसान […]

खुद ही खाऊं खुद ही पाऊँ दूजे का हक भी खुद खाऊं दुनिया का जो भी अच्छा हो वह मुझे मिले, मैं सुख पाऊँ। सब पर मेरा राज चले सब मेरी बातों को मानें जिसको […]

जल रहा है आज रावण राम जी के वाण से, उड़ रही हैं खूब लपटें देखता जग शान से। गा रहे हैं जोश से सब राम राघव की बड़ाई अबकी ऐसा वाण मारो दूर भागे […]

इस सुरमयी संसार में सबको मिले सुख भोगने को दुख किसी को भी मिले मत राम जी वर आज दो। आपने त्रेता में जैसे, उस दशानन को संहारा, आज भी आकर निशाचर वृति को संहार […]

दशहरा पर्व यह पावन मुबारक हो सभी को, मिटे सारी बुराई खिले बस खूब अच्छाई। रावण सरीखी वृतियाँ सब दूर हो जायें, जीभ में शारदा माँ और वाणी में मिठाई। भलों का मार्ग कांटों से […]

बाल श्रम पर कविता **************** यही तो बात हुई, कलम,-दवात नहीं, न उजाला है कहीं, जूठे बर्तन हैं पड़े, नन्हें हाथों में मेरे, यहीं से सच कहूं तो जिंदगी की मेरी, सच्ची शुरुआत हुई। इनमें […]

निरंतर चलते रहता है दौड़ते रहता है समय, वो देखो भाग रहा है समय दौड़ रहा है समय। हम कितना ही चाहें नहीं रोक सकते उसकी गति को, वक्त की पटरी पर हमें दौड़ना पड़ता […]

आज तूफानों से कह दो आप भी पीछे रहो मत, धूल तो उड़ ही रही है, आप यूँ शरमाओ मत। हम हवा के हल्के झोकों से नहीं घबराते हैं, यदि स्वयं तूफान आये तब भी […]

प्रेम क्या है क्या बताएं पूछते हो तो सुनो, प्रेम जीवन प्रेम माया प्रेम सब कुछ है सुनो। प्रेम करुणा, प्रेम ममता प्रेम चाहत है सुनो, प्रेम दिल को जोड़ता है प्रेम बंधन है सुनो। […]

रोज है सुनने में यह आता गर हेल्मेट होता बच जाता, फिर भी बाइक पर चलने पर हेल्मेट को टांगे रहते हैं। दुर्घटना हो जाने पर फिर सारे लोग यही कहते हैं गर हेल्मेट होता […]

अधर्म का हो खत्म राज धर्म को विजय मिले, धनुष उठाएं रामचंद्र विश्व को निर्भय मिले। दैत्य दम्भ खत्म हो अहं की बात दूर हो, घमण्ड भूमि पर गिरे, बचे जो बेकसूर हो। अशिष्टता समाप्त […]

श्रीराम को आदर्श मानते हो ना, तो चलो उनके आदर्शों पर, गुरु का सम्मान, माता की इच्छा और पिता के वचन की रक्षा को राजगद्दी का त्याग, चौदह बरस तक वनवास ग्रहण करना। राक्षसों का […]

ओ युवा!! भारत के मेरे, राम बन जा आज तू, खुद हरा भीतर का रावण, धर्म धनु ले हाथ तू। बढ़ रहे हैं नित दशानन हम जला पुतला रहे हैं, जल गया रावण समझ कर […]

मेरे राम! फिर से आओ मेरे राम! फिर से आओ ना, बढ़ चुकी दानवों की फौज फिर से, आओ धरती में चले आओ ना। पहले दिखता था रावण मारना आसान था, अब तो लगता है […]