मन्ज़िल की तलाश में खुद राहों को आना पड़ा, ख्वाबों की तलाश में जैसे आँखों को जाना पड़ा, चाँद सूरज जब रौशनी कर न सके मेरे दिल में, छोड़ कर घर अपना फिर जुगनुओं को […]

हॉय पूस की रात, तू कितना दर्द देता है। वो मुझसे दूर क्या हुई, उसके संग गुजरा हर लम्हा याद आता है।। हॉय पूस की रात, तू कितना दर्द देता है। मैं उसका मन था, […]

मेरी एहसास तू है। मेरी हर सांस तू है। यहीं है, तू यहीं कहीं है, मेरे आस-पास तू है। मेरी जज़्बात तू है। मेरी कायनात तू है। कटे न एक पल तुझ बिन, मेरी दिन-रात […]

काश कि हर इंसा को होता, किसी की भूख का एहसास काश कि हर इंसा को होता, अपमान की तकलीफ़ का एहसास काश कि हर इंसा को होता, किसी के दर्द का एहसास काश कि […]

यादों के समन्दर में डुबकी लगाते हैं, तुझे हर पल पास अपने पाते हैं। तु करती हैं वेवफाईं पर, एहसास हमें रोज मिला ही जाती हैं। तेरे हालात मेरे पास पहुँच जाते हैं, तेरे रूदण […]

एहसास की दहलीजों पर कुछ शब्दों के घेरे हैं इस प्यार की राह में अक्सर कुछ दर्द तेरे-मेरे हैं तुम दूर कहीं ना जाओ पल-पल ये दिल कहता है वीरान है तुझ बिन दुनिया एहसास […]

ए बारिश तेरे रूप अनेक, तू समझ किसे ही ना आती कभी तरसाए मौसम में, कभी बेमौसम बरस जाती आते जाते आँसू कभी , खुशी और गम के दे जाती कल्पना तेरे बिना जीवन की, […]

ख्वाबों में जिसको देखा था मैंने, हकीकत में साथ वो रहने लगा है सोचा था साथ कौन देता है अब, हर कदम साथ वो चलने लगा है दिल की बातें किसे सुनाती, बिन बोले सब […]

तुम बिन मैं एक बूँद हूँ, तुम मिलो तो सागर बन जाऊँ… तुम बिन मैं एक धागा हूँ, तुम मिलो तो चादर बन जाऊँ… तुम बिन मैं एक कागज हूँ, तुम मिलो तो किताब बन […]

ये एहसास भी क्या चीज है? असत्य को सत्य में तुरन्त बदल देती है , ये एहसास। मन में आस्था जगे तो दिल में भगवान प्रकट करती है, ये एहसास।। एहसास हीं तो आस्था की […]

क्यों झर-झर बहती आंखों में यूं आंसू बनकर आते हो, और सूखी पत्ती जैसे दूर चले भी जाते हो एहसास मेरा है नहीं तुम्हें क्या यही जताते रहते हो और चलने वाली हवा में पानी […]

वाह रे कुदरत तेरा भी खेल अजीब। मिलाकर जुदा किया कैसा है नसीब। जब सख्त जरूरत होती है तुम्हारी, तब तुम होती नहीं हो, मेरे करीब। सब कुछ है पास मेरे, पर तुम नहीं, महसूस […]

धोर अंधेरा शीत लहर संग बादल नभ से किनमिन है। घेर लिया मुगलों ने हमको बचना अब नामुमकिन है।। परवाह नहीं वो हजारों में पर हम भी पूरे मन भर हैं। आज्ञा दे दो हमें […]

जीने को यूँ जीती हूँ जैसे कोई गुनाह किये जा रही हूँ मैं। गीत भी गा रही हूँ, ईद भी मना रही हूँ। ज़िन्दगी की बज़्म फ़िर सजा रही हूँ मैं।

धर्म बचाने के खातिर अपना सर्वस्व बलिदान दिया। हुए पिता कुर्बान थे उनके पुत्रों ने भी बलिदान दिया।। कटा दिए सिर एक एक कर पर चोटी नहीं कटाई। अनशन कर प्राण दिया पर जूठी रोटी […]

खुश रहने की वजह ढूंढ़ोगे, तो कम ही मिलेंगें। यहाँ हर चेहरा हस रहा बाहर से, पर अन्दर तो गम ही मिलेंगें।। झाँक कर देखोगे दिल की बस्ती में, तो बस खाली शहर ही मिलेंगें। […]

ये कुछ नहीं गंदी राजनीति का किस्सा है। पता ही नहीं वो क्यों भीड़ का हिस्सा हैं। ये जो लोग सड़कों पर उतर आए हैं। असली चेहरा दुनिया को दिखाए हैं। शरणार्थी तो देश के […]

ये पूस का महिना कैसे हम भूला देंगे? सुना के कहानी बाल वीरों की सब को हम रुला देंगे। रात अंधेरी थी घनघोर नभ में बादल थे पुरजोड़। निकल पड़े परिवार सहित किला आनन्दपुर छोड़।। […]

हिन्दी ओज कविता- भारत भाग्य जगाओ जागो हे महाकाल हे महादेव हे हरिहरनाथ तुम | करो दंडित दानवो देशद्रोहियों हे भूतनाथ तुम | विपदा भारी भारत आज अब आन पड़ी है | खंडित करने राष्ट्र […]

ये पूस का महिना कैसे हम भूला देंगे? सुना के कहानी बाल वीरों की सब को हम रुला देंगे। रात अंधेरी थी घनघोर नभ में बादल थे पुरजोड़ । निकल पड़े परिवार सहित किला आनन्दपुर […]

जनाब!अपने दिल को सम्हाल कर रखिये, दुनिया से आप इसको जरा बचा कर रखिये। असर हुआ है अगर इस पर किसी की बात का, तो अपने दिल को पत्थर-सा का बना कर रखिये।

जरूर मेरा दुआँ रंग लाया होगा, इसलिए तेरा आँचल पाया होगा। ईश्वर भी तरशता होगा, माँ तेरी एक झलक को। मुझे मिला तेरा गोद, इस जन्म में। मेरे ऊपर जरूर, अच्छे कर्मों का साया होगा।

कविताएँ नई होती हैं, पर भाव पुराने होते हैं। गैम्बलर बदल जाते हैं, पर दाव पुराने होते हैं।। कितना भी लेबुल बदलते रहो पर शराब पुराने होते हैं। नए कम्बल हो या टाट पुराने पर […]

एक दौर वो भी गुजरा है! जब हम कागज और कलम लेकर सोते थे। यादों में पल-पल भीगा करती थीं पलकें , अभिव्यक्ति के शब्द सुनहरे होते थे। ना दूर कभी जाने की कसमें खाई […]

बहन तुम माँ तो नही, पर हो माँ से भी प्यारी। पग-पग पर इतना साथ मिला, मैं भूल गया देवत्व सारी। बहन तुम माँ …….. अंगुली पकड़कर चलना सिखाया तुमनें हर बार गिरने पर उठाया […]

चंद शेर /मुक्तक लाख करो साजिस बुनियाद हिन्द कोई हिला सकता नही | क्रांतिबिरो बलिदान जवानो सहादत कोई भुला सकता नहीं | श्याम कुँवर भारती [राजभर] भारत की मिट्टी माथे तिलक चंदन लगाएंगे हम | […]

ए दिल! गम ना कर मिल ही जायेगी मज़िल। यूं मायूस हो जाना अच्छी बात नहीं । कितने कदम रोज़ चलती हूँ तेरी और, तुम उतना ही दूर नज़र आती हो ये तो अच्छी बात […]

कहिए हुज़ूर और क्या लीजिएगा। दिल तो ले चुके अब जाँ लीजिएगा। तुम्हें हमसे मोहब्बत है या फिर नहीं, फैसला जो भी लो बजा लीजिएगा। मेरी ज़ुबाँ पर बस एक तेरा ही नाम, नाम मेरा […]

तेरे मुखड़े में मुझको रब की तस्वीर दिखती है, तेरे माथे पे बिंदिया चाँद सी खूब सजती है, तेरी आँखो में तारों का बड़ा सुंदर नजारा है, तेरे चेहरे पे सूरज का बड़ा अच्छा उजाला […]

तेरे बिन मेरा गीत अधुरा हैं, तुझसे मिलकर ही होता ये पूरा हैं। तेरे बिन मेरा…….. तेरे मदमस्त यौवन, शरारती नयन, मटकाती कमर, दिल पे छुरा हैं। तेरे बिन मेरा…….. जब भी तुझे ये न […]

क्यों छोटी -छोटी बातों को बड़ा बनाते हो? भोली-भाली जनताओं से बगावत कराते हो।। क्या कभी जनताओं को सत्य से रुबरू कराते हो? कोड़े कागज पर दस्तखत से पहले शर्त समझाते हो? फिर क्यों छोटी […]

विरान सहरा, चढ़ता सूरज, और ये तन्हाई। दूर तक पानी का कोई निशान, देता नहीं दिखाई। शायद ये आखरी सफर है, बस हर पल तेरी याद आई। देवेश साखरे ‘देव’

जब लेते हैं दहेज़,और लेते हैं कलेजा किसी का जो उसका अभिमान है। त्यागते है वो सबकुछ जो उनका सम्मान है, तो क्यों लेते है दहेज़,दहेज़ ही क्या एक शान है क्योकि दहेज़ एक अभिशाप […]

हम सरकारी नौकरी के पीछे पागल हैं,दीवाने हैं हम भविष्य की चिंता में देखो दीवाने हैं,मस्ताने हैं । लोग समझते यही रहे हमें आखिर कौन-सा रोग लगा? हम बेरोजगारी रोग से पीड़ित है हमें गवर्नमेंट […]

सारा घर दे देना पापा कोना एक बचाए रखना। हाथों को हाथ सौंपने देना उंगली एक छिपाए रखना यादों की बगिया में घर की एक छोटा फूल नाम का मेरे पानी देना- ना देना थोड़ी […]

तीरे-नज़र से दिल जार-जार हुआ। ऐसा एक बार नहीं, बार-बार हुआ। देख उनकी तीरे-निगाहें, ऐसा लगा, कि उन्हें भी हमसे, प्यार-प्यार हुआ। करीब आते, हकीक़त से वास्ता पड़ा, मोहब्बत नहीं, दिल पे वार-वार हुआ। जिंदगी […]